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29-06-2020
बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्विरोध चुने गए सभी नौ प्रत्याशी

पटना। बिहार विधान परिषद की नौ रिक्त सीटों के लिए नामांकन दाखिल करनेवाले सभी उम्मीदवारों को सोमवार की शाम निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। बिहार विधानसभा के सचिव सह निर्वाची पदाधिकारी बीएन पांडेय ने सभी उम्मीदवारों को जीत का प्रमाणपत्र दिया। मालूम हो कि बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए नामांकन वापसी के अंतिम दिन आज समय सीमा खत्म होने के बाद जीत की घोषणा कर दी गई।
विधान परिषद की नौ सीटों में से जेडीयू के 3 खाते में तीन सीट आई। इन सीटों पर प्रोफेसर गुलाम गौस, कुमुद वर्मा और भीष्म साहनी को जीत का प्रमाणपत्र मिला। बीजेपी के खाते में दो सीटें आई। इसमें भाजपा ने संजय मयूख और सम्राट चौधरी को उम्मीदवार बनाया था। राजद ने मोहम्मद फारुख, सुनील कुमार सिंह और प्रोफेसर रामबली सिंह को प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस प्रत्याशी समीर कुमार सिंह ने जीत दर्ज की। बता दें बिहार विधान परिषद की नौ विधानसभा सीटों के लिए कराये गये चुनाव के नामांकन वापसी के अंतिम दिन मैदान में नौ उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया था। इसलिए नामांकन वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। सीटों से ज्यादा नामांकन दाखिल नहीं किये जाने से चुनाव कराने की नौबत ही नहीं आई।

 

 

14-05-2020
विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए उद्धव ठाकरे

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आठ अन्य लोग राज्य विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। इसी के साथ सीएम उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर छाया संवैधानिक संकट टल गया। मालूम हो कि महाराष्ट्र की नौ विधान परिषद सीटों के लिए 14 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार शहबाज राठौर का नामांकन रद्द हो गया था। इसके अलावा चार उम्मीदवारों ने मंगलवार को ही अपने नाम वापस ले लिए थे। इस तरह से नौ सीटों के लिए सिर्फ नौ उम्मीदवार ही बचे थे।

 इसके चलते सभी निर्विरोध चुन लिए गए।एनसीपी ने दो सीटों के लिए चार उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल कराए थे। एनसीपी से अतिरिक्त नामांकन भरने वाले किरण पावस्कर और शिवाजीराव गरजे दोनों ने मंगलवार को अपना नाम वापस ले लिया था। इसके साथ ही एनसीपी के शशिकांत शिंदे और अमोल मिटकरी के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया था। शिवसेना की ओर से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और नीलम गोर्हे विधान परिषद के लिए चुनावी मैदान में थीं। कांग्रेस से राजेश राठौर उम्मीदवार थे।

 

10-05-2020
एमएलसी चुनाव में उद्धव ठाकरे का चुना जाना तय, कांग्रेस ने वापस लिया उम्‍मीदवार का नाम

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे निर्विरोध विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बनने वाले हैं, क्योंकि कांग्रेस अपना एक उम्मीदवार हटाएगी। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने दी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अपने दूसरे प्रत्‍याशी राज किशोर मोदी का नाम वापस लेगी। इससे पहले उद्धव ठाकरे के लिए उस समय मुश्किल बढ़ गई थी, जब कांग्रेस ने भी महाराष्ट्र विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में दूसरा उम्मीदवार खड़ा कर दिया था। लेकिन अब उद्धव ठाकरे के लिए राहत की खबर है कि राज्‍य में उनकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्‍मीदवार के नाम वापस लेने का विचार कर लिया है। गौरतलब है कि 21 मई को होने वाले चुनाव के लिए उम्‍मीदवारों की नाम वापसी की आखिरी तारीख 14 मई तय की गई है। मुख्यमंत्री ठाकरे 11 मई को नामांकन दाखिल करेंगे। इस चुनाव में विपक्षी दल भाजपा ने चार उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। 

 

30-01-2020
द्वितीय चरण का चुनाव विकासखण्ड छुरा में 31 जनवरी को, 83 हजार 698 मतदाता करेंगे मतदान 

