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21-04-2020
छत्तीसगढ़ के किसानों को लॉक डाउन में 900 करोड़ रूपए का भुगतान, 22.48 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड जारी

रायपुर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गांव, गरीब और किसानों के विकास के लिए लगातार ठोस कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देशों के तहत लॉक डाउन की अवधि में कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत लॉक डाउन की अवधि में अब तक 900 करोड़ रूपए की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। इस अवधि में किसानों को राज्य शासन द्वारा खेती-किसानी के लिए आवश्यक छूट के साथ ही उनके उत्पाद के विक्रय की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मंत्री रविन्द्र चौबे मंगलवार को चिप्स कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पत्रकारों से चर्चा करते हुए उक्त बाते कहीं। इस दौरान खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, कृषि उत्पादन आयुक्त मनिंदरकौर द्विवेदी, खाद्य सचिव कमलप्रीत सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को रबी फसल बीमा की राशि का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के कबीरधाम, मुंगेली और बलरामपुर जिले के 2668 किसानों को 2 करोड़ 59 लाख रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। राज्य के अन्य जिलों के किसानों को भी रबी फसल की बीमा राशि का भुगतान शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने फूड ग्रेन से बायो एथेनॉल बनाने के लिए भारतीय खाद्य निगम को अनुमति दी है। इसको देखते हुए यह उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ राज्य को बायो एथेनॉल बनाने की अनुमति शीघ्र मिल जाएगी।
मंत्री चौबे ने कहा कि किसानों के हित के लिए राज्य में शुरू की गई राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 5300 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि का वितरण आगामी मई माह से राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले सभी किसानों को किया जाएगा। मंत्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में तरबूज,केला,पपीता के साथ ही सब्जी की भी खेती यहां के किसान करते हैं। मार्केटिंग की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण राज्य सरकार ने इसकी खरीदी केन्द्रीय एजेंसियों के माध्यम से करने का अनुरोध किया है ताकि किसानों को उनके बेहतर लाभ मिल सके। मंत्री चौबे ने बताया कि ग्रामीणों को वृहद पैमाने पर गांव में रोजगार देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा वाटर शेड मिशन के काम भी शुरू कराए गए हैं। इससे 25 लाख मानव दिवस का सृजन होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जल संसाधन विभाग के बंद पड़े निर्माणाधीन कार्याें को भी शुरू कराया गया है। विभाग के टेंडर वाले लगभग 250 करोड़ रूपए की लागत वाले निर्माण कार्य भी शुरू कराए जा रहे है ताकि लोगों को गांव में ही रोजगार मिल सके। बोधघाट परियोजना का काम भी तेजी से शुरू कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। खाद्य बीज का पर्याप्त मात्रा में भण्डारण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खरीफ विभिन्न फसलों के लिए 9.08 लाख क्विंटल बीज की मांग को देखते हुए राज्य के सभी जिलों में अब तक 1.70 लाख क्विंटल धान बीज तथा 755 क्विंटल सोयाबीन बीज का भण्डारण प्रक्रिया केन्द्र एवं समितियों में कराया गया है। इसी तरह राज्य में 5.8 लाख मीट्रिक टन खाद का भण्डारण किया गया है। मंत्री चौबे ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से यहां के पशुपालकों द्वारा उत्पादित दूध की खपत नहीं हो पा रही है। इसको देखते हुए इससे दूध पावडर बनाने की अनुमति देने का केन्द्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्वता से काम कर रही है। किसानों को लॉकडाउन की अवधि एवं आगामी खरीफ सीजन में खेती-किसानी के कामों में किसी भी तरह की दिक्कत न आए इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

21-04-2020
भूपेश बघेल ने नरेन्द्र मोदी से कुल 30 हजार करोड़ की मांगी मदद,आंशिक आर्थिक गतिविधियों को तत्काल छूट देने किया आग्रह  

