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20-09-2019
निर्मला सीतारमण ने मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को दी बड़ी रहत, कॉर्पोरेट टैक्स घटा

नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बड़ी राहत दी है। निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती कर दी है। कंपनियों के लिए नया कॉर्पोरेट टैक्स 25.17 फीसदी तय किया गया है। इसके अलावा कंपनियों को कोई और टैक्स नहीं देना होगा। कैपिटल गेन्स पर सरचार्ज खत्म हो गया है। वित्त मंत्री के एलान के बाद शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला। इसके लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अध्यादेश लाकर घरेलू कंपनियों, नयी स्थानीय विनिर्माण कंपनियों के लिये कॉर्पोरेट कर कम करने का प्रस्ताव दिया।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यदि कोई घरेलू कंपनी किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं लेती है, तो उसके पास 22 फीसदी की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प होगा। जो कंपनियां 22 फीसदी की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प चुन रही हैं, उन्हें न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। अधिशेषों और उपकर समेत प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी। सीतारमण ने कहा कि एक अक्टूबर के बाद बनी नयी घरेलू विनिर्माण कंपनियां बिना किसी प्रोत्साहन के 15 फीसदी की दर से आयकर भुगतान कर सकती हैं। नयी विनिर्माण कंपनियों के लिये सभी अधिशेषों और उपकर समेत प्रभावी दर 17.01 फीसदी होगी। सुबह करीब 11 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 917.01 अंक यानी 2.54 फीसदी की बढ़त के बाद 37,010.48 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी की बात करें, तो 199.80 अंक यानी 1.87 फीसदी की बढ़त के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10,904.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

20-09-2019
जीएसटी परिषद की 37वीं बैठक आज, आर्थिक विकास की सुस्त रफ्तार पर होगा मंथन

नई दिल्ली। कई उद्योग संगठनों की ओर से दरों में कटौती की मांग के बीच शुक्रवार को जीएसटी परिषद की बैठक होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में परिषद के सदस्य दरों में कटौती का फैसला लिए जाने से पहले राजस्व की स्थिति और आर्थिक विकास की सुस्त रफ्तार पर मंथन करेंगे। हालांकि, परिषद की फिटमेंट कमेटी ने होटल उद्योग को छोड़कर अन्य सभी की मांगों को ठुकरा दिया है। गोवा में परिषद की यह 37वीं बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब विकास दर पांच फीसदी के साथ छह साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। बैठक से पहले ही बिस्कुट निर्माता उद्योग सहित एफएमसीजी, ऑटो उद्योग और होटल उद्योग ने जीएसटी दरों में कटौती की मांग शुरू कर दी है। इन कंपनियों का कहना है कि जीएसटी दरों में कटौती से इन उत्पादों की मांग और खपत बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।

11-09-2019
सीएम भूपेश बघेल ने केन्द्रीय वित्त मंत्री को किया ट्वीट, जानिए क्या लिखा...

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ट्वीट किया है। सीएम बघेल ने एक वीडियो भी शेयर कर लिखा है- आदरणीया वित्त मंत्री जी, हमारे छत्तीसगढ़ में ओला और ऊबर दोनों अपनी सेवाएं दे रहे हैं फिर भी ऑटोमोबाइल सेक्टर में उछाल आया है। सवाल देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है इसलिए आग्रह है कि आप एक बार छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास के मॉडल का अध्ययन कर लें। यहां तो रोजगार भी बढ़ा है।

01-09-2019
बैंको के विलय के बाद नहीं जाएगी किसी भी कर्मचारी की नौकरी : निर्मला सीतारमण 

