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11-07-2020
चीनी वायरोलॉजिस्ट ने किया खुलासा,चीन ने छिपाई कोरोना की जानकारी, जान बचाकर हांगकांग से पहुंची अमेरिका

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का कहर दुनिया में बरकरार है। लेकिन दिसंबर से लेकर अब तक इस वायरस को लेकर इतने तरह के खुलासे हुए हैं कि अब भी असमंजस की स्थिति बरकरार है। अमेरिका और यूरोप के कई देशों ने चीन पर बार-बार ये आरोप लगाए हैं कि उसने सही समय पर इस वायरस के फैलने की जानकारी विश्व समुदाय को नहीं दी। अपने ऊपर उठ रहे सवालों को चीन ने हमेशा झुठलाया है। चीन का दावा है कि जैसे ही उसे इस वायरस की गंभीरता का पता चला, उसने फौरन विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत दुनिया के कई देशों को इसकी जानकारी दी। लेकिन अब हांगकांग की एक वायरलोलॉजिस्ट ने चीन के इस दावे को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। हांगकांग से जान बचाकर अमेरिका पहुंचीं एक वैज्ञानिक ने खुलासा किया है कि कोरोनावायरस को लेकर चीन उससे काफी पहले से जानता था, जब इसने दुनिया को बताई। उन्होंने यह भी कहा है कि यह सरकार के सर्वोच्च स्तर पर किया गया। हांग-कांग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में वायरोलॉजी और इम्यूनोलॉजी की विशेषज्ञ लि-मेंग यान ने इंटरव्यू में कई बड़ी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि महामारी की शुरुआत में उनकी रिसर्च को उनके सुपरवाइजर्स ने भी इग्नोर किया, जोकि इस फील्ड के दुनिया के टॉप एक्सपर्ट हैं। वह मानती हैं कि इससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती थी।

यान कहती हैं कि कोविड-19 पर स्टडी करने वाली वह दुनिया के पहले कुछ वैज्ञानिकों में से एक थीं। उन्होंने हा, 'चीन सरकार ने विदेशी और यहां तक की हांगकांग के विशेषज्ञों को रिसर्च में शामिल करने से इनकार कर दिया।' यान ने कहा कि बहुत जल्द पूरे चीन के उनके साथियों ने इस वायरस पर चर्चा की लेकिन जल्द ही उन्होंने टोन में बदलाव को नोटिस किया। डॉक्टर और शोधकर्ता जो खुले रूप से वायरस पर चर्चा कर रहे थे उन्हें चुप करवा दिया गया। वुहान के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने चुप्पी साध ली है और दूसरों को चेतावनी दी गई कि उनसे ब्योरा ना मांगें। यान के मुताबिक, डॉक्टरों ने कहा कि हम इसके बारे में बात नहीं कर सकते हैं, लेकिन मास्क पहनने की जरूरत है। उनके सूत्रों के मुताबिक फिर मानव से मानव संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा। इसके बाद यान ने वहां से निकलने का फैसला किया। उनका कहना है कि उस वक्त उनके पास केवल पासपोर्ट और पर्स था, बाकी सब छोड़ना पड़ा। यदि वह पकड़ी जातीं तो जेल में डाल दी जातीं या गायब कर दी जातीं। यान ने कहा कि चीन की सरकार उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रही है और सरकार के गुंडे उन्हें चुप करने के लिए साइबर अटैक कर रहे हैं। यान ने मीडिया को बताया कि हांगकांग सरकार ने गृहनगर में उनके छोटे से अपार्टमेंट को तोड़ दिया और उसके माता-पिता से पूछताछ की। वह कहती हैं कि अब भी उनकी जान को खतरा है। उन्हें यह भी डर है कि दोबारा कभी अपने घर जाकर दोस्तों और परिवार के लोगों से नहीं मिल पाएंगी।

10-06-2020
ईडी ने नीरव मोदी-मेहुल चौकसी पर कसा शिकंजा, हांगकांग से लेकर आई 1350 करोड़ रुपए की ज्वैलरी

नई दिल्ली। भारत के बैंकों को हजारों करोड़ रुपए का चूना लगाकर फरार हीरा व्यापारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ ईडी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हॉन्गकॉन्ग में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का हीरों का बड़ा व्यापार है,ऐसे में ईडी ने यहां दोनों की संपत्ति को जब्त करने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि ईडी पॉलिश किए हुए हीरे, मोती और ज्वेलरी को हॉन्गकॉन्ग से लेकर आई है,जिसकी कुल कीमत 1350 करोड़ रुपए है और यह नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनी का हैं।बता दें कि इससे पहले एक विशेष अदालत ने सोमवार को भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की परिसंपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति दी थी। अदालत ने भगौड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) की धाराओं के तहत यह आदेश दिया था।

