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07-03-2021
जम्मू में अवैध रूप से रह रहे 168 रोहिंग्याओं को भेजा गया जेल

जम्मू। जम्मू में अवैध रूप से रह रहे 168 रोहिंग्याओं को जेल भेज दिया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने एक अभियान चलाकर यहां रह रहे रोहिंग्याओं के बायोमीट्रिक और अन्य विवरण एकत्र किए थे। आधिकारिक दस्तावेज के बिना शहर में रह रहे विदेशियों की पहचान करने के लिए यह अभियान चलाया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कम से कम 168 अवैध प्रवासी रोहिंग्याओं को हीरानगर जेल भेजा गया है।” उन्होंने कहा कि म्यांमा से आए रोहिंग्या मुस्लिमों के सत्यापन की प्रकिया, यहां एमएएम स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच की गई। उन्होंने बताया कि विदेशियों का सत्यापन करने की प्रक्रिया जारी है। सरकारी आकंड़ों के मुताबिक रोहिंग्या मुस्लिमों और बांग्लादेशी नागरिकों समेत 13,700 विदेशी जम्मू और सांबा जिलों में रह रहे हैं जहां 2008 से 2016 के बीच इनकी जनसंख्या में छह हजार से अधिक की वृद्धि हुई।

 

04-03-2021
माफिया मुख्तार अंसारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

नईदिल्ली/रायपुर। जेल की सलाखों के पीछे सजा काट रहे माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को लेकर पंजाब और उत्तर प्रदेश सरकार में तनातनी के बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। इस मसले पर आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। माफिया मुख्तार अंसारी इन दिनों पंजाब की जेल में बंद है, जिसे यूपी सरकार राज्य में वापस लाना चाहती है। कई बार के नोटिस के बाद भी पंजाब सरकार की ओर से मुख्तार अंसारी को नहीं भेजा गया। इस मामले में यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। इसके अलावा मुख्तार अंसारी ने भी यूपी में दर्ज केसों को ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है। फिलहाल मामले में सुनवाई पूरी हो गई है और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

 

 

03-03-2021
शशिकला ने राजनीति को कहा अलविदा, हाल में ही हुईं थीं जेल से रिहा

चेन्नई। तमिलनाडु में अगले महीने विधानसभा के चुनाव हैं। इस बीच बुधवार को राज्य के राजनीतिक गलियारों में तब खलबली मच गई, जब वीके शशिकला ने अचानक राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया। वो हाल ही में जेल से रिहा हुई थीं। उनको पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता का सबसे करीबी माना जाता था। उनकी रिहाई के बाद से चुनाव लड़ने की खबरें आ रही थीं, लेकिन अब उनके संन्यास ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। संन्यास के बाद शशिकला ने एक बयान जारी कर कहा कि उनको कभी भी सत्ता या पद की लालसा नहीं थी। वो हमेशा लोगों की भलाई के लिए काम करती रहेंगी। इसके अलावा अम्मा (जयललिता) के दिखाए मार्ग पर चलेंगी।

उन्होंने एआईएडीएमके कार्यकर्ताओं से भी खास अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी को आगामी तमिलनाडु चुनाव में एकजुट रहना है। साथ ही ये सुनिश्चित करना है कि राज्य में एमजीआर का शासन जारी रहे। अपने बयान में उन्होंने जयललिता की भी बातों का जिक्र किया। शशिकला के मुताबिक अम्मा कहा करती थीं कि डीएमके दुष्ट शक्तियों से बनी हुई है। अब अम्मा तो नहीं हैं, लेकिन उनके कार्यकर्ताओं को डीएमके को हराने के लिए काम करना चाहिए, ताकि फिर से पार्टी का सुनहरा शासन आए। उन्होंने कहा कि मैं राजनीति से तो दूर रहूंगी लेकिन मेरी ये कामना है कि फिर से अम्मा जैसा स्वर्णिम शासन राज्य में आए। 

 

28-02-2021
न्यायालय के आदेश पर दुष्कर्म के आरोपी ने पीड़िता से जेल में की शादी

कांकेर। दुष्कर्म के आरोप में सजयाप्ता ने पीड़िता से रीति रिवाज के साथ जेल में शादी की। कांकेर कोतवाली थानाक्षेत्र में दुष्कर्म के मामले में 2 नवंबर 2020 को 24 वर्षीय अभियुक्त 376 के मामले में जेल दाखिल हुआ था। अभियुक्त पर उसी के गांव की 22 वर्षीय युवती से शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने का आरोप था। पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कर आरोपी युवक के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। यहां विचारण के दौरान न्यायालय ने पीड़िता से विवाद करने का आदेश अभियुक्त को दिया। इसके बाद जेल प्रबंधन की ओर से शादी की तैयारी की गई। कोर्ट के आदेश के अनुसार शादी का खर्च दोनों परिवारों की आपसी रजामंदी से करवाया गया। जिला जेल के अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर जेल में दोनों की शादी हुई है। इससे सजायाप्ता को जेल से बेल मिल गई तो वहीं दुष्कर्म की पीड़िता को भी न्याय मिल गया व वह शादी के बंधन में बंध गई।

