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07-01-2021
 भाजपा विधायक अजय चंद्राकर कोरोना पॉजिटिव,संपर्क में आने वालों से जांच कराने की अपील

रायपुर। प्रदेश में कोरोना की रफ्तार बरकरार है। रोजाना बड़ी संख्या में केस सामने आ रहे हैं। मौत के आंकड़े भी प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। राजधानी रायपुर में रोजाना सर्वाधिक मरीज मिल रहे हैं। इस बीच जानकारी मिली है कि भाजपा के पूर्व मंत्री व विधायक अजय चंद्राकर भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने खुद इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया एकाउंट पर पोस्ट किया है कि कोरोना की जांच कराने के बाद टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी तबीयत ठीक है, डॉक्टर्स की सलाह पर होम आइसोलेशन में सभी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा हूं। अजय चंद्राकर ने अनुरोध किया है कि जो भी लोग गत कुछ  दिनों में उनके संपर्क में आए हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जांच अवश्य करवाएं।

 

31-12-2020
नगरनार स्टील प्लांट पर भाजपा के नेताओं का दोहरा चरित्र आया सामने : सुशील मौर्य

जगदलपुर। युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुशील मौर्य ने नगरनार स्टील प्लांट को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बस्तर नगरनार स्टील प्लांट के डिमर्जर एवं विनिवेशीकरण के मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से लाया गया संकल्प पत्र में भाजपा विधायक व बस्तर के नेताओं की चुप्पी यह स्पष्ट करती है कि भाजपा के नेता बस्तर के हित में कुछ ना बोलते हुए मोदी हित में लगे हैं। बस्तर के भाजपा नेताओं को बस्तर हित की नैतिकता बची नहीं है। जनता इनका असली रूप देख चुकी है। बता दें कि नगरनार के डिमर्जर और विनिवेश कारण के खिलाफ बस्तर कांग्रेस के समस्त जनप्रतिनिधि लगातार इसका विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं। इसी तारतम्य में लगभग 60 दिनों से आंदोलन जारी है। विगत दिनों नगरनार स्टील प्लांट बचाओ संघर्ष समिति के बेनर तले एक सर्वदलीय बैठक आहूत की गई थी। इसमें विभिन्न समाज और राजनीतिक दलों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। लेकिन भापजा से जुड़े सदस्यों व वरिष्ठ नेताओं ने इस आंदोलन से दूरी बनाए रखी, जिससे भाजपाइयों का दोहरा चरित्र उजागर होता है।

बस्तर के युवाओं के सपनों के कारखाने पर भाजपा नेताओं की अनदेखी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से की गई मांग पर राज्यसरकार ने विधानसभा में संकल्प पत्र ला कर स्पष्ट संदेश दिया है कि छत्तीसगढ़ की मौजूद सरकार बस्तर वासियों के साथ है। मौर्य ने कहा कि अगर कांग्रेस के विरोध के बावजूद व राज्यसरकार के संकल्प पत्र के बाद भी अडानी अम्बानी की सरकार मोदी सरकार विनिवेशीकरण करण करती है तो भूपेश सरकार इसे का खरीद कर बस्तर के बेरोजगारों को काम देगी। बस्तर के सांसद दीपक बैज, नगरनार स्टील प्लांट संघर्ष समिति के अध्य्क्ष व उपाध्यक्ष स्थानीय विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, प्रदेश कांग्रेस के अध्य्क्ष मोहन मरकाम एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा सहित बस्तर के सभी विधयकों व भूपेश मंत्री मंडल का आभार व्यक्त किया है।

28-12-2020
विधानसभा में बढ़ते अपराधों और बेरोजगारी को लेकर विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित

रायपुर। विधानसभा सत्र के पांचवें दिन भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों और बेरोजगारी का मुद्दा शून्यकाल में उठाया। शिवरतन ने मामले में स्थगन के मायध्म से चर्चा कराने की मांग की। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी बहुत है। बेरोजगारी के कारण अपराधों के ग्राफ में वृद्धि हो रही है। कई विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं पुलिस विभाग में भी 50 हजार पद रिक्त है।
नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी प्रदेश में बेरोजगारी का मामला उठाया। कौशिक ने सरकार पर अपना वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। आरोप लगाते हुए चर्चा की मांग की। इस पर सभापति द्वारा स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार करने पर विपक्ष ने जमकर हंगामा हुआ। इसके कारण सभापति ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की।

