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16-09-2020
Video: सुपोषण अभियान को कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जांजगीर चांपा। जिला कलेक्टर यशवंत कुमार सिंह ने बुधवार को सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना किया। दो सुपोषण रथ पूरे जांजगीर-चांपा जिले के 9 ब्लॉकों से होते हुए लोगों को सुपोषण के बारे में संदेश देंगे। सुपोषण अभियान के तहत लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने के लिए बताया जाएगा एवं बाल विवाह पर रोकथाम के लिए जानकारी दी जाएगी एवं बालविवाह को किस प्रकार से रोका जाएगा उसके लिए भी जानकारी दी जाएगी।कलेक्टर यशवंत कुमार बताया की यह सुपोषण अभियान का जरूरत है इसका उद्देश्य लोगों को सुपोषण के बारे में जानकारी एवं उसके उद्देश्यों को लोगों से अवगत कराने एवं बाल विवाह रोकथाम एवं उसके बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। 

 

10-08-2020
बालक की आयु 21 वर्ष से कम होने पर बाल विवाह रोका गया

जांजगीर-चांपा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में बाल विवाह संबंधी सूचना मिलने पर तत्काल विवाह रोकने की कार्यवाई की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल ने टीम तैयार कर पुलिस विभाग से समन्वय करते हुए भातमाहुल में बालक के घर जाकर उसके अंकसूची की जांच की। प्रमाण पत्र के आनुसार बालक की उम्र 20 वर्ष होना पाया गया। विभाग के अधिकारी कर्मचारी द्वारा बालक तथा बालक के माता-पिता एवं स्थानीय लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया एवं समझाईश दी गई। स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बालिका के माता-पिता की सहमति से बालिका का विवाह रोका गया। कार्यवाही में तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण जैजैपुर मंजु लता सिंह, पर्यवेक्षक जैजैपुर अशोक बाई शामिल थे।

13-07-2020
बाल विवाह रोका कोंडागांव की चाइल्ड लाइन की टीम ने,परिजनों को दुष्परिणाम बताये

रायपुर /कोण्डागांव। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और चाइल्ड लाइन की संयुक्त दल की ओर से जिले में हो रही बाल विवाह की जानकारी मिलते ही तत्काल विवाह को रोका गया। जिले की महिला बाल विकास विभाग की बाल संरक्षण इकाई को बाल विवाह के ग्राम बड़ेकनेरा में किये जाने की सूचना प्राप्त होते ही कलेक्टर के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में विभाग से संयुक्त दल का गठन कर बड़ेकनेरा पहुंचे। ग्राम पहुंचने पर पाया की बड़ेकनेरा थाना अंतर्गत निवासी नाबालिग बालक अजय(परिवर्तित नाम) उम्र 16 वर्ष 6 माह एवं बालिग बालिका चैती(परिवर्तित नाम) उम्र 20 वर्ष के मध्य विवाह परिजनों के द्वारा कराया जा रहा था। गठित दल की ओर से दस्तावेजों के परिक्षण और पूछताछ में पाया गया की विवाह में वधू की उम्र विवाह के योग्य है जबकि वर की उम्र विवाह के योग्य नहीं पायी गई। पूछताछ में यह भी पाया गया कि बालिका विगत तीन महिनो से स्वेच्छा से लड़के के परिजनों घर में साथ में निवास कर रही थी। दल ने विवाह में दोनों पक्षों के सदस्यों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामो के संदर्भ में अवगत कराया गया साथ ही बालिका और बालक के परिजनों से शपथ पत्र भी भराया गया की वे बच्चों का विवाह निर्धारित आयु कि पूर्ण होने तक उनका विवाह नहीं करेगे। इसके साथ ही इस कार्यवाही का पंचनामा ग्रामीणों की उपस्थिति में तैयार किया गया।

 

10-07-2020
 नाबालिग बची वधु बनने से, महिला एवं बाल विकास की टीम ने रुकवाया बाल विवाह

