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07-02-2020
बजट सत्र 2020 : एक जून से ‘एक देश एक राशन कार्ड’ योजना होगा लागू

नई दिल्ली। बजट सत्र के सातवां दिन पक्ष और विपक्ष के बीच खूब हंगामे हुई। इसी बीच केंद्र सरकार ने बताया कि एक देश एक राशन कार्ड योजना के तहत पूरे देश में एक जून से एक राशन कार्ड लागू कर दिया जाएगा। यह योजना अभी 12 राज्यों में लागू है। रामविलास पासवान ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को यह सुविधा दी जाएगी। इससे देश में कहीं भी राशन ले सकते है। पासवान ने कहा कि 2013 में 11 राज्यों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद अब इसके दायरे में सभी राज्य आ गए हैं। इसके आगे बताया कि इस योजना के अगले चरण में सरकार ने पूरे देश के लिये एक ही राशन कार्ड जारी करने की पहल गत एक जनवरी को 12 राज्यों (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा, त्रिपुरा गोवा, झारखंड और मध्य प्रदेश) से शुरू कर दी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एक देश एक राशन कार्ड के लिये नए कार्ड की जरूरत नहीं होगी। साथ ही नए कार्ड जारी किए जाने की अफवाहों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि यह बिचौलियों का खेल है, अगर यह खेल नहीं रुका तो मंत्रालय इसकी सीबीआई जांच कराने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस योजना के तहत सभी राशन की दुकानों को फिंगर प्रिंट पहचान मशीन से लैस करने और राशन कार्ड को आधार से लिंक करने की अनिवार्यता को देखते हुए पूर्वोत्तर राज्यों को इस समय सीमा से मुक्त रखा गया है।

06-02-2020
बजट सत्र 2020: पीएम मोदी आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में करेंगे चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। केंद्र सरकार राष्ट्रपति के अभिभाषण को बिना किसी संशोधन के लोकसभा और राज्यसभा से पारित करवाने का प्रयास करेगी। वहीं कांग्रेस, वामदल, टीएमसी, बसपा और सपा केंद्र सरकार को एनआरसी-सीएए पर घेरने की कोशिश करेंगे। आपको बता दें कि राष्ट्रपति के अभिभाषण को बिना किसी संशोधन के पारित कराने की जिम्मेदारी मौजूदासरकार की होती है। इससे उस सरकार के लोकसभा और राज्यसभा में शक्ति का पता चलता है। 

05-02-2020
मोतीलाल वोरा ने संसद में उठाया ई-टिकटों की कालाबाजारी का मामला, जानिए क्या कहा, पढ़े पूरी खबर..

रायपुर। राज्यसभा में शून्यकाल में मोतीलाल वोरा सांसद ने ई-टिकटों की कालाबाजारी और उसके कारण ईमानदार रेल यात्रियों को होने वाली असुविधा का मामला उठाया। इस संबंध में बोलते हुए उन्होंने कहा कि रेलवे का टिकट बिक्री का कारोबार सालाना 55 हजार करोड़ का है। मांग व आपूर्ति में भारी अंतर के चलते कंफर्म टिकट की मांग हमेशा बनी रहती है। यात्री मजबूरी में यात्री टिकट की तय कीमत से दोगुना पैसा दलालों को देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि देश में ई-टिकटिंग की कालाबाजारी पिछले कुछ सालों से चल रही है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के वर्तमान महानिदेशक ने ई-टिकट कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाया है और इसमें गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। इसके तार पाकिस्तान,बांग्लादेश,दुबई और सिंगापुर आदि देशों से जुड़े है। रेल यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा दलालों के लिए मोटी कमाई का जरिया बन गई है। देशभर में रोजाना साढ़े तीन हजार से अधिक लंबी दूरी की यात्री ट्रेन चलती है और हर रोज लगभग 12 लाख कंफर्म टिकट की बुकिंग होती है। दलाल आधुनिक साफ्टवेयर की मदद से आईआरसीटीसी की वेबसाइट में सेंधमारी कर, 85 फीसदी कंफर्म टिकट हथिया रहे हैं। रेलवे के माध्यम से रेल यात्रियों को मात्र 15 फीसदी कंफर्म टिकट मिल रहे हैं। निश्चय ही इस कार्य में काफी बड़ा गिरोह सक्रिय होगा। मोतीलाल वोरा ने सरकार से आग्रह किया कि वह ई-टिकटों की दलाली में लगे एजेंट तथा अन्य लोगों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करें, और रेलवे का सॉफ्टवेयर अत्याधुनिक लगाया जाये ताकि उसमें सेंध न लगाई जा सके और इस अवैध कारोबार को रोका जा सके।

