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09-09-2020
लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले शातिर ठग गिरोह उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार

रायपुर। लोन दिलाने के ​नाम से युवक से डेढ़ लाख रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। बता दें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर युवक को लोन दिलाने का झांसा देकर ठगों ने युवक से ठगी की है। युवक को सोशल मीडिया पर फर्जी आईकार्ड और आधार, पैन कार्ड दिखाकर पहले युवकों ने भरोसे में लिया और फिर कई किश्तों में रकम वसूली। युवक ने उरला थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपियों की पतासाजी की और उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि यह संगठित गिरोह इसी तरह से पूरे देश में अपना नेटवर्क फैला कर कई लोगों काे ठगी का शिकार बना चुके हैं।

शिकायतकर्ता पीयूष कुमार देवांगन ने पुलिस को बताया कि वह मठपारा कैलाशनगर बीरगांव में रहता है। 7 को उसके माेबाइल फोन पर सोनू कुमार का कॉल आया। उसने खुद को चंडीगढ़ के सेक्टर 52 का निवासी बताया और उसने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत युवक को पांच लाख रुपये का लोन दिलाने की बात कही। इसके बाद उसने युवक को पूरे विश्वास में लेते हुए उससे ढाई हजार रुपये आवेदन शुल्क के रूप में चंद्रवीर नाम के अपने साथी के बैंक खाते में डलवा लिए। पुलिस अधीक्षक अजय यादव के निर्देश पर आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की थी। इस टीम ने ठगी का शिकार हुए युवक से मिली जानकारी के आधार पर तकनीकी विश्लेषण कर आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया। टीम काे आराेपियों के दिल्ली में हाेने की जानकारी मिली। टीम ने दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, नाेएडा में घूम-घूम कर आरोपियों के ठिकानाें की तस्दीक की। इस दौरान वे लगातार अपना लोकेशन बदलते रहे। फिर सभी आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में आरोपियों के सभी दस्तावेज भी फर्जी पाए गए।

पुलिस ने बताया कि आरोपी गैंग बनाकर कई हिंदी भाषी राज्यों में अलग- अलग बैंक और फाइनेंस कंपनी तथा सरकार की योजनाओं के नाम पर इसी तरह लोन दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। सभी आरोपी सिर्फ हाईस्कूल तक ही पढ़े हैं। पुलिस को इन आरोपियों को पकड़ने में काफी मशक्कत भी करनी पड़ी। पकड़े गए आरोपियों के नाम नीरज कुमार, आनंदस्वरूप और चंद्रवीर बताए गए हैं। यह सभी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं।

01-08-2020
पंजाब में जहरीली शराब से मरने वालों का आकड़ा बढ़ा,अब तक गई 86 लोगों की जान

चंडीगढ़। पंजाब में जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 86 हो गई। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस मामले में सात आबकारी अधिकारियों और छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। तरनतारन में 63 मौतें हुई हैं,जिसके बाद अमृतसर में 12 और गुरदासपुर के बटाला में 11 मौतें हुईं। राज्य में बुधवार रात से शुरू हुई त्रासदी में शुक्रवार की रात तक 39 लोगों की मौत हो गई थी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने छह पुलिसकर्मियों के साथ सात आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया। निलंबित अधिकारियों में दो उप पुलिस अधीक्षक और चार थाना प्रभारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी लोक सेवक या अन्य को संलिप्त पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब के उत्पादन और बिक्री को रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी शर्मनाक है।

 

25-03-2020
राजधानी में आईटीबीपी के एसआई की संदिग्ध मौत

रायपुर। राजधानी के खरोरा आईटीबीपी कैम्प में एसआई कही संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। एसआई कृष्ण चंद 38वीं बटालियन खरोरा में पदस्थ थे। मॉर्निंग वॉक के दौरान एसआई अचानक गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाने के दौरान ही उनकी मौत हो गई। बताया गया कि 51 वर्षीय एसआई कृष्ण चंद चंडीगढ़ के रहने वाले थे। फिलहाल शव को पीएम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है।

22-03-2020
पंजाब में कोरोना पॉजीटिव की संख्या पहुंची 13, सरकार ने 31 मार्च तक लॉक डाउन करने दिया आदेश 