25-12-2020
किसानों की समस्या पर भाजपा विधायकों ने किया सत्याग्रह,प्रदेश सरकार पर साधा निशाना

रायपुर। प्रदेश में किसानों को होने वाली विभिन्न परेशानियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने शुक्रवार को राजधानी के आज़ाद चौक पर एक दिवसीय धरना दिया। धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि भूख, भय और भ्रष्टाचार इस प्रदेश की नियति बन चुकी थी। हमारे शासनकाल के 15 साल में जनता इसे भूल चुकी थी। लेकिन आज फिर कांग्रस की सरकार में भय,भूख और भ्रष्टाचार बढ़ गया है।  इस सरकार ने सबको ठग लिया है। साय ने कहा कि आम आदमी जब भूखा रहता है तब क्रांति की संभावना बढ़ जाती है और आज  प्रदेश में यही हालात है। आज केंद्र सरकार ने देश के 9 करोड़ किसानों के खाते ने 18 हज़ार करोड़ रुपए की राशि दी। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भाजपा विधायकों को विधानसभा की आक्रामकता गाँव गाँव तक पहुंचानी होगी और जनमत को जागृत करना होगा। डॉ. सिंह ने सवाल किया कि आख़िर छत्तीसगढ़ का किसान आज तनाव में क्यों है। क्यों वह अपने पूरे परिवार की हत्या कर आत्महत्या करने विवश हो रहा है। डॉ. सिंह ने कहा कि यहाँ शराब ही अवैध रूप से नहीं बिक रही है, बल्कि प्रदेश सरकार की ओर से उस अवैध धंधे को वैधता का अमलीजामा पहनाया जा रहा है। यहाँ भ्रष्टाचार नहीं डकैती हो रही है। आज कलेक्टर व एसपी का पद नीलामी में बँट रहा है। प्रदेश में विकास के सारे काम बंद पड़े हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आपातकाल देखा है। 19 माह की जेल देखी है इसलिए वे भय से मैदान छोड़ने वाले नहीं है।

धरना में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि 9 से 10 किसान प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों व कार्यप्रणाली से संत्रस्त होकर अब तक आत्महत्या कर चुके हैं। यह प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। प्रदेश का किसान नकली खाद बीज और गिरदावरी रिपोर्ट से त्रस्त है और प्रदेश सरकार की ओर से किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कौशिक ने कहा कि किसानों के बारे में  पहली बार अटलजी ने सोचा और उन्हें क्रेडिट कार्ड प्रदान किया। हमारे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर किसानों को कर्ज दिया। जब हमने 15 सालों में 33 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज लिया तो पूरे प्रदेश में विकास के कार्य दिखे। पर इन्होंने दो वर्षों में 33 हज़ार करोड़ का कर्जा किसानों के नाम पर लिया पर उनके अधिकार में भी डंडी मारने में यह सरकार लगी है। इनकी कुव्यवस्था से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। दो साल में छत्तीसगढ़ में 12 हज़ार लोगों ने प्रदेशभर में आत्महत्या की। दो साल में इनके भ्रष्टाचार से आम जनता कराह रही है। इनके ही विधायक पुलिस से अवैध वसूली की रेट लिस्ट लगाने की मांग करते हैं। कौशिक ने दावा किया कि जोगी के तीन साल में 15 साल तो बघेल के 5 साल के कार्यकाल से कांग्रेस 25 साल के लिए शासन से बाहर हो जाएगी।धरना को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का ज्ञान, छत्तीसगढ़ का जीवन, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था किसानों पर टिकी हुई है। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार को छत्तीसगढ़ के लिए एक दुर्घटना बताते हुए तंज कसा कि यह सरकार तो एक आदेश पारित कर दे कि उनके अपने आदमियों और कार्यकर्ताओं पर कोई केस नहीं लगेगा। मुख्यमंत्री बघेल अपने को गरीबों का मसीहा बताते नहीं थकते और ज़मीनी सच्चाई यह है कि गरीबों के आवास योजना के लिए पैसा नहीं देते हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन भाजपा शहर जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने व आभार प्रदर्शन विधायक शिवरतन शर्मा ने किया।

 

21-09-2020
मस्तूरी क्षेत्र में कोरोना मरीजों के उपचार और व्यवस्था में कूप्रबंधन के कारण अराजकता की स्थिति और हालात भयावह:बांधी