 

13-01-2020
सीएए के समर्थन में भाजयुमो ने बनाई मानव श्रृंखला

रायपुर। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। साथ ही रायपुर के तेलीबांधा तालाब के निकट मानव श्रृंखला बनाकर नागरिकता संसोधन कानून का समर्थन किया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह दुर्भग्यपूर्ण है कि लोकसभा और राज्यसभा से पास होकर बने सीएए कानून को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। कांग्रेस पार्टी व अन्य विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए अल्पसंख्यक मुसलमानों के कंधे का उपयोग अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए कर रहे हैं। जबकि केंद्र की मोदी सरकार ने यह कानून धर्म के आधार पर पीड़ित लोगों को भारत की नागरिकता देने के लिए बनाया है ना की किसी की नागरिकता छीनने के लिए। भाजपा की राष्ट्रवादी सोच यह है कि पूजा पद्धति चाहे जो भी हो भारत का मुसलमान भी मां भारती की संतान हैं। कोई उन्हें मातृभूमि से जुदा नहीं कर सकता।

 

10-01-2020
व्यक्ति का विकास ही हमारा लक्ष्य, शहर के विकास में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बड़ी जिम्मेदारी : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में नगर निगम रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे और पार्षदों के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केवल रायपुर शहर के विकास में ही आप सबकी बड़ी जिम्मेदारी और भूमिका नहीं है, बल्कि आपके कार्यों से छत्तीसगढ़ की पहचान और छवि भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहर के विकास के लिए धन राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा आज नगर निगम कोरबा में महापौर पद के लिए हुए निर्वाचन सहित प्रदेश के सभी दस नगर निगमों में उनके दल की जीत हुई है। रायपुर नगर निगम में जीत की हैट्रिक लगाई गई है। इसी तरह करीब 28 नगर पालिका परिषदों और 61 नगर पंचायतों में भी हमारी जीत हुई है। उन्होंने कहा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रति नागरिकों की उम्मीद और विश्वास बहुत ज्यादा है और हमें उनकी उम्मीदों को पूरा करना है। भूपेश बघेल ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार की योजना के केन्द्र में व्यक्ति है। व्यक्ति का विकास करना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा हमें छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के क्षेत्र में बेहतर से बेहतर कार्य करना हैं और जब तक इसे नहीं करेंगे तब तक चैन से नहीं बैठेगें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छेरछेरा का पारंपरिक त्यौहार है। इस अवसर पर उन्होंने और उनके मंत्रीमंडल के सदस्यों ने रायपुर के दूधाधारी मठ जाकर दान मांगा। वहां के मंहत महाराज रामसुन्दर दास ने धान के साथ-साथ कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ में जारी कुपोषण मुक्ति अभियान के लिए सवा लाख रुपए की धन राशि भी दान में दी। उन्होंने कहा कि जब भी समाज किसी अभियान के लिए आगे आकर सहयोग देता है, तो उस लड़ाई को जीतना आसान हो जाता है। छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ जंग जीती जाएगी।

समारोह में मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा दिया है। रायपुर शहर में जितनी अधिक विकास की चुनौती है उतनी अधिक विकास की संभावनाएं भी है। रायपुर शहर के विकास के लिए जितनी धन राशि की जरूरत होगी उसकी पूर्ति की जाएगी। समारोह को राज्यसभा छाया वर्मा, विधायक मोहन मरकाम, डॉ. शिव डहरिया, सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, अनिता योगेन्द्र शर्मा, सूर्यकांत राठौर ने भी सम्बोधित किया।