 

26-02-2021
नहीं किया कोरोना नियमोें का पालन, सिंगापुर में भारतीय महिला और पति को हुई जेल

नई दिल्ली। कोविड-19 सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने के आरोप में सिंगापुर में भारतीय मूल की एक महिला और उसके ब्रितानी पति को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
स्ट्रेट टाइम्स की खबर के अनुसार, अगाथा मागेश इयामलई को एक सप्ताह कैद की सजा सुनाई गई है, जबकि उसके ब्रितानी पति निजेल स्की को दो सप्ताह कैद की सजा सुनाई गई है और एक हजार सिंगापुरी डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में एक होटल में पृथक-वास के कड़े नियमों का उल्लंघन किया। भारतीय मूल की जिला न्यायाधीश जसविदंर कौर ने उन्हें जेल भेजने का आदेश देते हुए कहा कि महामारी को रोकने के लिए प्रतिबंध जरूरी हैं। आरोपी पति-पत्नी ने इस महीने के शुरू में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।

 

26-02-2021
केंद्रीय जेल में मिले 17 मोबाइल और 18 सिम

जोधपुर। केंद्रीय कारागार में विचाराधीन कैदियों से 17 मोबाइल फोन और 18 सिम कार्ड और तीन चार्जर जब्त किए गए। जेल अधिकारियों के चलाए गए अभियान में यह कार्रवाई की गई। इतनी बड़ी मात्रा में जेल में मोबाइल और सिम मिलने पर राजस्थान के कारागार महानिदेशक राजीव दासोत ने मामला की जांच करने को कहा है।

 

20-02-2021
बस्तर के जेलों में बंद दो सौ आदिवासियों की हुई रिहाई : सुंदरराज पी.

रायपुर/जगदलपुर। बस्तर के जेलों में सालों से बंद दो सौ आदिवासियों की रिहाई हो गई है यह रिहाई राज्य सरकार की पहल के बाद हुई है। राज्य सरकार ने बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में रहने वाले आदिवािसयों के खिलाफ बनाये गये आबकारी एक्ट और इसी तरह के मामलों की समीक्षा की गई थी। इस समीक्षा के बाद दो सौ मामलों में राज्य सरकार ने इन मामलों को वापस लेने की सहमति दी है, इसके बाद जेलों में बंद आदिवासियों को रिहा कर दिया गया है।  जिन लोगों को जेलों से रिहा किया गया है उनमें से कई ऐसे लोग भी थे जो अपने घर पर आयोजित होने वाले अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए पांच लीटर से ज्यादा शराब लेकर जा रहे थे, और पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था। दरअसल आबकारी एक्ट के तहत पांच लीटर से ज्यादा शराब किसी भी व्यक्ति के पास पाये जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की अनिवार्यता है,भले ही वह शराब बिक्री के लिए नहीं ले जा रहा हो। जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई की यह पूरी प्रक्रिया विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई के वादे के तहत हुई है।

राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद आदिवासियों की रिहाई के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई थी। इस दौरान जेलों में बंद आदिवासियों को दो केटेगरी में बांटा गया था। इनमें पहली केटेगरी में आबकारी एक्ट व छोटी धाराओं के तहत जेलों में बंद आदिवासियों को रखा गया था, तो दूसरी केटेगरी में गंभीर धाराओं जैसे नक्सली मामले में जेलों में बंद आदिवासियों को रखा गया था। चूंकि गंभीर मामलों में रिहाई की पूरी प्रक्रिया न्यायालय से होनी है ऐसे में सरकार उस पर भी काम कर रही है। वहीं आबकारी एक्ट और छोटी धाराओं के तहत जेल में बंद आदिवासियों के खिलाफ दर्ज मामलों को सरकार ने वापस ले लिया और उनकी रिहाई का रास्ता साफ कर दिया। मामले वापस होते ही करीब दो सौ आदिवासियों को जेलों से रिहा कर दिया गया है। लंबे समय और गंभीर अपराधों के तहत मामले में जेलों में बंद आदिवासियों के वकीलों से संपर्क किया जा रहा है और जिनके पास वकील नहीं है उन्हें विधिक सेवा प्राधिकारण के तहत मुफ्त में वकील उपलब्ध करवाये जा रहे हैं।