रायपुर/बिलासपुर। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी के अनुसार मस्तूरी क्षेत्र में कोरोना संक्रमण और संक्रमित मरीजों के इलाज को लेकर अराजकता की स्थिति है। राजस्व विभाग के बड़े अधिकारी से लेकर अदने कर्मचारी तक की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते क्षेत्र में कोरोना संक्रमण नियंत्रित होने की बजाय दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि न तो वहां टेस्टिंग के ही पर्याप्त इंतजाम है और न ही क्वारंटाइन तथा आइसोलेशन का कोई मुकम्मल प्रबंध है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण के बढ़ने और संक्रमित मरीजों की संख्या में निरंतर इजाफा होने के लिए प्रदेश सरकार की अव्यवस्था और कूप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बाहर से प्रवासी मजदूरों को छत्तीसगढ़ में लाने के समय उनके जांच और क्वारंटाइन सेंटरों की अव्यवस्था के कारण ही तेजी से गांव गांव में कोविड-19 का संक्रमण फैला हुआ है। डॉ. बांधी ने आरोप लगाया कि गांव में क्वारंटाइन सेंटर तो खोल दिए गए। लेकिन सरपंचों को क्वारंटाइन सेंटरों की व्यवस्था के लिए एक रुपया भी नहीं दिया गया। इसके कारण संसाधनों की कमी के कारण सभी क्वारंटाइन सेंटर अव्यवस्था के शिकार हो गए।

भाजपा विधायक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शुरू में तो कोरोना के मामले में हीरो बनती रही। लेकिन बाद में जैसे-जैसे हालात बिगड़ते गए, सरकार की तमाम व्यवस्थाएं और इंतजाम दिवालिया हालात में पहुंचते गए। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि अभी भी सरकार और प्रशासन को सचेत होकर पूरी गंभीरता और समर्पण से गांव गांव में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और आइसोलेशन तथा क्वारंटाइन होने वाले मरीजों के उपचार समेत तमाम इंतजाम तत्परता से करनी चाहिए अन्यथा हालात और भयावह तथा नियंत्रण के बाहर हो सकते हैं।

15-09-2020
प्रदेश सरकार निजी स्कूलों के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही : बृृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के निजी स्कूलों के बच्चों को स्कूल प्रारंभ होने के 5 माह बाद भी निशुल्क पुस्तक उपलब्ध नहीं होने को  गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि, प्रदेश सरकार निजी स्कूलों के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने पूछा है कि क्या प्रदेश के निजी स्कूलों के बच्चे इस प्रदेश के बच्चे नहीं। बृजमोहन ने कहा है कि, शासकीय स्कूल के भी 50 प्रतिशत बच्चों को अभी तक पुस्तक नहीं मिल पाई है। जब कोरोना काल में स्कूल ही नहीं खुल रहे हैं और ऑनलाइन पढ़ाई की बात की जा रही है, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि, बिना पुस्तक के ऑनलाइन पढ़ाई कैसे हो रही होगी। बच्चे क्या पढ़ रहे होंगे। शासकीय व अशासकीय छोटे-छोटे स्कूलो में पढ़ रहे गरीब बच्चों के पालक इस कोरोना काल में जब आर्थिक मार से गुजर रहे है बाजार से पुस्तक कैसे खरीद पाएंगे।

अग्रवाल ने कहा है कि, प्रदेश में स्कूली बच्चों को निशुल्क पुस्तकों का वितरण की ओर कोई देखने वाला भी नही है। कोई मॉनिटरिंग का सिस्टम नहीं है। डिपों में पुस्तकें पड़ी हुई है, जहां से स्कूलों को पुस्तक वितरण ही नहीं किया जा रहा है। स्कूलों के संचालक लगातार विभाग व डिपो के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं। अभी भी सितंबर माह में स्कूलों से दुबारा दर्ज संख्या मांगी जा रही है। पुस्तक वितरण की बात तो दूर अभी विभाग दर्ज संख्या को लेकर ही उलझी हुई है और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। अग्रवाल ने कहा कि, यह स्थिति प्रदेश में पहली बार पैदा हुई है कि स्कूली बच्चों को 5-5 माह बाद भी निशुल्क पुस्तक ही नहीं मिल पा रही है, सरकार की इच्छा शक्ति होती तो डाक या कोरियर से भी प्रत्येक बच्चो के घर में पुस्तक पहुंचाया जा सकता था। अगर बच्चों को पुस्तक उपलब्ध करा दिया जाता तो कम से कम बच्चे स्कूल प्रारम्भ न हो पाने की स्थिति में अपने घरों में पढ़ाई कर पाते। पूरे प्रदेश के 28 जिलों में अमूमन यही स्थिति है और विभाग का इस ओर ध्यान ही नहीं है।

