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19-07-2020
लगातार बढ़ रही है नरेंद्र मोदी की सोशल साइट पर लोकप्रियता, छह करोड़ हुए ट्विटर पर फाॅलोअर्स

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता माइक्रो-ब्लागिंग साइट ट्विटर पर लगातार बढ़ती जा रही है और उनके फाॅलोअर्स की संख्या बढ़कर छह करोड़ पर पहुंच गई है। नरेंद्र मोदी जनवरी 2009 में ट्विटर से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री के ट्विटर हैंडल के अनुसार, उनके फाॅलोअर्स की संख्या छह करोड़ पर पहुंच गई है। सितंबर-19 में ट्विटर पर मोदी के फाॅलोअर्स की संख्या पांच करोड़ थी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ट्विटर पर दो करोड 16 लाख फाॅलोअर हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शाह मई 2013 में ट्विटर से जुड़े हैं। अप्रैल 2013 से ट्विटर पर सक्रिय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के एक करोड 78 लाख फाॅलोअर्स हैं। राहुल गांधी के ट्विटर फाॅलोअर्स एक करोड़ 52 लाख हैं। ट्विटर फाॅलोअर्स के लिहाज से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के 12.9 करोड़ फाॅलोअर हैं। सितंबर-19 में यह संख्या 10.8 करोड़ थी। ट्विटर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फाॅलोअर्स की संख्या में पिछले साल सितंबर के छह करोड़ 41 लाख की तुलना में यह बढ़कर 8.37 करोड पर पहुंच गई है। अमिताभ बच्चन के ट्विटर पर फाॅलोअर्स सितंबर-19 के तीन करोड़ 84 लाख से बढ़कर चार करोड 34 लाख हो गए हैं। 

 

 

22-06-2020
मुख्यमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता केंद्र सरकार को रास नहीं आ रही : वोरा

दुर्ग। दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य से एक भी जिले को शामिल न करने पर केंद्र सरकार पर कांग्रेस शासित राज्यों की जनता के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संकट से निबटने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेकर कुशल प्रबंधन से सर्वहारा वर्ग के लिए काम किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता और सरकार के जनहितैषी काम केंद्र को रास नहीं आ रहे हैं। इसी कारण राज्य की जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। वोरा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के निम्न आय वर्ग के लोगों के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है।

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य को किसी तरह का आर्थिक पैकेज नहीं दिया। जीएसटी से राज्य का हिस्सा समय पर जारी हो रहा है। बीपीएल परिवार पक्के मकानों की आस में अपना मकान तोड़ बैठे हैं। प्रधानमंत्री आवास की राशि भी केंद्र सरकार ने रोक दी है। छत्तीसगढ़  राज्य में कोरोना संकट के दौरान 5 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों की वापसी हुई है,जिनके सामने रोजगार का संकट है। राज्य सरकार अपने स्तर पर मनरेगा व खेती के लिए उत्साह का माहौल पैदा करते हुए लोगों को इस कठिन समय में भी रोजगार उपलब्ध करा रही है। अरुण वोरा ने कहा कि रोज कमाने रोज खाने वालों के लिए पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध कराना तात्कालिक आवश्यकता है। उन्होंने राज्य के भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि यह समय दलीय राजनीति करने का समय नहीं है। पूरे प्रदेश के भाजपा नेताओं को प्रधानमंत्री से राज्य के सभी जिलों को गरीब कल्याण योजना में शामिल करने व राज्य को आर्थिक पैकेज देने की मांग करना चाहिए।

 

11-11-2019
सुप्रीम कोर्ट के प्रकोप से बचने की कवायद : धरमलाल कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा स्मार्टफोन कॉल को अवैध रूप से टेप कराने के मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने के निर्णय को हास्यास्पद कवायद करार दिया है। उन्होंने  कहा कि मुख्यमंत्री बघेल शायद सुप्रीम कोर्ट से फोन टैपिंग मामले में शासन को मिली फटकार के बाद अपना दामन बचाने के लिए ऊल जुलूल हरकत कर रहे हैं। कौशिक ने कहा कि ऐसी अनावश्यक कवायदों से सीएम अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। कौशिक ने कहा कि प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए मिले जनादेश की अनदेखी कर तमाम गैरजरूरी मुद्दों में सीएम अपनी हाजिरी दे रहे हैं। यह तमाम कवायद सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के हास्यास्पद हथकंडे हैं। कौशिक ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री बघेल किस मुंह से नागरिक स्वतंत्रता के हनन पर क्षोभ जता रहे हैं? वस्तुत: मुख्यमंत्री बघेल को भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नाम का फोबिया हो गया है। उन्हें एक तरह का अज्ञात राजनीतिक भय हमेशा सताता है और वे इसके चलते हर बात को भाजपा के कार्यकाल से जोड़कर पार्टी को बदनाम करने की कोशिशें करते हैं। कौशिक ने कहा कि नागरिक स्वतंत्रता और निजता के हनन का कांग्रेस का काला इतिहास रहा है। हाल में सुको की टिप्पणी भी उसी इतिहास पर मुहर जैसा है। उन्होंने कहा कि बौखलायी कांग्रेस को हर सरकार और दल का वैसा ही चरित्र दिखता है। अपने नजरिए और सोच में व्यापक सुधार लाकर मुख्यमंत्री बघेल को इस तरह के हथकंडों से बचने की सलाह देते हुए नेता प्रतिपक्ष कौशिक  ने कहा कि जिम्मेदारपद पर बैठे मुख्यमंत्री को गैर जिम्मेदाराना व्यवहार और बयानों से बचना चाहिए।

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