कोरबा। प्रशासन की सजगता से उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तिलकेजा में एक किशोरी बालिका वधु बनने से बच गई। 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका का विवाह गांव में होना था। किसी ने चाइइल्ड लाइन को सूचना दे दी। सूचना के बाद प्रशासन की टीम मौके पर तत्काल पहुंची,जहां किशोरी को हल्दी लग चुकी थी। अगले दिन बारात आनी थी लेकिन प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद नाबालिग का विवाह रुकवा दिया गया। जांच के दौरान पाया गया,कि किशोरी की उम्र 18 साल से कम है। प्रशासन की समझाइश के बाद बालिका के परिजनों ने विवाह को स्थगित कर दिया।

29-06-2020
लॉक डाउन में रोके गए 83 नाबालिग बच्चों के विवाह, बलौदाबाजार से सबसे अधिक मामले

रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लॉक डाउन के दौरान सक्रियता से कार्य करते हुए विगत दो माह में प्रदेश के 83 नाबालिग बालक-बालिकाओं को कम उम्र में विवाह से बचाया है। इसमें सर्वाधिक 41 मामले बलौदाबाजार जिले से हैं। इसी तरह विगत वित्तीय वर्ष 2019-20 में विभाग ने 386 बाल विवाह रोकने में सफलता हासिल की है। इस टीम में विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस सहित चाइल्ड लाइन के कर्मचारी शामिल रहते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक व्यक्तियों की भी मदद ली जाती है।विगत वित्तीय वर्ष में बालोद जिले में 3,बलौदाबाजार में 22,बलरामपुर में 12,बस्तर में 3 बेमेतरा, दंतेवाड़ा और दुर्ग में एक-एक ,बिलासपुर में 26, धमतरी में 7, गरियाबंद में 16, जांजगीर-चांपा में 35,जशपुर और कवर्धा में 9,कांकेर में 5,कोण्डागांव में 4,कोरबा में 31,कोरिया में 33,महासमुंद में 2,मुंगेली में 11,रायगढ़ में 6,रायपुर में 15,राजनांदगांव में 25,सूरजपुर में 55 और सरगुजा में 54 बाल विवाह के मामले सामने आए। ज्ञात हो कि बाल विवाह एक अपराध है। इससे बच्चों के अच्छा स्वाथ्य, पोषण व शिक्षा पाने और हिंसा, उत्पीड़न व शोषण से बचाव के मूलभूत अधिकारों का हनन होता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित उम्र से कम होने की स्थिति में विवाह करने पर पुलिस विभाग की ओर से अपराध पंजीबद्ध किया जाता है। विवाह कराने वाले माता-पिता, विवाह में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदार और विवाह कराने वाले पंडित के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाती है। अधिनियम के तहत 2 वर्ष का कठोर सश्रम कारावास और 1 लाख रुपए के जुर्माने या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है। अधिनियम में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया गया है। बाल विवाह की सूचना अनुविभागीय दंडाधिकारी, पुलिस थाने में, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरपंच,कोटवार या महिला एवं बाल विकास विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी कर्मचारियों को दी जा सकती है।

 

15-06-2020
Video: बाल विवाह रुकवा कर प्रशासन ने बेरंग लौटाई बारात

गरियाबंद। छुरा पुलिस, चाइल्ड लाइन और जिला बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने छुरा ब्लाक के ग्राम पंचायत पिपरहट्टा के देवगांव में बाल विवाह हो रोकने में सफलता हासिल की है। रविवार को विवाह की सारी तैयारियां हो चुकी थी। बारात पहुंच चुकी थी जिसे इस टीम ने युवती की उम्र कम पाए जाने के बाद बरात को बिना विवाह के वापस धमतरी मगरलोड भेज दिया। जानकारी के मुताबिक ग्राम देवगांव की नाबालिगयुवती का विवाह धमतरी जिले के मगरलोड थाना एक युवक के साथ तय था। इस दौरान शादी को लेकर तमाम तैयारिया पूरी हो चुकी थी।

