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23-02-2021
लाल किला हिंसा मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली/रायपुर। दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर रैली में उपद्रव करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में तीन और लोगों की गिरफ्तारी की गई है, जिसमें से दो लोगों को जम्मू से दिल्ली लाया गया है।

20-02-2021
लाल किला हिंसा मामले में सोशल मीडिया पर आरोपी लक्खा सिधाना का वीडियो वायरल

नई दिल्ली/रायपुर। लाल किला किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में फरार मुख्य आरोपी और गैंगस्टर से सामाजिक कार्यकर्ता बने लखबीर सिंह उर्फ लक्खा सिधाना ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में सिधाना ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार किसानों के खिलाफ झूठे केस दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश कर रही है। इस वीडियो में उसने अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर भी हमला बोला है। सिधाना ने कहा कि किसान आंदोलन पर अब लोगों का कब्जा हो गया हो जो कि पंजाबी भी नहीं हैं। उसने कहा है कि किसानों का आंदोलन सात महीने पुराना है और अपने चरम पर पहुंच गया है।

 

20-02-2021
ट्रैक्टर रैली हिंसा मामले में 200 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी

नई दिल्ली/रायपुर। 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान उपद्रव मचाने वाले 200 लोगों की तस्वीरें जारी की गई है। बता दें कि बवाल करते हुए कई उपद्रवी लाल किला परिसर में दाखिल हो गए थे और वहां धार्मिक झंडा भी लगा दिया था। मामले में पुलिस लगातार उपद्रवियों को गिरफ्तार कर रही है। अब तक सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अभी भी पुलिस की रडार पर कई उपद्रवी हैं। अब पुलिस ने 200 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की हैं।

 

13-02-2021
राहुल गांधी राजस्थान में किसानों की ट्रैक्टर रैली में शामिल होंगे तो योगी आदित्यनाथ बंगाल की परिवर्तन यात्रा में

दिल्ली/रायपुर। देश की राजनीतिक सरगर्मियां में आज दो रैलियों की चर्चा खास है। पहली राजस्थान में किसान आंदोलन के तहत होने वाली ट्रैक्टर रैली जिसमें आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। दूसरी बंगाल की परिवर्तन यात्रा है जहां जगत प्रकाश नड्डा अमित शाह के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होकर बंगाल की राजनीति को और गरमा सकते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजस्थान प्रवास का आज दूसरा दिन है। ट्रैक्टर रैली में शामिल होने के अलावा राहुल गांधी मंदिर भी जाएंगे।

08-02-2021
ट्रैक्टर रैली में हिंसा फैलाने वाला सुखदेव चंडीगढ़ से गिरफ्तार, पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम

रायपुर/नई दिल्ली। ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा मामले में फरार चल रहे आरोपी सुखदेव सिंह को दिल्ली क्राइम ब्रांच की स्पेशल टास्ट फोर्स ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सुखदेव को दिल्ली लेकर पहुंची है। आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। दरअसल एसआईटी को सूचना मिली थी कि सुखदेव सिंह करनाल का रहने वाला है और इस वक्त वहीं छिपा बैठा है। इसके बाद तुरंत एक टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए रवाना हो गई। लेकिन उसे पुलिस के आने भनक लग गई थी। इसके कारण वह पहले ही वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस को सुखदेव की नई लोकेशन के बारे में पता चला जो चंडीगढ़ की थी। सुखदेव कार से चंडीगढ़ भाग रहा था। इसके बाद पुलिस ने सुखदेव का पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस आरोपी सुखदेव की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

05-02-2021
ट्रैक्टर रैली में हिंसा फैलाने के लिए इकबाल सिंह कर रहा था फेसबुक का उपयोग, 50 हजार का इनाम

रायपुर/नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा मामले से जुड़े 7 नए वीडियो सामने आएं है। हिंसा के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा था। इकबाल सिंह नाम के व्यक्ति ने फेसबुक के वीडियो जरिए लोगों को भड़कता हुआ दिखाई दे रहा है। इकबाल सिंह पर 50 हजार का इनाम भी रखा गया है। बता दें कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है।

04-02-2021
ट्रैक्टर रैली में जान गंवाने वाले किसान के घर जाएंगे राहुल और प्रियंका

रायपुर/नई दिल्ली। 26 जनवरी के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई नवरीत सिंह की मौत पर सियासत तेज होती दिख रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी नवरीत सिंह के अंतिम अरदास में शामिल होने उत्तर प्रदेश के रामपुर पहुंचेंगी। वहीं राहुल गांधी नवरीत की तेरहवी में शामिल होंगे।

