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30-08-2020
चीन को करारा जवाब, दक्षिण चीन सागर में भारतीय नौसेना ने तैनात किया युद्धपोत

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दक्षिण चीन सागर में अपने एक युद्धपोत की तैनाती की थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, 'गलवां में हिंसक झड़प शुरू होने के तुरंत बाद, भारतीय नौसेना ने अपना एक सीमावर्ती युद्धपोत दक्षिण चीन सागर के उस इलाके में तैनात किया, जहां पीपुल्स लिबरेशन आर्मी तैनात है और इलाके को अपना बताती है।'सूत्रों के मुताबिक दक्षिण चीन सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत की तत्काल तैनाती का चीनी नौसेना और सुरक्षा व्यवस्था पर वांछित प्रभाव पड़ा, जिसकी वजह से उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ राजनयिक स्तर की वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष से शिकायत की। सूत्रों ने बताया कि भारतीय युद्धपोत लगातार वहां मौजूद अमेरिका के युद्धपोतों से लगातार संपर्क बनाए हुए थे। 

वहीं, नियमित अभ्यास के दौरान, भारतीय युद्धपोत को लगातार अन्य देशों के सैन्य जहाजों की आवाजाही की स्थिति के बारे में अपडेट किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक चकाचौंध से बचते हुए पूरे मिशन को बहुत ही शानदार तरीके से किया गया था। इसी दौरान, भारतीय नौसेना ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास मलक्का स्ट्रेट्स में चीनी नौसेना की गतिविधि पर नजर रखने के लिए अपने फ्रंटलाइन जहाजों को तैनात किया। चीनी नौसेना इसी रास्ते से हिंद महासागर में प्रवेश करती है। सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारतीय नौसेना पूर्वी या पश्चिमी मोर्चे पर विरोधियों द्वारा किसी भी दुस्साहस का जवाब देने में पूरी तरह से सक्षम है।

06-07-2020
गलवान घाटी में 2 किमी पीछे हटे चीनी सैनिक

नई दिल्ली। भारत चीन सीमा पर एक सप्ताह से चल रहे तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार चीनी सेना गलवान घाटी से 2 किलोमीटर पीछे हट गई है। पूर्वी लद्दाख के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 15 जून की घटना के बाद चाइनीज पीपल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक उस स्थान से इधर आ गए थे,जो भारत के मुताबिक एलएसी है। भारत ने भी अपनी मौजूदगी को उसी अनुपात में बढ़ाते हुए बंकर और अस्थायी ढांचे तैयार कर लिए थे। दोनों सेनाएं आंखों में आंखें डाले खड़ी थीं।कमांडर स्तर की बातचीत में 30 जून को बनी सहमति के मुताबिक चीनी सैनिक पीछे हटे या नहीं,  इसको लेकर रविवार को एक सर्वे किया गया। अधिकारी ने बताया, चीनी सैनिक हिंसक झड़प वाले स्थान से दो किमी पीछे हट गए हैं। अस्थायी ढांचे दोनों पक्ष हटा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बदलवा को जांचने के लिए फिजिकल वेरीफिकेशन भी किया गया है।

वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक जिस गलवान घाटी पर अपना दावा जताकर चीन भारत के खिलाफ मोर्चाबंदी कर रहा है, उसी गलवान नदी के तट पर अब चीनी सेना की मुश्किलें बढ़ गईंं हैं। गलवान नदी के किनारे चीन की तैनाती नहीं हो पा रही है, क्योंकि नदी का जल स्तर तेज गति से बढ़ने के कारण गलवान के किनारों पर लगे चीनी सेना के कैम्प बह गए हैंं।ड्रोन की तस्वीरों से पता चलता है कि चीनी पीएलए के टेंट गलवान के बर्फीले बढ़ते पानी में पांच किलोमीटर गहराई में बह गए हैंं। काफी तेजी से बर्फ पिघलने के कारण नदी के तट पर इस समय स्थिति खतरनाक है। चीन यहां से पीछे हटने के बाद अधिक से अधिक नई तैनाती करने में जुट गया है लेकिन गलवान, गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगोंग झील में मौजूदा स्थिति के चलते चीनी सेना की तैनाती लंबे समय के लिए अस्थिर हो गई है।

20-06-2020
वायुसेना प्रमुख की चीन को दो टूक-गलवान घाटी में शहीदों का बलिदान बेकार नहीं जाने देंगे

नई दिल्ली। भारत और चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय जवानों को याद करते हुए वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि शहीद जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि वायु सेना लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सही जगह तैनात है। वायुसेना प्रमुख ने हैदरबाद के नजदीक स्थित वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड में यह बात कही। भारत और चीन के सैनिकों की बीच हिंसक झड़प और तनाव के मध्य भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने शनिवार को कहा कि भारत शांति स्थापित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है लेकिन गालवान घाटी में दिए गए "बलिदान" को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

हैदराबाद के डुंडीगल में वायु सेना अकादमी (एएफए) में कम्बाइंड ग्रैजुएशन परेड (सीजीपी) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम किसी भी कीमत पर अपनी संप्रभुता की रक्षा करेंगे। हमारे क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य ये बताता है कि हमारे सशस्त्र बल हर समय तैयार और सतर्क रहते हैं। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर छोटी सी सूचना पर हम हालात को संभालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'यह स्पष्ट होना चाहिए कि हम पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सही जगह तैनात हैं। मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और गलवां के अपने शूरवीरों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।'