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रस्तावि विलय से कर्मचारियों की नौकरी जाने के खतरे की चिंता को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि विलय के इन निर्णयों से किसी एक कर्मचारी की भी नौकरी नहीं जाएगी। सीतारमण ने नौकरी जाने के बारे में बैंक यूनियनों की चिंताओं के बारे में संवाददाताओं से कहा कि यह बिल्कुल तथ्यहीन बात है। मैं इनमें से हर बैंक की सभी यूनियनों एवं लोगों को यह आश्वस्त करना चाहती हूं कि वे शुक्रवार को कही गयी मेरी बात को याद करें। जब हमने बैंकों के विलय की बात की तो मैंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि किसी भी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा।  निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को दस सरकारी बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की थी। यह निर्णय देश में मजबूत और वैश्विक पैमाने के बड़े बैंक गठित करने के लक्ष्य से किया गया है। सरकार ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के दस बड़े बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की। इसके मुताबिक पीएनबी में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का, केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का एवं इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का विलय किया जाना है। विलय के बाद कुल सरकारी बैंकों की संख्या 12 रह जाएगी।

01-09-2019
पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के बयान पर वित्त मंत्री ने प्रतिक्रिया देने से किया इंकार

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अर्थव्यवस्था को लेकर दिए बयान पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सीधे किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया पत्रकारों ने बात करते हुए वित्तमंत्री ने कहा, “क्या मनमोहन सिंह ने कहा कि बदले की राजनीति को छोड़े और अर्थव्यवस्था को मानव-रचित संकट से बाहर निकलने के लिए सही सोच-समझ वाले लोगों से संपर्क करें? क्या उन्होंने ऐसा कहा है? ठीक है, आपको धन्यवाद, मैं उनके इस बयान को लेती हूं। यही मेरा जवाब है।” निर्मला सीतारमण का यह बयान ऐसे वक्त पर आया जब वे चेन्नई में कर अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद मीडिया को संबोधित कर रही थी। जब निर्मला सीतारमण से यह पूछा गया कि क्या हम आर्थिक मंदी को देख रहे हैं, क्या सरकार इसे मान रही है? इसके जवाब में निर्मला ने कहा- “मैं इंडस्ट्रीज के साथ बैठक कर रही हूं, उनकी राय ले रही है। उनका सुझाव ले रही हूं कि आखिर वो क्या चाहते हैं और क्या सरकार से उम्मीद कर रहे हैं। मैं उन्हें उसका जवाब दे रही हूं। मैं पहले ही ऐसा दो बार कर चुकी हूं। मैं और ऐसा कई बार करूंगी।” गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर घटकर पांच प्रतिशत पर आने के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आर्थिक हालात बेहद चिंताजनक हैं और यह नरमी मोदी सरकार के तमाम कुप्रबंधनों का परिणाम है। पूर्व प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा कि पहली तिमाही में 5 फीसदी की जीडीपी वृद्धि दर दर्शाती है कि हम लंबे समय तक बने रहने वाली आर्थिक नरमी के दौर में हैं। 

 

30-08-2019
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की 10 बैंकों के विलय की घोषणा

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक साथ कई सरकारी बैंकों  के विलय की घोषणा की है। सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंक बनाने का फैसला किया गया। इस विलय के बाद सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी। सरकारी बैंकों के विलय का असर उन लोगों पर होने की संभावना है जिनका बचत खाता या फिक्स्ड डिपॉजिट इन बैंकों में हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक ऑफ  इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ  इंडिया पहले की तरह अपना कामकाज करते रहेंगे। वहीं इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ  महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक भी अपना कामकाज पहले की तरह करते रहेंगे। अब 12 बैंकों में 1. (पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ  कॉमर्स), 2. (केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक) 3. (इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक), 4. (यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक), 5. बैंक ऑफ  इंडिया, 6. बैंक ऑफ  बड़ौदा, 7. बैंक ऑफ  महाराष्ट्र, 8. सेंट्रल बैंक ऑफ  इंडिया, 9. इंडियन ओवरसीज बैंक, 10. पंजाब एंड सिंध बैंक, 11. भारतीय स्टेट बैंक और 12. यूको बैंक रह गए हैं।

 

 

26-08-2019
शेयर बाजार में बूम, सेंसेक्स में जबर्दस्त उछाल, निफ्टी में भी बड़ी बढ़त

