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21-11-2020
सीएम लगातार अमर्यादित और तथ्यहीन बयानबाज़ी कर रहे : संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी  प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 'लव ज़ेहाद' आदि के बहाने भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं पर की गई टिप्पणियां न केवल अशिष्ट बल्कि बेहद अमर्यादित भी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इन दिनों लगातार भूपेश बघेल अशालीन और गरिमा विरुद्ध बयानबाजी कर रहे हैं, ऐसा वे अपनी विफलता की बौखलाहट में कर रहे हैं या आंतरिक गुटीय समस्याओं के कारण नियंत्रण खो रहे हैं, कहना मुश्किल है। चाहे इंदिरा गांधी के जन्मदिन पर बेजा बयानबाजी हो या फिर लव ज़ेहाद या नक्सल मामले को लेकर, हर मामले में जानकारी की कमी, अपेक्षित शिष्टता का अभाव और षड्यंत्रकारी मानसिकता साथ दिखती है। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि लव जेहाद को लेकर बघेल की जानकारी बेहद ही उथली है। लगता है सीएम आजकल सारा कामकाज छोड़ कर सोश्यल मीडिया पर व्यस्त रहने लगे हैं और वहीं से तथ्य जुटाकर केवल बयानबाज़ी कर दिल्ली को खुश करने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि एक सामान्य समझ का व्यक्ति भी यह जानता है कि धोखा देकर साज़िश पूर्वक, अपनी साम्प्रदायिक पहचान छिपा कर भोली-भाली बच्चियों को धोखा देना, उनके मत परिवर्तन की साज़िश ‘लव ज़ेहाद’ है। यह सामान्य समझ भी किसी सीएम को न हो, यह आश्चर्य का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ‘द्विराष्ट्रवाद’ के सिद्धांत को स्वीकार कर देश ही विभाजित कर दिया था। उस सिद्धांत के अनुसार कांग्रेसी यह मानते थे कि हिन्दू और मुस्लिम ‘दो राष्ट्र’ हैं और ये एक साथ नहीं रह सकते। भाजपा ऐसा कभी नहीं कहती और न ही मानती है। लेकिन ऐसी मान्यता के आधार पर देश बांट देने वाली कांग्रेस के लोग अगर आज यह मानते हैं कि साम्प्रदायिक सोच के साथ साजिशपूर्वक की गयी शादियां भी सही है, तो इसके पीछे छिपे कांग्रेस के तुष्टिकरण की नीति को समझना होगा। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि दरअसल कांग्रेस को तुष्टिकरण की राजनीति की बुरी लत लग गई है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक़ मुसलमानों का है,यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा थी। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को नसीहत दी है कि लव ज़िहाद पर कुछ कहने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी ले लें, सस्ती और ताली पिटवाऊ बयानबाजी करके और अकारण भाजपा के नेताओं के नाम लेकर अपनी अज्ञानता का हास्यास्पद प्रदर्शन न किया करें। उन्होंने कहा कि पहचान छिपाकर और इरादतन हिन्दू युवतियों से शादी करके फिर उन्हें धर्मांतरण के लिए बाध्य करना, प्रताड़ित करना और अंतत: हिन्दू युवतियों की हत्या तक कर देना लव ज़िहाद है। भाजपा शासित राज्यों में इसी के ख़िलाफ़ क़ानूनी प्रावधानों पर विमर्श चल रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री बघेल पर झीरम घाटी मामले पर की गई टिप्पणी पर कहा कि बघेल पहले से कहते रहे हैं कि उन्हें झीरम के दोषियों के बारे में पता है और सबूत उनकी जेब में है। एनआईए पर सवाल उठाने से पहले मुख्यमंत्री बघेल यह बतायें कि वे अपने जेब में रखे सबूत सामने नहीं लाकर किन्हें बचाने में लगे हैं? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वे सबूत सामने क्यों नहीं रख रहे हैं? साक्ष्यों को छिपाना संज्ञेय अपराध है। इस मामले में मुख्यमंत्री बघेल के ख़िलाफ़ क़ानूनी प्रावधानों के मुताबिक़ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने नक्सल मामले में गिरफ्तार एक ऐसे संदिग्ध से परिचय होना स्वीकार किया है जो वर्षों से जेल में बंद है। और किसी भी कोर्ट ने जिसे ज़मानत भी देने लायक नहीं समझा है। ऐसे आरोपियों का खुद के विधानसभा क्षेत्र में काम करना स्वीकार करके बघेल ने अनेक सवालों को जन्म दिया है। पहले सबूत छिपाना और अब आरोपियों से परिचय स्वीकार करना सीएम जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति की निष्ठा पर सवालिया निशान लगाता है। डॉ.सिंह ने कहा कि एक मुख्यमंत्री को खुद को संदेहास्पद नहीं बनाना चहिये और अपने बयानों में शालीनता के साथ तथ्यों का समावेश करना चाहिए।

 

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