18-06-2020
राहुल गांधी ने किया केंद्र से सवाल, कहा-बिना हथियारों के जवानों को भेजा ही क्यों

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने को लेकर गुरुवार को फिर से सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि हमारे सैनिकों को शहीद होने के लिए निहत्थे क्यों भेजा गया। उन्होंने एक पूर्व सैन्य अधिकारी के साक्षात्कार का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया,'चीन की हिम्मत कैसे हुई उसने हमारे निहत्थे सैनिकों की हत्या की? हमारे सैनिकों को शहीद होने के लिए निहत्थे क्यों भेजा गया?'कांग्रेस नेता ने बुधवार को भी इस मामले पर सवाल किया था, 'प्रधानमंत्री खामोश क्यों हैं? वह छिपे हुए क्यों हैं? अब बहुत हो चुका। हमें यह जानने की जरूरत है कि क्या हुआ है।' उन्होंने कहा था, 'हमारे सैनिकों की हत्या करने की चीन की हिम्मत कैसे हुई? हमारी भूमि पर कब्जा करने की उनकी हिम्मत कैसे हुई?'

 

 

17-06-2020
एनएसयूआई ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के पुतले को जूतों से मारा, चीन के विरोध में लगाए नारे

रायपुर। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद में हुई हिंसक झड़प में भारतीय सैनिकों की शहादत पर देशभर में गुस्सा है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने रायपुर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुतले को चप्पल और जूते से मारा। प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि भारत चीन सीमा विवाद में जो 20 जवान भारत के शहीद हुए हैं उसको लेकर चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इनमें से एक जवान छत्तीसगढ़ के गणेश कुंजाम शहीद हुए हैं। कांकेर में उनकी अंतिम यात्रा में एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।प्रदेश सचिव परमीत सिंह हनी बग्गा ने कहा कि भारत और चीन की सीमा में पिछले 1 महीने से सीमा विवाद चल रहा है। इस विवाद में विगत दिनों चीन की सेना ने भारतीय सेना पर हमला किया और इस हमले में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए इसको देखते हुए आज प्रदर्शन के दौरान चीन के राष्ट्रपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर उनके पुतले को जूते और चप्पलों से मारा गया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला, जिला अध्यक्ष अमित शर्मा, अरुणेश मिश्रा, प्रदेश प्रवक्ता तुषार गुहा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।

17-06-2020
शहीद गणेशराम कुंजाम ने बलिदान से जगाई राष्ट्रभक्ति की भावना, युगों-युगों तक रहेगी अमर : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में छत्तीसगढ़ के गणेशराम कुंजाम भी शहीद हुए हैं। हिंसक झड़प में गंभीर रूप से घायल गणेशराम ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। गणेशराम के शहीद होने की खबर से घर और गांव में मातम पसर गया है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज क्या लिखूं और क्या कहूँ कुछ समझ नहीं आ रहा है। उस घर की व्यथा को भलीभांति समझ सकता हूँ जिस घर का जवान सपूत शहीद हुआ हो। कांकेर के गणेशराम कुंजाम ने अपने प्राण भारत की सीमाओं को सुरक्षित रखने में बलिदान कर राष्ट्रभक्ति की जो भावना जगाई है, वह युगों-युगों तक अमर रहेगी।

17-06-2020
राष्ट्र इस कठिन घड़ी में सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। भारतीय और चीनी सेना के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद देश में चीन के खिलाफ आक्रोश है। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं वहीं चीन के 40 से अधिक सैनिकों के मारे जाने या हताहत होने की बात सामने आ रही है। भारत चीन के बीच तनाव पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गलवान में सैनिकों की क्षति परेशान करने वाली और दर्दनाक है। हमारे सैनिकों ने अनुकरणीय साहस और वीरता का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं में अपने जीवन का बलिदान दिया। राष्ट्र उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरी संवेदनाएं जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के साथ हैं। राष्ट्र इस कठिन घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारत के बहादुरों की बहादुरी और साहस पर गर्व है।

23-04-2019
मुर्शिदाबाद में हिंसक झड़प, टीएमसी कार्यकर्ता घायल

नई दिल्ली। पं बंगाल में मतदान के दौरान हिंसक झड़प होने की खबर आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार मुर्शिदाबाद के दोमकल क्षेत्र में एक देसी बम फटा है। इसमें तीन लोग जख्मी हो गए, जो टीएमसी के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। 

 मुर्शिदाबाद से वोटिंग के दौरान हिंसक झड़प हुई। यहां के वार्ड नंबर 7 में मतदान के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प में देशी बम के इस्तेमाल की खबर है। इसमें तृणमूल कांग्रेस के 3 कार्यकर्ता घायल हो गए हैं। यहां से कुल 11 कैंडिडेट मैदान में हैं। बता दें कि प. बंगाल की 5 सीटों पर मतदान हो रहा है।कांग्रेस और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में वोट देने के लिए लाइन में लगे एक आदमी की मौत।

 

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