GLIBS
25-01-2021
प्रदेश में अब तक 88.32 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है धान की खरीदी, 20.8 लाख किसानों ने बेचा धान

रायपुर। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समयावधि जैसे-जैसे बीतने के करीब आ रही है, वैसे-वैसे ही उपार्जन केन्द्रों में धान की खरीदी भी बढ़ते जा रही है। वर्तमान में स्थिति यह है कि राज्य में रोजाना डेढ़ से पौने दो लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है। इसी के साथ ही उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में भी तेजी आई है। ज्ञातव्य है कि धान खरीदी 31 जनवरी तक होनी है। छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर 25 जनवरी तक 88 लाख 32 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक राज्य के 20 लाख 8 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके हैं। कस्टम मिलिंग के लिए मिलर्स को 30 लाख 58 हजार 266 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया जा चुका है। अब तक 27 लाख 85 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। 25 जनवरी तक राज्य के बस्तर जिले में 1 लाख 29 हजार 197 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 57 हजार 487 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 14 हजार 263 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 2 लाख 79 हजार 861 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में एक लाख 33 हजार 333 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 18 हजार 58 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 35 हजार 583 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 4 लाख 43 हजार 431 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 68 हजार 877 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 7 लाख 89 हजार 527 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में एक लाख 23 हजार 510 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 3 लाख 54 हजार 670 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।

इसी तरह रायगढ़ जिले में 5 लाख 22 हजार 444 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 5 लाख 11 हजार 551 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 5 लाख 82 हजार 333 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 3 लाख 95 हजार 383 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 3 लाख 91 हजार 953 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 7 लाख 34 हजार 719 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 6 लाख 42 हजार 165 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 4 लाख 20 हजार 558 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 3 लाख 7 हजार 740 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 6 लाख 96 हजार 499 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 4 लाख 88 हजार 919 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में एक लाख 43 हजार 508 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में एक लाख 7 हजार 346 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में एक लाख 10 हजार 188 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में एक लाख 50 हजार 199 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में एक लाख 78 हजार 626 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

 

 

22-01-2021
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी 31 मई तक, 1.21 लाख किसानों ने कराया पंजीयन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीदी बीते एक दिसंबर से जारी है। राज्य में अब तक 835 क्विंटल मक्का की खरीदी हो चुकी है। किसानों को मक्का का 15 लाख 45 हजार 675 रुपए भुगतान किया गया है। राज्य में 31 मई तक मक्का की खरीदी होगी । मक्का बेचने के लिए 1 लाख 20 हजार 990 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। राज्य के पंजीकृत किसानों से 1850 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 10 क्विंटल मक्का की खरीदी की जाएगी। राज्य के कांकेर जिले के 5 हजार 868 किसानों से 119.50 क्विंटल मक्का की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बालोद़ जिले के 345 किसानों से 555 क्विंटल, राजनांदगांव के 2 हजार 402 किसानों से 39 क्विंटल, गरियाबंद जिले के 5 हजार 846 किसानों से 24.50 क्विंटल और बलरामपुर जिले के 19 हजार 863 किसानों से 97.50 क्विंटल मक्का की खरीदी की गई है।

21-01-2021
प्रदेश में धान खरीदी का टूटा रिकॉर्ड, पिछले साल की तुलना में इस वर्ष अब तक 50 हजार मीट्रिक टन अधिक

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का रिकॉर्ड गुरुवार को टूट गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में अब तक राज्य में 84 लाख 44 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। बीते वर्ष 2019-20 में क्रय किए गए 83.94 लाख मीट्रिक टन से 50 हजार मीट्रिक टन अधिक है। धान खरीदी के लिए अभी 10 दिन का समय और बाकी है। अब तक राज्य के 19 लाख 54 हजार 332 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके हैं। कस्टम मिलिंग के लिए मिलर्स को 27 लाख 70 हजार 693 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया जा चुका है। अब तक 25 लाख 45 हजार 512 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। 

