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13-09-2020
नरेंद्र मोदी ने बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले एलपीजी पाइपलाइन परियोजना और दो बॉटलिंग संयंत्रों की दी सौगात

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बिहार में एलपीजी पाइपलाइन परियोजना के एक खंड और दो बॉटलिंग संयंत्रों का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन परियोजना का दुर्गापुर-बांका खंड और बांका और चंपारण जिले में दो एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गैस पाइपलाइन परियोजना से बिहार में उर्वरक, बिजली और इस्पात क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और सीएनजी आधारित स्वच्छ यातायात प्रणाली का भी लाभ होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इस मौके पर बिहार के राज्यपाल फागू चौहान, राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) द्वारा निर्मित 193 किलोमीटर की दुर्गापुर-बांका पाइपलाइन खंड पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन विस्तार परियोजना का हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने 17 फरवरी, 2019 को इसका शिलान्यास किया था। दुर्गापुर-बांका खंड मौजूदा 679 किलोमीटर की पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर एलपीजी पाइपलाइन का बांका में नई एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र तक विस्तार है। यह पाइपलाइन पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा बिहार से गुजरती है।

07-08-2020
खेती-किसानी में बिजली देने के कार्याें में कोताही बरतने पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही

दुर्ग। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी द्वारा राज्य सरकार की नीति के अनुरूप खेती किसानी कार्यों के लिए बिजली आपूर्ति विषयक कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जा रहा है। कृषि कार्यों को गुणवत्तापूर्वक बिजली की आपूर्ति हो सके इसके लिए पाॅवर कंपनीज के चेयरमैन सहित अन्य आपरेशन एण्ड मेन्टेनेंस कार्यों से जुड़े उच्चाधिकारियों द्वारा इसकी मानीटरिंग की जा रही है। फेल ट्रांसफार्मरों को बदलने, कृषि पम्पों के ऊर्जीकरण कार्यों का तेजी से निपटारा करने सक्षम अधिकारियों को नियमानुसार जल्द स्वीकृति देने के निर्देश कंपनी प्रबंधन द्वारा दिए गए हैं। कृषि कार्यों के लिए बिजली प्रदाय करने नए ट्रांसफार्मर की स्थापना, नए कृषि पम्पों को ऊर्जीकृत करने के लिए लाइन विस्तारीकरण का कार्य, फेल ट्रांसफार्मर को बदलने जैसे कार्यों में कोताही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशात्मक कार्यवाही भी की जा रही है। ऐसे ही एक प्रकरण में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए साजा संभाग के उपसंभाग बेरला में पदस्थ परिचारक श्रेणी-दो संजय कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इस संबंध में कार्यपालक निदेशक(दुर्ग क्षेत्र) संजय पटेल ने बताया कि उक्त कर्मी पर विभिन्न गंभीर अनियमितताओं एवं कार्य में लापरवाही बरतने की शिकायतें प्राप्त हुई थी,जिसके आधार पर उसे निलंबित कर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्यवाही की जायेगी। अधीक्षण अभियंता (दुर्ग वृत्त) व्हीआर मौर्या ने बताया कि बारिश कम होने के कारण किसानों की समस्याओं को देखते हुए पंप फीडरों के लिए व्यवस्थाएं की जा रही है। उन्होंने बताया कि संचारण-संधारण दुर्ग संभाग के अंतर्गत किसानों को सुचारु विद्युत प्रदाय करने के लिए उपकेंद्रवार पंप फीडरों पर दिनभर में 14-16 घंटे विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने के लिए शेड्यूल बनाया गया है,जिससे किसानों को सुविधा प्रदान करते हुए सिस्टम पर बढ़े हुए भार को व्यवस्थित किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस शेड्यूल के अनुसार प्रत्येक पंप फीडर के लिए अलग-अलग समय निश्चित कर 14-16 घंटे विद्युत सप्लाई प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया गया है। मौर्या ने बताया कि नगपुरा, हिर्री, लिटिया, दारगांव, धमधा, गुण्डरदेही, सकरौद, कलंगपुर, सिकोसा, कुरदी, अर्जुन्दा, कोरगांव, मोहंदीपाट, भरदाकला उपकंद्रों में पंप लोड काफी बढ़ा हुआ है। इन्हें व्यवस्थित करने के लिए लोड शेडिंग का शेड्यूल बनाया गया है।

 

31-07-2020
सौर ऊर्जा से रोशन हो रहीं दुर्गम,पहुंचविहीन बस्तियां, 1128 परिवारों को मिली बिजली