चंडीगढ़। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील जनता कर्फ्यू का समर्थन कर रहा है। पूरा देश स्वत: ही लॉक एक दिन के लिए  समर्थन में लॉक डाउन हो चुका है। इस बीच पंजाब में सरकार ने 31 मार्च तक लॉक डाउन का आदेश दे दिया है।  आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह फैसला लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पिछले कई हफ्तों में पंजाब में विदेश से भारी संख्या में लोग पहुंचे हैं, पूरा प्रशासन इन्हें ट्रैस करने में जुटा हुआ है। पंजाब के सात जिलों के डीसी ने जनता कर्फ्यू के बाद 25 मार्च तक लॉक डाउन का आदेश दिया था। हालांकि इसे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी 31 मार्च  तक बढ़ाकर पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। पंजाब में कोरोना वायरस के चलते जिस एक व्यक्ति की बीते दिनों मौत हुई थी, उसके  6 परिजन और एक रिश्तेदार भी इस वायरस की चपेट में आ गए हैं। शनिवार तक राज्य में कोरोना के कुल 13 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। सरकार की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को 40 संदिग्ध पीड़ितों को अस्पताल में दाखिल किया गया जबकि 27 लोगों के सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आपाकालीन सेवाएं जारी रहेंगी। खाने-पीने और मेडिकल की दुकानें खुली रहेंगी। सीएम ने  निजी लैब में कोरोना वायरस की जांच की इजाजत देने के का स्वागत करते हुए कहा कि इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में यह तेज और सटीक परीक्षण हथियार साबित होगा। उन्होंने आईसीएमआर से फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस के जांच के लिए एक वायरोलॉजी लैब को भी मंजूरी देने का अनुरोध किया है।
 

 

16-02-2020
पुलिसकर्मी ने पत्नी सहित ससुराल के लोगों को मारी गोली

चंडीगढ़। पंजाब के मोगा क्षेत्र में घरेलू विवाद में पत्नी और अपने ससुराल के तीन लोगों को एक हेड कॉन्स्टेबल के गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। हेड कॉन्सटेबल ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से अपने ससुराल में पत्नी,साले, साले की पत्नी और सास की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मी ने थाने में समर्पण कर दिया। खबर के अनुसार, पुलिस कॉन्स्टेबल कुलविंदर सिंह (50 वर्ष) का अपनी ससुराल के लोगों के साथ विवाद चल रहा था। पुलिस कॉन्स्टेबल की पत्नी कुछ दिन पहले अपने मायके धर्मकोट सब डिविजन के साद जलालपुर गांव में गई हुई थी। आरोपी भी रविवार को अपनी ससुराल गया और वहां झगड़ा होने पर अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके साथ ही कुलविंदर सिंह ने अपने साले, साले की पत्नी और सास को भी गोली मार दी। इस हमले में चारों लोगों की मौत हो गई है। घटना में आरोपी के साले की 10 साल की बेटी भी गंभीर रूप से घायल हुई है। घटना के बाद आरोपी ने पुलिस स्टेशन में जाकर सरेंडर कर दिया। घटना का पता चलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

 

15-02-2020
पंजाब में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी,  बदले गए 4 जिलों के एसएसपी सहित 30 पुलिस अधिकारी