 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदेश के लाखों जरुरतमंद परिवारों के लिए राहत और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन और सामान्य काम-काज के संचालन के लिए आगामी तीन माह में केन्द्र से कम से कम 30 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस राशि में से 10 हजार करोड़ रुपए तत्काल जारी करने का आग्रह किया है, ताकि उद्योग, व्यवसाय, सेवा क्षेत्र और कृषि क्षेत्र को आर्थिक सहायता दी जा सके।मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य में कोविड-19 के प्रसार की नियंत्रित स्थिति को देखते हुए राज्य को आंशिक राजस्व प्राप्ति से संबंधित आर्थिक गतिविधियों के संचालन की छूट तत्काल प्रदान करने का आग्रह किया है। बघेल ने पत्र में लिखा है कि मिठाई दुकानों के संचालन की छूट दी जाए, जिससे दुग्ध उत्पादक कृषकों का दूध बिकना संभव हो सके। उन्होंने लिखा है कि संपत्तियों के क्रय-विक्रय के पंजीयन की छूट सहित वाहनों के शो रूम का संचालन एवं पंजीयन, शहरों में निर्माण कार्यों के संचालन, ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए एयर कंडिशनर, कूलर एवं फ्रिज के शो रूम के संचालन, समस्त प्रकार के रिपेयरिंग कार्य और सभी ग्रीन जिलों में सभी प्रकार के रीटेल कार्य खोलना उचित होगा। राज्य शासन की ओर से सभी व्यक्तियों के मास्क पहनने, सोशल-फिजिकल डिस्टेसिंग को तय करने के लिए हर संभव प्रयत्न किए जाएंगे।मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि लॉक डाउन की लंबी अवधि के कारण राजस्व प्राप्ति लगभग शून्य हो गई है। वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में राज्य को केन्द्रीय करों में से प्राप्त होने वाली राशि में भी बड़ी कमी होना निश्चित है।

दूसरी ओर राज्य के 56 लाख गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों, जिनकी आय का कोई साधन नहीं बचा है, के जीवनयापन के लिए राज्य सरकार को अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता पड़ रही है। यदि उक्त गतिविधियों के संचालन की तत्काल अनुमति नहीं दी जाती, तो राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन संभव नहीं हो सकेगा। अनुरोध है कि राज्य की मांगों पर तत्काल स्वीकृति प्रदान करने का कष्ट करें।उन्होंने लिखा है कि कोविड-19 वायरस के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य में 21 मार्च से लॉक डाउन प्रभावी किया गया,किन्तु इसके कारण राज्य में सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियां भी लगभग ठप्प हो रही है। राज्य की आय के प्रमुख स्त्रोत खनन गतिविधियां, आबकारी, जीएसटी, संपत्तियों का पंजीयन, वाहनों का पंजीयन तथा वन सम्पदा इत्यादि है। भारत सरकार की ओर से 20 अप्रैल से 3 मई तक केवल अत्यावश्यक सेवाओं से संबंधित आर्थिक गतिविधियों के संचालन की अनुमति प्रदान की गई है,जिनसे राज्य के राजस्व प्राप्ति में कोई विशेष सहायता नहीं मिलेगी। यह निश्चित है कि देश में आर्थिक गतिविधियां सामान्य होने में लंबा समय लगेगा। ऐसे में राज्य के लिए विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का संचालन अत्यंत कठिन होगा।  मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया है कि राज्य में कोविड-19 के प्रकोप की स्थिति तुलनात्मक रूप से अन्य राज्यों से बेहतर है। 21 अप्रैल तक राज्य में कोविड-19 के 36 मरीज संक्रमित पाए गए थे, जिनमें से 25 व्यक्ति संक्रमण मुक्त होकर अपने घरों को जा चुके हैं और शेष 11 व्यक्तियों का उपचार जारी है। सभी की दशा सामान्य है। राज्य में प्रतिदिन लगभग 400 व्यक्तियों का टेस्ट किया जा रहा है। पिछले 5 दिनों में कोई भी नया व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित नहीं पाया गया है। राज्य के 28 जिलों में से 23 जिलों में अभी तक एक भी व्यक्ति संक्रमित नहीं पाया गया है, जबकि 4 जिलों जहां 8 संक्रमित मिले थे,वहां पिछले 3 सप्ताहों में कोई प्रकरण सामने नहीं आया है तथा एकमात्र जिले के 11 सक्रिय संक्रमितों का इलाज अभी जारी है।