ये है पूरा मामला : 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान आईटीओ के पास पुलिस बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश के दौरान ट्रैक्टर पलटने के बाद नवरीत की मौत हो गई थी। हालांकि इसके बाद दुष्प्रचार फैलाया गया था कि युवक की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई थी, हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें देखा गया था कि नवरीत सिंह की मौत तेज रफ्तार ट्रैक्टर पलटने के बाद हुई थी।

03-02-2021
गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

 रायपुर/नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के दिन हुई हुई हिंसा के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यन के साथ ही प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ इसकी सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिकाओं में से एक में एनआईए को मामले की जांच के निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि ट्रैक्टर रैली का हिस्सा कर रहे उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ अदालत की निगरानी में एनआईए को जांच करनी चाहिए, जो गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर हिंसा में लिप्त थे। अधिवक्ता शशांक शेखर झा और मंजू जेटली शर्मा के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि गणतंत्र दिवस पर लाल किले और राष्ट्रीय ध्वज पर हुए हमले पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को विरोध के नाम पर हिंसा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। दलील में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध जताने के साथ ही दूसरों के अधिकारों पर भी विचार करना चाहिए।

01-02-2021
ट्रैक्टर रैली में उपद्रव मचाने वालों की दिल्ली पुलिस फेस रिकॉग्निशन तकनीक से कर रही पहचान

रायपुर/दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 26 जनवरी के उपद्रवियों की पहचान कर उन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उपद्रवियों के चेहरे फोटो में साफ दिख रहे है। पुलिस अब उनके चेहरों की फेस रिकॉग्निशन तकनीक के माध्यम से पहचान कर रही है। दिल्ली पुलिस इस काम में पंजाब पुलिस और हरियाणा पुलिस की भी मदद लेगी। कोई किसान नेता अब तक जांच में शामिल नहीं हुआ। सूत्रों की माने तो किसान हिंसा में जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं। उनके बयान के आधार पर किसान नेताओं की भूमिका के बारे में भी जानने की कोशिश की जाएगी। अभी तक दिल्ली पुलिस ने 2 बार किसान नेताओं को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। लेकिन अभी तक कोई भी किसान नेता जांच में सहयोग करने के लिए नहीं आया है।

 

 

31-01-2021
दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर रातो-रात 12 लेयर की बैरिकेडिंग के साथ नुकीले तार लगाए

रायपुर/दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद पंचायतों का दौर शुरू हो गया है। किसान एक बार फिर दिल्ली पहुंच रहे हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने भी किसानों को प्रदेश में घुसने से रोकने के लिए तैयारियां सख्त कर दी है। गाजीपुर बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया गया है। किसानों के बढ़ते संख्या बल को देखते हुए गाजीपुर बॉर्डर पर रातोरात 12 लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही नुकीले तार भी लगाए गए हैं। एनएच 24 को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। नोएडा सेक्टर 62 से अक्षरधाम जाने वाले रास्ते को भी पूरी तरह बंद किया गया है।

28-01-2021
ट्रैक्टर रैली मामले में किसान नेताओं को दिल्ली पुलिस ने जारी किया लुक आउट नोटिस, चिल्ला बॉर्डर 57 दिन बाद खुला

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर किसान नेता दर्शन पाल को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हिंसा को सबसे निंदनीय और राष्ट्र विरोधी कृत्य करार देते हुए पाल से तीन दिनों के भीतर अपना जवाब पेश करने को कहा। सभी किसान नेता जिनके खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है, उनको लेकर दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के निर्देश पर लुक आउट नोटिस जारी किया है।

दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि 26 जनवरी की हिंसा में किसान नेता शामिल थे और उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा । नोटिस में ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित शर्तों के उल्लंघन का भी हवाला दिया गया है। पुलिस ने पाल को दिए नोटिस में कहा कि रैली के लिए नियमों और शर्तों पर परस्पर सहमति जताने के बावजूद पाल और अन्य किसान नेताओं ने कल बेहद गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम किया। पुलिस ने क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रमुख पाल से यह भी कहा कि वह अपने संगठन से जुड़े दोषी लोगों के नाम बताएं जो हिंसा में शामिल थे।  नये कृषि कानूनों को लेकर करीब दो माह से चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने बुधवार से अपना धरना वापस ले लिया। दिल्ली में मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटना तथा राष्ट्र ध्वज के अपमान से आहत होकर भानु गुट ने धरना वापस लिया है।
वहीं लोक शक्ति दल ने अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। नोएडा यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीकेयू (भानु) के विरोध वापस लेने के साथ ही चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 57 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया।

मालूम हो कि भारतीय किसान यूनियन (भानू) नये कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहा था। इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 57 दिनों से बंद था। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कल ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस तरह से दिल्ली में पुलिस के जवानों के ऊपर हिंसक हमला हुआ तथा कानून व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ाई गई, इससे वे काफी आहत हैं।इस बाबत पूछने पर अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि किसानों ने स्वतः धरना खत्म करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि थोड़ी देर में ही किसान धरना स्थल को छोड़ देंगे तथा यहां पर लगे टेंट आदि को हटाकर यातायात को पुनः सुचारु रुप से चालू कर दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि वह ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं।

