GLIBS
03-07-2020
रायपुर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, प्रदेश में वर्षा की मात्रा में सुधार होने की अति संभावना

रायपुर। राजधानी में मौसम का मिजाज बदल गया है। गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे से उमस ने लोगों को बैचेन कर दिया था। बादलों के तेवर से कुछ हद तक राहत मिलेगी। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने कहा है कि मानसून द्रोणिका के पूर्वी छोर बंगाल की खाड़ी में चले जाने के कारण छत्तीसगढ़ में वर्षा की मात्रा में सुधार होने की अति संभावना है।

उन्होंने कहा कि मानसून द्रोणिका गंगानगर, नरनौल, ग्वालियर, सीधी, डाल्टनगंज और दीघा होते हुए दक्षिण पूर्व दिशा की ओर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक माध्य समुद्र तल पर स्थित है। विंड शियर जोन 16 डिग्री उत्तर में 3.6 किलोमीटर और 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर और 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से विदर्भ तक एक द्रोणिका 1.5 किलोमीटर और 3.1 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। इन सिस्टमों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 4 जुलाई को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और भारी वर्षा होने की संभावना है।

02-07-2020
म्यांमार में बारिश के कारण खदान में भूस्खलन, 100 की मौत, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

नई दिल्ली। म्यांमार की एक जेड खदान में हुए भूस्खलन में 100 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, इस घटना में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है।जानकारी के अनुसार काचिन राज्य के जेड-समृद्ध हापाकांत क्षेत्र में खनिक जेड पत्थर को इकट्ठा कर रहे थे। इस दौरान भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो गया और ये मजदूर उसके नीचे दब गए। अग्निशमन विभाग ने अपने फेसबुक पोस्ट में इसकी जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया है कि अभी तक 50 शवों को बाहर निकाला गया है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। बता दें कि, इस पूरे क्षेत्र का रखरखाव ठीक प्रकार से नहीं किए जाने के कारण यहां बारिश के दौरान भूस्खलन होता रहता है।

देश के अग्निशमन विभाग और सूचना मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक म्यांमार अग्निशमन विभाग ने कहा, यहां तेज बारिश के कारण भूस्खलन आ गया था, जिसके बाद मजदूर मिट्टी में फंस गए थे। विभाग ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है। हादसा तब हुआ जब मजदूर 250 फीट की ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इनमें कई मजदूरों की मौत डूबने से हुई। बताया गया कि काचिन राज्य के जेड-समृद्ध हापाकांत क्षेत्र में खनिक जेड पत्थर को इकट्ठा कर रहे थे। इस दौरान भूस्खलन हो गया। 

 

14-06-2020
वज्रपात से बैल की मौत

लखनपुर। बीती रात तेज बारिश के साथ हुए वज्रपात से एक बैल की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनपुर थाना क्षेत्र के  ग्राम लोसगा में विगत 13 एवं 14 जून की दरमियानी रात शिवडिहारी पारा निवासी अमीर सिंह का बैल गौशाला के समीप तकरीबन रात 4:30 बजे खड़ा था। तभी तेज गरज चमक के साथ बारिश होने लगी। बारिश के दौरान वज्रपात बैल को अपनी चपेट में ले लिया,जिससे मौके पर ही बैल की मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट बैल मालिक ने लखनपुर थाना में दर्ज कराई है।

 

09-06-2020
मौसम हुआ सुहावना, बारिश से खिले लोगों के चेहरे

रायपुर। तेज बारिश ने प्रदेश के मौसम को सुहावना बना दिया। दोपहर तक तेज धूप के बाद एकाएक मौसम के मिजाज बदलने से लोगों के चेहरे खिल गए। दोपहर में अचानक शुरू हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी बारिश ने गर्मी के असर को कम किया। उधर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जल्द ही मानसून अपनी दस्तक दे देगा। इसके बाद लोगों को आग उगलती गर्मी से राहत मिल जाएगी। साथ ही तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी।

 

30-04-2020
कुछ घंटे में हो सकती है तेज बारिश,मौसम विभाग का अलर्ट

रायपुर। प्रदेश में मौसम एक बार फिर रंग बदलने वाला है। मौसम विभाग ने आज गुरुवार को अलर्ट जारी करते हुए सभी संभागों में बारिश की आशंका व्यक्त की है। विभाग की माने तो कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के साथ बिजली और ओले गिरने की संभावना भी है। पिछले दिनों अचानक हुई बारिश और तेज धूप के कारण तापमान में उतार—चढ़ाव की स्थिति निर्मित हुई थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ओडिशा और उसके आसपास चक्रीय चक्रवाती घेरा बना हुआ है। कुछ घंटों के बाद मौसम में बदलाव के आसार है।

 