मुंबई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा किए गए कई बड़े ऐलान के बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी बढ़त देखने को मिली। शेयर बाजार में सेंसेक्स, निफ्टी में शानदार उछाल देखा गया है और ट्रेडिंग खत्म होने के समय सेंसेक्स में लगभग 800 अंकों का जबर्दस्त उछाल देखा गया और निफ्टी में भी सवा दो फीसदी की ऊंचाई के साथ ट्रेडिंग हो रही थी। सोमवार को कारोबार बंद होते समय बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 792.96 अंक यानी 2.16 फीसदी की उछाल के साथ 37,494.12 पर जाकर बंद हुआ और एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 228.50 अंक यानी 2.11 फीसदी की बढ़त के साथ 11,057.85 पर जाकर बंद हुआ है। आज के कारोबार की शुरुआत शानदार बढ़त के साथ हुई थी और निफ्टी 11 हजार पर खुला था। सुबह कारोबार खुलते ही सेंसेक्स में 663 अंकों की तेजी दर्ज की गई और निफ्टी 171 अंकों की तेजी के साथ 11 हजार पर कारोबार कर रहा था। हालांकि इसके बाद कारोबार ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और निफ्टी में सपाट कारोबार देखा गया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह नौ बजे 662.79 अंकों के उछाल के साथ 37,363.95 पर खुला। हालांकि इसके बाद शुरूआती घंटे के कारोबार के दौरान ही सेंसेक्स फिसलकर 36,619.33 पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 170.95 अंकों की तेजी के साथ 11,000.30 पर खुला लेकिन बाद में फिसलकर 10,793.80 पर आ गया। आज मेटल को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरियल इंडेक्स में तेजी के हरे निशान के साथ कारोबार बंद हुआ है। मेटल शेयरों में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखी गई। निफ्टी के 50 में से 13 शेयरों में गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ और बाकी 37 शेयरों में तेजी के हरे निशान के साथ ट्रेडिंग खत्म हुई। 

 

27-07-2019
इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी में कमी

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर पर जीएसटी को कम कर पांच प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। परिषद की शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई 36वीं बैठक में ये निर्णय लिये गए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की इस दूसरी बैठक में स्थानीय निकायों को इलेक्ट्रिक बसों को किराये पर लेने को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया। अभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर 12 प्रतिशत और चार्जर पर 18 प्रतिशत जीएसटी है।

25-07-2019
जीएसटी परिषद की बैठक टली

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की गुरूवार को होने वाली 36वीं बैठक को कल तक के लिए टाल दिया गया। सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यह बैठक अपराह्न तीन बजे होने वाली थी लेकिन उनके संसद में व्यस्त होने की वजह से यह बैठक कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी है। इस बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी दर को कम कर पांच प्रतिशत करने को अनुमोदित किया जाना था। इसके साथ ही लॉटरी के मुद्दे पर निर्णय लिये जाने की संभावना थी।

10-07-2019
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में इन कार्यों के लिए है बजट का प्रावधान 

रायपुर। केंद्र सरकार ने 2019-20 का बजट वित्तमंत्री, भारत सरकार निर्मला सीतारमण द्वारा 5 जुलाई को संसद में पेश किया गया था। इसी परिप्रेक्ष्य में रेलवे में चल रही विभिन्न परियोजनाओं, नई परियोजनाओं, कार्यों एवं मदों के लिए बजट का प्रावधान किया गया। इसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लिए विभिन्न मदों के लिए बजट प्रावधान की जानकारी इस प्रकार है-

 

10-07-2019
बजट में दिया गया हर आंकड़ा सही है : सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए संसद में पिछले सप्ताह पेश बजट के आँकड़ों पर विपक्ष द्वारा उठाये गये सवालों को खारिज करते हुये वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण में बुधवार को कहा कि बजट में दिया गया हर आंकड़ा विश्वसनीय है और उन्हें लेकर किसी प्रकार की कयासबाजी की जरूरत नहीं है। लोकसभा में बजट पर तीन दिन में करीब 16 घंटे चली चर्चा का जवाब जवाब देते हुये सीतारमण ने कहा बजट में उल्लिखित आंकड़ों को लेकर कयासबाजी की आवश्यकता नहीं है। हर आंकड़ा विश्वसनीय है। सरकार परिवर्तनकारी बदलावों में विश्वास रखती है। बजट में हर क्षेत्र को महत्त्व दिया गया है।

