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23-02-2021
बठिंडा में खुलेआम रैली में शामिल हुआ लाल किला हिंसा मामले का आरोपी लक्खा सिधाना

रायपुर/नई दिल्ली। लाल किला हिंसा मामले में आरोपी लक्खा सिधाना पंजाब में खुलेआम घूम रहा है। जी हां पंजाब के बठिंडा में एक रैली में शामिल होने के बाद तेजी से लक्खा सिधाना की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही है। बता दें कि किसानों की ट्रैक्टर रैली में उपद्रव के बाद पुलिस ने लक्खा सिधाना पर 1 लाख रूपए का इनाम रखा था।

 

 

03-02-2021
एक्टर दीप सिद्धू सहित अन्य फरार आरोपियों पर 1-1 लाख का इनाम, 26 जनवरी हिंसा के लिए एसआईटी गठित

रायपुर/नई दिल्ली। 26 जनवरी को लाल किले पर जो धार्मिक झंडा फहराया गया था। उसमें दीप सिद्धू का नाम मुख्य तौर पर सामने आया है। फिलहाल दीप सिद्धू फरार है, उसके बिहार में होने की बातें कही जा रही हैं। दीप सिद्धू पंजाबी कलाकर है और बीजेपी से भी उसके निकट संबंध बताए जाते हैं। दिल्ली पुलिस ने आरोपी दीप सिद्धू, जुगराज सिंह के अलावा दो आरोपियों पर 1-1 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की है। मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का भी गठन किया गया है। इस एसआईटी की अध्यक्षता जाइंट कमिश्नर बीके सिंह और तीन डीसीपी करेंगे। इसमें जॉय टिर्की, भीष्म सिंह और मोनिका भारद्वाज शामिल हैं।

01-02-2021
ट्रैक्टर परेड हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस का 50 लोगों को नोटिस कई किसान नेता शामिल पहले भी 44 को भेजा जा चुका

दिल्ली/रायपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आंदोलन के दौरान हुए उत्पात उपद्रव और हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस में आज 50 और लोगों को नोटिस भेजा है। इन 50 लोगों में बहुत से किसान नेता शामिल है। वैसे दिल्ली पुलिस पहले भी 44 लोगों को नोटिस भेज चुकी है।उनमें भी बहुत से किसान नेता शामिल थे। जैसे-जैसे पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, वीडियो फुटेज खंगाल रही है और दूसरे स्रोतों से पता लगा रही है तो बहुत से नाम सामने आ रहे हैं । और धीरे-धीरे पुलिस उन लोगों को नोटिस भेजती जा रही है।

28-01-2021
ट्रैक्टर रैली मामले में किसान नेताओं को दिल्ली पुलिस ने जारी किया लुक आउट नोटिस, चिल्ला बॉर्डर 57 दिन बाद खुला

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर किसान नेता दर्शन पाल को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हिंसा को सबसे निंदनीय और राष्ट्र विरोधी कृत्य करार देते हुए पाल से तीन दिनों के भीतर अपना जवाब पेश करने को कहा। सभी किसान नेता जिनके खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है, उनको लेकर दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के निर्देश पर लुक आउट नोटिस जारी किया है।

दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि 26 जनवरी की हिंसा में किसान नेता शामिल थे और उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा । नोटिस में ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित शर्तों के उल्लंघन का भी हवाला दिया गया है। पुलिस ने पाल को दिए नोटिस में कहा कि रैली के लिए नियमों और शर्तों पर परस्पर सहमति जताने के बावजूद पाल और अन्य किसान नेताओं ने कल बेहद गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम किया। पुलिस ने क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रमुख पाल से यह भी कहा कि वह अपने संगठन से जुड़े दोषी लोगों के नाम बताएं जो हिंसा में शामिल थे।  नये कृषि कानूनों को लेकर करीब दो माह से चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने बुधवार से अपना धरना वापस ले लिया। दिल्ली में मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटना तथा राष्ट्र ध्वज के अपमान से आहत होकर भानु गुट ने धरना वापस लिया है।
वहीं लोक शक्ति दल ने अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। नोएडा यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीकेयू (भानु) के विरोध वापस लेने के साथ ही चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 57 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया।