इसके अलावा पुलिस अफसरों की एक पूरी टीम को इस काम में लगाया गया है और मामलों में गवाहों को पेश करने, चालान पेश करने, दस्तावेज पेश करने और आरोपियों को कोर्ट तक ले जाने की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार ने आदिवासियों की रिहाई के लिए जो पहली लिस्ट बनाई है इसमें ऐसे कई आदिवासी हैं जो पिछले पांच से सात सालों से जेलों में बंद हैं और उनके मामले में कोई विशेष सुनवाई नहीं हो पाई है। यदि मामलों में सही समय पर सुनवाई हुई होती तो उन्हें तीन से चार साल की सजा होती। अभी ऐसे लोगों लिस्ट तैयार की गई है और कोर्ट में इनके मामले में तेजी से ट्रायल में लाये जा रहे हैं।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि हमने अभी आबकारी जैसे मामलों में बंद करीब दो सौ लोगों की रिहाई जेल से करवा दी है। दूसरे चरण में हम 350 से ऐसे आदिवासी जो गंभीर धाराओं के तहत जेलों में बंद हैं उन्हें रिहा करवाने की ओर काम कर रहे हैं यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले तीन से चार महीने में ये भी जेलों से रिहा हो जायेंगे।

 

19-02-2021
तेंदुआ का शिकार करने वाले दो ग्रामीणों को जेल, वन विभाग ने दो दिनों में सुलझाया मामला

कवर्धा। तेंदुआ के शिकार प्रकरण में वन विभाग ने शुक्रवार को दो ग्रामीणों को पकड़ा है। जिले के सहसपुर लोहारा वन परिक्षेत्र भठेला टोला के जंगल में तेंदुआ मृत मिला था। इस प्रकरण को दो दिनों में ही  कवर्धा वनमंडल की टीम ने सुलझा लिया है। दोनों ग्राणीणों को  जेल भेज दिया गया है। वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने बताया कि मुख्य आरोपी हरिचंद (26)और सह आरोपी भुखलु (23)को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है। वन्य प्राणी मादा तेंदुआ के शिकार के संबंध में मुख्य आरोपी के बताए साक्ष्य के आधार पर वन विभाग की टीम ने जांच की। मामले का खुलासा और कार्रवाई में सिदार उपवन मंडल अधिकारी सहसपुर लोहारा, देवेंद्र गौड़ परिक्षेत्र अधिकारी भोरमदेव, वन विभाग का उप वन मंडल सहसपुर लोहारा, कवर्धा व भोरमदेव अभ्यारण का वन अमला और पुलिस अधीक्षक जिला कबीरधाम के मार्गदर्शन में पुलिस बल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही अचानकमार टाइगर रिजर्व बिलासपुर से आए स्निफर डॉग स्क्वायड की टीम की अपराधियों तक पहुंचने में भूमिका रही।

15-02-2021
Video: Breaking::  जेल में विचाराधीन कैदी ने लगाई फाँसी,धारा 302 के मामले में गया था जेल
 
कवर्धा। विचाराधीन कैदी ने जेल में फांसी लगाकर की आत्महत्या कर ली। मृतक विचाराधीन कैदी ज्ञान सिंह बैगा उम्र 27 वर्ष ने लुंगी के सहारे पंखे से फांसी लगाई। कैदी 302 हत्या के मामले में जेल गया था। विचाराधीन कैदी तरेगाव थाना के बंदौरा गांव का रहने वाला है। आत्महत्या के कारण पता नहीं चल पाया है। जेल प्रशासन जांच में जुटा है। सिटी कोतवाली व उच्चाधिकारियों मामले की सूचना दी गई है। मौके पर एसडीएम की टीम पहुंची है।

 

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11-02-2021
जेल से छुड़ाने के झांसा देकर तीन लाख की ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव/डोंगरगढ़। जेल में बंद आरोपी को छुड़ाने का झांसा देकर 3 लोगों  ने कैदी के पिता से 3 लाख रूपए ठग लिए। दरअसल थाना डोंगरगढ़ अंतर्गत जेल में बंद आरोपी को छुड़ाने के लिए आरोपी के पिता से तीन लाख रुपये लिए थे। इसकी रिपोर्ट पिता ने थाने में की। इसपर द्वारिका साहू, विनोद कुमार गोस्वामी  और नरेश कुमार साहू से पूछताछ की। पूछताछ में अपना अपराध कबूल कर लिया। तीनों आरोपियों को धारा 420,34 के तहत गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।

 

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