 

05-09-2020
बृजमोहन अग्रवाल ने बढ़ते कोरोना संकट के संबंध में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से की चर्चा, पत्र लिखकर दिए सुझाव

रायपुर। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य से चर्चा की।  उन्होंने तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कुछ  सुझाव भी दिए हैं। इससे प्रदेश भर में मरीजों के इलाज के लिए बिस्तरों की कमी को दूर किया जा सके और सक्रंमण को रोका जा सकें। अग्रवाल ने पत्र में कहा है कि,राजधानी सहित पूरे छत्तीसगढ़ में कोविड-19 ने अपना पैर पसरा लिया है। दिन ब दिन कोविड-19 पर नियंत्रण के बजाए ये स्थिति भयावह और विकराल होते जा रही है। मरीजों की संख्या में लगातार गुणात्मक वृद्धि होती जा रही है, तो वहीं मौत का आंकड़ा भी रूकने का नाम नहीं ले रहा है। कोविड-19 के मरीज अब अस्पतालों में बेड न होने के कारण इलाज के लिए भटक रहे हैं। अब तो कोविड-19 को रोकने के लिए अभियान में लगे शासकीय कर्मचारी/अधिकारी भी कोविड-19 से पीड़ित होकर अपनी जान गवा रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे भयावह कोविड-19 के मरीजों को देखते हुए उनके दिए बिन्दुओं के साथ अन्य विषयों पर तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
पत्र के माध्यम से बृजमोहन दिए ये सुझाव : 
(1) रायपुर में 500 बिस्तर कर 1 विशेष कोविड-19 हॉस्पिटल निर्माण करने का निर्णय लिया गया था, मेरी जानकारी में रिम्स मेडिकल कॉलेज/ हॉस्पिटल परिसर को ही अस्पताल बनाना था, जिसे बाद में प्राइवेट कॉलेज/हॉस्पिटल होने के कारण खर्च करने के निर्णय को वापस ले लिया गया था। इस कॉलेज/ हॉस्पिटल में पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्मित, मौजूद है।  तुरंत निर्माण किया जाना चाहिए,जिससे रायपुर के लोगों को 500 बिस्तर की सुविधा तत्काल मिल सकेंगी।
(2) रायपुर के अलावा दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, अंबिकापुर, जगदलपुर जैसे बड़े-बड़े शहरों सर्वसुविधा युक्त नर्सिंग होम, सुपर स्पेशलिटी  अस्पताल उपलब्ध है, जहां पर आॅक्सीजन और वैंटिलेंटर की सुविधाएं भी उपलब्ध है। ऐसे अस्पतालों से तत्काल बातचीत कर एक निर्धारित रेत में कोरोना मरीजों के ईलाज के लिए इन्हें अनुमति दी जाए, जिससे राजधानी रायपुर के अस्पतालों में पड़ने वाली भार को कम किया जा सके। 
(3) प्रदेश में जितने छोटे सुपर स्पेशलिटी  हॉस्पिटल या नर्सिंग होम है,जहां 25 बेड से अधिक की सुविधा आक्सीजन सहित है, जहां पर 2000-3000 से 5000 रुपए तक की प्रतिदिन में इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। उन सभी अस्पतालों में शासकीय खर्च पर कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करवाया जाए व पूरा खर्च राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाएं। देश के अनेक राज्यों ऐसी व्यवस्थाएं की गई है। अगर ऐसी व्यवस्थाएं कर दी जाती है तो गंभीर किस्म के मरीजों के लिए अस्पतालों में बिस्तर की कमी नही होगी। 
(4) रायपुर और प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में स्थिति 25 कमरे से अधिक के धर्मशाला, सार्वजनिक भवन, सामाजिक भवनों को भी समाजो/ट्रस्टों से चर्चा कर अधिग्रहित किया जाना चाहिए। इसमें सम्पुर्ण व्यवस्था कर  ए सिम्टम्स मरीजों को जिसमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिख रहे है। उनकों वहां पर आइसोलेट/क्वारांटिन किया जाना चाहिए। इससे जिनके घरों में सुविधा नहीं ह,उन सब मरीजों को इन स्थानों पर लाकर रखकर इलाज किया जा सके व संक्रमण को बड़ने से रोका जा सकें।
(5) बहुत से राज्यों ने व्यापक स्तर पर इसके बचाव के लिए दवाईयां/ काढ़ा/आयुर्वेदिक-होम्योपेथिक/इन्जेक्शन बड़े स्तर पर वितरण भी किया है। छत्तीसगढ़ में भी उन शहरों में जहां कोरोना के प्रकरण भारी संख्या में निकल रहे है। वहाँ पर इस प्रकारण का वितरण का अभियान चलाया जाना चाहिए। 
(6) सभी शासकीय जिला अस्पतलों/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ ही निजी छोटे अस्पतालों को भी मास्क, हेंड ग्लब्स, पी.पी.ई.किट, सेनेटाईजर व कोडिव-19 के मरीजों से संबंधित दवाएं भी उपलब्ध कराए जाएं, जिससे की प्रारंभिक रूप से प्रारंभिक लक्षण वाले मरीजों को वे दवाएं दे सके और देख सकें।
(7) प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों को एम्स और अन्य  हॉस्पिटलों के विशेषज्ञों से आनलाईन ट्रेनिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए,जिससे वे भी अपने स्तर पर सावधानी पूर्वक लोगो के इलाज में हाथ बटा सकें।