नवनिर्वाचित महापौर एजाज ढेबर ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि रायपुर शहर की पहचान स्वच्छ, सुन्दर, प्रदूषण मुक्त शहर के रूप में हो। उन्होेंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भावना के अनुरूप गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के साथ-साथ आवास, पेयजल, रोजगार, पानी टेंकर मुक्त शहर, मोर जमीन मोर मकान योजना, वार्ड कार्यालय योजना, पौनी पसारी योजना जैसे अनेक कार्यों पर विशेष रूप से जोर दिया जाएगा।

नवनिर्वाचित सभापति प्रमोद दुबे ने कहा कि राष्ट्रपति ने स्वच्छता के लिए रायपुर शहर को पुरुस्कृत किया था। इसी तरह शुध्द पेयजल के सबंध में भी रायपुर को सम्मानित किया गया था। राजनीति से ऊपर उठकर रायपुर शहर के विकास के लिए कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने स्वामी विवेकानंद के जयंती के अवसर पर 12 जनवरी से 14 जनवरी तक आयोजित होने वाले युवा महोत्सव में प्रदेश के नागरिकों को शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में राज्य के विभिन्न सांस्कृतिक एवं पांरपरिक खेल विधाओं के 7 हजार प्रतिभागी भाग ले रहे है। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, धनेन्द्र साहू, पंड़ित रामसुन्दर दास, फुलो देवी नेताम, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, वरिष्ठ  पुलिस अधीक्षक मोहम्मद आरिफ शेख, नगर निगम कमिश्नर डॉ. शिव अनंत तायल सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

 

29-12-2019
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर केन्द्र सरकार फैला रही भ्रम : सिंहदेव  

रायपुर। मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर केन्द्र सरकार भ्रम फैला रही है और भ्रम कौन फैला रहा है यह तो इसी से स्पष्ट  होता है कि एनआरसी के संबंध में और डिटेनशन कैंप के संबंध में राज्यसभा और लोकसभा में देश के गृह राज्य मंत्री ने यह बयान दिया, एक बयान उनका आया कि देश में 3 डिटेनशन सेंटर बनाए जा चुके हैं। दूसरा उनका बयान नहीं आॅन रिकार्ड स्टेटमेंट है कि 6 डिटेनशन कैम्प है आसाम में। प्रधानमंत्री कहते हैं कि एक भी डिटेनशन कैंप नहीं है।  या तो प्रधानमंत्री को स्वयं मानना चाहिए कि हमारा मंत्री गलत बोल रहा है, इस काबिल नहीं है मंत्रिमंडल का सदस्य रहे इनको हटा रहा हूं या अपने बयान को उनको ठीक कर लेना चाहिए। मिलिये मंत्री से कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय, वाणिज्यक कर (जीएसटी) मंत्री टीएस सिंहदेव आज दोपहर राजीव भवन में कांग्रेसजनों से मिले। इस दौरान मीडिया से उन्होंने चर्चा की। मंत्री सिंहदेव ने कहा कि उनको देश के सामने ये ऑन रिकॉर्ड देश की संसद में देश के गृह राज्य मंत्री का बयान है और उसको यह कहते हैं कि सही नहीं है। उनके प्रधानमंत्री कहते हैं एक भी नहीं, उनके गृह मंत्री कहते हैं एक है शायद। उनके गृह राज्य मंत्री का कथन है राज्यसभा और लोकसभा में कि 3 और 6 डिटेनशन कैंप है। यह है देश के हालात है, ये हैं देश में भ्रम फैलाने वाले। यह वही लोग हैं जिन्होंने एनआरसी के संबंध में कहा यह तो पहले से था,यदि पहले से व्यवस्था थी तो किसी सरकार ने लागू किया क्या ? देश के एकमात्र राज्य में एनआरसी बनाने की प्रक्रिया चली ,क्यों चली क्योंकि आसाम एकॉर्ड हुआ था।  केवल देश के एक प्रांत में इसे करने का निर्णय लिया गया था और आसाम का भी अनुभव था,पहले दौर में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा नियंत्रण करने के बाद 40,00000 लोगों के नाम कटे थे। दूसरी बार उन्होंने कहा कि 19,00000 लोगों का सिटीजन रजिस्टर में नाम अंकित नहीं हो पाया।  ऐसी प्रक्रिया और प्रमाण उपलब्ध कराने के कमियों का अभाव, वास्तविक कमियों का अभाव जिस कारण से नागरिकता प्रभावित हो सकती है। आसाम जैसे प्रांत में जहां एकॉर्ड के चलते आपने किया, जहां पर ऐसे हालात हैं तो कौन सी बुद्धिमानी करती है कि कहती है कि पूरे देश में लागू करो।

