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12-08-2019
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा-भारत-चीन के बीच संबंध स्थिर हो

नई दिल्ली। चीन की तीन दिवसीय यात्रा पर बीजिंग पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि ऐसे वक्त में जब पूरी दुनिया अनिश्चितता की स्थिति का सामना कर रही है तब भारत-चीन संबंधों को स्थिरता का परिचायक होना चाहिए। जयशंकर ने चीनी उपराष्ट्रपति वांग क्विशान से झोंग्ननहाई से उनके आवासीय परिसर में मुलाकात की। बाद में उन्होंने विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक की, जिसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई। राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भरोसेमंद समझे जाने वाले वांग के साथ मुलाकात के दौरान अपनी शुरुआती टिप्पणी में जयशंकर ने कहा कि हम दो साल पहले अस्ताना में एक आम सहमति पर पहुंचे थे कि ऐसे समय में जब दुनिया में पहले से अधिक अनिश्चितता है, हमारे संबंध स्थिरता के परिचायक होने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी के बीच हुई शिखर बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उस वुहान शिखर सम्मेलन के बाद यहां आ कर आज बहुत खुश हूं, जहां वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर हमारे नेताओं के बीच आम सहमति और व्यापक हुई थी। जयशंकर ने कहा कि चीन में पुन: आना बहुत खुशी की बात है और मैं अपने पिछले वर्षों को बड़े उत्साह के साथ याद करता हूं। मैं बहुत खुश हूं कि मेरे कार्यकाल की शुरुआत में ही मुझे यहां आने और हमारे दो नेताओं के बीच अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की तैयारी करने का अवसर मिला, जिसे हम शीघ्र ही देखने की उम्मीद करते हैं। जयशंकर का स्वागत करते हुए उपराष्ट्रपति वांग ने कहा कि मुझे यह भी पता है कि आप चीन में सबसे लंबे समय तक रहने वाले भारतीय राजदूत हैं और आपने हमारे दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाएगी। बाद में, जयशंकर और विदेश मंत्री वांग यी ने सांस्कृतिक और दोनों देशों के लोगों के आपसी संपर्क पर उच्च-स्तरीय तंत्र की दूसरी बैठक की सह-अध्यक्षता की। 

 

 

09-08-2019
किसान पंजीयन नीति एवं निर्देश के संबंध में समिति ऑपरेटरो को दिया गया प्रशिक्षण

सूरजपुर। कलेक्टर दीपक सोनी की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष मे किसान पंजीयन संबंधित बैठक आयोजित किया गया। बैठक मे जिले के 26 समिति (32 उपार्जन केन्द्र) प्रभारी एवं आपरेटरों को शासन द्वारा जारी किसान पंजीयन नीति एवं निर्देश से अवगत कराया गया। कलेक्टर द्वारा समिति प्रबंधकों को किसानों के हित मे कार्य करने एवं पंजीयन के दौरान किसी भी किसान के शिकायत मिलने पर कडी कार्यवाही करने कहा, खाद्य अधिकारी अमृत कुजूर एवं सहायक पंजीयक अनिल तिर्की द्वारा शासन के निर्देशों से अवगत कराया गया तथा किसान पंजीयन का कार्य मुनादी एवं प्रचार-प्रसार कराकर समयसीमा मे पूर्ण कराने कहा है। इसके साथ ही पंजीयन के संबंध मे जिला विपणन अधिकारी बीएस टेकाम एवं उनके कर्मचारियों द्वारा विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला की अंतिम कड़ी मे समितियों द्वारा किसानों के खसरा नंबर एवं सही रकबे की प्रविष्टि जिसका परीक्षण भुंईया साफ्टवेयर के माध्यम से हो सके ऐसा प्रविष्ट करना अनिवार्य होगा तथा यह बताया गया कि जिले मे स्थित ट्रस्ट/संस्था की भूमि का पंजीयन उस पर खेती करने वाले कृषकों का ही पंजीयन किया जा सकेगा। बैठक में अमृत कुजूर खाद्य अधिकारी, बीएस टेकाम जिला विपणन अधिकारी, अनिल तिर्की सहायक पंजीयक, समीर तिर्की डीएम नान, प्रशिक्षक राजू राजवाड़े, अर्जुन गुर्जर, दीपेश साहू एवं सहकारिता निरीक्षक उपस्थित रहे।