13-03-2020
तेज बारिश के दौरान हुआ वज्रपात, चपेट में आए तीन लोगों की मौत

नई दिल्ली। बिहार के सासाराम में वज्रपात से तीन लोगों की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार सुबह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गिजवाही गांव के बाहर घटी। मृतकों में गिजवाही निवासी किसान राजा राम सिंह और मजदूर नगा रजवार के 2 पुत्र गुरु चेला राजवार और राम चेला रजवार शामिल हैं। घटना के संबंध में बताया जाता है कि मजदूर दोनों भाई बाहर खेत में काम कर रहे थे, जबकि किसान राजा राम सिंह अपना फसल देखने के लिए निकले थे। तेज गर्जन के साथ शुरू हुई बारिश को देख तीनों वापस गांव में लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ के नजदीक गिरी बिजली के चपेट में तीनों आ गए, जिससे तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बारिश खुलने के बाद बड़ी संख्या में गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंचे, जहां तीनों का शव घटनास्थल पर पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी है। 

18-09-2019
बिहार : वज्रपात से 17 की मौत, 5 गंभीर रूप से झुलसे, कई मवेशियों हताहत

नई दिल्ली। बिहार के कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई। 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इसके साथ ही कई मवेशियों के भी मरने की खबर है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने इस बात की पुष्टि की है। विभाग ने कहा कि कैमूर से 3-3, पटना, भोजपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और सिवान से 2-2 और कटिहार में एक की मौत की पुष्टि की है। मंगलवार की दोपहर बाद कई जिलों में तेज हवा चलने के साथ ही कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई।
जानकारी के अनुसार, अकेले कैमूर जिले में सबसे अधिक 4 लोगों की मौत बिजली गिरने से हो गई। हालांकि प्रशासन ने 3 मौत की ही पुष्टि की है। वहीं, जिले में अलग-अलग जगहों पर गिरी आकाशीय बिजली के कारण पांच लोग झुलस गए। गया में 3 लोगों की मौत की खबर है। जबकि अरवल जिले में भी मूसलाधार बारिश के साथ कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई है। पटना, भोजपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और सिवान से 2-2 और कटिहार में एक की मौत की पुष्टि की है। 

 

09-09-2019
मध्यप्रदेश में भारी बारिश, निचली बस्तियों में घुसा पानी, स्कूल, कॉलेज बंद

भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। राजधानी भोपाल में लोगों के घरों में पानी घुस गया है और नदियां नाले उफान पर हैं। मंडला जिले में रिकॉर्ड 134 मिली मीटर बारिश हुई। सीहोर में पार्वती नदी उफान पर है। बारिश की वजह से जबलपुर में नर्मदा नदी पर बना बरगी बांध पानी से लबालब हो गया। इस कारण बांध के 21 गेट खोले गए। भोपाल समेत कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। वहीं सिवनी-वैनगंगा नदी में तीन लोग बह गए। इसमें से एक को बचा लिया गया है जबकि दो लोग लापता हैं। यह सिवनी के पुसेरा गांव की घटना बताई जा रही है। सिवनी में दो दिन से लगातार बारिश जारी है। एएसपी और होमगार्ड कमांडेंट मौक़े पर तैनात हैं। राजधानी भोपाल में निचली बस्तियों में पानी भर गया है और आवागमन प्रभावित हुआ है। राज्य में बीते 36 घंटों से कहीं रुक-रुक कर तो कहीं तेज बारिश हो रही है। राज्य के जनसम्पर्क मंत्री पी़सी़ शर्मा ने भोपाल में लगातार जारी भारी वर्षा के बीच प्रभावित गरीब बस्तियों का दौरा किया।

06-09-2019
राजधानी सहित प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई स्थानों में गुरुवार रात से बारिश हो रही है। राजधानी में देर रात से ही गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही है। बस्तर की बात करें तो कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इसके चलते एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने बस्तर के लिए रेड अलर्ट तो प्रदेश के कई स्थानों के लिए यलो अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की चेतावनी दी है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चन्द्रा के अनुसार तटीय ओड़िशा में कम दबाव का क्षेत्र और आस-पास संबंधित चक्रीय चक्रवाती घेरा 7.6 किलोमीटर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण पश्चिम की ओर झुका हुआ है। समुद्र तल से मानसून द्रोणिका बीकानेर, जयपुर, गुना, उमरिया, पेंड्रा रोड, झाड़सुगुड़ा, तटीय ओड़िशा के आस-पास पर कम दबाव के क्षेत्र का केंद्र स्थित है। दक्षिण पूर्व से पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक जो समुद्र तल से 2.1 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला चक्रवाती घेरा पूर्वी मध्यप्रदेश के आस-पास में स्थित है। ये दोनों सिस्टम काफी स्ट्रांग बने है।