महत्‍पूर्ण बात ये हैं कि एफईओए के प्रभाव में आने के दो साल बाद यह देश का पहला मामला है जिसमें इस कानून के तहत किसी की संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया गया है।बता दें भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के तहत कुकीं का पहला आदेश सुनाते हुए सोमवार 8 जून को महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने कारोबारी नीरव मोदी की परिसंपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति प्रदान की हैं विशेष अदालत के जस्टिस वीसी बारडे ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मोदी की उन परिसंपत्तियों को कुर्क करने के आदेश दिए हैं,जो पीएनबी के पास गिरवी नहीं हैं। भगौड़े नीरव मोदी की परिसंपत्ति को कुर्क के लिए निदेशालय को एक माह का समय दिया गया हैं।गौरतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक के 13 हजार करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में आरोपी भगोड़े हीरा व्‍यवसायी नीरव मोदी का लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रत्यर्पण संबंधी केस की सुनवाई चल रही है।

49 वर्षीय भगोड़ा नीरव मोदी वर्तमान में ब्रिटेन की जेल में बंद हैं। नीरव मोदी को वहां मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। भारत उनके खिलाफ वहां की अदालत में प्रत्यपर्ण की कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। इसमें पिछले दिनों सुनवाई के दौरान नीरव मोदी के वकील ने कहा कि नीरव मोदी वर्तमान समय में गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं। उनका भारत की जेल में विशेषकर आर्थर रोड जेल में उचित इलाज नहीं हो सकता हैं। जेल की स्थितियों पर भारतीय सरकार का आश्वासन अपर्याप्त हैं ऐसे में उनका भारत को प्रत्‍यार्पण करना उचित नहीं होगा।

02-05-2020
पीलिया से राजधानी में दो मौत,6 दर्जन मरीज इलाज करा रहे हैं,अब तो जाग जाओ गन्दा पानी पिलाने वालों,लोग मरने लगे हैं

रायपुर। राजधानी में पीलिया से 2 मौत हो गई। कहां तो राजधानी को शंघाई,सिंगापुर, हांगकांग बनाने की बात हुआ करती थी और कहां राजधानी में पीने का साफ पानी लोगों को नसीब नहीं हो रहा है। गंदे पानी से होने वाली बीमारी पीलिया अब धीरे-धीरे विकराल रूप लेते जा रही है। कोरोना तो हमारी राजधानी का कुछ कर नहीं पाया। ईश्वर की कृपा रही कोरोना पूरे राज्य पर बुरी नजर नहीं डाल पाया लेकिन इस वैश्विक बीमारी से जीत रहे हमारे प्रदेश की राजधानी रायपुर मामूली सी बीमारी पीलिया के सामने घुटने टेकते नजर आ रही है। हाल ही में यह दावा किया गया था कि पानी टंकियों की सफाई की गई है और ट्रीटमेंट के बाद उसमें का पानी पीने लायक पाया गया है। अब सवाल टेस्ट रिपोर्ट देने वाले विभाग पर उठना चाहिए क्योंकि इसके पहले जो रिपोर्ट आई थी उसमें टंकियों का पानी पीने लायक नहीं बताया गया था तो क्या बाद वाली रिपोर्ट महज खानापूर्ति थी और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए थी। बहरहाल पीलिया धीरे-धीरे पांव पसारता जा रहा है और बेहद अफसोस की बात है कि साफ पानी तक की सप्लाई राजधानी में नहीं हो पा रही है। कहां तो इसे साफ और स्मार्ट शहर की होड़ में सबसे आगे ले जाने के दावे किए जाते रहे सबसे आगे ले जाने की कोशिश होती रही और नतीजा जो सामने आ रहा है वह चौंका देने वाला है। 73 मरीज राजधानी में इलाज करा रहे हैं यह छोटा मोटा आंकड़ा नहीं,अब भी वक्त है पीने का पानी पिलाने वाली एजेंसियों को सावधान हो जाना चाहिए और तत्काल कहां से पीलिया के विषाणु फैल रहे हैं उस पर ध्यान देना चाहिए। सारी पाइप लाइन की जांच बारिश होना बेहद जरूरी है।