गरियाबंद। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत द्वितीय चरण का मतदान 31 जनवरी को छुरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायतों में होगा। मतदान प्रातः 7 से दोपहर 3 बजे तक किया जायेगा। निष्पक्ष, शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतेजाम भी किये गये हैं। गुरुवार को छुरा विकासखण्ड के सभी मतदान दलों को मतदान समाग्री वितरण बाद संबंधित मतदान केन्द्र के लिए रवाना कर दिया गया है। छुरा विकासखण्ड के 74 पंचायत अंतर्गत पंच के 926 रिक्त पद के विरूद्ध 478 पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए है। 447 पंच पद के चुनाव के लिए 1042 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। ज्ञात हो कि 1 पंच पद के लिए सभी नाम निर्देशन पत्र खारिज हो गया है। संरपच के 74 पद में से 1 निर्वाचन की स्थिति निर्विरोध है। 73 पदों के लिए 278 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में हैं। इसी प्रकार 22 जनपद सदस्य के रिक्त पद में से 80 अभ्यर्थी चुनाव लड़ रहे हैं। जनपद पंचायत छुरा के कुल 74 ग्राम पंचायत अंतर्गत 156 गांवों के 83 हजार 698 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिसमें 40 हजार 921 पुरूष व 42 हजार 777 महिला मतदाता शामिल है। जनपद पंचायत छुरा में मतदान केन्द्रों की कुल संख्या 158 है, जिसमें 40 संवेदनशील एवं 118 सामान्य मतदान केन्द्र है। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन अंतर्गत द्वितीय चरण में जिला पंचायत सदस्य के पद के लिए भी मतदान होगा। मतदान पश्चात मतों की गणना भी की जायेगी। इसी प्रकार तृतीय चरण में विकासखण्ड देवभोग और फिंगेश्वर में आगामी 3 फरवरी, सोमवार को पंचायत निर्वाचन सम्पन्न होगा।

10-01-2020
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच निर्विरोध चुने गए पंच सरपंच

रायगढ़। पंच परमेश्वर का स्वरूप होता है। छत्तीसगढ़ के गांवों में इन दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है। लोग अपने अपने वार्डो व ग्राम पंचायत की मुखिया यानी सरपंच चुनने के लिए मशगूल हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत मतदान के जरिये चुनावी शंखनाद हो गया है और शुरू हो गया है अपने अपने समर्थकों को रिझाने के साथ ही खर्चीला चुनावी प्रचार प्रसार। आपसी मनमुटाव और टकराव से बचने गांव की विकास के लिए रायगढ़ जिले के 4 ग्राम पंचायतों में निर्विरोध पंच सरपंच चुन लिए गए वह भी लाटरी के माध्यम से । वर्तमान समय में शहरों के अलावा गांवों में चुनाव प्रणाली काफी खर्चीला हो गया है। वार्ड मैम्बर हो चाहे सरपंच ,जनपद पंचायत सदस्य या फिर जिला पंचायत सदस्य के चुनाव क्यों न हो, लोंगो की सोच यही बन गई है कि जो प्रत्याशी ज्यादा रकम देगा वोट उसी को मिलेगा। ऐसे में योग्य व्यक्ति का चुनाव नही हो पाता। इन्ही सब परिस्थितियों को देखते हुए रायगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के 2 ग्राम पंचायत कुकुरदा और जामगांव के ग्रामीणों ने आपस में बैठक कर निर्विरोध पंच सरपंच चुनने का निर्णय लिया। ग्राम पंचायत कुकुरदा में गांव के 22 सयाने लोगों की एक कमेटी है जो गांव में शांति व विकास कार्यों की रूपरेखा तय करती है। इन्ही लोगो ने गांव में बैठक बुलाकर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सरपंच पद के लिए निर्विरोध सरपंच चुनने का प्रस्ताव रखा जिसे ग्रामीणों ने स्वीकार कर लिया वही आरक्षित वर्ग के लोंगो से सरपंच बनने के लिए आवेदन मांगे गए जिनमें 6 व्यक्तियों ने सरपंच बनने का दावा किया। इनका नाम पर्चे में लिख कर एक बच्चे से पर्चे उठाया गया। जिसमें मोहित राठिया का नाम निकला ।मोहित राठिया को सर्व सम्मति से सरपंच चुन लिया गया।पंचों के चुनाव भी निर्विरोध चुने गए।

ग्राम पंचायत कुकुरदा में निर्विरोध पंच सरपंच चुने जाने की खबर सुनकर नजदीक के ही ग्राम पंचायत जामगांव के ग्रामीणों ने भी निर्विरोध पंच सरपंच चुनने का मन बनाया। ऐसे में पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सरपंच पद के दो उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल कर दिया था जिन्हें बुलाकर चर्चा की गई। वहीं  पंचो के भी चुनाव होने के लिए 2 से अधिक लोगों ने नामांकन दाखिल किया था। सभी ने एक राय होकर लाटरी के माध्यम से ही गीतांजलि गुप्ता को अपने प्रतिनिधि चुन लिया। बाकी प्रत्याशी अपना नामांकन वापस लेकर एकजुटता का परिचय दिया है।

 

06-01-2020
अपीलीय समिति में निर्विरोध चुने गए 4 सदस्य

रायपुर। रायपुर नगर निगम में आज महापौर और सभापति के चुनाव के साथ ही अपीलीय समिति के सदस्यों का भी चयन हुआ। चूंकि 4 ही लोगों के नामांकन आये थे तो चारों को निर्विरोध चुना लिया गया। इनमें कुंवर रजयन्त सिंह ध्रुव, मंजू वारेंद्र साहू, सरिता वर्मा और उत्तम साहू शामिल हैं।

