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21-02-2021
गुजरात पालिका चुनाव में एआईएमएम और आप क्या भाजपा का समीकरण खराब करेंगे या कांग्रेस को मदद करेंगे

अहमदाबाद/रायपुर। गुजरात के नगरीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी और एआईएमएम का उतरना छह नगर पालिकाओं के चुनाव को बेहद दिलचस्प बना रहा है। मतदान शुरू हो चुका है। और आम आदमी पार्टी और एआईएमएम के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण गड़बड़ाते नजर आ रहे हैं। अभी तक वहां पालिका चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर हुआ करती थी लेकिन एआईएमएम और आप के चुनाव मैदान में उतरने से मामला चतुष्कोणीय हो गया है। देखना यह होगा कि क्या आप और एआईएमएम इस चुनाव में अपनी पहचान बनाने में सफल हो पाती है या फिर वे इस चुनाव में वोट कटवा पार्टी बन कर भाजपा को ही नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य में सफल होती नजर आएगी। एआईएमएम और आप के चुनाव में उतरने से कांग्रेस को फायदा होगा? या भाजपा को नुकसान यह तो अब 23 तारीख को मतगणना के बाद ही पता चल पाएगा।

22-01-2021
मुस्लिम वोटों पर नजर ममता की मुसीबतें बढ़ी, फुरफुरा शरीफ के पीरजादा ने नई पार्टी का ऐलान किया

कोलकाता/रायपुर। बंगाल में चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है वहां के राजनीतिक समीकरण तेजी से बनते बिगड़ते जा रहे हैं। मुस्लिम मतदाता वहां हमेशा से की फैक्टर रहे हैं। इस बार भी वे किंग मेकर की अपनी भूमिका निभाने पर ही खुले हुए हैं। मुस्लिम मतदाता ममता के साथ था और ममता के इस वोट बैंक में सेंध लगाने एआईएमएम के ओवैसी वहां पहुंचे थे। और अब मशहूर फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्धकी ने नई पार्टी  का ऐलान कर ममता की चिंता और बढ़ा दी है। उनका मुस्लिमों में बड़ा प्रभाव है और वे भी ममता के वोट बैंक में सेंध मार सकते हैं। अब देखना यह है कि ममता ओवैसी के साथ-साथ पीरजादा के भी मैदान में आने से डैमेज कैसे कंट्रोल करती है। हालांकि पीरजादा ने साफ कर दिया है कि अभी वह कोई तालमेल किसी से नहीं कर रहे हैं लेकिन वे यह कहने से भी नहीं चूके कि जब फ्रंट बनेगा तब देखा जाएगा। एक तरफ बीजेपी का लगातार आक्रमक होना। दूसरी तरफ पार्टी के अंदर में ही संतोष और चुनौतियों का सामने आना और तीसरी तरफ मुस्लिम वोट बैंक पर विरोधियों की नजर कुल मिलाकर देखा जाए तो ममता की मुसीबत बढ़ती ही नजर आ रही है।

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