नई दिल्ली। पंजाब सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शुक्रवार देर रात 4 जिलों के एसएसपी समेत 30 पुलिस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए गए। इस आदेश के तहत बरनाला के एसएसपी हरजीत सिंह को बदलकर एसएसपी फाजिल्का, फाजिल्का के एसएसपी विवेकशील सोनी को बदलकर एसएसपी लुधियाना रूरल, लुधियाना रूरल के एसएसपी संदीप गोयल को बदलकर एसएसपी बरनाला लगाया गया है। इनके अलावा पीपीएस हरमिंदर सिंह गिल को एसएसपी मोगा लगाया गया है। मोगा के एसएसपी अमरजीत सिंह बाजवा को बदलकर एआईजी विजिलेंस ब्यूरो लगा दिया गया है। आईपीएस अधिकारी अखिल चौधरी को एआईजी आमार्मेंट पंजाब चंडीगढ़ लगाते हुए डीसीपी हेडक्वार्टर लुधियाना का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। गौरव तुरा को एसपी मुख्यालय तरनतारन तैनात से बदलकर एसपी इन्वेस्टिगेशन अमृतसर लगाया गया है। एसटीएफ रूपनगर रेंज के आईजी हरप्रीत सिंह को बदलकर डीसीपी मुख्यालय अमृतसर में तैनात किया गया है। बलजीत सिंह एसपी मुख्यालय अमृतसर रूरल को बदलकर एसपी सिक्योरिटी एंड ट्रैफिक तरनतारन नियुक्त किया गया है। अमनदीप कौर एसपी इन्वेस्टिगेशन अमृतसर रूरल को बदलकर एसपी मुख्यालय अमृतसर। जसविंदर सिंह को असिस्टेंट कमांडेंट सेकंड आईआरबी लड्डा कोठी संगरूर लगाया गया है।

फतेहगढ़ साहिब में विजिलेंस ब्यूरो यूनिट के इंचार्ज एसपी अमरजीत सिंह को बदलकर एआईजी ट्रेनिंग पंजाब चंडीगढ़, कुलविंदर सिंह एआईजी लॉ एंड ऑर्डर पंजाब को बदलकर एआईजी पीएपी जालंधर, चौथी आईआरबी शाहपुर कंडी पठानकोट के जालंधर कैंप में कमांडेंट जितेंद्र सिंह को इसी पद पर रखते हुए रंजीत सागर डैम की सुरक्षा व्यवस्था का अतिरिक्त जिम्मा सौंपा गया है। सातवीं आईआरबी कपूरथला के कमांडेंट परमवीर सिंह परमार को भी इसी पद पर तैनात रखते हुए श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था का अतिरिक्त जिम्मा सौंपा गया है। इसी तरह सेकंड सीडीओ बटालियन बहादुरगढ़ पटियाला के कमांडेंट रंजीत सिंह को इसी पद पर रखते हुए एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस पटियाला का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।

अब तक एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस पटियाला तैनात कश्मीर सिंह को बदलकर कमांडेंट छठी आईआरबी लड्डा कोठी संगरूर लगाया गया है। कमांडेंट स्पेशल आॅपरेशन ग्रुप पंजाब बहादुरगढ़ पटियाला इंद्रजीत सिंह विर्क से सेंट्रल जेल पटियाला के अधीक्षक का अतिरिक्त जिम्मा वापस ले लिया गया है। एआईजी-2 ई ब्रांच विजिलेंस ब्यूरो पंजाब रविंद्र सिंह को बदलकर एआईजी ट्रांसपोर्ट पंजाब चंडीगढ़ लगाया गया है। एडीजीपी सिक्योरिटी पंजाब एसएस श्रीवास्तव को एडीजीपी सिक्योरिटी के पद पर बनाए रखते हुए एडीजीपी एचआरडी पंजाब का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। वही एडीजीपी एचआरडी पंजाब अमरदीप सिंह राई को बदलकर एडीजीपी एनआरआई मामले पंजाब लगाया गया है।

आईजी मॉडर्नाइजेशन पंजाब विभु राज को आईजी विजिलेंस ब्यूरो पंजाब लगाया गया है। आईजी क्राइम (बीओएल) शिव कुमार वर्मा को आईजी इंटेलिजेंस, एसके सिंह को आईजी कम्युनिटी अफेयर डिवीजन पंजाब लगाते हुए आईजी क्राइम अगेंस्ट वूमेन का अतिरिक्त चार्ज, डीआईजी लॉ एंड आॅर्डर गुरप्रीत सिंह गिल को उनके मौजूदा पद पर रखते हुए डीआईजी कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन और क्राइम अगेंस्ट विमेन एंड चिल्ड्रन का अतिरिक्त जिम्मा सौंपा गया है। डीआईजी एडमिनिस्ट्रेशन गुरप्रीत सिंह तूर को डीआईजी हेडक्वार्टर एंड एडमिनिस्ट्रेशन, डीआईजी काउंटर इंटेलिजेंस सुरजीत सिंह को डीआईजी विजिलेंस ब्यूरो, एआईजी एसटीएफ बठिंडा रेंज तेजेंद्र सिंह मोड़ को आईजी एसटीएफ लगाए रखते हुए पांचवी कमांडो बटालियन बठिंडा का अतिरिक्त चार्ज, डीसीपी हेडक्वार्टर अमृतसर इंदरजीत सिंह को पांचवी आईआरबी अमृतसर का कमांडेंट लगाते हुए एआईजी सिक्योरिटी और लॉ एंड आॅर्डर बॉर्डर रेंज का अतिरिक्त चार्ज, पांचवी आईआरबी अमृतसर के कमांडेंट वरिंदर सिंह को एआईजी पीएपी जालंधर लगाया गया है।