08-08-2019
जैव चिकित्सा प्रबंधन एवं निपटान के संबंध में दिया गया प्रशिक्षण

मुंगेली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मुंगेली द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जैव चिकित्सा प्रबंधन एवं निपटान के संबंध में शासकीय चिकित्सालयों एवं गैर शासकीय चिकित्सालय/क्लीनिक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं वेस्ट हैण्डलर (सफाई कर्मियों) को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल बिलासपुर के वैज्ञानिक एवं सहयोगी डाॅ. अनिता यादव द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में चिकित्सालयों में उत्पन्न बायोमेडिकल वेस्ट के प्रबंधन एवं निपटान करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा काॅमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रिटमेंट से अनुबंध करने व छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल से जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन हेतु ऑनलाइन प्राधिकार प्राप्त करने की जानकारी दी गई। साथ ही समस्त चिकित्सा संस्थानों को सीवेज ट्रिटमेंट प्लांट (एस.टी.पी.) स्थापना हेतु निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण में शासकीय एवं गैर शासकीय चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

 

06-08-2019
चिरायु दल चलाएगा काॅलेजों में नशामुक्ति के संबंध में जनजागरूकता अभियान

धमतरी। जिला रोजगार एवं स्व-रोजगार मार्गदर्शन केन्द्र द्वारा स्कूल-काॅलेजों में विद्यार्थियों की कैरियर गाइडेंस एवं काॅउंसिंलिग की जाएगी। यह काॅउंसिंलिग संकायवार होगी। छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा एवं अतिरिक्त प्रभार महानिदेशक छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी तथा जिले के प्रभारी सचिव रेणु पिल्ले ने जिला रोजगार अधिकारी को इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि जिले के युवाओं को अपना कैरियर चुनने में आसानी हो। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत चिरायु दलों द्वारा काॅलेजों में नशामुक्ति के संबंध में जनजागरूकता लाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें। साथ ही समय-समय पर मनोचिकित्सक भी विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रह कर अपनी सेवाएं देंगें। प्रभारी सचिव ने इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. डीके तुर्रे को दिए। जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले में विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहीं थी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने उक्त निर्देश दिए। इस मौके पर डाॅ. तुर्रे द्वारा बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा के अनुरूप बच्चे के जन्म के एक सप्ताह के भीतर ही उन्हें स्वास्थ्य संस्था से जन्म प्रमाण पत्र दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है, जिसे प्रभारी सचिव ने काफी सराहा।

 

27-07-2019
पुलिस महानिदेशक ने जारी किया पुलिस अभिरक्षा में आरोपियों की सुरक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश

रायपुर। पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने पुलिस अभिरक्षा में होने वाली मृत्यु की घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी आरोपी को अनावश्यक रात्रि में पुलिस अभिरक्षा में नहीं रखा जाए, दिन में ही संबंधित आरोपी की गिरफ्तारी कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। गिरफ्तार व्यक्ति का नियमानुसार स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उसके शारीरिक और मानसिक स्थिति की जांच करा ली जाए, राज्य के सभी पुलिस थानों के हवालात और शौचालय पूरी तरह सुरक्षित हो और गिरफ्तार व्यक्ति के लिए नियमानुसार निर्धारित समय पर भोजन इत्यादि अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए और इसकी प्रविष्टि थाने के डेली-डायरी में किया जाए। यदि विशेष परिस्थिति में किसी व्यक्ति को रात में लॉकअप में रखा जाता है, तो उसकी सुरक्षा के लिए नामजद अधिकारी-कर्मचारियों को कर्त्तव्यस्थ किया जाए। महिलाओं और बच्चों के गिरफ्तारी के संबंध में मानव अधिकार आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए और समय-समय पर पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों का भी पालन किया जाए। पुलिस थानों में गिरफ्तार व्यक्तियों के सुरक्षा का दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए, यह दायित्व संबंधित थाना प्रभारी/ ड्यूटी ऑफिसर, प्रधान आरक्षक, मोहर्रिर एवं सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारियों का होगा। पुलिस महानिदेशक श्री अवस्थी ने पुलिस अधीक्षकों को प्रतिदिन अपने जिलों के थानों का नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण करने एवं थाने के अधिकारियों-कर्मचारियों को गिरफ्तार व्यक्ति के सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्देश और समझाइश देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को थानों के हवालात और शौचालयों इत्यादि की सुरक्षा जांच करने करने के भी निर्देश दिए हैं। श्री अवस्थी ने किसी भी थाना या पुलिस चौकी में पुलिस अभिरक्षा में प्रताड़ना या मृत्यु की घटना नहीं होना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, इसके लिए संबंधित थाना प्रभारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा और सतत् पर्यवेक्षण के लिए संबंधित राजपत्रित अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार होंगे।

