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30-01-2020
वायनाड रैली : राहुल गांधी का आपत्तिजनक बयान, गोडसे से की नरेंद्र मोदी की तुलना

नई दिल्ली। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे से की है। राहुल गांधी ने वायनाड रैली में कहा कि नाथूराम गोडसे और नरेन्द्र मोदी की विचारधारा एक ही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह भारतीयों से भारतीय होने का सबूत मांग रहे हैं। बता दें कि राहुल गांधी गुरुवार को वायनाड में 'संविधान बचाओ' मार्च की अगुवाई करते हुए संबोधित कर रहे थे। इससे पहले राहुल इसी हफ्ते जयपुर में भी रैली को संबोधित कर चुके हैं।

राहुल गांधी ने केरल के कलपेट्टा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे ने महात्मा कांगधी को सिर्फ इसलिए मारा क्योंकि उसे खुद पर ही विश्वास नहीं था। उसे किसी से प्यार नहीं था,उसे किसी से सरोकार नहीं था, उसे किसी में विश्वास नहीं था। अब यही हाल प्रधानमंत्री का है, वे सिर्फ खुद से प्यार करते हैं, केवल खुद पर ही विश्वास करते हैं। नरेंद्र मोदी में यह कहने की हिम्मत नहीं है कि वह गोडसे में विश्वास करते हैं।

30-01-2020
स्वरा भास्कर का ट्वीट हो रहा वायरल,कही यह बात.....

 

मुंबई। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने ट्वीट किया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अपने ट्वीट में स्वरा भास्कर ने महात्मा गांधी की एक पेंटिंग भी शेयर की है, जिसमें महात्मा गांधी को गोली लगी नजर आ रही है। जहां उनके चारों और बैठे लोग रोते नजर आ रहे हैं। इस पेंटिंग को शेयर करते हुए स्वरा भास्कर ने लिखा, "जिस विचारधारा ने महात्मा गांधी की हत्या की, वह आज भी हमारे बीच है। गांधी को मारने वाली विचारधारा आज भी हमारे बीच जीवित है। 

07-01-2020
क्या पब्लिसिटी/मार्केटिंग राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण है? क्या फ़िल्म की कमाई देश के नुकसान से ज्यादा सुकुन देगी?

रायपुर। बॉलीवुड की सुपरस्टार दीपिका पादुकोण का अचानक जेएनयू पहुंच जाना सुर्खियों में बना हुआ है। दीपिका पादुकोण 10 मिनट वहां रुकी मगर ना उन्होंने कुछ कहा और ना ही उस आंदोलन के बारे में अपनी राय जाहिर की। बस खामोश रही। अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और चली गई। कारण क्या था? यह वही जाने। लेकिन उनके वहां अचानक पहुंच जाने से बहुत से सवाल सामने आते हैं? क्या बॉलीवुड की मशहूर हस्तियों को इस तरह जाने अनजाने किसी आंदोलन को हवा देने के लिए पहुंच जाना? और बिना समर्थन दिए वहां से निकाल जाना जायज है? क्या अचानक किसी आंदोलन स्थल पर पहुंचना और उस आंदोलन के समर्थन पर कुछ न कहना? और वहां से निकालना? आपकी ईमानदारी पर सवाल नहीं खड़े करते? क्या शोमैनशिप के बिजनेस से जुड़े लोगों का इस तरह अचानक किसी भीड़ को अपने बिजनेस के लिए इस्तेमाल करना जायज है? क्या फिल्म स्टारों को इस तरह राजनीति का अपने फिल्म के प्रमोशन के लिए इस्तेमाल करना जायज है? क्या आप किसी विचारधारा के समर्थक हैं? क्या आपने कभी इससे पहले इस विषय पर बात की है? या फिर आप राजनीतिक विचारधारा से जुड़ी हुई है? अगर आपके जवाब हां है तो आपको स्पष्ट करना पड़ेगा कि आप किस और खड़े हैं? आपको तय करना पड़ेगा कि आप किस और खड़े है? अगर आप यह नहीं तय कर पाते तो आपको अपनी फिल्म की पब्लिसिटी के लिए अपनी फिल्म की कमाई के लिए अपने फिल्म को हिट करने के लिए इस तरह एक बड़े महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे को इस्तेमाल करना कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता। शर्मनाक ही कहा जा सकता है इस तरह एक फिल्म को पॉपुलर बनाने के लिए एक फिल्म को हिट बनाने के लिए एक फिल्म से जमकर कमाई करने के लिए किसी ज्वलनशील मुद्दे में अपनी उपस्थिति से घी डालना। 

 

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