02-02-2020
पंजाब: केंद्रीय कारागार से भागे तीन कैदी,सीएम अमरिंदर सिंह ने दिए जांच के आदेश

चंडीगढ़। उच्च सुरक्षा वाले अमृतसर केंद्रीय कारागार के तीन विचाराधीन कैदी जेल तोड़कर भाग गए। उसके बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्यभर में जेलों की सुरक्षा की समीक्षा करने और उसमें सुधार लाने का आदेश दिया है। बलात्कार का एक आरोपी और चोरी तथा डकैती के अन्य दो आरोपी (दोनों भाई) करीब 10 ईंटें हटाकर अपनी बैरक की दीवार तोड़कर शनिवार तथा रविवार की मध्यरात्रि को भाग गए। आधिकारिक बयान के अनुसार,पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने कहा,‘उन्होंने करीब 16 फुट ऊंची अंदर की दीवार को एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर फांदा, जबकि करीब 21 फुट ऊंची बाहर की दीवार को स्टील की एक छड़ और गद्दे के कवर से हुक बनाकर फांदा।’उन्होंने कहा,‘अंतत: वे टावर नंबर 10 के पास एक प्वाइंट से जेल परिसर से भाग गए। यह हिस्सा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में नहीं था।’ डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार बाहर से मदद मिलने का कोई सबूत नहीं है।

ऐसा लगता है कि बैरक नंबर सात के अहाता नंबर दो में 61 कैदियों में से तीनों ने खुद से भागने की योजना बनाई। इस बीच, मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं,जिसका नेतृत्व जालंधर के आयुक्त करेंगे। सिंह ने जेल मंत्री को जेल सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को निलंबित करने के भी निर्देश दिए हैं।अधिकारी ने बताया कि उन्होंने एडीजीपी को राज्यभर में जेल की सुरक्षा की समीक्षा करने तथा उसे और मजबूत करने के लिए भी कहा। उन्होंने बताया कि तीनों की तलाश के लिए राज्यभर में अभियान चलाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जेल प्रशासन को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बैरक टूटने और कैदियों के दीवार कूदकर भागने के करीब दो घंटे बाद घटना के बारे में तड़के तीन बजकर 20 मिनट पर मालूम चला। प्राथमिक सूचना के अनुसार, जेल के सुरक्षाकर्मियों को अन्य कैदियों के भागने की आशंका को लेकर चौकन्ना कर दिया गया है। इन कैदियों में भागे कैदी का एक भाई भी शामिल है।

भागने वाले एक कैदी की पहचान अमृतसर, मजीठा रोड की आरा कॉलोनी के 22 वर्षीय विशाल के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पिछले साल बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था। डीजीपी ने कहा,‘वह 05-04-2019 को जेल में आया था। अन्य दो भाई हैं,जिनकी पहचान चंडीगढ़ रोड, खडूर साहिब, तरनतारन निवासी 34 वर्षीय गुरप्रीत और 25 वर्षीय जरनैल के रूप में हुई है।’ उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों पर चोरी तथा डकैती का आरोप है और उन्हें पिछले साल जुलाई में जेल में लाया गया था। डीजीपी ने बताया कि विशाल का भाई गौरव भी उसकी ही बैरक में है लेकिन वह उनके साथ नहीं भागा।

 