मालूम हो कि भारतीय किसान यूनियन (भानू) नये कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहा था। इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 57 दिनों से बंद था। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कल ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस तरह से दिल्ली में पुलिस के जवानों के ऊपर हिंसक हमला हुआ तथा कानून व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ाई गई, इससे वे काफी आहत हैं।इस बाबत पूछने पर अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि किसानों ने स्वतः धरना खत्म करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि थोड़ी देर में ही किसान धरना स्थल को छोड़ देंगे तथा यहां पर लगे टेंट आदि को हटाकर यातायात को पुनः सुचारु रुप से चालू कर दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि वह ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं।

 

27-01-2021
किसान आंदोलन में टूट की शुरुआत, किसान नेता वीएमसिंह ने आंदोलन से अलग हटने का ऐलान किया, टिकैत पर आरोप

दिल्ली/रायपुर। ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के बाद अब किसान आंदोलन में फूट पड़ती नजर आ रही है। किसान नेता वीएन सिंह ने ऐलान किया है कि उनका राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन आंदोलन से अलग हो रहा है और उनका आंदोलन अब खत्म हो रहा है। वे किसानों का आंदोलन अब अलग तरह से चलाएंगे। हम लोगों को यहां पिटवाने नहीं आए हैं। राष्ट्रीय किसान मजदूर  संगठन ने खुद को आंदोलन से अलग किया है। वीएन सिंह पर कल की हिंसा के कारण एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वीएन सिंह ने किसान नेता राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा राकेश टिकैत ने कभी भी गन्ना किसानों के हक में आवाज नहीं उठाई। उन्होंने ही दूसरे रूट पर ले जाने के लिए दबाव बनाया। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेता वीएम सिंह ने कहा हम अपने लोगों को यहां शहीद करवाने नहीं आए हैं। इसलिए हम आंदोलन को यहीं खत्म करते हैं। उन्होंने कहा इस रूप में आंदोलन नहीं चलना चाहिए जिससे देश और किसान शर्मसार हो।

27-01-2021
एनओसी पर दस्तखत करने वाले किसान नेताओं पर भी एफआईआर, ट्रेक्टर हिंसा पर पुलिस हुई सख्त

दिल्ली/रायपुर। ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा पर पुलिस अब सख्त रवैया अपना चुकी है। दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर परेड के लिए एनओसी पर दस्तखत करने वाले सभी किसान नेताओं के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली है। दिल्ली पुलिस से पहले ही किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली थी। उनके अलावा पंजाब के गैंगस्टर लखा सिधाना के खिलाफ भी पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के मामले में बहुत तेजी से सख्त कार्रवाई करते हुए आगे बढ़ रही है। किसान नेता दर्शन सिंह पॉल बलबीर सिंह राजेवाल बूटा सिंह राजेन्द्र सिंह जोगिंदर सिंह उगरहा ऋषिपाल सिंह जगतार बाजवा वीएम सिंह विजेंदर सिंह के खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

27-01-2021
किसान आंदोलन में हुई हिंसा पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने गृहमंत्री अमित शाह को सौंपी रिपोर्ट, आईबी चीफ भी रहे मौजूद

दिल्ली/रायपुर। गणतंत्र दिवस  पर किसान आंदोलन में भड़की हिंसा पर गृहमंत्री अमित शाह के निवास पर हुई बैठक खत्म हो गई है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने गृह मंत्री अमित शाह को पूरी रिपोर्ट सौंप दी है। इस हाई प्रोफाइल बैठक में आईबी के चीफ भी मौजूद रहे। गृहमंत्री अमित शाह के घर पर हुई बैठक में दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से सारी स्थिति की जानकारी दी अमित शाह को। और ऐसा समझा जाता है अब इस मामले में पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार की ढील नहीं देना चाहता।उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहता है।

27-01-2021
हिंसा के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, जो आदमी हिंसा में पाया जाएगा उसे स्थान छोड़ना पड़ेगा

रायपुर/नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में हुए उपद्रव के बाद आंदोलनकारियों के प्रति लोगों की सहानुभूति कम हुई है। कल जो हुआ वह नहीं होना था। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, लाल किले में चढ़ाई, पुलिस वालों पर पथराव और लाठीचार्ज, अनेको पुलिस बल के कर्मचारी घायल और ना जाने क्या कुछ नहीं हुआ। वह भी गणतंत्र दिवस के मौके पर। इस हिंसा के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को अपना बयान जारी किया है। राकेश टिकैत ने कहा, जिसने झंडा फहराया वो कौन आदमी था? एक कौम को बदनाम करने की साज़िश पिछले दो महीने से चल रही है। कुछ लोगों को चिंहित किया गया है, उन्हें आज ही यहां से जाना होगा। जो आदमी हिंसा में पाया जाएगा उसे स्थान छोड़ना पड़ेगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी

27-01-2021
सीसीटीवी फुटेज देखकर पहचाने जा रहे हैं उपद्रवी, गृह मंत्रालय का लाल किले पर हुई हिंसा पर रवैया सख्त

दिल्ली/रायपुर। दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर गृह मंत्रालय ने सख्त रवैया अपनाया है। गृह मंत्रालय ने कल एक महत्वपूर्ण बैठक भी की और उपद्रवियों के खिलाफ सख्ती से निपटने की रणनीति भी तय कर ली। इधर पुलिस सीसीटीवी फुटेज देखकर उपद्रवियों की पहचान करने में लगी हुई है। विभिन्न थानों में 15 से ज्यादा एफआईआरबी दर्ज की जा चुकी है। उपद्रवियों को शिनाख्त कर ढूंढा भी जा रहा है। पुलिस इस मामले में जरा भी ढील बरतने को तैयार नहीं दिख रही है। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद इस पर सख्ती से जांच शुरू हो चुकी है।

17-01-2021
चुप नहीं रहना है हिंसा नहीं सहना है, घरेलू हिंसा जड़ से मिटाना है

दुर्ग। राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में ‘हमर अंगना’ योजना के तहत कार्यवाही किए जाने के संबंध में ग्राम रसमड़ा में घरेलू हिंसा नशा मुक्ति एवं नालसा की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सर्वे की जा रही है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल शर्मा के द्वारा यह बताया गया कि ग्राम रसमड़ा में लगभग 200 घरों का सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। इसमें सचिव एवं पैरालीगल वालंटियर द्वारा घरेलू हिंसा से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में एवं सजा के बारे में  लोगों को अवगत कराया जा रहा है। सचिव ने बताया कि घरेलू हिंसा अधिनियम के अनुसार घरेलू हिंसा का संबंध में प्रतिवादी के किसी कार्य, लोप या आचरण से है। जिससे व्यथित व्यक्ति के स्वास्थ्य, सुरक्षा, जीवन या किसी अंग को हानि या नुकसान हो इसमें शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न लैंगिक शोषण मौखिक और भावनात्मक शोषण व आर्थिक उत्पीड़न शामिल है। व्यथित व्यक्ति और उसके किसी संबंधी को दहेज या किसी अन्य संपत्ति की मांग के लिए हानि या नुकसान पहुंचाना भी इसके अंतर्गत आता है।

सचिव के द्वारा यह बताया गया कि घरेलू हिंसा एक अपराध है। यह जानने के बावजूद इससे जुड़े ज्यादातर मामले सामने आ नहीं पाते हैं। कई बार घर परिवार के डर से तो कई बार समाज में इज्जत  के डर से लोग इसे जाहिर नहीं होने देते हैं। ऐसे में पीड़ित प्रताड़ित होती रहती है और पीड़ा देने वाला अपनी बर्बरता करता रहता है। श्रमिक वर्ग की अधिकता को देखते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली की नालसा (असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2015 के तहत असंगठित श्रमिकों को विधिक सहायता पहुंचाए जाने हेतु विधिक जागरूकता के घरों का सर्वे उपरांत यह पाया गया कि ग्राम रसमड़ा के कुछ ऐसे निवासी हैं, जो कि असंगठित क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं जैसे कि धोबी, मोची, माली, ऑटो चालक इत्यादि जिनका पंजीयन श्रम विभाग के अंतर्गत नहीं हुआ है। इस कारण उनको शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर उनमें श्रम विभाग के अंतर्गत पंजीयन की कार्यवाही भी की जा रही है। नशा मुक्ति को लेकर भी लोगों को जागरूकता किया जा रहा है एवं जल्द ही पुलिस प्रशासन के सहयोग से नशा के रोकथाम के लिए कार्रवाई की जाएगी। ग्राम रसमड़ा में इन योजनाओं के सफल पूर्ण क्रियान्वयन के उपरांत जिले में स्थित अन्य ग्रामों में भी इस योजना का विस्तार किया जाएगा।