रविवार दोपहर बारात पक्ष भी गांव पहुच चुका था। लेकिन शादी का कार्यक्रम विधिवत शुरू होता इसके पहले ही मुखबिर की सूचना पर महिला बाल विकास अधिकारी जगरानी एक्का के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी, फणींद्र जयसवाल संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत कुलेश्वर साहू चाइल्डलाइन मेंबर पर पुलिस, चाइल्ड लाइन और जिला बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँच गई। थाना प्रभारी राजेश जगत और चाइल्ड लाइन के काउंसलर तुलेश्वर साहू और जिला बाल संरक्षण इकाई के फरनिंद्रा जयसवाल व बलीराम ने दोनों पक्षों को समझाईश देते हुए बाल विवाह रूकवाया और बाराती पक्ष को वापस धमतरी रवाना किया।

इसके पहले उन्होंने दोनों पक्षों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार का कृत्य कानून अपराध है। 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही युवती तथा 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही युवक का विवाह किया जा सकता है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी ने बताया कि बालिका की उम्र 17 वर्ष एक माह पाई गई है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा बनाकर बाल विवाह रोका गया। ग्रामीणों को समझाईश दी कि बाल विवाह का आयोजन ना करें, ऐसी सूचना पर तत्काल पुलिस व चाइल्ड लाइन को 1098 नंबर पर सुचित करे।

06-05-2020
लॉक डाउन में लोग शादी नहीं कर रहे हैं और ये बाल विवाह करने चले थे, बारात से पहले पहुंची टीम...

धमतरी। लॉक डाउन में शादी के लिए भी जिला प्रशासन से परमिशन की जरूरत पड़ रही है। लेकिन कुरूद के एक गांव में चोरी छिपे बाल विवाह कराने की तैयारी कर ली गयी थी, इसके पहले की बारात पहुंचती, टीम ने पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया। जिला बाल संरक्षण इकाई को 6 मई सूचना मिली कि कुरूद विकासखंड के एक ग्राम में एक नाबालिक लड़की की शादी गुपचुप रूप से तय कर दी गई है। बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक ने थाना कुरूद टीआई को फोन से सूचित किया। पुलिस विभाग, महिला बाल विकास एवं चाइल्ड लाइन टीम सहित लड़की के गांव में दबिश दी। जहां कि आज बारात आने वाला था। परिजनों को समझाइश दिया गया कि बाल विवाह करना कानूनन अपराध है। तब परिजनों ने बालिका का विवाह बालिग होने तक स्थगित कर दिया। बालिका की उम्र 17 वर्ष 7 माह है, अब 5 माह बाद शादी किया जाएगा।  इस संबंध में उनके द्वारा वचन पत्र एवं घोषणा पत्र लिख कर दिया गया।  

 

21-03-2020
चाइल्ड पॉर्नोग्राफी की सबसे ज्यादा शिकायते आई दिल्ली और उत्तर प्रदेश से : स्मृति ईरानी

नई दिल्ली। चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के मामलों में सबसे अधिक शिकायतें यूपी और दिल्ली में आई हैं। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते चार वर्षों में राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा आयोग के पास चाइल्ड पॉर्नोग्राफी की कुल 56 शिकायतें आई हैं जिनमें 17 यूपी और 10 दिल्ली से थीं। ईरानी द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 और 2017-18 में सात मामले दर्ज किए गए थे। वहीं 2018-19 में 23 और 2019-20 में 19 मामले दर्ज हुए थे। स्मृति ने बताया, आयोग ने इसके अलावा 31 वेबसाइट्स चिह्नित की जिन पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़ी सामग्री परोसी जा रही थी। आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए गृहमंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल में 31 मामले भी दर्ज कराए।