15-01-2020
जम्मू कश्मीर पुलिस ने किया डीएसपी देविंदर को बर्खास्त

श्रीनगर। आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह को जम्मू कश्मीर पुलिस प्रशासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। घटना के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर देविंदर सिंह को बर्खास्त करने की मांग की थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस की इस सिफारिश को मंजूर कर लिया गया है। वहीं देविंदर सिंह के खिलाफ दर्ज सारे मामलों की जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है। देविंदर सिंह को शनिवार को दो आतंकियों के साथ पकड़ा गया था। वह कुछ दिनों से छुट्टी पर पर था। फिलहाल एनआईए उससे पूछताछ कर रही है। इसके अलावा अधिकारी इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि देविंदर कितने दिनों से आतंकी संगठनों के संपर्क में था। मंगलवार को ही देविंदर को सेवाओं से निलंबित कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम से गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर को कई बार आगाह किया था, लेकिन लापरवाही की वजह से डीएसपी देवेंद्र सिंह बार-बार बचता रहा। एनआईए देविंदर सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, डीएसपी देविंदर सिंह से आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारी पहले ही पूछताछ कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के बर्खास्त पुलिस उपाधीक्षक देविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद हो रही जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार डीएसपी देविंदर सिंह का इन आतंकियों के साथ लंबे समय से संपर्क था। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों की दिल्ली, चंड़ीगढ़ और पंजाब में हमले की साजिश की थी। उधर डीएसपी के घर पर छापेमारी के दौरान 5 ग्रेनेड और 3 एके-47 बरामद हुई हैं।

 

30-12-2019
दिल्ली में ठंड का कहर, टूटा 119 साल का रिकॉर्ड, दृश्यता सीमा रही जीरो  

नई दिल्ली। उत्तर भारत में ठंड का कहर जारी है। शीतलहर की चपेट में दिल्ली की सर्दी ने 119 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार को पूरे दिन अधिकतम पारा 9.5 डिग्री से ऊपर नहीं जा पाया। घने कोहरे के कारण दिल्ली और एनसीआर में दृश्यता सीमा शून्य रही। पूरे दिन अधिकतम तापमान काफी कम होने के कारण आपातकाल की स्थिति बनी रही। शीतलहर के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।  दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 446 जबकि जबकि नोएडा में सर्वाधिक 464 रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने रविवार को आठ राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया था। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश में भीषण सर्दी को लेकर चेतावनी जारी की गई। वहीं, उत्तर प्रदेश में ठंड से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। घने कोहरे की वजह से सर्वाधिक असर विमान और ट्रेन सेवाओं पर पड़ा। 530 फ्लाइटें देर रहीं, 20 विमानों के रूट परिवर्तित कर दिए गए। दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी साढ़े सात घंटे देरी से पहुंची। मौसम विशेषज्ञ कुलदीप श्रीवास्तव का कहना है कि दिन का तापमान सामान्य दिनों की अपेक्षा 50 फीसदी कम रहा। पिछले 119 वर्षों में दिसंबर का अब तक का सर्वाधिक ठंडा दिन सोमवार रहा। दिल्ली का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के इर्द गिर्द होने के साथ साथ शीतलहर का कहर बरकरार है। अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम होने की वजह से अधिकतर लोग घरों में दुबके रहे। दफ्तर जाने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था चरमराने की वजह से जिंदगी की रफ्तार भी धीमी हो गई है।

 

29-12-2019
विमान और ट्रेन के परिचालन में कोहरे की मार, यातायात बुरी तरह से प्रभावित