कोरिया। अंधेरों में दब-छुप जाते थे अब तक जो आशियाने, रात में मिली सूरज की रोशनी और उजालों से भर गये। ये बात कोरिया जिले के उन दुर्गम, पहुंचविहीन, विद्युतविहीन वनांचलों में बसे गांवों पर सटीक बैठती है,जहां बिजली उपलब्ध नहीं थी,आज क्रेडा विभाग के द्वारा सौभाग्य योजना के अंतर्गत ऐसे घरों को सौर ऊर्जा से रौशन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना यानि (सौभाग्य) के अंतर्गत क्रेडा विभाग द्वारा कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत, भरतपुर और मनेन्द्रगढ़ के अंतर्गत विभिन्न मजराटोलों और पारों में 209 किलोवॉट कुल क्षमता के 31 सोलर पावर प्लांट की स्थापना की गई है,जिससे 1128 परिवारों को सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत किया गया है। चौक-चौराहों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश की व्यवस्था के लिए 327 सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना की गई है। क्रेडा विभाग के अधिकारी रामनारायण उपाध्याय ने बताया कि ऐसे ग्राम एवं मजराटोले, जिनके घरों की बसाहट अधिक दूरी पर होती हैं एवं फैले हुए हैं, इन स्थलों पर सोलर पावर प्लांट लगाना सही नहीं होता है, ऐसे में इन जगहों पर 2076 नग सोलर होम लाइट प्रति नग क्षमता 200 वॉट के माध्यम से विद्युतीकृत किया गया है। इनकी कुल क्षमता 415.2 किलोवॉट है। सोलर होमलाइट से प्रत्येक घरों में 5 नग एलईडी बल्ब, जिनकी क्षमता 8 वॉट है, सहित 1 पंखा क्षमता 15 वॉट एवं मोबाइल चार्जिग यूएसबी पोर्ट कनेक्शन किया गया है।
वहीं जिले में अब तक कुल 72 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्र की स्थापना की गई है।

 

28-07-2020
वार्ड में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों के साथ माकपा करेगी निगम का घेराव

कोरबा। मोंगरा की माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर की अध्यक्षता में वार्ड अंतर्गत मड़वाढोढा,पुरैना,गंगानगर, अवधनगर,मोंगरा, बांकी बस्ती के ग्रामीणों की बैठक हुई। वार्ड में मूलभूत समस्या पानी, बिजली,जर्जर सड़क-नाली,सफाई व्यवस्था,राशन वितरण की समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा की निगम और एसईसीएल को जनता की मूलभूत समस्या का समाधान करना होगा नहीं तो मजबूरन पार्टी को जनता को साथ निगम और एसईसीएल कार्यालय का घेराव करना पड़ेगा।बैठक में नंदलाल कंवर, सूरज सिंह कंवर, बाबूलाल कंवर, लक्ष्मीराम बघेल,हीरा सिंह, छत राम,छतर दास, संजय यादव, आनंद धांधि ,शिवरतन,दिलहरण बिंझवार, श्याम यादव, जवाहर सिंह कंवर आदि उपस्थित थे।

 

03-07-2020
बिजली मंत्री आरके सिंह ने किया ऐलान, चीन से नहीं करेंगे बिजली उपकरण आयात

नई दिल्ली। बिजली मंत्री आरके सिंह ने शुक्रवार के कहा कि भारत अब चीन जैसे देशों से बिजली उपकरणों का आयात नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाना जरूरी है क्योंकि ऐसा नहीं होने पर क्षेत्र व्यावहारिक नहीं होगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ''प्रायर रेफरेंस कंट्री (पूर्व संदर्भित देशों) से उपकरणों की आयात की अनुमति नहीं होगी। इसके तहत हम देशों की सूची तैयार कर रहे हैं लेकिन इसमें मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान शामिल हैं।''
'प्रायर रेफरेंस कंट्री की श्रेणी में उन्हें रखा जाता है जिनसे भारत को खतरा है या खतरे की आशंका है। मुख्य रूप से इसमें वे देश हैं जिनकी सीमाएं भारतीय सीमा से लगती हैं। इसमें मुख्य रूप से पाकिस्तान और चीन हैं। उन्होंने राज्यों से भी इस दिशा में कदम उठाने को कहा।