 

17-03-2020
जिले में महामारी अधिनियम 1897 लागू, कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए दल गठित

धमतरी। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को महामारी घोषित की गई है। कलेक्टर रजत बंसल ने कोविड-19 महामारी के प्रसार से आम नागरिकों को बचाने के लिए जिले में महामारी रोग एक्ट 1897 के तहत अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जिले में महामारी अधिनियम 1897 लागू हो चुकी है। उक्त अधिनियम के तहत देश के सभी राज्यों में महामारी अधिनियम 1897 की धारा 2 के प्रावधानों के तहत खतरनाक महामारी रोग के रूप में विनियमों को निर्धारित करने के लिए किए जाने वाले विशेष उपाय शामिल हैं। इसके तहत विदेश से यात्रा कर आने वाले नागरिक,जिन्हें किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी है, वे आमजनों के बचाव एवं वातावरण विषाणु के संचरण की संभावना को रोकने के लिए संक्रमित व्यक्ति को कोरेन्टाईन एवं होम आईशोलेसन करने का प्रावधान है।

कलेक्टर ने नोडल अधिकारी को निर्देशित किया है कि जिले में आम जनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं खतरनाक महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए विशेष उपाय किया जाए। साथ ही अधिनियमों के तहत किए गए किसी भी विनियम अथवा आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (1860 में से 45) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए कलेक्टर रजत बंसल ने अधिकारियों का दल गठित किया है। गठित दल द्वारा अपने-अपने प्रभार क्षेत्र के तहत कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सतत् निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित् की जाएगी। दल क्रमांक 01 धमतरी में अनुविभागीय धमतरी मनीष मिश्रा, खंड चिकित्सा अधिकारी गुजरा डाॅ.वंदना व्यास, तहसीलदार धमतरी, नगर निरीक्षक सिटी कोतवाली धमतरी और औषधि निरीक्षक धमतरी निकिता श्रीवास्तव की ड्यूटी लगाई गई है।

दल क्रमांक 2 कुरूद में अनुविभागीय दण्डाधिकारी कुरूद योगिता देवांगन, खंड चिकित्सा अधिकारी कुरूद डाॅ.जेपी दीवान, तहसीलदार कुरूद,संबंधित थाना प्रभारी कुरूद और औषधि निरीक्षक कुरूद सुमित देवांगन की तैनाती की गई है। इसी तरह दल क्रमांक 3 मगरलोड में अनुविभागीय दण्डाधिकारी कुरूद योगिता देवांगन, खंड चिकित्सा अधिकारी मगरलोड डाॅ.शारदा ठाकुर, तहसीलदार मगरलोड, संबंधित थाना प्रभारी मगरलोड और औषधि निरीक्षक मगरलोड  सुमित देवांगन की ड्यूटी लगाई गई है। दल क्रमांक 4 नगरी में अनुविभागीय दण्डाधिकारी नगरी सुनील शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी नगरी डाॅ.डीआर ठाकुर, तहसीलदार नगरी, संबंधित थाना प्रभारी नगरी और औषधि निरीक्षक नगरी संदीप सूर्यवंशी को शामिल किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है। कलेक्टर ने गत माह चीन, हांगकांग, सिंगापुर,थाईलैंड अथवा अन्य देशों की यात्रा पर गए व्यक्तियों की निगरानी करने तथा ऐसे व्यक्तियों को जिला सर्विलेंस इकाई से जानकारी साझा कर प्रतिदिन रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। जिले में सोशल मीडिया में भ्रामक जानकारी देने पर तत्काल जिला प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश भी दिए हैं। जिला प्रशासन इस मामले में शिकायत के लिए दूरभाष क्रमांक 07722-232249 को 24×7 घंटे के लिए क्रियाशील किया है। इस पर उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श टोल फ्री नंबर 104 पर डायल कर स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी ली जा सकती है।

 

07-03-2020
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के संदिग्धों की जांच के लिए सभी अस्पतालों को लिखा पत्र, विशेष ध्यान 14 देशों पर

