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30-06-2020
Breaking : छत्तीसगढ़ में कोरोना के 41 नए मामले

रायपुर। प्रदेश में कोरोना के 41 नए मामले सामने आए है। विदेश से आए 19 छात्र पॉजिटिव पाए गए है। वहीं हेल्थ वर्कर भी संक्रमित पाए गए हैं। अस्पताल में काम करने वाले हेल्थ वर्कर के परिजन भी संक्रमित मिले हैं। एम्स के 4 लोग संक्रमित मिले हैं। वहीं मुंबई, बालाघाट से आए दो लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। रायपुर DHO डॉ. सूर्या सिन्हा ने इसकी पुष्टि की है।

28-06-2020
Breaking : प्रदेश में 25 और कोरोना पॉजिटिव मिले, राजनांदगांव से 16 केस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के 25 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। एम्स ने इसकी पुष्टि की है। एम्स ने ट्वीट कर बताया कि राजनांदगांव से 16, दुर्ग से 5 और बलौदाबाजार से 4 मरीज मिले हैं।

26-06-2020
27 जून से एम्स में ओपीडी सेवा की शुरुआत, पहले से पंजीयन कराना अनिवार्य

रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर की ओपीडी सेवाएं 27 जून से पुन: सीमित रूप से प्रारंभ होने जा रही हैं। ओपीडी सेवा के लिए रोगियों को पहले पंजीयन कराना होगा। अभी पुराने और नए रोगियों को प्रतिदिन सीमित संख्या में ही ओपीडी के माध्यम से उपचार प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी एम्स प्रबंधन ने अपने ट्वीटर हैंडल पर देते हुए कहा कि पहले चरण में ब्रॉड स्पेशियल्टी विभाग के लिए प्रतिदिन 30 रोगियों को परामर्श दिया जाएगा। इनमें 20 नियमित रोगी और 10 नए रोगी होंगे। सुपर स्पेशियल्टी विभागों के लिए रोगियों की संख्या 15 होगी। इसमें 10 नियमित और पांच नए रोगी शामिल होंगे। ओपीडी में प्रथम बार जांच के लिए आने वाले रोगियों को https://ors.gov.in/index.html के माध्यम से आनलाइन पंजीयन कराना होगा। इसके साथ ही ओआरएस एप के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा। रोगियों को ओपीडी में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। साथ ही मास्क का प्रयोग भी अनिवार्य होगा। आने वाले सभी रोगियों की स्क्रिनिंग भी की जाएगी। पहले एक सप्ताह तक ओपीडी सेवाओं की समीक्षा की जाएगी। यदि प्रयास सफल होता है तो इसे नियमित कर दिया जाएगा।

 

 

23-06-2020
कोरोना संक्रमित 28 वर्षीय किडनी रोगी एम्स में हुआ रिकवर, डायलिसिस शुरू, डॉक्टरों का जताया आभार

रायपुर। एम्स के डॉक्टरों का अथक प्रयास आखिर रंग लाया। महज 28 साल की उम्र किडनी फेल हो गई थी उसकी और उस पर पूर्णा ने अलग से पढ़ लिया था। उसे मौत धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ रही थी लेकिन एम्स के डॉक्टर देवदूत बनकर सामने आए और दिन-रात उसकी जिंदगी के लिये जंग लड़कर उसे मौत के मुंह से वापस खींच लाए। अब वो कोरोना की जकड़ से मुक्त है और उसका किडनी की बीमारी का इलाज शुरू हो चुका है। उसका डायलिसिस हो रहा है। ज़िन्दगी की नई पारी के लिए उसने एम्स और डॉक्टरों का दिल से शुक्रिया अदा किया। इसमें कोई शक नहीं कोरोना वारियर्स जान हथेली पर लेकर कोरोना से जंग लड़ रहे हैं और जीत भी रहे हैं। सलाम कोरोना वारियर्स सलाम एम्स के डॉक्टर को।

21-06-2020
एम्स के सिक्योरिटी गार्ड के ऊपर मामला दर्ज,क्वॉरेंटाइन के नियमों का किया उल्लंघन

