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03-08-2019
अनुविभागीय दण्डाधिकारी नियुक्त हुए जांच अधिकरी

धमतरी। जिले के मध्य जंगल में पुलिस/नक्सली मुठभेड़ में चार नक्सलियों की मौत हो गई थी।  इनमें तीन महिला और एक पुरूष नक्सली का शव बरामद हुआ। उक्त चारों शव के मृत्यु की दण्डाधिकारी जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी नगरी सुनील कुमार शर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उक्त घटना के संबंध में यदि कोई किसी भी प्रकार का दस्तावेज, लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहें तो न्यायालयीन समयावधि में 15 दिनों के भीतर अनुविभागीय दण्डाधिकारी सुनील शर्मा के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते हैं। साफ तौर पर कहा गया है कि मियाद बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

 

25-06-2019
एसडीएम के प्रतिनिधियों की निगरानी में होगा राशन दुकानों में मिट्टी तेल भंडारण 

कोरबा। कोरबा जिले की सभी राशन दुकानों में मिट्टी के तेल का भण्डारण संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी की निगरानी में होगा। भण्डारण से पहले खाद्य अधिकारी को इसकी सूचना संबंधित एसडीएम को देनी होगी। एसडीएम सूचना पर अपने प्रतिनिधि को गाड़ी में बैठाकर राशन दुकान में मिट्टी तेल का भण्डारण कराएंगे और पंचनामा तैयार कर तेल भण्डारण की सूचना अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के माध्यम से कलेक्टर को दी जाएगी। कौशल ने पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया को प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी भी सौंपी है। कौशल ने बैठक में मौजूद खाद्य अधिकारी मसीह को निर्देशित किया कि मिट्टी तेल भण्डारण की पूर्व जानकारी संबंधित एसडीएम को दी जाये। जब भी राशन दुकानों में मिट्टी तेल का भंडारण होगा, तब-तब एसडीएम की ओर से नामित एक प्रतिनिधि या कोटवार साथ रहेगा। यह कोटवार या प्रतिनिधि मिट्टी तेल परिवहन करने वाले टैंकर में बैठकर राशन दुकानों तक जाएगा और निर्धारित दुकान में निर्धारित मात्रा में मिट्टी तेल भण्डारण की रिपोर्ट एसडीएम को देगा। कलेक्टर ने राशन दुकान में माहवार आबंटन, राशन कार्डों की जानकारी, राशन कार्डों पर मिलने वाले राशन की निर्धारित मात्रा, राशन दुकान संचालन कर्ता का नाम और मोबाईल नंबर, फूड इंसपेक्टर का नाम और मोबाईल नंबर के साथ-साथ संचालन कर्ता समूह का नाम-पता भी बोर्ड पर अनिवार्यत: प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए हैं। 

 

16-05-2019
कर्ज के मामले में जेल भेजे गए किसानों को मिली जमानत

रायपुर। कर्ज के मामले में जेल भेजे गए किसान तुलाराम मौर्य और सुखदास को गुरुवार को जमानत मिल गई। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जेएम भगत ने अधिवक्ता डी वर्मा और  वीरेन्द्र बहोते द्वारा की गई अर्जी पर सुनवाई करने के बाद जमानत की मंजूरी दे दी है। बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा द्वारा चेक बाउंस के मामले में दायर किए गए परिवाद के आधार पर प्रथम श्रेणी मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी न्यायालय द्वारा भाटपाल निवासी  तुलाराम मौर्य और बस्तर निवासी सुखदास को नेगोशियेबल, इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। इस मामले के संज्ञान में आते ही कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी के माध्यम से जांच के आदेश देने के साथ ही किसानों को राहत पहुंचाने के लिए नि:शुल्क विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई थी। अनुविभागीय दण्डाधिकारी जीआर मरकाम ने बताया कि किसानों को जमानत की राहत मिलने के बाद अब जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और किसानों के साथ हुए धोखाधड़ी के मामले में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

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