 

01-06-2020
पीएम मोदी बोले- कोरोना वॉरियर्स के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कर्नाटक के राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना संकट पर चिंता जाहिर की। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा मैं ये स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि फ्रंटलाइन वर्कर्स के खिलाफ हिंसा, दुर्व्यवहार और अशिष्ट व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद आज सबसे बड़ा संकट आया है, जैसे विश्व युद्ध के बाद दुनिया बदल गई। वैसे ही कोरोना के बाद दुनिया पूरी तरह से बदल जाएगी। पीएम ने कहा, कोविड-19 के खिलाफ भारत की इस लड़ाई के पीछे चिकित्सा समुदाय और हमारे कोरोना योद्धाओं की कड़ी मेहनत है। वास्तव में डॉक्टर और चिकित्सा कर्मचारी सैनिक ही हैं, वो भी बिना किसी सैनिक की वर्दी के। पीएम ने कहा कि आयुष्मान भारत विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना है। 2 वर्षों से भी कम समय में, इस योजना से 1 करोड़ लोग लाभान्वित हुए हैं। महिलाओं और गांवों में रहने वाले इस योजना के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं। पीएम ने कहा कि देश में 22 और एम्स खुल गए हैं। पिछले पांच साल में देश में एमबीबीएस की 30 हजार सीटें बढ़ गई हैं और पोस्ट ग्रैजुएशन की सीटों में 15 हजार की बढ़ोतरी हुई हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 25 साल का मतलब राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अपने युवावस्था में है। यह उम्र और भी बड़ा सोचने और बेहतर करने की है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।

मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस भले ही इनविजिबल है, लेकिन कोरोना वॉरियर्स विंसिबल हैं। डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी बिना वर्दी वाले सैनिक हैं। लिहाजा हमें मानवता से जुड़े विकास की ओर देखना होगा। मेक इन इंडिया के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में पीपीई किट, एन-95 मास्क बन चुके हैं और सब मेड इन इंडिया हैं। देश में आरोग्य सेतु ऐप बनाई गई है और अब तक 12 करोड़ लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले वैश्विकरण को लेकर आर्थिक मसले पर चर्चा होती थी, लेकिन अब मानवता के आधार पर चर्चा करना जरूरी होगा। स्वास्थ्य के मामले में भारत ने पिछले 6 साल में बड़े फैसले लिए हैं, हम चार पिलर पर काम कर रहे हैं। पीएम ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष, आयुष्मान भारत समेत कई अहम योजनाओं ने देश के स्वास्थ्य सिस्टम में एक नई जान फूंकी है।

21-05-2020
आंतकवाद विरोधी दिवस पर राजीव भवन में मोहन मरकाम ने शपथ दिलाई

रायपुर। आंतकवाद विरोधी दिवस पर गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने राजीव भवन में शपथ दिलाई। उपस्थित लोगों ने सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करने और मानवजाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव और सूझबूझ कायम करने,मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की शपथ ली। मोहन मरकाम ने जनता को हो रहे कष्टों और आतंकवाद व हिंसा से राष्ट्रीय हितों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से आम लोगों विशेष रूप से युवाओं को आतंकवाद और हिंसा के मार्ग से दूर रखने के लिए काम करने को कहा।

इस दौरानपूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी, प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, विधायक विनय जायसवाल, विधायक चंद्रदेव राय, कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व महापौर किरणमयी नायक, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गुरमुख सिंह होरा,चुन्नीलाल साहू,प्रेमचंद जायसी,महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला,कन्हैया अग्रवाल,थानेश्वर पाटिला, जितेंद्र साहू ,अरुण सिसोदिया,गोपाल सवाई,सीमा वर्मा,कार्यकारिणी सदस्य शकुन डेहरिया, सेवादल के प्रदेश मुख्य संगठक अरुण ताम्रकार,युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पूर्णचंद्र पाढी,  एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा,विचार विभाग के प्रदेश अध्यक्ष हसन खान, अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज हैदर,मछुआ विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एमआर निषाद,कांग्रेस नेता मदन तालेड़ा,सतीश जैन,किरण सिन्हा,साक्षी सिरमोर, कमल नारायण पटेल, विनोद नायक, आमोद सिन्हा, शंकर चिंतल, सुंदरलाल जोगी, अमर परचानी उपस्थित थे।

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