 

 

 

20-08-2020
महिला की मौत मामले में जांच करने भाजपा विधायक दल की जांच समिति पहुंची बलरामपुर 

जांजगीर-चाम्पा। विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और विधायक नारायण चंदेल व मस्तूरी विधायक डाॅ.कृष्णमूर्ति बांधी गुरुवार को सरगुजा संभाग के बलरामपुर में पिछले दिनों एक बीमार महिला को पुलिस नाके में जबरन रोके जाने के कारण उसे समय पर इलाज नहीं मिल पाया तथा असमय उसकी मृत्यु हो गई। इस गंभीर घटना की जांच के लिये भाजपा विधायक दल ने जांच समिति गठित की है। इस घटना की सम्पूर्ण  जानकारी की जांच करने के लिए विधायक चंदेल व विधायक बांधी गुरुवार को बलरामपुर पहुँचे। उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों से बातचीत की  और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा, सरगुजा भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी सहित अन्य नेता व अधिकारी उपस्थित थे।

07-08-2020
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक कोरोना पॉजिटिव, एम्स में होगा इलाज

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कौशिक ने सम्पर्क में आने वाले लोगों से जांच कराने की अपील की है। आज भाजपा विधायक दल की बैठक में स्वास्थ्य खराब होने के चलते वे शामिल नहीं हुए थे। बता दें कि इसके पूर्व प्रदेश के और भी राजनेताओं की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। धरमलाल कौशिक को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया जा रहा है।

 

29-07-2020
बृजमोहन ने भूपेश बघेल को लिखा पत्र, कहा-लगता है वन विभाग और अधिकारी आपको शायद अंधेरे में रखे हुए हैं

रायपुर। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े आदिवासी परिवारों के संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। बृजमोहन ने समय पर बीमा के नवीनीकरण न होने, दो सालों के बोनस का वितरण ना होने, दो सालों का लाभांश की राशि नहीं मिलने और  उनके बच्चों को दो सालों की  छात्रवृत्ति नहीं दिए जाने के संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में बृजमोहन ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता के कार्य से जुड़े भोले-भाले आदिवासी परिवारों के साथ पिछले 18 महीनों में व्यापक अत्याचार व आर्थिक शोषण हो रहा है। सरकार उनकी हक के चीजों पर लगातार या तो कटौती कर रही है या उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर रही है। शायद वन विभाग व वन विभाग से जुड़े संघों द्वारा आपको भी अंधेरे में रखकर आदिवासियों के शोषण में आपको बराबर का भागीदार बनाया जा रहा है। बृजमोहन ने तेंदुपत्ता संग्राहकों के हक की बात रखते हुए अंत में लिखा कि, मुख्यमंत्री जी आदिवासियों के साथ शोषण के इस ज्वलंत मुद्दे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। मुझे लगता है पूरे इस मामले में विभाग एवं विभागीय अधिकारी भी आपको शायद अंधेरे में रखे हुए हैं। वन विभाग की बीमा योजना भी एक ऐसे विभाग को सौंपा जा रहा है जिनकी खुद की अनेक योजनाएं बंद है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए एक नई बीमा योजना वन विभाग को बनाने की आवश्यकता है जिससे उन्हें पूर्व की भांति राशि व लाभ मिल सके। पुरानी व्यवस्था के साथ, वनोपज संघ के अधिकारियों की नई कल्पना या प्रस्ताव की समीक्षा करे व आदिवासी हितों में ठोस निर्णय लेकर आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहकों का पूर्व की भांति बीमा हो, तत्काल उनको दो साल का बचा बोनस व लाभांश मिले, उनके बच्चों को छात्रवृत्ति की राशि मिले यह सुनिश्चित करने का कष्ट करेंगे।
 