धमतरी। वैश्विक महामारी नोवल कोरोना वायरस (Covid-19) के निरंतर फैलते संक्रमण से बचाव, नियंत्रण और रोकथाम के लिए प्रशासन के साथ मिलकर धमतरी पुलिस निरंतर प्रयासरत है। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण की रोकथाम के लिए विभिन्न स्थानों को चिन्हांकित कर क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है, जहां बाहर से आने वाले व्यक्तियों को निर्धारित समयावधि तक क्वारेंटाइन किया जाना आवश्यक है। इसी दरमियान 20 जून को नायब तहसीलदार भखारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि थाना भखारा क्षेत्रांतर्गत ग्राम भेलवाकुदा निवासी सोहन साहू,जो एम्स अस्पताल रायपुर में सिक्योरिटी गार्ड है,जिसके द्वारा अपने गृह ग्राम भेलवाकुदा आकर इसकी सूचना ग्राम पंचायत को दिया किंतु उसके द्वारा क्वारेंटाइन नियमों का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक स्थानों में घूम-फिर रहा है कि आरोपी सोहन साहू का कृत्य अपराध धारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51,60, महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3 एवं भादवि की धारा 188, 269 का उल्लंघन करते पाए जाने पर आरोपी सोहन साहू निवासी ग्राम भेलवाकुदा  के विरुद्ध थाना भखारा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

21-06-2020
योग दिवस विशेष : माइग्रेन के दर्द से हैं परेशान तो करें ये योग...मिलेगा तुरंत आराम, अध्ययन में हुआ खुलासा

नई दिल्ली। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि योग से न सिर्फ माइग्रेन के दर्द में आराम मिलता है बल्कि इसके इलाज पर आने वाले खर्च में भी कमी आ सकती है। एम्स द्वारा किया गया यह अध्ययन अमेरिकी न्यूरोलॉजी अकादमी की पत्रिका 'न्यूरोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। एम्स के एक बयान में यह जानकारी दी गई है। यह बयान 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आया है। इस नए अध्ययन में कहा गया है कि योग माइग्रेन से पीड़ित लोगों की मदद कर सकता है और इससे होने वाले सिरदर्द में आराम पहुंचाता है। अध्ययन के अनुसार माइग्रेन का इलाज दवाओं से किया जाता है। लेकिन दवाइयां लगभग आधे रोगियों पर ही असर कर पाती हैं। कई दवाइओं के नकारात्मक प्रभाव भी होते हैं, जिनके चलते लगभग 10 प्रतिशत रोगी उनका सेवन बंद कर देते हैं।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के बयान में कहा गया है इसके (अध्ययन के) नतीजे बताते हैं कि योग न केवल माइग्रेन के दर्द को कम कर सकता है बल्कि इससे इसके इलाज पर होने वाला खर्च भी कम हो जाता है। यह माइग्रेन के इलाज के लिए योग के मूल्यांकन का अब तक का इस प्रकार का सबसे बड़ा परीक्षण है। अध्ययन के दौरान ऐसे 114 लोगों के दो समूह बनाए गए, जो आकस्मिक माइग्रेन से पीड़ित थे। अध्ययन में कहा गया है कि पहले समूह ने अपने डॉक्टरों की सलाह के अनुसार पारंपरिक चिकित्सा पद्धति अपनाई जबकि दूसरे समूह ने पारंपरिक इलाज के साथ-साथ योगाभ्यास भी किया, जिसमें व्यायाम, ध्यान और योगासन शामिल हैं। योग करने के नियम एम्स के सेंटर फॉर इंटिग्रेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च (सीआईएमआर) में योग चिकित्सकों ने तैयार किए थे। इस दौरान रोगियों को सीआईएमआर के योग चिकित्सकों की निगरानी में एक महीने हर सप्ताह तीन दिन एक-एक घंटे योग सिखाया गया।

इसके बाद उन्होंने अपने घरों में दो महीने तक सप्ताह में पांच दिन इसका अभ्यास किया। अध्ययन में पाया गया कि दोनों समूहों के लोगों के सिरदर्द की आवृति और तीव्रता में कमी आई। इस दौरान योग करने वाले समूह को ज्यादा आराम मिला। अध्ययन में कहा गया है, ''योग करने वाले समूह में अध्ययन से पहले सिरदर्द की मासिक औसत आवृति 9.1 थी, जो अध्ययन के अंत में घटकर 4.7 प्रतिमाह रह गई । इस तरह उनके सिरदर्द की मासिक औसत आवृति में 48 प्रतिशत की गिरावट आई।'' एम्स के बयान में कहा गया है, ''केवल दवाओं का सेवन करने वाले समूह के बीच अध्ययन से पहले सिरदर्द की मासिक औसत आवृति 7.7 प्रतिशत थी, जो तीन महीने बाद घटकर 6.8 रह गई। इस तरह इसमें केवल 12 प्रतिशत की कमी आई।