01-04-2020
छत्तीसगढ़ सरकार को खनिज से मिला 6,165 करोड़ रुपए का राजस्व

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार को वित्तीय वर्ष 2019-20 में 6,165 करोड़ रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार को प्राप्त यह राजस्व निर्धारित लक्ष्य से 165 करोड़ रुपए अधिक है। यह खनिज राजस्व पिछले वित्तीय वर्ष में प्राप्त राजस्व से भी 55 करोड़ रुपए अधिक है। राज्य सरकार को पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 में 6,110 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में रायपुर जिले से 62 करोड़ 56 लाख 40 हजार रुपए, बलौदाबाजार जिले से 244 करोड़ 95 लाख 43 हजार रुपए, गरियाबंद जिले से 2 करोड़ 97 लाख 8 हजार रुपए, धमतरी जिले सेे 9 करोड़ 15 लाख 14 हजार रुपए, महासमुन्द जिले से 6 करोड़ 4 हजार रुपए, राजनांदगांव जिले से 22 करोड़ 36 लाख 28 हजार रुपए, कबीरधाम जिले से 15 करोड़ 90 लाख 81 हजार रुपए, दुर्ग जिले से 69 करोड़ 68 लाख 82 हजार रुपए, बालोद जिले से 303 करोड़ 20 लाख 80 हजार रुपए, बेमेतरा जिले से 11 करोड़ 70 लाख 79 हजार रुपए और बस्तर जिले से 13 करोड़ 74 लाख 30 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।

इसी तरह से नारायणपुर जिले से 44 लाख 69 हजार रुपए, सुकमा जिले से 60 लाख 43 हजार रुपए, कांकेर जिले से 108 करोड़ 98 लाख 48 हजार रुपए, कोण्डागांव जिले से एक करोड़ एक लाख 12 हजार रुपए, दंतेवाड़ा जिले से 2012 करोड़ 61 लाख 27 हजार रुपए, बीजापुर जिले से 78 लाख 90 हजार रुपए, बिलासपुर जिले से 33 करोड़ 38 लाख 50 हजार रुपए, मुंगेली जिले से 3 करोड़ 82 लाख 17 हजार रुपए, कोरबा जिले से 2010 करोड़ 60 लाख 81 हजार रुपए, जांजगीर-चांपा जिले से 44 करोड़ 33 लाख 13 हजार रुपए, रायगढ़ जिले से 495 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए, जशपुर जिले से 3 करोड़ 13 लाख 38 हजार रुपए, सरगुजा जिले से 323 करोड़ 20 लाख 12 हजार रुपए, बलरामपुर जिले से 68 करोड़ 71 लाख 13 हजार रुपए, सूरजपुर जिले से 58 करोड़ 15 लाख 64 हजार रुपए और कोरिया जिले से 137 करोड़ 77 लाख 40 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।