मंत्री सिंहदेव ने कहा कि सुकमा, नारायणपुर में-नारायणपुर का क्षेत्र छत्तीसगढ़ और देश का एक ऐसा क्षेत्र है जहां आज तक रेवेन्यू रिकॉर्ड विद्यमान नहीं है। अबूझमाड़ में आज तक रेवेन्यू रिकॉर्ड नहीं बने हैं और सेटेलाइट से उसके मैपिंग की बात हो रही है। किस आधार पर नागरिकता देंगे, अबूझमाड़ के अब हमारे साथी डिटेनशन कैंप में रहेंगे। यह कारण है कि इसको प्रैक्टिकली नहीं कर सकते। दूसरा अगर आप कहते हैं बाहर से लोग आए हुए हैं, आपको मालूम है कि आए हुए हैं तो सबको क्यों उसमें डालना। पता है आए हैं तो उनके पास जाइए नागरिकता दीजिए या देश से बाहर करिए। आप देश के सर्वोच्च प्रजातांत्रिक पद पर जिम्मेदारी लेकर, शपथ लेकर बैठे हो और कह रहे हो मालूम है तो फिर बाकी लोगों की जांच करने से क्या मतलब इसका औचित्य नहीं है।

मंत्री सिंहदेव ने कहा कि राहुल गांधी ने बिल्कुल ठीक कहा जिस तरीके से नोटबंदी से आपने सारे देश में अव्यवस्था उत्पन्न की। वही का वही इसमें होना है। 200 लोगों को पकड़ने के लिए यदि 20 करोड़ लोगों को परेशान कर रहे हैं, आपके पास सारा अमला है उनकी जांच करिए सब की जांच करने से क्या मतलब, कोई औचित्य नहीं है। केवल लोगों का ध्यान भटकाना कि हमारे देश का विकास दर 4.5 और संभावना लोग व्यक्त कर रहे हैं 4 प्रतिशत ये नए विद्यमान पर। जो पुराना जो विकास दर था,उस आधार पर अगर देश की अर्थव्यवस्था को आकेंगे तो 2 प्रतिशत पर है।  आपने बेस बदल दिया तो आप 4-साढ़े 4 पर्सेंट में हैं तो इससे ध्यान हटाना है।  बेरोजगारी 47 साल के चरम पर है, उससे ध्यान आप को हटाना है।  रोजगार नए सृजित नहीं हो पा रहे हैं, उससे आपको ध्यान हटाना है। कुल मिलाकर देश से लोगों का ध्यान हटाना है तो ऐसा बवंडर खड़ा कर दो जिससे लोगों का ध्यान इधर-उधर हो जाए। मेरा विरोध का कारण है कि इसका कोई औचित्य नहीं है, इसका कोई कारण नहीं है कि आपको इसको लेना चाहिए, इससे आपको हल नहीं मिलेगा। आज जितनी परेशानी है उससे 10 गुना ज्यादा लोगों को परेशानी होगी, हल कुछ नहीं निकलेगा।

26-12-2019
सरकारी एजेंसियों को एयर इंडिया ने किया टिकट देने से मना, बताया यह कारण...