सिंह ने यह बात ऐसे समय कही जब हाल में लद्दाख में सीमा विवाद के बीच भारत और चीन की सेना के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। उन्होंने कहा, ''काफी कुछ हमारे देश में बनता है लेकिन उसके बावजूद हम भारी मात्रा में बिजली उपकरणों का आयात कर रहे हैं। यह अब नहीं चलेगा। देश में 2018-19 में 71,000 करोड़ रुपये का बिजली उपकरणों का आयात हुआ,जिसमें चीन की हिस्सेदारी 21,000 करोड़ रुपए है।'' मंत्री ने यह भी कहा,'दूसरे देशों से भी उपकरण आयात होंगे,उनका देश की प्रयोगशालाओं में गहन परीक्षण होगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उसमें 'मालवेयर और 'ट्रोजन होर्स का उपयोग तो नहीं हुआ है। उसी के बाद उसके उपयोग की अनुमति होगी।'' मालवेयर ऐसा साफ्टवेयर या प्रोग्राम होता है,जिससे फाइल या संबंधित उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं ट्रोजन होर्स मालवेयर सॉफ्टवेयर है जो देखने में तो उपयुक्त लगेगा लेकिन यह कंप्यूटर या दूसरे सॉफ्टवेयर को नुकसान पहुंचा सकता है। बिजली क्षेत्र में सुधारों का खाका रखते हुए उन्होंने कहा कि वितरण कंपनियां जब तक आर्थिक रूप से सुदृढ़ नहीं होंगी, तब तक यह क्षेत्र व्यावहारिक नहीं होगा।

उन्होंने राज्यों से बिजली संशोधन विधेयक, 2020 को लेकर कुछ तबकों द्वारा फैलायी जा रही भ्रांतियों को आधारहीन करार दिया। कुछ तबकों में यह दावा किया जा रहा है कि इस संशोधित विधेयक के जरिये केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों को छीनना चाहती है। सिंह ने स्पष्ट किया कि केंद्र का कोई ऐसा इरादा नहीं है बल्कि सुधारों का मकसद क्षेत्र को टिकाऊ और उपभोक्ता केंद्रित बनाना है। सिंह ने यह भी कहा कि मंत्रालय दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना, एकीकृत बजली विकास योजना (आईपीडीएस) और उदय को मिलाकर नई योजना ला रहा है। उन्होंने कहा कि इस नई योजना में राज्य जितना चाहेंगे, उन्हें अनुदान और कर्ज के रूप में पैसा मिलेगा लेकिन उन्हें बिजली क्षेत्र में जरूरी सुधार करने होंगे ताकि वितरण कंपनियों की स्थिति मजबूत हो सके।

01-07-2020
विकास की नई गाथा गढ़ेगी बोधघाट परियोजना,भूपेश बघेल का प्रयास रंग ला रहा है,सिंचाई के साथ मिलेगी बिजली भी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अथक प्रयास से बस्तर संभाग के इंद्रावती नदी पर शुरू होने वाली बोधघाट परियोजना विकास की एक नई गाथा गढ़ने वाली है। इस परियोजना के शुरू होने से न केवल सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा बल्कि इससे विद्युत उत्पादन भी किया जा सकेगा। बोधघाट परियोजना लगभग 22 हजार 653 करोड़ की लागत से दन्तेवाड़ा जिले के गीदम विकासखण्ड के पर्यटन स्थल बारसुर के समीप निर्माण किया जाएगा। इस बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण से इन्द्रावती नदी के जल का सदुपयोग कर बस्तर को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए किया जाएगा। इन्द्रावती नदी पर बनने वाले इस परियोजना के निर्माण से क्षेत्र में वर्षा ऋतु के दौरान नदी के अतिरिक्त जल का संचयन कर शुष्क क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाएगा। इस परियोजना के निर्माण से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता लगभग 3 लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार होगा।

इससे दन्तेवाड़ा जिले के 51 गांव, 218 बीजापुर और सुकमा के 90 गांव के कुल 359 गांव लाभान्वित होंगे।
उल्लेखनीय है कि संभाग के कई क्षेत्रों में भू-जल स्तर कम हो रहा है। इस परियोजना के निर्माण से भू-जल स्तर को भी बढ़ावा मिल सकता है। जिससे लोगों को पेयजल की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। नहरों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की कृषि आवश्यकताओं के अनुसार जल बहाव को नियमित किया जा सकता है। सिंचाई की उपलब्धता से प्रदेश की मुख्य फसल धान के अतिरिक्त अन्य खाद्यान्न उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के निर्माण से 300 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन करने की योजना है। जल विद्युत क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। परियोजना के निर्माण से नौकायन, तैराकी, मत्स्य पालन इत्यादि को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बस्तर संभाग के सांसद, विधायक और सभी जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर पुनः स्थापन और पुनर्वास, पर्यावरण और वन, सामाजिक-आर्थिक मुद्दे, सुरक्षा पहलुओं पर सावधानीपूर्वक विचार किया गया है। परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए पुनर्वास एवं व्यवस्थापन की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।