21 जनवरी तक राज्य के बस्तर जिले में 1 लाख 20 हजार 471 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 55 हजार 401 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 13 हजार 401 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 2 लाख 65 हजार 350 मीट्रिक टन, कोंडागांव जिले में 1 लाख 25 हजार 945 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 17 हजार 252 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 33 हजार 711 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 4 लाख 30 हजार 664 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 64 हजार 991 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 7 लाख 71 हजार 608 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 1 लाख 15 हजार 821 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 3 लाख 44 हजार 629 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।

इसी तरह रायगढ़ जिले में 4 लाख 98 हजार 428 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 4 लाख 96 हजार 276 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 5 लाख 70 हजार 736 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 3 लाख 81 हजार 633 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 3 लाख 86 हजार 87 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 7 लाख 3 हजार 423 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 6 लाख 4 हजार 191 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 4 लाख 7 हजार 864 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 2 लाख 94 हजार 996 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 6 लाख 38 हजार 190 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 4 लाख 68 हजार 276 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में एक लाख 34 हजार 643 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 1 लाख 273 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 1 लाख 3 हजार 960 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 1 लाख 35 हजार 683 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 1 लाख 59 हजार 690 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

15-01-2021
प्रदेश में 15 जनवरी तक 75.94 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी,18.19 लाख किसानों ने बेचा धान

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 15 जनवरी तक 75 लाख 94 हजार 277 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 18 लाख 19 हजार 472 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है। राज्य के मिलरों को 26 लाख 6 हजार 553 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया है। मिलरों ने अब तक 21 लाख 63 हजार 563 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।  खरीफ वर्ष 2020-21 में 15 जनवरी तक राज्य के बस्तर जिले में एक लाख 3 हजार 409 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 50 हजार 467 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 11 हजार 500 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 2 लाख 36 हजार 25 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में एक लाख 12 हजार 171 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 15 हजार 308 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 29 हजार 713 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 3 लाख 96 हजार 461 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 58 हजार 85 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 7 लाख 15 हजार 818 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में एक लाख 197 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 3 लाख 14 हजार 280 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।

इसी तरह रायगढ़ जिले में 4 लाख 48 हजार 100 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 4 लाख 55 हजार 875 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 5 लाख 28 हजार 394 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 3 लाख 47 हजार 693 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 3 लाख 60 हजार 738 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 6 लाख 32 हजार 399 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 5 लाख 27 हजार 348 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 3 लाख 69 हजार 230 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 2 लाख 67 हजार 61 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 5 लाख 39 हजार 677 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 4 लाख 22 हजार 137 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में एक लाख 17 हजार 697 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 87 हजार 241 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 92 हजार 27 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में एक लाख 18 हजार 240 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में एक लाख 36 हजार 721 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

09-01-2021
15 साल तक किसानों का बोनस, समर्थन मूल्य हड़पने वाले घड़ियाली आंसू बहा रहे : गिरीश देवांगन

रायपुर। बिलासपुर में शनिवार को कांग्रेस भवन व ग्राम सेंदरी सहकारी समिति प्रांगण में हुई बैठकों में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व  खनिज निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 15 साल तक किसानों को धोखा देने वाले, बोनस की राशि हड़पने वाले, पूरा धान नहीं खरीदने वाले भाजपा के डॉ.रमन सिंह और उनके पदाधिकारी आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।  गिरीश देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान देख रहा है कि भाजपा का दोहरा चरित्र क्या है। एक तरफ कांग्रेस से मांग करते हंै कि घोषणा पत्र के अनुसार 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदे, दूसरी तरफ केन्द्र सरकार से शिकायत करते हैं। वीडियो बनाकर भेजते हैं कि सरकार समर्थन मूल्य 1868 रुपए से अधिक पर धान खरीद रही है। केन्द्र सरकार समर्थन मूल्य से अधिक पर धान खरीदने पर चावल नहीं खरीदने की धमकी देती है, परेशान करती है। बरदाने उपलब्ध नहीं कराती, ताकि धान खरीदी सुचारू रूप से न चल सके। राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किसानों को जो सम्मान निधि उपलब्ध कराई जा रही है, उससे भी भाजपा के प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री को तकलीफ होती है।