नई दिल्ली। एयर इंडिया ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों को क्रेडिट बेस पर टिकट देने से इनकार कर दिया है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि जब तक बकाया राशि नहीं क्लियर कर ली जाती है तब तक कंपनी क्रेडिट बेस पर सरकारी एजेंसियों को टिकट नहीं देगी। इन विभिन्न सरकारी एजेंसियों पर एयर इंडिया का तकरीबन 268 करोड़ रुपये बकाया है। बता दें कि इससे पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले महीने संसद में कहा था कि राष्ट्रीय कैरियर, एयर इंडिया का निजीकरण नहीं होने की स्थिति में इसे बंद करना होगा। उन्होंने हालांकि कहा था कि सभी कर्मचारियों के लिए एक अनुकूल सौदा सुनिश्चित किया जाएगा। पुरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था कि मैं उस हद तक जाऊंगा और यह कहूंगा। इसके बाद पुरी ने कहा कि निजीकरण नहीं होने पर एयरलाइन को बंद कर दिया जाएगा। सरकार राष्ट्रीय वाहक में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली दस्तावेज तैयार कर रही है और विनिवेश प्रक्रिया को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च निर्धारित की गई है। पहले के प्रयास में मोदी सरकार ने मई 2018 में अपनी 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया था, लेकिन बोली के पहले चरण में एक भी निजी पार्टी ने रुचि नहीं दिखाई। 

22-12-2019
रामलीला में गरजे प्रधानमंत्री, कहा - मोदी का विरोध करो गरीब की झोपड़ी मत जलाओ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान से एक रैली को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने देशभर में नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर हो रही हिंसा, एनआरसी, मुसलमान, विपक्ष, अर्बन नक्सल से लेकर हर मुद्दे पर अपनी बात रखी। विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह देशभर मे झूठ फैला रहे हैं। ये लोग सीएए को गरीबों के खिलाफ ही बता रहे हैं, कह रहे हैं कि जो लोग आएंगे वो यहां के गरीबों का हक छीन लेंगे। कम से कम झूठ फैलाने से पहले गरीबों पर दया करो भाई। उन्होंने कहा कि आपको मोदी का विरोध करना है तो कीजिए लेकिन देश की संपत्ति को नुकसान मत पहुंचाइये। प्रधानमंत्री ने नागरिकता कानून को लेकर लोगों से देश की संसद, लोकसभा, राज्यसभा और चुने हुए प्रतिनिधियों का सम्मान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, 'ये लोग किस तरह अपने स्वार्थ के लिए, अपनी राजनीति के लिए किस हद तक जा रहे हैं, ये आपने पिछले हफ्ते भी देखा है। जो बयान दिए गए, झूठे वीडियो, उकसाने वाली बातें कहीं, उच्च स्तर पर बैठे लोगों ने सोशल मीडिया में डालकर भ्रम और आग फैलाने का गुनाह किया है।'

किसी योजना के लाभार्थी से उसका धर्म नहीं पूछा

प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक के पास होने के बाद कुछ राजनीतिक दल तरह-तरह की अफवाहें फैलाने में लगे हैं, लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, भावनाओं को भड़का रहे हैं। मैं उनसे जानना चाहता हूं, क्या जब हमने दिल्ली की सैकड़ों कॉलोनियों को वैध करने का काम किया, तो किसी से पूछा क्या कि आपका धर्म है, आपकी आस्था क्या है, आप किस पार्टी के समर्थक हैं। उज्जवला योजना के लाभार्थियों से हमने पहले उनका धर्म नहीं पूछा। विपक्ष भेदभाव साबित करे।

मोदी का विरोध करो गरीब की झोपड़ी मत जलाओ

नागरिकता कानून का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसे लेकर प्रधानमंत्री ने रैली में कहा, 'मैं इन लोगों को कहना चाहता हूं कि मोदी को देश की जनता ने बैठाया, ये अगर आपको पसंद नहीं है, तो आप मोदी को गाली दो, विरोध करो, मोदी का पुतला जलाओ, जिन्हें मेरा विरोध करना है वे मेरे पुतले पर जूते मारें लेकिन देश की संपत्ति मत जलाओं, गरीब का रिक्शा मत जलाओं, गरीब की झोपडी मत जलाओ।'