 

26-06-2020
बिहार में आसमान से गिरी मौत की बिजली, अब तक 92 की गई जान, मृतकों के परिवार वालों को 4 लाख रुपये देने का ऐलान

नई दिल्ली। बिहार में आंधी-तूफान और तेज बारिश ने जमकर कहर बरपाया। बारिश के साथ ही बिजली राज्य में मौत लेकर आई। बिहार में गुरूवार को आकाशीय बिजली गिरने से भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। तेज बारिश और हवा के साथ आकाशीय बिजली गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 92 हो गई है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि मौसम विभाग ने पहले ही गुरुवार और शुक्रवार को मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया था। वहीं, इस आपदा के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है। कुल 38 जिलों में से 23 जिलों में आकाशीय बिजली का कहर दिखा है। सबसे ज्यादा गोपालगंज में 13 लोगों की मौत हुई है। वहीं मधुबनी-नवादा में 8-8 लोगों की मौत हो गई है। दरभंगा और बांका में भी 5-5 लोगों की जान चली गई है।

राज्य में अब तक 92 की मौत :

बिहार में आंधी और बारिश के दौरान बिजली गिरने से अबतक 92 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य व्यक्ति झुलस गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिजली और आंधी-तूफान के कारण राज्य के 23 जिलों में कुल 92 लोगों की मौत हुई है, जिसमें गोपालगंज में सबसे ज्यादा 13 लोग हताहत हुए हैं।

नीतीश कुमार ने की मुआवजे की घोषणा :

वहीं इस घटना के बाद गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवजे देने का ऐलान किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की वजह से हुई मौतों पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों के निधन का दुखद समाचार मिला। राज्य सरकारें तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी हैं। इस आपदा में जिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।'

21-06-2020
Video: करंट लगने से प्रवासी मजदूर और जंगली सुअर की मौत, जानवरों के लिए बिछाया गया था बिजली का तार

कोरबा। करतला वन परिक्षेत्र के ग्राम झिंका के कुर्रिहापारा में करंट की चपेट में आने से एक  प्रवासी मजदूर युवक और जंगली सुअर की मौत हो गई। उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम मड़वारानी के जंगल में घटना सामने आई है। जंगली सुअर को फंसाने के लिए करंट प्रवाहित तार को बिछाया गया था जिसकी चपेट में पहले युवक आया फिर जंगली सुअर भी उसकी चपेट में आके मर गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने जांच शुरु कर दी है। मामला उरगा थाना क्षेत्र का है। जहां मड़वारानी के जंगल में घटना घटी। बताया जा रहा है कि मृतक प्रवासी मजदूर हैं, जो अपने अन्य साथियों के साथ मड़वारानी स्थित अपने घर आ रहा था। इसी दौरान वह तार की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के कुछ देर बात जंगली सुअर भी करंट की चपेट में आ गया और उसकी भी मौत हो गई। घटना के बाद युवक के सभी साथी मौके से फरार हो गए। लोगों को जब घटना की जानकारी मिली तब पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर कोरबा वनमंडलाधिकारी और उरगा पुलिस पहुंच गई। जंगल में करंट प्रवाहित तार बिछाने वाले की तलाश की जा रही है।

16-06-2020
रायगढ़ में बिजली के करंट से एक हाथी की मौत, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

रायपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत का मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रायगढ़ में मंगलवार को एक हाथी की मौत का मामला सामने आया है। धरमजयगढ़ के गिरिशा गांव में हाथी की मौत हुई है। बताया गया कि घटना मंगलवार अल सुबह की है। आशंका है कि बिजली के अवैध कनेक्शन के खुले तारों की चपेट में हाथी आ गया। लोगों ने हाथी को गिरा देखा तो पुलिस और वन विभाग को तत्काल सूचना दी। वन विभाग की शिकायत पर पुलिस मामले में अपराध दर्ज कर रही है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले में दो आरोपियों भादोराम राठिया और बाल सिंह को गिरफ्तार किया है।

10-06-2020
किसान संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर ज़िलाधीश को सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव। जिला किसान संघ के बैनर तले बुधवार को राज्यपाल के नाम अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज़िलाधीश को ज्ञापन सौंपा। इसमें धान खरीदी के अंतर की राशि का एक मुश्त भुगतान, बिजली का निजीकरण, 2017 का सहकारी बैंक का कर्ज माफ,सहित अन्य अनेक मांगें शामिल थी।प्रदर्शन में जिले भर से किसान संघ के पदाधिकारी व किसान प्रतिनिधि शामिल हुए।

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