14-06-2020
Breaking: गंभीर बीमारी से पीड़ित दो कोरोना पॉजिटिव की मौत, रविवार को कोई नया प्रकरण नहीं

रायपुर। प्रदेश में गंभीर बीमारी से पीड़ित दो कोरोना पॉजिटिव की मौत का प्रकरण सामने आया है। एम्स में भर्ती दो मरीजों की देर रात मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है। बताया गया कि रायगढ़ से एक कैंसर का मरीज था जिसका ऑपरेशन किया गया था। वहीं महासमुंद का मरीज,जिसकी मौत कल रात हुई वह पूर्व में राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती था। वह टीबी, उच्च रक्तचाप और लकवे से पीड़ित था। सुधार नहीं होने पर कोरोना जांच के बाद गम्भीर अवस्था में एम्स रेफर किया गया था जहां वह पॉजिटिव पाया गया। इसके साथ ही प्रदेश में रविवार को कोरोना का कोई प्रकरण अब तक सामने नहीं आया है। 84 मरीज स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बेमेतरा में मिला एक पॉजिटिव, रिपीट पॉजिटिव था, इसलिए उसे पॉजिटिव प्रकरण में नहीं जोड़ा जाएगा। मेडिकल बुलेटिन देखने के लिए यहां क्लिक करें...   

 

13-06-2020
Breaking:  22 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहचान, रायपुर में मिले 3

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शनिवार को 22 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। इसकी पुष्टि एम्स ने अपने ट्वीटर हैंडल पर की है। इनमें बलौदा बाजार से 8, राजनांदगांव से 8, रायपुर से 3, दुर्ग से 2 और धमतरी से एक मरीज शामिल है।

  

 

09-06-2020
एम्स एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से प्रदेश में कोविड-19 का बेहतर प्रबंधन : टीएस सिंहदेव

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि एम्स रायपुर और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से प्रदेश में कोविड-19 की जांच एवं इलाज का बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है। वैश्विक महामारी कोविड-19 से प्रदेश को निजात दिलाने में एम्स पूरी क्षमता से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों के इलाज में एम्स का लगातार सहयोग मिल रहा है। इस महामारी के पहले भी गरियाबंद के सुपेबेड़ा के किडनी रोग प्रभावितों की जांच एवं उपचार में भी एम्स ने अच्छा सहयोग प्रदान किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न प्रचार माध्यमों में प्रकाशित-प्रसारित उस समाचार को भ्रामक बताया है,जिसमें कहा गया है कि एम्स द्वारा कोविड-19 की पहचान के लिए सैंपल जांच पर दस दिनों के लिए रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव, कोविड-19 संक्रमण-रोकथाम के नोडल अधिकारी और एम्स प्रबंधन के बीच परस्पर समन्वय से व्यवस्थाओं की रोजाना समीक्षा की जा रही है और इसके लगातार सकारात्मक परिणाम देखने मिल रहे हैं।

एम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस संक्रमण से संबंधित डॉटा आपस में साझा कर मरीजों की जांच एवं उपचार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। सिंहदेव ने कहा है कि हाल ही में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों की प्रदेश वापसी से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में एकाएक अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसके कारण सैंपल जांच की संख्या भी बढ़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स पूरी क्षमता से काम कर जल्दी ही लंबित सैंपलों की जांच पूर्ण कर ज्यादा से ज्यादा नए सैंपलों की जांच शुरू कर देगा। कोविड-19 के प्रबंधन में एम्स का योगदान सराहनीय है। प्रदेश में इसके पीड़ितों के तेजी से स्वस्थ होने का श्रेय एम्स प्रबंधन को है। इलाज के दौरान वहां के कुछ स्टॉफ भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। इसके बावजूद वे लगातार पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने उम्मीद जताई है कि राज्य शासन और एम्स के सहयोग से हम छत्तीसगढ़ में कोविड-19 पर नियंत्रण पाने में अवश्य ही सफल होंगे।

 

09-06-2020
रमन सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ सरकार अपने नाकारेपन का ठीकरा एम्स पर फोड़ने पर आमादा