 

22-06-2019
बाल हितैषी पुलिस थाना विकसित किए जाने के संबंध जारी की जाएगी एसओपी :एडीजीपी जुनेजा

रायपुर। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय द्वारा यूनीसेफ के सहयोग से बाल हितैषी पुलिस थाना विकसित किए जाने के लिए प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रदेश भर से आए पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस के समक्ष वैसे तो बहुत सी चुनौतियां हैं, परन्तु हमारा फोकस मुख्य रूप से बच्चों और महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों को रोकने पर होना चाहिए। बाल अपराध राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की समस्या है। इस पर नियंत्रण हेतु समय-समय पर कानून में संशोधन किए गए हैं और उच्चतम न्यायालय द्वारा बाल अपराध संबंधी मामलों में सीधे निगरानी की जाती है। पुलिस अधिकारियों को उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। बाल अपराध रोकने के लिए शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बाल कल्याण समिति और जिला प्रशासन सहित कई विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। पुलिस विभाग के विशेषकर महिला पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्र के स्कूलों से भी निरंतर संपर्क बनाए रखना चाहिए और बच्चों के मामले में विशेष सावधानी बरतते हुए कार्यवाही करना चाहिए। 
श्री जुनेजा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय की ओर से बाल हितैषी पुलिस थाना बनाए जाने के संबंध में शीघ्र ही दिशा-निर्देश (एसओपी) समस्त पुलिस अधीक्षकों को जारी की जाएगी। उन्होंने यूनीसेफ के अधिकारियों को इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजन के लिए प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि इसप्रकार के प्रशिक्षण राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाएं। श्री जुनेजा ने आशा व्यक्त किया कि यहां से प्रशिक्षित होकर पुलिस अधिकारी अपने जिले में अन्य पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करेंगे। श्री जुनेजा ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को बाल हितैषी पुलिस थाना विकसित करने के लिए आवश्यक सामग्रियों का किट बैग भी वितरित किया। कार्यक्रम में उप-पुलिस महानिरीक्षक नेहा चंपावत, सहायक पुलिस महानिरीक्षक पूजा अग्रवाल सहित पुलिस मुख्यालय और यूनीसेफ के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला में आभार प्रदर्शन यूनीसेफ के अधिकारी  चेतना देसाई ने किया।

14-06-2019
लेखा समाधान के संबंध में बैठक 18 जून को

रायपुर। लोकसभा निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण और लेखा समाधान के संबंध में आगामी 18 जून को शाम 4 बजे कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई है। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए नियुक्त व्यय प्रेक्षक, सभी अभ्यर्थी और उनके अभिकर्ता उपस्थित रहेंगे। निर्वाचन परिणाम की घोषणा के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा आयोजित इस बैठक में अभ्यार्थियों को निर्वाचन व्यय के समाधान के लिए और एक मौका दिया जाएगा ताकि निर्वाचन के लेखे में निर्वाचन व्यय की विवादित मदो का लेखा-समाधान कर सकें। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 08 रायपुर के समस्त अभ्यर्थियों को लेखा समाधान बैठक में उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।    

 

15-04-2019
शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना माना जाएगा बलात्कार

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की एक महिला की शिकायत पर देश की शीर्ष अदालत उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार है। ऐसी हरकतें महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला नजीर बन गया है। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और एमआर शाह की बेंच ने कहा है कि कई बार ऐसा होता है कि पीडि़ता और रेपिस्ट दोनों अपने-अपने जीवन में आगे निकल जाते हैं। वे अपने-अपने परिवारों का ख्याल रखते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसने कोई अपराध नहीं किया है। उसकी हरकतों को हमेशा अपराध माना जाएगा। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी घटनाएं आधुनिक समाज में बढ़ रही हैं। न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार मामला छत्तीसगढ़ का है। कोनी  बिलासपुर  की महिला ने एक डॉक्टर पर 2013 में उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। महिला ने कोर्ट को बताया था कि वह 2009 से डॉक्टर से परिचित थी। इन दोनों के बीच प्रेम सम्बंध था। आरोपी ने महिला को शादी करने का झांसा दिया था। दोनों पक्षों के परिवार भी यह अच्छी तरह जानते थे। आरोपी ने बाद में एक दूसरी महिला के साथ सगाई कर ली, लेकिन उसने पीडि़ता के साथ प्रेम संबंध खत्म नहीं किया। उसने बाद में अपना वादा तोड़ दिया और किसी दूसरी महिला के साथ शादी कर ली।

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