2018 में हुए 501 बाल विवाह

स्मृति ईरानी ने एक दूसरे सवाल के जवाब में सदन को बताया कि 2018 में देशभर में 501 बाल विवाह के मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 20-24 वर्ष आयुवर्ग की ऐसी महिलाएं जिनका विवाह 18 की आयु से पहले हुआ था की संख्या में गिरावट आई है। 2005-06 में जहां इनकी संख्या 47.4 फीसदी थी 2015-16 में यह घटकर 26.8 फीसदी हो गई।

14-03-2020
VIDEO: महिला एवं बाल विकास विभाग की सजगता से रुका दो नाबालिगों का बाल विवाह

जांजगीर-चांपा। डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम डोभनपुर व कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम जोबी में नाबालिग लड़की की विवाह का मामला सामने आया है। वहीं नाबालिग की शादी होने कि सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को मिलने के बाद मौके पर पहुंच विभाग के अधिकारियों टीम व पुलिस टीम ने शादी को समझाइस देकर रुकवाया गया। वहीं दोनों नाबालिग के परिजनों को भी बाल विवाह न करने की सलाह दी गयी है।

 

05-03-2020
महिला एवं बाल विकास विभाग ने रोकी नाबालिग की सगाई

कवर्धा। विवाह का मुहूर्त आते ही बाल विवाह भी शुरू हो जाता है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल विवाह रोकने कमर कस ली है। बाल संरक्षण अधिकारी सत्य नारायण राठौर ने बताया कि विवाह के अधिक मुहूर्त आते ही बाल विवाह शुरू हो जाता है। झलमला थाना अंतर्गत सोरू ग्राम में एक 14 वर्ष से कम उम्र की बालिका व 21 वर्ष से कम के लड़के की सगाई परिजनों द्वारा की जा रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुचकर पालकों को समझाइश देकर सगाई रुकवाई गई। इस जिले में करीब 12 बाल विवाह विभाग ने रुकवाएं है। ये वो शादी थी जो विभाग को पता चला इस लिए विभाग ने बाल विवाह को रुकवा दिया। जबकि कई बाल विवाह हो भी जाते है जिसकी जानकारी ही नही मिल पाती है। बाल संरक्षण अधिकारी सत्यनारायण राठौर ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए टीम बनी हुई है। कल वनांचल ग्राम सोरू में एक बाल विवाह के पहले हो रही सगाई को रुकवाया है। 

25-02-2020
बाल संरक्षण समिति के सशक्तिकरण के लिए हुई बैठक

बीजापुर। जिले में बाल संरक्षण तंत्र के प्रभावी क्रियान्वयन के जिले के सभी ग्राम पंचायतो में जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर गठित ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति की बैठक के सशक्तिकरण के लिए बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में 25 फरवरी को ग्राम पंचायत चेरकडोडी में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बाल संरक्षण समिति के उपस्थित सदस्य सरपंच,पंच,सचिव,स्कूल के शिक्षक,ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता,समूह के सदस्य,स्कूल के 5 बच्चे उपस्थित रहे। उन्हें बाल अधिकार और संरक्षण तंत्र की जानकारी,जिसमें किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, किशोर न्याय बोर्ड व बालक कल्याण समिति की भूमिका,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का उददेश्य,किशोर-किशोर सशक्तिकरण अंतर्गत बाल विवाह की हानियां,बाल विवाह के रोकथाम के उपाय, किशोरियों के पोषण एवं स्वच्छता से संबंधित मुददे एवं समाधान, बच्चों के अनैतिक व्यापार अधिनियम, ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित पलायन पंजी, ग्राम पंचायत स्तर पर शाला त्यागी बालक बालिकाओं को स्कूल से जोड़े जाने पर एवं गोद लेने की वैधानिक प्रक्रिया, दत्तक ग्रहण नियम 2017, बाल श्रम अधिनियम पर चर्चा कर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जिला बाल संरक्षण इकाई से सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार निषाद,सत्या लाटकर और ब्लॉक मोबीलाइजर बालकृष्ण करकू उपस्थित रहे।

 

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