कांग्रेस, तृणमूल तथा अन्य विपक्षी दलों की टोकाटाकी, हंगामा, नारेबाजी और बाद में बहिर्गमन के बीच करीब डेढ़ घंटे के अपने जवाब में वित्त मंत्री ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), मनरेगा, अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं, बच्चों, पूर्वोत्तर के राज्यों तथा सब्सिडी के लिए बजट में किये गये प्रावधानों का बचाव किया तथा बताया कि इनके लिए आवंटन बढ़ाये गये हैं; हालाँकि उन्होंने अधिकतर मामले में 2018-19 के बजट के मूल प्रावधान से 2019-20 के मूल प्रावधान की तुलना की तथा कुछ ही मामलों में 2018-19 के संशोधित अनुमान से तुलना की। उन्होंने बजट भाषण में कृषि क्षेत्र का उल्लेख नहीं होने के विपक्षी सदस्यों के आरोपों को गलत बताते हुये कहा कि उनके भाषण में यदि किसी एक क्षेत्र का सबसे ज्यादा उल्लेख हुआ है तो वह कृषि क्षेत्र है।

06-07-2019
अर्थव्यवस्था 2025 तक पांच ट्रिलीयन डालर तक ले जाने का सपना दिखाकर आम आदमी को भ्रमित करने का प्रयास : रमेश वर्ल्यानी

रायपुर। केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को पेश किए गए बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री व प्रवक्ता एवं आर्थिक विशेषज्ञ रमेश वल्यार्नी ने कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक-सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया था कि मोदी सरकार देश की अर्थ-व्यवस्था की बदहाल स्थिति की अनदेखी करते हुए, अपने बजट में केवल आंकड़ो की बाजीगरी प्रदर्शित करेगी।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वे ‘बजट’ नहीं, ‘बही खाता’ पेश करेंगी। इसके पहले वित्त मंत्री ब्रीफकेस में बजट लेकर आते रहे हैं, लेकिन वर्तमान वित्तमंत्री उद्योगपतियों की तर्ज पर लाल कपड़े में बही खाता बांधकर संसद भवन पहुंची। बजट में सरकार की कार्ययोजनाओं का विजन होता है और बही खातों में आय व्यय का हिसाब-किताब होता है। बजट ने देश की जमीनी हालत की अनदेखी कर केवल कार्पोरेट घरानों का ध्यान रखा गया है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने की कोई दिशा नहीं है। 2 करोड़ नौजवानों को रोजगार देने पर बजट मौन है। विदेशों से कालाधन लाने पर बजट में कोई चर्चा नही है। नोटबंदी और जीएसटी से बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था को उबारने के लिये सरकार ने कोई उपाय नहीं किये है। निर्माण क्षेत्र में भारी मंदी है। यूपीए सरकार में निवेश जीडीपी का 40 प्रतिशत था जो घटकर 30 प्रतिशत रह गया है। कृषि क्षेत्र में लगातार गिरावट जारी है।

बेरोजगारी दर पिछले चार दशकों की तुलना में उच्चत्तम स्तर पर पहुंच गई है। व्यापार संतुलन में 15.4 अरब डालर का घाटा दर्ज हुआ। राजकोषीय धारा 3.8 प्रतिशत रखने की चुनौती बनी हुई है, लेकिन इन सबकी अनदेखी करते हुए वित्तमंत्री ने बजट में मोदी सरकारी की सारी पुरानी योजनाओं को दोहराने का काम किया है। बजट में देश की अर्थव्यवस्था को 2025 तक पांच ट्रिलीयन डालर तक ले जाने का सपना दिखाकर आम आदमी को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है। प्रवक्ता रमेश वल्यार्नी ने बताया कि 400 करोड़ टर्नओवर वाली बड़ी कंपनियों पर कार्पोरेट टैक्स 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं 10 लाख रुपये से अधिक सालाना आमदनी वाले मध्यम वर्ग के लोगों को जिसमें व्यापारी, प्रोफेशनल्स एवं कर्मचारी वर्ग आता है पर 30 प्रतिशत के आय की दर यथावत रखी गई है।

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