31-03-2020
महि​ला स्वसहायता समूहों को बिहान ने की 88.75 करोड़ की राशि जारी

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) द्वारा एक सप्ताह में ही आजीविका गतिविधियों, आपदा के समय आर्थिक मदद और विभिन्न सामुदायिक संवर्गों के मानदेय के भुगतान के लिए 88 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिन जिलों में स्वसहायता समूहों की महिलाएं काम कर रही हैं, उन जिलों को मार्च के अंतिम सप्ताह में यह राशि जारी की गई है। इस दौरान पांच हजार 984 समूहों को आठ करोड़ 98 लाख रूपए की चक्रीय निधि, चार हजार 146 समूहों को 24 करोड़ 87 लाख रूपए की सीआईएफ तथा 39 ग्राम संगठनों को 46 लाख आठ हजार रूपए आपदा कोष के लिए जारी किए गए हैं। इसके साथ ही राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में संलग्न विभिन्न सामुदायिक संवर्गों जैसे बैंकिंग सखी, कृषि सखी, सीआरपी, पशु सखी, बैंक मित्र, एफएलसीआरपी इत्यादि के मानदेय के लिए भी बड़ी राशि जारी की गई है।
बिहान’ द्वारा प्रदेश की महिला स्वसहायता समूहों को पिछले एक सप्ताह में जारी 88 करोड़ 75 लाख रूपए को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान विभिन्न गतिविधियों के लिए कुल 254 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में अब तक 22 हजार 80 समूहों को 33 करोड़ 12 लाख रुपए की चक्रीय निधि, दस हजार 774 समूहों को 64 करोड़ 64 लाख रुपए की सामुदायिक निवेश निधि तथा 253 ग्राम संगठनों को करीब 03 करोड़ 04 लाख रुपए की राशि आपदा कोष के रूप में उपलब्ध कराई गई है। ऑनलाइन एमआईएस के माध्यम से स्वसहायता समूहों को ये राशि जारी की गई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वसहायता समूहों की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों और आपदा में आर्थिक मदद के लिए अलग-अलग तरह की धन राशि उपलब्ध कराई जाती है। तीन माह पुराने समूह को चक्रीय निधि के रूप में, छह माह पुराने समूह को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में और ग्राम संगठनों को आपदा कोष के तौर पर यह राशि दी जाती है। समूह की महिलाएं अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और आय अर्जक गतिविधियों के लिए इस राशि का उपयोग करती हैं।

31-03-2020
लॉक डाउन के बीच ग्रामीण मजदूरों को बड़ी राहत, मनरेगा श्रमिकों के लिए सरकार ने जारी किए 30.66 करोड़ 

रायपुर। कोविड-19 के नियंत्रण एवं रोकथाम के मद्देनजर लाक-डाउन के बीच राज्य सरकार ने ग्रामीण मजदूरों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मंगलवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के श्रमिकों के मजदूरी भुगतान के लिए 30 करोड़ 66 लाख 90 हजार रुपए जारी किए हैं। मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों से अधिक का रोजगार हासिल करने वाले श्रमिकों को उनके अतिरिक्त कार्य दिवसों की मजदूरी का भुगतान इस राशि से किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 50 अतिरिक्त दिनों की मजदूरी के भुगतान के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा यह राशि जारी की गई है। 
उल्लेखनीय है कि मनरेगा के तहत पंजीकृत श्रमिक परिवारों को भारत सरकार द्वारा 100 दिनों का रोजगार दिया जाता है। इसके बाद अतिरिक्त 50 दिनों का रोजगार राज्य सरकार द्वारा अपने बजट से दिया जाता है। विभाग द्वारा राशि जारी किए जाने के बाद अब 50 अतिरिक्त दिनों का रोजगार पाने वाले ग्रामीण परिवारों की मजदूरी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो जाएगी।

25-03-2020
कोरोना संकट: अमरजीत भगत ने रामविलास पासवान से खाद्यान वितरण के लिए 2200 करोड़ रुपये की सब्सिडी मांगी