गिरीश देवांगन ने उपस्थित किसानों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बनने के बाद 2500 रुपए क्विंटल में धान खरीदना, कर्जा माफ करना, भूपेश बघेल का बड़ा कदम था। केन्द्र सरकार को भूपेश बघेल के नक्शे कदम पर चलकर सीख लेनी चाहिए। भूपेश बघेल की सभी योजनाएं नरवा  गरूवा घुरूवा बारी, गोधन न्याय योजना, गौठान आदि सभी कार्यक्रम केन्द्र बिंदुओं में महात्मा गांधी है। और उनके ग्राम स्वराज की कल्पना है। ग्राम सेंदरी सहकारी समिति में एक पैरी धान और एक रुपए संग्रहण कार्यक्रम देश के किसान आंदोलन के समर्थन में जिला कांग्रेस ने प्रारंभ किया। किसानों ने गिरीश देवांगन, रश्मि सिंह, अटल श्रीवास्तव, बैजनाथ चंद्राकर, विजय केशरवानी को राशि सौंपी। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन एक दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे थे। कांग्रेस भवन में नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों को पदभार ग्रहण कराया। फिर वे सेंदरी के कार्यक्रम में भाग लिया। महापौर के निवास पहुंचकर सौजन्य भेंट किए। पार्षद व पार्टी पदाधिकारी से मुलाकात की।

 

 

 

28-12-2020
छत्तीसगढ़ में 42.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी, अब तक 11.19 लाख किसानों ने बेचा धान

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 28 दिसंबर तक 42 लाख 79 हजार मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 11 लाख 19 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 13 लाख 77 हजार 410 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया है। इसके विरुद्ध मिलरों ने अब तक 9 लाख 95 हजार 196 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। जिलेवार जारी आंकड़ों के मुताबिक 28 दिसंबर तक राज्य के बस्तर जिले में 54 हजार 329 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 21 हजार 608 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 4 हजार 357 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में एक लाख 36 हजार 481 मीट्रिक टन, कोंडागांव जिले में 63 हजार 658 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 7 हजार 794 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 13 हजार 660 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 2 लाख 28 हजार 495 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 32 हजार 16 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 47 हजार 870 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में एक लाख 72 हजार 224 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।

इसी तरह रायगढ़ जिले में 2 लाख 72 हजार 846 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 2 लाख 64 हजार 656 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 2 लाख 84 हजार 509 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 2 लाख 6 हजार 915 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 2 लाख 10 हजार 250 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 3 लाख 62 हजार 146 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 2 लाख 73 हजार 839 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 2 लाख 8 हजार 932 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में एक लाख 54 हजार 42 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 2 लाख 79 हजार 249 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 2 लाख 55 हजार 594 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 60 हजार 202 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 44 हजार 980 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 41 हजार 838 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 71 हजार 489 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 92 हजार 899 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

 

28-12-2020
विधानसभा में भूपेश सरकार के दो वर्षों के विकास कार्यों पर केन्द्रित कैलेंडर का विमोचन, पीडीएफ फॉर्मेट जारी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी और उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने सोमवार को विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में नए वर्ष 2021 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। यह कैलेंडर छत्तीसगढ़ में नई सरकार की ओर से पिछले दो वर्षों में किए गए विकास कार्यों पर केन्द्रित है। कैलेंडर के कव्हर पेज पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कुम्हार के चाक पर दीया बनाते हुए चित्र प्रकाशित किया गया है। चित्र के नीचे लिखा हुआ है गढबो नवा छत्तीसगढ़। कैलेंडर का शीर्षक न्याय के बयार, सब्बो बर- सब्बो डहर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के वर्ष 2021 का कैलेंडर पीडीएफ फाइल के लिए यहां क्लिक करें



जनवरी में अन्नदाता को न्याय :
माह जनवरी के पन्ने पर शासन की ओर से किसानों के हित में लिए गए निर्णयों को अन्नदाताओं के लिए न्याय शीर्षक से अंकित किया गया है। इसके तहत 17 लाख किसानों को लगभग 9 हजार करोड़ रुपए की कर्ज माफी, 94 प्रतिशत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को 5750 करोड़ रुपए में से 4500 करोड़ रुपए की आदायगी,15 वर्षों से लंबित सिंचाई कर की माफी को शामिल किया गया है। इस पन्ने पर हरे-भरे धान के खेत और फसल तैयार करती हुई महिला किसानों के चित्र प्रकाशित किए गए हैं।