रायपुर। विभाग की राज्य नोडल एजेंसी ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को कोरोना वायरस के संदिग्धों की जांच करने के लिए पत्र लिखा है। राज्य शासन द्वारा पूरी सतर्कता के साथ प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को चीन, मकाउ, सिंगापुर, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, कोरिया, जापान, ईरान, इटली, दुबई, नेपाल और मलेशिया से आने वालों की संपूर्ण जांच के निर्देश दिए हैं। हाल ही में इन देशों की यात्रा से लौटे लोगों की भी पूरी जांच करने कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को सूचित किया है कि संदिग्धों के सैंपल जांच की व्यवस्था रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में है। किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण दिखने पर अस्पताल को सैंपल एकत्र कर जांच के लिए एम्स भेजना सुनिश्चित करने कहा गया है। अस्पतालों को इसके इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड एवं आईसीयू की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। कोरोना वायरस की जांच एवं उपचार के संबंध में आईडीएसपी(Integrated Disease Surveillance Program) के उपसंचालक डॉ. धर्मेन्द्र गहवई से उनके मोबाइल नंबर 9713373165 पर संपर्क करने कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति, इसके लक्षणों, जांच, इलाज, बचाव, रोकथाम और छत्तीसगढ़ में इसे फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की भी जानकारी सभी अस्पतालों को भेजी है।

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10-02-2020
एक और सरकारी कंपनी की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में केंद्र सरकार, जाने क्या होगा फायदा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बजट के दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की अपनी हिस्सेदारी बेचने के एलान के बाद अब एक और बड़ा एलान किया है। विनिवेश लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार भारतीय स्टील प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) में भी अपनी पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इससे 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

ऑफर फॉर सेल के जरिए होगी बिक्री

यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए की जाएगी। इस प्रक्रिया में सरकारी कंपनी के प्रवर्तक अपनी हिस्सेदारी सीधे तौर पर निवेशकों को बेचते हैं, जिसमें पारदर्शिता का खास ख्याल रखा जाता है।

सेल में 75 फीसदी है सरकार की हिस्सेदारी

निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के एक अधिकारी ने बताया कि इस्पात मंत्रालय इस विनिवेश के लिए सिंगापुर और हांगकांग में रोडशो करने की तैयारी में है। सेल में सरकार की 75 फीसदी हिस्सेदारी है।

इन सरकारी कंपनियों की भी होगी बिक्री

सरकार देश की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का भी निजीकरण करने जा रही है।

यह है सरकार का लक्ष्य

बता दें कि चालू वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश के जरिए 1.05 लाख करोड़ रुपये मिलने का लक्ष्य रखा था। हालांकि इस लक्ष्य के पूरे होने की संभावना नहीं है। बजट 2020 के दौरान इस लक्ष्य को संशोधित कर 65 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। मौजूदा समय में सरकार ने 35 हजार करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। वहीं वित्त वर्ष 2020 के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आईपीओ के माध्यम से सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एलआईसी का आईपीओ लाया जाएगा। सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। जीवन बीमा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी एलआईसी बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। एलआईसी सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करने के अलावा शेयर बाजार में हर साल भारी मात्रा में निवेश करती है। 

09-02-2020
केंद्र सरकार बेचेगी सेल की पांच प्रतिशत हिस्सेदारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया (सेल) की पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर एक हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग और इस्पात मंत्रालय के अधिकारी सेल की हिस्सेदारी की बिक्री के लिए सिंगापुर और हांगकांग में रोड शो करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए हांगकांग रोड शो को रद्द किया जा सकता है। सरकार की सेल में अभी 75 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार ने इससे पहले दिसंबर 2014 में सेल की पांच प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री की थी। एक अधिकारी ने कहा, “हम खुली पेशकश के जरिए सेल की पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। हम रोड शो में निवेशकों की दिलचस्पी का मूल्यांकन करेंगे।” मौजूदा बाजार दर के हिसाब से सरकार सेल की पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब एक हजार करोड़ रुपए जुटा सकती है।

 

09-02-2020
कोरोना वायरस : रिसर्च में हुआ खुलासा, चमगादड़ या सांप से नहीं बल्कि इस जीव से फैला वायरस

बेंगलुरु। चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या करीब 772 तक पहुंच चुकी हैं । वहीं, इस विषाणु से संक्रमित होने के अब तक करीब 34,546 से ज्यादा मामलों की पुष्टि हुई है। अभी तक यह माना जा रहा था कि चाइना के वुहान से फैला कोरोना वायरस चमगादड़ या सांप से मनुष्‍यों में फैला है। लेकिन चाइना के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में किए गए शोध में कुछ और ही सच का खुलासा हुआ हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों के द्वारा की गई खोज में यह बात सामने आई है कि कोरोना वायरस सांप या चमगादड़ से नहीं बल्कि पैंगोलिन नामक वन्‍य जीव के कारण मनुष्‍यों में फैला हैं। साउथ चाइना एग्रीकल्‍चर विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट पर ये खुलासा किया है। विवि ने अपनी वेबसाइड पर जारी बयान में कहा कि है कोरोना वायरस पर उनके द्वारा की गई रिसर्च के अनुसार कोरोना वायरस की रोकथाम और नियंत्रण किया जा सकता है।

