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17-01-2021
जवान को अफसरों के अंडर गारमेंट्स धोने से इंकार करना महंगा पड़ा, 24 घंटे के अंदर तबादला

जगदलपुर। सेनानी 19वीं पोखरण वाहिनी छसबल करनपुर में धोबी के पोस्ट पर तैनात जवान को अपने अफसरों के अंडरगारमेंट्स धोने से इंकार करना महंगा पड़ा गया। जब उसने अंडरगारमेंट को सिविल कपड़े बताते हुए धोने से इंकार कर दिया तो आनन-फानन में उसका ट्रांसफर बीजापुर कर दिया है। यह विवाद 14 जनवरी को शुरू हुआ था। इस मामले में 16 जनवरी को धोबी के ट्रांसफर का आदेश भी निकाल दिया गया। मामले के प्रकाश में आने के बाद वाहिनी के अफसर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।

दरअसल पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया में पोखरण वाहिनी करनपुर के सहायक सेनानी जेम्स एक्का की ओर से जारी की गई नोटिस और इस नोटिस के जवाब में हेड आरक्षक (धोबी) रामचरण निर्मलकर की ओर से दिए गए स्पीष्टिकरण की कॉपी वायरल हो रही है। इसके बाद शनिवार की शाम किसी ने सोशल मीडिया में ही रामचरण के बीजापुर ट्रांसफर वाले आदेश की कॉपी भी डाल दी। 14 जनवरी को हेड आरक्षक रामचरण निर्मलकर ने कपड़ों के साथ भेजे गये अफसरों और जवानों के अंडरवियर को धोने से मना कर दिया। इसके बाद वाहिनी के सहायक सेनानी जेम्स एक्का ने 14 जनवरी को ही रामचरण को नोटिस जारी करते हुए 15 जनवरी तक जवाब देने कहा।

इसके बाद 15 जनवरी को रामचरण ने एक पेज का जवाब सहायक सेनानी को दिया। अपने जवाब में लिखा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उसे सिर्फ वर्दी धोने और इसे प्रेस करने का काम करने की जानकारी दी गई थी। सिविल कपड़े धोने के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गये थे। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया के दौरान भी उसे अंडर गारमेंट्स धोने नहीं दिए गए थे। ऐसे में सेनानी की वर्दी धोकर प्रेस कर दी और अंडरगारमेंट्स को नहीं धोया है। अफसरों के अंडरगारमेंट्स धोना मेरे आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचा रहा है।
इधर हेड आरक्षक की ओर से स्पष्टीकरण देने के 24 घंटे के अंदर ही शनिवार की शाम बीजापुर ट्रांसफर करने का आदेश जारी कर दिया गया। अभी जो आदेश जारी किया गया है उसमें हेड आरक्षक को सेनानी 19 वीं पोख्ररण वाहिनी छसबल करनपुर से बेचापाल बीजापुर स्थित कैंप में स्थानांतरण कर दिया गया है और वहां तक जाने के लिए वारंट जारी कर दिया गया है।

 

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