फरवरी में सुराजी गांव
माह फरवरी के पन्ने पर शासन की सुराजी गांव योजना को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी- चिन्हारी को न्याय शीर्षक से अंकित किया गया है। इसके अंतर्गत गौठानों से गांवों में आ रही आत्मनिर्भरता, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और विक्रय में मिल रही सफलता, गोबर से दीयों और अन्य उपयोगी सामग्री के निर्माण, हर माह औसतन 15 करोड़ रुपए की गोबर खरीदी का उल्लेख किया गया है। इस पन्ने पर गांवों में निर्मित सुंदर गौठानों और वहां चल रही आय-मूलक गतिविधियों के चित्र प्रकाशित किए गए हैं।

मार्च में खाद्य सुरक्षा :
मार्च महीने के पन्ने पर सार्वभौम पीडीएफ, पोषण से सबकों न्याय शीर्षक के अंतर्गत अंत्योदय परिवारों को एक रुपए किलो की दर से 35 किलो चावल, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के दायरे में प्रदेश की 96 प्रतिशत आबादी, अनुसूचित व माडा क्षेत्रों के अंतर्गत रियायती दर पर चना और गुड़ का वितरण, एपीएल परिवारों को 10 रुपए किलो की रियायती दर पर चावल, अन्नपूर्णा, निराश्रित व नि:शक्तजनों को निशुल्क चावल दिए जाने का उल्लेख किया गया है। इस पन्ने पर अंजुरि में अन्न भर कर मुस्कुराती ग्रामीण महिला की तस्वीर प्रकाशित की गई है।

अप्रैल में बिजली बिल आधा और औद्योगिक विकास
अप्रैल माह में बिजली बिल आधा औद्योगिक विकास का भी वादा शीर्षक के अंतर्गत बिजली बिल हाफ करने का वादा निभाने, 38 लाख से अधिक परिवारों को 1336 करोड़ रुपए की सीधी राहत प्राप्त होने,नई औद्योगिक नीति से 887 नये उद्योगों की स्थापना, 15000 करोड़ रुपए का पूूंजी निवेश और 15 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसरों के निर्माण, हर विकासखंड में फूडपार्क की स्थापना के लिए 105 स्थानों पर भूमि चिन्हांकन का उल्लेख किया गया है। इस पृष्ठ पर विद्युत उपभोक्ताओं और औद्योगिक गतिविधियों के चित्र प्रकाशित किए गए हैं।

मई में श्रमवीरों को न्याय
मई महीने में श्रमवीरों के लिए न्याय शीर्षक के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा योजना में प्रतिदिन औसतन 26 लाख लोगों को रोजगार, महिलाओं की बड़ी भागीदारी, 100 दिवस रोजगार देने में देश में अव्वल होने, कोविड-19 के दौरान 7 लाख प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी, शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्रहक सामाजिक सुरक्षा योजना का उल्लेख किया गया है। इस पन्ने पर महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत मिल रहे रोजगार की तस्वीर प्रकाशित की गई है।

26-12-2020
कलेक्टर ने कहा, सभी पंजीकृत किसानों से होगी धान की खरीदी, किसी भी प्रकार के अफवाहों में ना आएं किसान

कवर्धा। राज्य सरकार के माध्यम से खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए समर्थन मूल्य पर सभी पंजीकृत किसानों से सुव्यवस्थित और किसानों को सुविधाएं मुहैया कराते हुए कबीरधाम जिले के सभी 94 धान उपार्जन केन्द्रों में सुचारू रूप से धान की खरीदी की जा रही है। कबीरधाम जिले में महज 24 दिनों में ही 63 हजार 542 पंजीकृत किसानों से तीन सौ 72 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से 19 लाख 81 हजार 940 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदी कर ली गई है। किसानों को उनके बैंक खाते के माध्यम से सीधे राशि भूगतान भी किए जा रहे हैं। अधिकांश किसानों के माध्यम से बैंक खातों से राशि आहरण भी कर लिया गया है।

कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के निर्देश पर बनाए गए धान खरीदी की वर्क प्लान के आधार पर अब तक ढाई से पांच एकड़ तक पंजीकृत लगभग 70 प्रतिशत किसानों ने अपना धान एक बार में ही तीन सौ करोड़ रुपए का धान बेच लिया है। धान बेचने आए जिले के किसानाें ने इस बार की धान खरीदी व्यवस्था की तारीफ की। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 24 दिन पूरे हो गए हैं। इस समिति दिनों में जिले के सभी 94 धान खरीदी केन्द्रों में उनके पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी के लिए अग्रिम टोकन जारी किए जा रहे हैं, ताकि पंजीकृत किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो और सभी पंजीकृत किसानों से धान सुचारू से धान की खरीदी की जा सके। धान खरीदी के जिला नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जिले में सुचारू से धान की खरीदी की जा रही है। पंजीकृत किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इसके लिए सभी व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। कबीरधाम जिले में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए 1 लाख 711 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है।

ढाई एकड़ तक कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 64 हजार 90 है। इसमें से अब तक 42 हजार 557 किसानों से 150 करोड़ रुपए के 795500 क्विंटल धान की खरीदी कर ली गई है। इसी प्रकार ढाई एकड़ से पांच एकड़ तक रकबा वाले कुल पंजीकृत किसान 24 हजार 878 है, जिसमें से 14 हजार 659 किसानों से 132 करोड़ रुपए के 702070 क्विंटल की धान की खरीदी पूरी कर ली गई है। पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबा वाले कुल पंजीकृत किसान 9 हजार 38 है, जिसमें से 4 हजार 815 किसानों से 61 करोड़ रुपए के 323470 किवंटल की धान की खरीदी पूरी कर ली गई है। 10 से 20 एकड़ तक रकबा वाले कुल पंजीकृत किसान 2330 है, जिसमें से 1307 किसानों से 23 करोड़ रुपए के 126650 क्विंटल की धान की खरीदी पूरी कर ली गई है। जिले में 20 एकड़ से अधिक रकबा वाले पंजीकृत किसान 375 है, जिसमें से 204 किसानों से 6,50 करोड़ रुपए के 34180 क्विंटल धान की खरीदी पूरी कर ली गई है। इस तरह जिले में अब तक 63 हजार 542 पंजीकृत किसानों से 372 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से समर्थन मूल्य पर 19 लाख 81 हजार 940 क्विंटल धान की खरीदी पूरी कर ली गई है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी सुचारू और सुव्यवस्थित ढंग से संपादित हो सके इसके लिए पूरी व्यवस्थाएं बनाई गई है। धान खरीदी संबंधित किसी भी अफवाओं पर यकिन ना करें। राज्य शासन की मंशा पूरी तरह से स्पष्ट है, सभी पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। किसानों की सुविधाओं के लिए उन्हें दिन और तिथी निर्धारित करते हुए टोकन जारी किए जा रहे हैं।

24-12-2020
प्रदेश में 40.20 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी,अब तक 10.57 लाख किसानों ने बेचा धान

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 24 दिसंबर तक 40 लाख 20 हजार 536 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 10 लाख 57 हजार 416 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 11 लाख मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया है। इसके विरुद्ध मिलरों ने अब तक 7 लाख 37 हजार 436 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।  खरीफ वर्ष 2020-21 में 24 दिसंबर तक राज्य के बस्तर जिले में 50 हजार 813 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 19 हजार 616 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 3 हजार 822 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में एक लाख 28 हजार 582 मीट्रिक टन, कोंडागांव जिले में 60 हजार 133 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 7 हजार 39 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 12 हजार 388 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 2 लाख 14 हजार 399 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 30 हजार 13 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 3 लाख 82 हजार 127 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 44 हजार 611 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में एक लाख 62 हजार 291 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।
इसी तरह रायगढ़ जिले में 2 लाख 55 हजार 626 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 2 लाख 51 हजार 409 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 2 लाख 66 हजार 477 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में एक लाख 95 हजार 248 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में एक लाख 97 हजार 423 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 3 लाख 41 हजार 465 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 2 लाख 55 हजार 515 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में एक लाख 97 हजार मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में एक लाख 45 हजार 234 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 2 लाख 63 हजार 322 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 2 लाख 41 हजार 157 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 56 हजार 447 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 41 हजार 823 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 39 हजार 242 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 68 हजार 170 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 89 हजार 171 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