पैंगोलिन के जरिए मनुष्‍य में यह बीमारी आई है। बता दें चाइना के वैज्ञानिकों की रिसर्च के अनुसार कोरोना के स्ट्रेन का जीनोम,पैंगोलिन से मिले जीनोम से 99 प्रतिशत मिलता है। इस खोज में पता चला है कि कोरोना के मनुष्य में आने में वन्य जीव पैंगोलिन की भूमिका हो सकती हैं। इसी कारण पैंगोलिन के जरिए मनुष्‍य में यह बीमारी आई है। अब तक अनुमान लगाए जा रहे थे कि चमगादड़ और सांपों से कोरोना का वायरस फैला। लेकिन नवीन शोध में पुष्टि हो चुकी है कि इसका कारण पैंगोलिन हैं। चाइना की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने भी ऐसी ही रिपोर्ट जारी कि है,जिसमें कहा गया है कि शोध के मुताबिक पैंगोलिन से इंसानों इस बीमारी के आने की आशंका सबसे अधिक है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीएस) के अनुसार, कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच जाता है। नया चीनी कोरोनो वायरस, सार्स वायरस की तरह है। इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। हांगकांग विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वायरोलॉजिस्ट लियो पून, जिन्होंने पहले इस वायरस को डिकोड किया था, उन्हें लगता है कि यह संभवतः एक जानवर में शुरू हुआ और मनुष्यों में फैल गया। 

 

06-02-2020
शेयर बाजार में रौनक,सेंसेक्स चौथे दिन भी बढ़त के साथ हुआ बंद

मुंबई। शेयर बाजार में गुरुवार को रौनक रही। लगातार चौथे दिन शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 163.37 अंकों की बढ़त के साथ 41306.03 अंकों पर कारोबार हुआ है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 48.80 अंकों की बढ़त के साथ 12137.95 अंकों पर बंद हुआ है। दरअसल आबीआई की द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में नीतिगत दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद शेयर बाजार में तेजी के का आलम रहा है और इसके साथ ही बंद हुआ। आज शेयर बाजार में बैंकिंग सेक्टर में तेजी देखने को मिली है।

आईटी सेक्टर में 100 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ है। वहीं विदेशी निवेशकों की ओर से भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। यही कारण है कि सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार नीतिगत दर में बदलाव नहीं होने के बाद भी आरबीआई के नरम रुख से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। दुनिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई, हांगकांग, जापान का टोक्यो और दक्षिण कोरिया का सोल 2.88 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। वहीं यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी रही।

 

03-02-2020
बीमारियों ने बढ़ाई चीन की मुसीबत, कोरोना वायरस के बाद अब बर्ड फ्लू ने दी दस्तक

नई दिल्ली। चीन में जानलेवा कोरोनावायरस के बाद अब बर्ड फ्लू की दस्तक से लोग दहशत में हैं। कोरोनावायरस से चीन में अब तक 361 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 17,205 मामलों की पुष्टि हुई है। हुबेई प्रांत के स्थानीय स्वास्थ्य आयोग सोमवार को जानकारी दी है कि रविवार को इससे 57 लोगों की मौत हुई। अब कोरोनावायरस के चलते मरने वालों की कुल संख्या 361 हो गई है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने सोमवार को अपनी दैनिक रिपोर्ट में कहा कि दो फरवरी को कोरोना वायरस के 2,829 नए मामले सामने आए हैं। इससे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 17, 205 हो गई है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने आयोग के हवाले से बताया कि रविवार को इसकी चपेट में आने से 57 और लोगों की जान चली गई, जिससे इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 361 हो गई। आयोग ने बताया कि रविवार को जिन 57 लोगों की जान गई उनमें से 56 हुबई प्रांत के थे और एक व्यक्ति की मौत चोंगक्विंग में हुई। इस संक्रमण से सर्वाधिक लोगों की मौत हुबेई प्रांत में हुई है। हुबेई की राजधानी वुहान में दिसंबर में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलना शुरू हुआ था और अब यह संक्रमण दुनिया भर में फैल गया है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है लेकिन ‘सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ (सार्स) ऐसा कोरोनावायरस है जिसके प्रकोप से 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी।