04-01-2020
Breaking: बिलासपुर नगर निगम के महापौर चुने गए रामशरण यादव

बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम के महापौर रामशरण यादव निर्विरोध चुन लिए गए हैं। शनिवार को कांग्रेस ने महापौर पद की घोषणा की और प्रत्याशी रामशरण यादव ने नामांकन दाखिल किया और निर्विरोध महापौर चुने गए। भाजपा ने इस चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। रामशरण यादव को बहुमत के आधार पर निर्विरोध मेयर चुन लिया गया। 

21-12-2019
6 वार्डों में निर्विरोध निर्वाचित हुए पार्षद 

रायपुर। प्रदेश में आज 151 नगरीय निकाय के लिए आम निर्वाचन हुए। इसके अंतर्गत कुल 2843 वार्डों के लिए नामांकन हुए थे। राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने कहा कि 6 वार्डों में निर्विरोध पार्षद निर्वाचित हुए हैं, वहं 7 वार्ड में चुनाव रिक्त है। जिन वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ उसमें नगर पालिका दीपका वार्ड क्रमांक 8 कोरबा, जांजगीर चांपा नगर पंचायत सारागांव वार्ड क्रमांक 3, नगर पंचायत लखनपुर वार्ड कमांक 7 सरगुजा, नगर पंचायत कोतबा वार्ड क्रमांक 10 जशपुर, नगर पालिका परिषद कोण्डागांव वार्ड क्रमांक 11 कोण्डागांव, नगर पालिक निगम जगदलपुर वार्ड क्रमांक 11 जिला बस्तर शामिल है। ठाकुर राम सिंह ने कहा कि नगर पंचायत चिखलकसा जिला बालोद के वार्ड क्रमांक 1, 14, 15 के लिए कोई नामांकन नहीं मिला। नगर पंचायत डौण्डी जिला बालोद वार्ड क्रमांक 15 और नगर पालिका परिषद बचेली जिला दंतेवाड़ा के वार्ड क्रमांक 8 में सभी नामांकन वापस लिए गए थे, जिससे निर्वाचन की कार्यवाही आगे नहीं की गई। वहीं नगर पंचायत दोरनापाल के वार्ड क्रमांक 14 जिला सुकमा के एक प्रत्याशी की मृत्यु हो जाने के कारण निर्वाचन को प्रत्यादिष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार कुल 2831 वार्डों के 5427 केन्द्रों में मतदान हुआ।

12-09-2019
जिला पंचायत सदस्य जयंत देशमुख सभापति निर्वाचित

दुर्ग। जिला पंचायत सदस्य जयंत देशमुख स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास समिति के निर्विरोध सभापति निर्वाचित घोषित किए गए हंै। समिति के इस सभापति का पद पिछले लंबे समय से रिक्त था जिसके लिए गुरुवार को जिला पंचायत परिसर में पीठासीन अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर प्रमोद शांडिल्य के मार्गदर्शन में चुनाव हुआ। जिला पंचायत सदस्य जयंत देशमुख के विरुद्ध सभापति पद के लिए किसी भी सदस्यों की दावेदारी सामने नहीं आने से देशमुख निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। नवनिर्वाचित सभापति जयंत देशमुख को जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन, सदस्य अमिता बंजारे, मुकेश बेलचंदन, प्रेमसागर चतुर्वेदी एवं अन्य सदस्यों ने बधाई दी है।

19-08-2019
राजस्थान से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए मनमोहन सिंह, गहलोत ने दी बधाई

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. मनमोहन सिंह  को एक बार फिर राज्यसभा का सदस्य चुना गया है। मनमोहन सिंह इस बार राजस्थान से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। चुनाव अधिकारी ने मनमोहन सिंह को निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौपा। जिस सीट से मनमोहन सिंह को राज्यसभा सदस्य चुना गया है वहां से भाजपा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी सांसद थे लेकिन उनकी आकस्मिक मौत के बाद यह सीट खाली हो गई थी। कांग्रेस ने जब मनमोहन सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया तो विपक्षी भाजपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया और इस वजह से मनमोहन सिंह का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। इससे पहले मनमोहन सिंह तीन दशक तक राज्यसभा के सदस्य रहे हैं। पिछली बार असम से वह राज्यसभा सदस्य रहे थे। मनमोहन के सांसद चुने जाने से राज्यसभा में कांग्रेस के सदस्यों का आंकड़ा बढ़ जाएगा। कांग्रेस ने भी मनमोहन सिंह को राज्यसभा सांसद चुने जाने पर बधाई दी है। पार्टी के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया, 'हम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुने जाने पर बधाई देते हैं। उनकी जानकारी, उनके काम के प्रति समर्पण और वर्षों के अनुभव का सभी को लाभ होगा। मनमोहन सिंह इससे पहले 6 बार राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। पहली बार 1991 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया था। इसके बाद वह 1995, 2001, 2007, 2013 में उच्च सदन के लिए चुने गए थे। 

 

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