23-12-2020
बारदाना उपलब्ध नहीं करवाने पर सात उचित मूल्य दुकानें निलंबित

जांजगीर चाम्पा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य में धान उपार्जन के लिए पीडीएस बढ़ाने का उपयोग किया जा रहा है। धान उपार्जन के लिए पीडीएस बारदाना उपलब्ध कराने संबंधित क्षेत्र के उचित मूल्य दुकान संचालकों को निर्देशित किया गया है। निर्धारित संख्या से कम बारदाना उपलब्ध कराने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत नवागढ़ और बलोदा विकासखंड के विभिन्न शासकीय उचित मूल्य दुकानों का आवंटन लोकहित में निलंबित कर दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर मेनका प्रधान ने बताया कि संबंधित क्षेत्र के लोग उचित मूल्य दुकान संचालकों को चालू खरीफ विपणन वर्ष में धान उपार्जन के लिए बारदाना उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया था। निर्धारित मात्रा से कम बारदाना उपलब्ध करवाने पर उचित मूल्य दुकानों का संचालन लोकहित में निलंबित किया गया है। इनमें नवागढ़ विकासखंड के ग्राम कामता, भैंसदा, बेल्हा,घुठिया, बलौदा विकासखण्ड के ग्राम पंतोरा व नवापारा ख के शासकीय उचित मूल्य को निलंबित कर दिया गया है।

 

23-12-2020
राजीव गांधी किसान न्याय योजनाः किसानों को प्रोत्साहित करने की एक बड़ी पहल

रायपुर। राजीव गांधी किसान न्याय योजना प्रदेश में खेती किसानी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ी पहल है। राज्य सरकार ने गत वर्ष खरीफ 2019 से इस योजना की शुरूआत की थी,जिससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके और उन्हें समर्थन मूल्य के अलावा बोनस राशि का फायदा भी मिल सके। राज्य के लगभग 19 लाख किसान इससे लाभावान्वित हो रहे हैं। जिला के अभनपुर विकासखंड के ग्राम हसदा के किसान विसहत राम साहू ने बताया कि उन्हे इस योजना के तहत समर्थन मूल्य पर बेचे गए धान की अंतर राशि का तीन किश्त प्राप्त हो चुका है। प्रति किश्त 31,570 की दर से अब तक उन्हे तीन किश्तों में 94 हजार 710 की राशि उनके बैंक खाते में जमा हो चुकी है और एक किश्त के तहत अभी भी उन्हें 31,570 की और राशि मिलनी शेष है। इस तरह राज्य के विसहत राम साहू जैसे लाखों किसान है जिन्हें धान की बिक्री से मिले अतिरिक्त राशि से जीवन में खुशहाली आयी है। विसहत राम साहू ने बताया कि उनके पास लगभग 14 एकड़ खेत है तथा वे संयुक्त परिवार में रहते हैं। परिवार के सदस्यों की संख्या 15 से अधिक है।

उनका और परिवार का मुख्य व्यवसाय कृषि ही है। आय का और कोई अतिरिक्त जरिया नहीं है। परिवार की सभी जरूरतों तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति कृषि के माध्यम से अर्जित आय से ही होती है। उनके संयुक्त परिवार में 8 बच्चे है तथा बच्चों की पढ़ाई.लिखाई और अच्छी शिक्षा भी परिवार का प्रमुख मुद्दा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के माध्यम से राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत की जा रही सहायता उनके परिवार के लिए वरदान से कम नहीं हैं क्योंकि किश्तों के रूप में मिली राशि का सदुपयोग बच्चों के लालन.पालन और पढ़ाई.लिखाई में बेहतर तरीके से हो रहा है। उल्लेखनीय है कि सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित धान से सीमांत, लघु और दीर्घ सभी किसानों को इस योजना से आर्थिक रूप से लाभ मिल रहा है

 

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