रायपुर। देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन को देखते हुए प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बेहतर संचालन के लिए और सब्सिडी देने की मांग की है। बता दें कि मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान को पत्र प्रेषित कर कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के खाद्य एवं पोषण सुरक्षा एक्ट 2013 के तहत सभी राशन कार्डधारियों को अग्रिम तीन माह का चावल निशुल्क वितरण किए जाने की पहल होनी चाहिए। उन्होंने 10 रूपए किलो प्रति व्यक्ति चावल के हिसाब से राज्य सरकार को 2121 करोड रुपए की सब्सिडी देने की मांग की है। मंत्री भगत ने पत्र में लिखा है कि समस्त राशन कार्ड धारियों को मुफ्त में दो किलो नमक तीन माह के लिए प्रदान करने के लिए राज्य सरकार को 22.36 करोड़ तथा सभी राशन कार्ड धारियों को नि:शुल्क एक किलो शक्कर तीन माह के लिए प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के लिए 63 करोड़ सब्सिडी की आवश्यकता महसूस कर राहत दिए जाने की मांग की है। लॉकडाउन का सीधा असर आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है, जिससे निम्न और मध्यम आय वाले परिवार प्रभावित होते हैं। सरकार की इच्छा है कि इस संकट के दौर में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे खाद्य सामग्री की कमी का डर लोगों के मन से दूर हो सके। आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण ना केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आने वाले परिवारों को बल्कि सामान्य जनता को भी दिया जाना चाहिए।

कोरोना वायरस के नकारात्मक प्रभाव में सुधार के लिए राज्य सरकार को आवश्यक सहायता की जरूरत है। विशेषकर चावल,दाल,शक्कर,नमक के लिए जनता को पीडीएस के माध्यम से सहायता दी जानी चाहिए। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के प्रबंधन के तहत राहत देने के लिए अंत्योदय, प्राथमिकता, निशक्तजन, एकल, निराश्रित एवं अेपूर्णा श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को अप्रैल तथा मई 2020 का चावल एक मुश्त वितरण करने का निर्णय लिया गया है। निर्णय के तहत चावल निशुल्क वितरण किया जाएगा।

30-08-2019
सिंचाई सुविधाओं के लिए 22 करोड़ तीन लाख स्वीकृत

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा प्रदेश में 10 सिंचाई सुविधाओं के लिए 22 करोड़ तीन लाख एक हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सिंचाई विस्तार के लिए स्वीकृत कार्यों में नहर मरम्मत और लाइनिंग विस्तार आदि कार्य शामिल हैं। जानकारी के अनुसार बेमेतरा जिले के  मरजातपुर तालाब, बंडपार नहर मरम्मत एवं लाइनिंग कार्य के लिए 298.33 लाख, दुर्ग जिले के विकासखण्ड पाटन की तांदुला परियोजना अंतर्गत तांदुला नहर प्रणाली के पतोरा माइनर का जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य हेतु 281.85 लाख, दुर्ग जिले के सिकोला व्यवपर्तन योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर प्रणाली लाइनिंग कार्य के लिए 141.02 लाख, दुर्ग जिले के तिरगा एनीकट की अपस्ट्रीम डाउनस्ट्रीम तटों पर पीचिंग कार्य हेतु 228.05 लाख, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड-सिमगा की चंदेरी व्यवपर्तन योजना के शीर्ष एवं नहरों के जीर्णोद्धार तथा नहर लाइनिंग कार्य हेतु 216.48 लाख, राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड-राजनांदगांव की भोथीपार जलाशय जीर्णोद्धार कार्य हेतु 121.17 लाख, विकासखण्ड-डोंगरगढ़ की मनकी जलाशय के 7 शाखा नहर की लाइनिंग कार्य हेतु 287.91 लाख, रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग एवं तिल्दा की महानदी मुख्य नहर के शाखा क्रमांक-27 एवं 28 नम्बर माइनर का रिमाडलिंग एवं लाइनिंग कार्य हेतु 299.48 लाख, गरियाबंद जिले के विकासखण्ड देवभोग की धूपकोट जलाशय मुख्य नहर का जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग तथा रिमाडलिंग कार्य हेतु 299.96 लाख, कबीरधाम जिले के विकासखण्ड-सहसपुर लोहारा की कर्रानाला बैराज के अमलीडीह डिस्ट्रीब्यूट्री से वीरान-नवागांव-कोयलारीखार माइनर नहर निर्माण कार्य हेतु 28.76 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। 