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने एम्स रायपुर पर कोरोना मामलों के सैम्पल की जाँच रिपोर्ट के लिए दबाव बनाने और संस्थान की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। डॉ.रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस के लोगों को एम्स की कार्यप्रणाली पर किसी प्रकार की प्रतिकूल टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। रायपुर एम्स ने कोरोना के खिलाफ जारी जंग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। प्रदेश सरकार अपने नाकारेपन का ठीकरा अब एम्स पर फोड़ने का शर्मनाक उपक्रम कर रही है। डॉ.सिंह ने पूछा कि अभी तो महज हजार मामलों के सामने आने पर ही प्रदेश सरकार के हाथ-पाँव फूल रहे हैं, तो आगे यदि स्थिति भयावह हुई तो यह सरकार क्या करेगी? डॉ.रमन सिंह ने पूछा कि जब छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले न्यूनतम थे और प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त समय और संसाधन मौजूद थे तब प्रदेश सरकार ने कोरोना की रोकथाम के समुचित प्रबंध करना जरूरी क्यों नहीं समझा?

कोरोना संकट के 75-80 दिनों में भी अगर प्रदेश सरकार कोरोना मामलों की जाँच और इलाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाई, लैब नहीं खोल पाई, अस्पतालों का इंतजाम नहीं कर पाई तो फिर वह सत्ता में है ही क्यों? कोरोना की रोकथाम के पुख़्ता इंतजाम के बजाय प्रदेश सरकार ने सिर्फ केंद्र सरकार से पैसे मांगने, केंद्र सरकार को बात-बेबात कोसने और राजनीतिक नौटंकियों में अपना वक़्त क्यों जाया किया? डॉ. सिंह ने कहा कि एम्स केंद्र सरकार का चिकित्सा संस्थान है, लेकिन प्रदेश सरकार को भी तो अपने स्तर पर व्यवस्थाएँ विकसित करनी थीं,जिसमें आज प्रदेश सरकार की नाकामी सामने आ रही है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन नहीं किया और प्रदेश सरकार व उसका स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना के मोर्चे पर जीरो साबित हुआ है।

09-06-2020
एम्स,जगदलपुर, रायगढ़ और रायपुर मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कोविड-19 की पहचान के लिए सैंपलों की लगातार जांच जारी

रायपुर। प्रदेश में एम्स रायपुर सहित तीन शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों जगदलपुर, रायपुर और रायगढ़ में कोविड-19 की पहचान के लिए सैंपलों की पूरी क्षमता से लगातार जांच जारी है। अभी एम्स में पूर्व से लंबित सैंपलों की जांच प्राथमिकता से की जा रही है। साथ ही वहां विभिन्न जिलों से पहुंच रहे नए सैंपलों की भी आवश्यकतानुसार जांच हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने कहा है कि एम्स और राज्य शासन का स्वास्थ्य अमला कोविड-19 के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए पूरी क्षमता से काम कर रहा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच के लिए प्रदेश में मौजूद सभी संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स में लंबित सैंपलों की जांच जल्द पूर्ण हो जाने के बाद वहां नए सैंपलों की जांच में पुनः तेजी आएगी।

 

08-06-2020
एम्स में भर्ती कोविड-19 पीड़ित एक महिला रोगी की मौत, प्रदेश में अब तक 5 कोरोना रोगी ने तोड़ा दम  

रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सोमवार को एक महिला रोगी की मौत हो गई है। महिला टीबी की पेशेंट थीं। महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थीं। दुर्ग निवासी 24 वर्षीय महिला रोगी को 2 जून को एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग में एडमिट किया गया था। महिला को ल्यूपस नेफ्रेटिस ग्रेड 4 एसएलई और टीवी का एक्टिव रोगी पाया गया। रोगी को लंबे समय से स्टिरियॉड थैरेपी प्रदान की जा रही थीं। रोगी के इलाज से पूर्व उसका सैंपल कोविड-19 जांच के लिए लैब भेजा गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर रविवार रात्रि उसे कोविड-19 वार्ड के आईसीयू में एडमिट किया गया। जहां शाम 5 बजे कार्डियो रेस्पेपरेटरी अरेस्ट के बाद काफी प्रयासों के बावजूद उसकी मृत्यु हो गई। उल्लेखनीय है कि कोविड 19 पीड़ित इस महिला रोगी की मौत के बाद प्रदेश में अब तक 5 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ा है।

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