नई दिल्ली। देश में पड़ रही कड़ाके की ठंड,शीत लहर और कोहरे का असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और ट्रेनों पर पड़ा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एयरपोर्ट से रविवार को कई विमानों ने देर से उड़ान भरी। कई विमान कोहरे के कारण तय समय पर लैंड नहीं कर पाए। कोहरे के प्रभाव के कारण दिल्ली एयरपोर्ट के अलावा लखनऊ, चंडीगढ़, जयपुर,पटना, कोलकाता एयरपोर्ट, भुवनेश्वर, देहरादून, जम्मू एयरपोर्ट पर भी उड़ानें प्रभावित रहीं। शीतलहर और कोहरे के कारण कई ट्रेन को रद्द किया गया तो वही कई गाड़ी विलंब से चली। रेलवे ने रविवार को नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, सरायरोहिल्ला, आनंद विहार, कानपुर, इलाहाबाद, पटना, रांची, गोरखपुर, रांची, कोलकाता, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, जम्मू, जयपुर समेत उत्तर भारत के कई बड़े स्टेशनों और जंक्शनों पर ट्रेन कैंसिल की। रेलवे सूत्रों के अनुसार कोहरे के कारण 129 ट्रेनें 10 घंटे तक की देरी चल रही हैं। इनमें 88 सुपर फास्ट ट्रेनें, 13 राजधानी एक्सप्रेस, 2 दूरंतो, 5 गरीबरथ समेत कई मेल और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। कोहरे की वजह से रेलवे ने 29 दिसंबर को कुल 61 ट्रेनें कैंसिल की हैं। जबकि 9 ट्रेनों का समय परिवर्तित किया गया है।

 

29-12-2019
देश में चलेगी 150 निजी ट्रेन, रेलवे ने किया 100 रेलमार्गो का चयन

नई दिल्ली। रेलवे की मंजूरी के बाद से देश में प्राइवेट ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे ने 150 प्राइवेट ट्रेनों के परिचालन के लिए 100 रेलमार्गों का चयन किया है। जनवरी में इन रूट के लिए बोलियां लगने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि 19 दिसंबर को वित्त मंत्रालय के अधीन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी (पीपीपीएसी) द्वारा प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी देने के साथ ही निजी ऑपरेटर्स द्वारा ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया। इस पहल के साथ ही यात्री रेलगाडिय़ों के परिचालन में रेलवे की मोनोपॉली भी खत्म होने जा रही है। इन रेल मार्गो का किया गया चयन प्रमुख मार्गों में मुंबई-वाराणसी व्हाया जबलपुर-इटारसी, मुंबई-पुणे व्हाया जबलपुर-इटारसी, सूरत-वाराणसी (व्हाया जबलपुर-इटारसी), मुंबई-लखनऊ, मुंबई-नागपुर, नागपुर-पुणे, सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम, पटना-बेंगलुरु, पुणे-पटना, चेन्नै-कोयंबटूर, चेन्नै-सिकंदराबाद, सूरत-वाराणसी तथा भुवनेश्वर-कोलकाता शामिल हैं। कुछ अन्य मार्गों में नई दिल्ली से पटना, इलाहाबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, कटरा, गोरखपुर, छपरा तथा भागलपुर का भी चयन किया गया है। इन मार्गों के चयन में वाणिज्यिक व्यवहार्यता पर अधिक ध्यान दिया गया है। 100 मार्गों में से 35 नई दिल्ली से कनेक्ट होंगे, जबकि 26 मुंबई से, 12 कोलकाता से, 11 चेन्नै से तथा आठ बेंगलुरु से कनेक्ट होंगे। इन मार्गों में गोरखपुर-लखनऊ, कोटा-जयपुर, चंडीगढ़-लखनऊ, विशाखापट्टनम-तिरुपति तथा नागपुर-पुणे शामिल हैं।

24-12-2019
पत्रकार से सवाल पूछने पर भड़के 'आप' सांसद भगवंत मान, उतर आए हाथापाई पर

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी सांसद भगवंत मान प्रेस कॉन्फ्रेन्स में पत्रकारों की तरफ से सवाल पूछने पर हाथापाई पर उतर गए। उनसे पूछा गया था कि अकाली दल के नेता पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के खिलाफ सिलसिलेवार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि प्रदर्शन के लिए मशहूर आप शांत क्यों हैं? इसी के बाद पंजाब के संगरूर से सांसद भगवंत मान भड़क उठे। उन्होंने कहा कि धरने से क्या होता है, सुखबीर बादल को गंभीरता से नहीं लो, वो मंद बुद्धि बच्चा है। इस दौरान मान पत्रकारों पर भड़के उठे और सवाल पूछने वाले से सरेआम भिड़ गए और हाथापाई पर उतर आए। भगवंत मान अपने बयानों की वजह से पहले भी चर्चा में रहे हैं।

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