 

27-01-2021
ट्रैक्टर रैली को टेरर रैली बनाकर दिल्ली को अगवा करने की साजिश : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गणतंत्र दिवस पर देश की राजधानी दिल्ली में हिंसा और अराजकता का तांडव मचाने के लिए ज़िम्मेदार तथाकथित किसान नेताओं पर कड़ी-से-कड़ी कार्रवाई की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। डॉ. सिंह ने मांग की कि न केवल इस आंदोलन की आड़ लेकर ‘ट्रैक्टर रैली’ को ‘टेरर रैली’ बनाकर दिल्ली को अगवा करने की इस साजिश में लिप्त लोगों को चुन-चुनकर क़ानूनी कार्रवाई की ज़द में लिया जाए, अपितु उन लोगों की राजनीतिक नेताओं व राज्य सरकारों का भूमिका को भी जाँच के दायरे में लाया जाए जो पिछले दो माह से इस आंदोलन की आड़ में केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ विष-वमन करके अपनी निकृष्ट व कलंकपूर्ण मानसिकता के साथ इस आंदोलन को दिशाहीन करने के देश और संघीय ढाँचे के विरोध के एजेंडे में बराबर की भागीदार हैं।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने इस आंदोलन की पैरवी करके केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ गाहे-बगाहे प्रलाप करने वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला किया और कहा कि दिल्ली के किसान आंदोलन के नाम पर मगरमच्छ के आँसू बहाते मुख्यमंत्री समेत कांग्रेस के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और राजधानी से लेकर गली-मुहल्ले तक के नेताओं ने कृषि क़ानूनों के नाम पर झूठ और नफ़रत का बीज बोया और अब अपनी चमड़ी बचाने के लिए किसान आंदोलन से पल्ला झाड़ने का शर्मनाक उपक्रम कर रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि अपने छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों के साथ धोखाधड़ी, छल-कपट और वादाख़िलाफ़ी करके किसानों के साथ अन्याय की पराकाष्ठा करने वाली प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों को तो ख़ून के आँसू रुलाने का काम किया और देश विरोधी ताकतों द्वारा हाईजैक किए जा चुके दिल्ली के आंदोलन से सहानुभूति दिखाने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ा। डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ समेत उन तमाम राज्य सरकारों व राजनीतिक नेताओं की भूमिका को सख़्त जाँच के दायरे लेने की मांग केंद्र सरकार से की है और आवश्यक होने पर या तो सरकारों से इस्तीफ़ा लिया जाए अथवा संवैधानिक दायरे में इन सरकारों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई राजनीतिक दल या राज्य सरकार संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर घिनौनी सियासत का दुस्साहस न कर सके।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों के नाम पर आंदोलन चला रहे नेताओं का असली एजेंडा और चेहरा सामने आ गया है। किसान आंदोलन को हाईजैक कर जिस तरह राष्ट्रीय ध्वज को अपमानित किया गया और देश विरोधी ताक़तों ने अपनी क़रतूतों से देश को शर्मसार किया है, वह पूरी तरह अक्षम्य अपराध है। डॉ. सिंह ने कहा कि देश विरोधी ताक़तों से गठजोड़ करके देश में अराजकता और हिंसा फैलाने की इस साजिश के पर्दाफाश और अब आंदोलन के बदनीयत, बदज़ुबान और बददिमाग़ नेताओं के पल्ला झाड़कर अपने-अपने बिलों में मुँह छिपाने से साफ़ हो गया है कि इन देश विरोधी ताक़तों का किसानों से कोई लेना-देना शुरू से ही नहीं था। उनका असली मक़सद तो गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की घटनाओं से साफ़ हो गया है। अपने इसी एजेंडे के तहत केंद्र सरकार से 12 दौर की बातचीत के बाद भी तथाकथित आंदोलनकारी नेता अपनी ज़िद्द पर अड़े हुए थे और केंद्र सरकार के हर समाधानकारक प्रस्तावों को ठुकराते रहे। डॉ. सिंह ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों तथा जवानों के धैर्य व संयम की सराहना करते हुए कहा कि लगातार लाठी-तलवार, पत्थरबाजी करके हिंसक हमले के बाद भी आततायी पुलिस को उकसाने और केंद्र सरकार व भारत की छवि को दाग़दार में विफल रहे, फलस्वरूप एक बड़ी अनहोनी केंद्र सरकार की सूझबूझ से टल गई। केंद्र सरकार अब क़ानूनन इस देश-विरोधी मानसिकता को समूल कुचलने का काम करेगी।

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