वहीं, हुनान प्रांत में शुआंगक्विंग डिस्ट्रिक के रविवार को एक पोल्ट्री फार्म में हजारों मुर्गियां मृत पाई गईं। शुआंगक्विंग हुबेई प्रांत की दक्षिणी सीमा पर स्थित है, जहां इस समय कोरोनावायरस ने कहर बरपाया हुआ है। हालांकि अभी तक हुनान प्रांत में किसी मनुष्य में एच5एन1 वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। चीन के कृषि व ग्रामीण मामलों के मंत्रालय ने रविवार को बताया, श्याओयांग शहर के एक पोल्ट्री फार्म में यह घटना हुई है। इस फार्म में 7500 मुर्गियां है, जिनमें से 4500 मुर्गियां मृत पाई गईं। स्थानीय प्रशासन ने अब तक 17,828 मुर्गियों को एहतियातन मार दिया है। बर्ड फ्लू ऐसे समय फैला है, जब चीनी सरकार को कोरोनावायरस को फैलने से रोकने को लेकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। चीन ने 12 शहरों में लोगों की आवागमन और यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे करीब 5.6 करोड़ लोग अपने घरों में ‘कैद’ होने पर मजबूर हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि शनिवार को 4.562 नए मामले सामने आए हैं। चीन के अलावा करीब 25 देशों में यह वायरस सैकड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है।    

चीन के बाहर कोरोना से हुई पहली मौत

फिलीपींस में एक फरवरी को चीन के 44 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वह वुहान से 21 जनवरी को अपनी महिला मित्र के साथ फिलीपींस पहुंचा था। फिलीपींस में डब्ल्यूएचओ की प्रतिनिधि राबिंद्रा अबेयासिंघे ने बताया यह चीन के बाहर कोरोना से मौत का पहला मामला है। वहीं, यूएई ने पांच और अमेरिका ने आठ मामलों की पुष्टि की है। इस बीच, चीन में पाकिस्तान की राजदूत नगमाना हाशमी ने रविवार को कहा कि पाकिस्तानी छात्रों को वुहान से एयरलिफ्ट नहीं किया जाएगा क्योंकि उनके देश में कोरोना से पीड़ित मरीज के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

चीन से लौटे यात्रियों के इस्राइल में घुसने पर रोक  

इस्राइल ने पिछले दो सप्ताह में चीन की यात्रा करने वाले यात्रियों के देश में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस्राइल के गृहमंत्रालय ने बताया कि यह प्रतिबंध इस्राइल के नगारिकों पर लागू नहीं होगा। इससे पहले, इस्राइल ने बृहस्पतिवार को चीन से आने वाली सभी उड़ानों पर रोक लगा दी थी। अब वह दुनिया का तीसरा देश बन गया है, जिसने 14 दिन के भीतर चीन की यात्रा करने वाले विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। 

 

30-12-2019
शेयर बाजार में उतार चढ़ाव के बाद सेंसेक्स में 17 अंक की गिरावट, निफ्टी बढ़त के साथ बंद

मुंबई। शेयर बाजार में सोमवार को मिला-जुला रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 17.14 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 41,558.00 पर और निफ्टी 14.80 अंकों की मामूली तेजी के साथ 12,260.60 पर बंद हुआ। साल की समाप्ति से पहले छुट्टियों के बीच निवेशक बाजार में अधिक गतिविधियां नहीं कर रहे हैं। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान करीब 260 अंक के दायरे में घट बढ़ के बाद अंत में 17.14 अंक या 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 41,558 अंक पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान सेंसेक्स 41,714.73 अंक के उच्चस्तर तक गया। इसने 41,453.38 अंक का निचला स्तर भी छुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10.05 अंक या 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 12,255.85 अंक पर पहुंच गया। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप 0.75 प्रतिशत तक के लाभ में रहे। विश्लेषकों ने कहा कि बाजार में घरेलू मोर्चे से किसी बड़ी खबर का अभाव रहा। आगामी दिनों में निवेशकों की निगाह वाहन कंपनियों के मासिक बिक्री आंकड़ों तथा जीडीपी आंकड़ों पर रहेगी। अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई, हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे। वहीं जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में गिरावट आई। 

 

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