 

08-08-2019
कोरबा जोन के 3 वार्डो को मिली 3 करोड़ 21 लाख के विकास कार्यो की सौगात

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा गुरुवार को कोरबा जोन के वार्ड क्र. 11, 10 एवं 8 में 3 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत वाले 11 विकास कार्यो की सौगात दी गई हैं। महापौर रेणु अग्रवाल ने विभिन्न वार्डो में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान इन सभी कार्याे का भूमिपूजन किया, कार्य प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा कार्य के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश प्रदान किए। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र.11 नई बस्ती में 29 लाख 73 हजार रूपये की लागत से सामुदायिक सेंटर का विकास कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार वार्ड क्र. 11 कोरबा शहर में केनाल रोड पर 31 लाख 40 हजार रूपये की लागत से गार्डन का निर्माण कार्य, वार्ड क्र. 11 में 27 लाख 92 हजार रूपये की लागत से सुनालिया चैक से सुनालिया फाटक तक आरसीसी नाली निर्माण एवं इंटर लाकिंग ब्लाक का निर्माण, वार्ड क्र. 11 में ही 29 लाख 6 हजार रूपये की लागत से लक्ष्मणबन मोहल्ला से महावीर नगर तक आरसीसी नाला का कवरिंग कार्य किया जाना हैं। इसी प्रकार वार्ड क्र.10 सीतामणी अंतर्गत वैष्णो दरबार में 62 लाख 74 हजार रूपये की लागत से सीसी रोड का निर्माण, वार्ड क्र.10 सीतामणी अंतर्गत संजय नगर में 40 लाख 93 हजार रूपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण, वार्ड क्र. 10 सीतामणी अंतर्गत संजय नगर में शेड पर 4 लाख रूपये की लागत से टाइल्स एवं गेट का निर्माण, वार्ड क्र.10 सीतामणी में आदर्श स्कूल के पास 3 लाख रूपये की लागत से शेड का निर्माण तथा वार्ड क्र. 10 में ही सीतामणी में शनिमंदिर चैक के पास 03 लाख 89 हजार रूपये की लागत से इंटर लाकिंग का कार्य कराया जाना हैं। निगम द्वारा कोरबा चांपा मार्ग पर स्थित गौमाता चैक के पास 49 लाख 89 हजार रूपये की लागत से आरसीसी नाली एवं सीसी रोड का निर्माण किए जाने के साथ ही वार्ड क्र. 08 इमलीडुग्गू चैक के पास 38 लाख 02 हजार रूपये की लागत से पार्किंग क्षेत्र, फुटपाथ एवं लैण्डस्केपिंग का विकास कार्य किया जाना हैं, आज महापौर रेणु अग्रवाल ने इन सभी विकास कार्यो का विधिवत भूमिपूजन किया। 

आमजन की समस्या मेरी अपनी समस्या- भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान दिए गए अपने उद्बोधन में महापौर रेणु अग्रवाल ने कहा कि आमजनता की समस्याओं को मैं खुद अपनी समस्याएं मानती हूूॅं तथा उन समस्याओं के निराकरण के लिए पूर्ण प्रयास करती हूॅं। उन्होने कहा कि निगम क्षेत्र की जनता ने जिस आशा व विश्वास के साथ मुझे चुना था, मेरा निरंतर प्रयास रहता है कि मैं उनकी उम्मीदों के अनुरूप ही कार्य करूं, उनकी समस्याओं का तुंरत निराकरण हों, उनकी विकास संबंधी आवश्यकताओं की त्वरित रूप से पूर्ति हो, इसी मुख्य उद्देश्य के साथ विगत साढे़ 4 वर्षो के दौरान क्षेत्र के सभी वार्डो में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए गए हैं, मैं विश्वास दिलाती हूॅं कि आगे भी विकास की यह गति जारी रहेगी। 

 

 

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