 

 

28-07-2020
बृजमोहन का आरोप, वन और श्रम विभाग के बीच पिस रहे आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहक, नहीं कोई संवैधानिक संरक्षण

रायपुर। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस सरकार पर प्रदेश के भोले-भाले आदिवासियों के साथ छल, कपट एवं अन्याय करने का आरोप लगाया है। बृजमोहन ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा में भाजपा सरकार में जहां उन्हें सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए और दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रुपए देने का प्रावधान था। उसमें कटौती कर वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार की श्रम विभाग की प्रस्तावित योजना अर्थात असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना में मृत्यु होने पर 1 लाख व दिव्यांग होने पर 50 हजार देने का प्रावधान है। यह सीधे-सीधे गरीब आदिवासियों के आर्थिक कमर तोड़ने वाला काम है। अग्रवाल ने राज्य सरकार द्वारा तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए श्रम विभाग द्वारा प्रस्तावित  किए जा रहे योजना को नाकाफी बताते हुए कहा कि श्रम विभाग की योजना असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना सहायता योजना है जबकि पूर्व शासन में जो बीमा होता था वह बीमा-सुरक्षा योजना है। सहायता योजना शासन के परिस्थितियों पर निर्भर है जबकि बीमा योजना विधि अधिनियम अनुसार संचालित है जिसमें बीमित को संवैधानिक संरक्षण है। उन्होंने प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि नवीनीकरण के चलते बीमा नहीं होने के कारण अभी तक घटित घटनाओं पर पीड़ित संग्राहकों का क्या होगा ? सरकार जवाब क्यों नहीं देती।

अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार बार-बार श्रम विभाग की असंठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना को लागू करने की बात कर रही है वह योजना पूर्व में भी वन विभाग की बीमा योजना के साथ ही साथ लागू था, और प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक जिन्होंने श्रम विभाग में भी पंजीयन कराया था, उसे इस योजना का वन विभाग की योजना के साथ ही लाभ मिल रहा था। अब अधिकारी वन विभाग, आदिवासियों तथा जनता के दबाव में अपने बचाव के लिए जो यह प्रस्तावित  योजना जो बता रहे है, उसमें जिन आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ता की मौत होगी उसे एक लाख रुपए देने का प्रावधान रखा गया है, दिव्यांग होने पर 50 हजार रुपए देने का प्रावधान रखा गया है। पहले भाजपा सरकार में तेंदूपत्ता संग्राहकों का जो बीमा था, उसमें आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहक की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए और दुर्घटना मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए देने का प्रावधान था, श्रम विभाग के माध्यम से जो आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ताओं को योजना के लिए सूची देने का निर्णय लिया गया है, उसमें एक षड्यंत्र के तहत साईकिल देने का भी प्रावधान रखा गया है।

अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के अधिकारी सरकार को गुमराह कर रहे हैं। बहुत जल्द 13 लाख तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ताओं को उनके बीमा कराने के लिए श्रम विभाग के माध्यम से प्रक्रिया प्रारंभ करने की बात कह रहे हैं, जबकि श्रम विभाग के पास पहले ही अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले असंगठित मजदूर लोगों का 12 लाख लोगों का बीमा करने की प्रक्रिया चालू है, और उसमें भी 1000 असंगठित मजदूरों की मृत्यु हो चुकी है, अभी हाल ही में श्रम विभाग की हुई एक बैठक में उन मृतक श्रमिकों का जो भुगतान शेष है, वह नहीं होने के कारण बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई थी। 12 लाख असंगठित मजदूरों के बीमा के लिए विभिन्न कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किया गया है। जो विचाराधीन है। श्रम विभाग तो अपना ही मूल कार्य नहीं कर पा रहा है। फिर इन आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहकों का क्या होगा?

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