मौसम रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को मौसम विभाग ने प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई थी। आगामी 2 दिन बाद प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। रायपुर शहर में बादल मेघमय और वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके चलते अगले 24 से 48 घंटे के लिए मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में यलो और रेड अलर्ट जारी किया है। बता दें कि गुरुवार देर शाम मौसम विभाग से जारी रिपोर्ट के मुताबिक ही प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई थी। रायपुर में तो देर रात से ही बारिश का दौर जारी है। इसके अलावा दुर्ग और बिलासपुर संभाग में भी भारी बारिश के आसार है। उधर बस्तर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। नदी-नाले उफान पर है, जिसकी वजह से पानी सड़कों तक पहुंच गया है। प्रदेश के अधिकांश स्थानों में गुरुवार को हल्की से मध्यम वर्षा और एक -दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई थी। इनमें वर्षा के मुख्य आंकड़े (सेमी )-रायगढ़ -17, मस्तूरी -12, अकलतरा -9, बालोद-7, तमनार, बिलाईगढ़, जांजगीर -6, नगरी, पुसौर, बलौदा, पामगढ़, राजनांदगांव -5, बिलासपुर, शिवरीनारायण -4, घरघोड़ा, नारायणपुर, डौंडी, धरमजयगढ़, गुरुर, छुरिया, बलौदाबाजार, छुईखदान, धभरा, नरहरपुर, बड़ेराजपुर, मैनपुर, डोंगरगांव, लैलूंगा, कोंटा, खरसिया -3, अंबागढ़ चौकी, कोटा, पासी, चांपा, मोहला, अंतागढ़, लोहंडीगुड़ा, डोंगरगढ़, बैकुंठपुर, डौंडीलोहारा, बीजापुर, दुर्ग, देवभोग, बिल्हा, जगदलपुर, कटेकल्याण, कशडोल, केशकाल, गुंडरदेही, भैरमगढ़-2 तथा कुछ और स्थानों पर 1 सेमी और इससे भी कम वर्षा दर्ज की गई थी।

 

14-08-2019
लगातार हो रही बारिश के चलते देवघटी नाला पर बनाई गई 3 पुलिया बहे

कोरिया। जिले में पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश के चलते जिले के वनांचल क्षेत्र भरतपुर विकासखंड के पिपरा पंचायत में देवघटी नाला पर बनाई गई 3 पुलिया एक साथ बह गई है। पुलिया के बह जाने की की वजह से सैकड़ों ग्रामीणों का संपर्क कुदरा ग्राम पंचायत एवं भरतपुर मुख्यालय से टूट गया है। जिससे स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब उनके सामने रोजमर्रा की सामग्रियों की काफी दिक्कत हो रही है। बताया जा रहा है कि इस पुलिया के अलावा ग्रामीणों के आने जाने का कोई और मार्ग नहीं है। जल्दी प्रशासन को इस ओर सुध लेने की आवश्यकता है।

08-08-2019
जशपुर में तेज बारिश से कई मुख्य मार्ग प्रभावित

पत्थलगांव। जशपुर जिले में बीते दो दिनों से हो रही तेज बारिश के बाद किसानों को अवश्य राहत मिली है, लेकिन कई मुख्य सड़कोंं पर वाहनों का आवागमन बंद हो जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जशपुर और अम्बिकापुर से गुजरने वाले कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग की बेहद दयनीय हालत हो जाने से उस पर बार-बार वाहनों का लम्बा जाम लग रहा है। इस हाईवे की बदहाली के चलते जशपुर जिले से पत्थलगांव, रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर जाने वाली यात्री बसों को अब बेवजह लगभग सत्तर किलोमीटर के ग्रामीण रास्तों से अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।

राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अनुविभागीय अधिकारी संजय दिवाकर ने गुरुवार को बताया कि कटनी गुमला हाईवे पर पत्थलगांव से कुनकुरी तक का मुख्य मार्ग अत्यंत जर्जर हो जाने के बाद वाहनों को तपकरा, फरसाबहार के ग्रामीण मार्ग से अधिक दूरी तय करने की मजबूरी बन गई है। उन्होंने बताया कि इस मुख्य सड़क पर वाहनों की लगातार आवाजाही जारी रखने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। तेज बारिश के चलते ही बगीचा तहसील में कैलाश गुफा मुख्य मार्ग सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर वाहनों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। चालू वर्षा मौसम में अब तक जशपुर जिले में बीते वर्ष से कम बारिश हुई है। इससे पहले किसानों का खेती का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ था। जिले में 414.6 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है, जो बीते 10 सालों में जिले में 06 अगस्त तक हुई औसत वर्षा से 154 मिमी कम है।

06-07-2019
छत्तीसगढ़ में मानसून को लेकर अलर्ट, 48 घंटे में तेज बारिश होने की संभावना

रायपुर। प्रदेश में भारी वर्षा को देखते हुए मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों में तेज बारिश होगी। पिछले कुछ दिनों से धीमा बारिश अब अचानक से सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में जोरदार बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले 48 घंटों में प्रदेश के कोरिया कांकेर, कोंडागांव, बस्तर नारायणपुर, कवर्धा और बेमेतरा बलरामपुर, जशपुर, मुंगेली, बिलासपुर सहित कोरबा जिले में भारी वर्षा होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में  वहीं बिलासपुर और बस्तर संगभा में जोरदार बारिश हो सकती है। हालांकि रायपुर और दुर्ग संभाग में भी छिटपुट बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक अब धीरे-धीरे मानसून रफ्तार पकड़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी से प्रभावित मानसून
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की जानकारी मौसम विभाग ने दी है। वही मौसम एक्सपर्ट पीएल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में कुछ हिस्सों में तेज बारिश तो कई हिस्सों में कुछ कम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804