पुलिसवाले धर्म पूछकर नहीं करते मदद

प्रधर्शन के दौरान लोग पुलिसवालों पर हमला कर रहे हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, 'पुलिस वालों को अपनी ड्यूटी करते समय हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। जिन पुलिसवालों पर ये लोग पत्थर बरसा रहें हैं, उन्हें जख्मी करके आपको क्या मिलेगा? आजादी के बाद 33 हजार से ज्यादा पुलिसवालों ने, शांति के लिए, आपकी सुरक्षा के लिए शहादत दी है। जब कोई संकट या मुश्किल आती है तो ये पुलिस न धर्म पूछता है न जाति पूछता है, न ठंड देखता है न बारिश देखता है और आपकी मदद के लिए आकर खड़ा हो जाता है।'

20-12-2019
नीतीश कुमार ने कहा, बिहार में लागू नहीं होगा एनआरसी

पटना। देश के कुछ शहरों नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि राज्य में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर लागू नहीं किया जाएगा। नागरिकता कानून को लेकर नीतीश कुमार ने कोई बयान नहीं दिया है। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने लोकसभा और राज्यसभा में नागरिकता कानून के पक्ष में वोट किया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमारे रहते अल्पसंख्यकों की उपेक्षा नहीं होगी। विपक्षी राजद और कांग्रेस का नाम लिए उनकी ओर इशारा करते हुए नीतीश ने कहा 'जो लोग भड़का रहे हैं, उन्होंने अपने राजपाट के दौरान उन्हें कौन सी सुविधाएं दी। हमलोगों ने हर वर्ग के लिये काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा था बिहार के हितों के साथ-साथ राज्य के इलाकों के विकास के लिये काम करते रहेंगे। 

 

12-12-2019
नागरिक संशोधन बिल देश हित में : संजय अग्रवाल

कोरिया। राज्यसभा में पहले नागरिक संशोधन विधेयक, सिलेक्ट कमिटी में भेजने का प्रस्ताव गिरा। प्रस्ताव के विपक्ष में 124 और पक्ष में 99 वोट पड़े। सभी प्रस्ताव गिरने के बाद, अंत में CAB के पक्ष में 125 और विपक्ष में 105 मत पड़े । वहीं शिवसेना ने मतदान का बहिष्कार किया है । वहीं इस बिल के लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास होने के बाद कोरिया जिला के भाजपा नेता संजय अग्रवाल ने इसे देश हित मे बताते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन बिल नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों को बदलने के लिए पेश किया जा गया है, जिससे नागरिकता प्रदान करने से संबंधित नियमों में बदलाव होगा।

संजय अग्रवाल ने कहा कि नागरिकता बिल में इस संशोधन से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदुओं के साथ ही सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों के लिए बगैर वैध दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता हासिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए देश में 11 साल निवास करने वाले लोग योग्य होते हैं। नागरिकता संशोधन बिल में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के शरणार्थियों के लिए निवास अवधि की बाध्यता को 11 साल से घटाकर 6 साल करने का प्रावधान है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के सभी गैरकानूनी प्रवासी हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई भारतीय नागरिकता के योग्य हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके अलावा इन तीन देशों के सभी छह धर्मों के लोगों को भारतीय नागरिकता पाने के नियम में भी छूट दी जाएगी। ऐसे सभी प्रवासी जो छह साल से भारत में रह रहे होंगे, उन्हें यहां की नागरिकता मिल सकेगी। पहले यह समय सीमा 11 साल थी।

12-12-2019
नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर असम के लोगों से कहा डरने की जरूरत नहीं, नागरिकता संशोधन बिल से भड़की हिंसा पर मरहम

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर असम की जनता को भरोसा दिलाया है नागरिकता संशोधन बिल से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। मोदी का ये ट्वीट अब आया है जब नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया और अब इसका कानून बनना तय है। असम समेत पूर्वोत्तर में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध हो रहा है और ये हिंसक हो गया है। मुख्यमंत्री के घर पर पथराव के बाद वँहा 10 जिलों में इंटरनेट सेवा बन्द कर दी गई है। कुछ स्थानों पर कर्फ्यू लगा दिया गया है और सेना को भी फ्लैग मार्च करना पड़ा है। स्थिति बिगड़ती देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये ट्वीट असम के लोगों के गुस्से को शांत करने की दिशा में एक पहल माना जा सकता है।

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