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02-11-2019
इस महीने 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, जल्द निपटा ले अपने काम

नई दिल्ली। अगर आपको बैंक का कोई भी कार्य करना है तो आपके लिए ये खबर बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए क्योंकि आरबीआई की वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवंबर में बैंक एक नहीं, दो नहीं, बल्कि 12 दिन बंद रहेंगे। बता दें कि इन आठ छुट्टियों में अलग-अलग राज्यों में होने वाली छुट्टियां भी शामिल हैं। इस दौरान खाताधारकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अगर बैंक से जुड़ा कोई भी कार्य शेष है तो उसे समय पर पूरा कर लीजिए। इस महीने छठ पूजा, गुरु नानक जयंती,  कन्नड राज्योत्सव, वांग्ला फेस्टिवल, आदि के चलते बैंक बंद रहेंगे। आइए जानते हैं नवंबर में किस दिन बैंक बंद रहेंगे। 

 

16-10-2019
पीएमसी बैंक घोटाला : महिला खाताधारक ने की खुदकुश़ी? पुलिस जुटी जांच में

मुंबई। पीएमसी बैंक के एक खाताधारक की दिल का दौरा पड़ने से मौत के 24 घंटे के भीतर ही एक अन्‍य महिला खाताधारक ने आत्महत्या कर ली। महिला का नाम निवेदिता बिजलानी (39) है। निवेदिता मुंबई के अंधेरी इलाके में रहती थीं और पेशे से डॉक्‍टर थीं। निवेदिता का पीएमसी बैंक में अकाउंट जरूर था लेकिन पुलिस इस मामले को पीएमसी घोटाले की वजह से आत्महत्या नहीं मान रही है। पुलिस की मानें तो निवेदिता काफी संपन्न घर से थीं और आर्थिक रूप से काफी मजबूत थीं। इस मामले की जांच कर रही वर्सोवा पुलिस के मुताबिक निवेदिता ने पीएमसी बैंक की वजह से आत्महत्या नहीं की हैं। निवेदिता ने नींद की गोलियों का ओवरडोज़ लिया था। दरअसल निवेदिता की पहली शादी साल 2001 में हुई थी। इसके बाद उनकी दूसरी शादी साल 2017 में एक अमेरिकी नागरिक से हुई थी। पहली शादी से निवेदिता को एक 17 साल की बेटी है। निवेदिता खुद एक डॉक्टर थीं और अमेरिका में प्रैक्टिस करती थीं। निवेदिता के पिता ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा है कि मार्च 2018 में उसने अमेरिका में भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उसके बाद वो डिप्रेशन का शिकार हो गई थीं। इस घटना के बाद वो भारत आकर रहने लगीं और एक डॉक्टर से डिप्रेशन का इलाज करवाने लगीं थी। 

 

13-10-2019
कहीं इस बैंक में तो नहीं आपका खाता, यहां भी हुआ है घोटाला

मुंबई। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक पर छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया था। अब देश के एक और को-ऑपरेटिव बैंक पर इसका खतरा मंडरा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पीएमसी के बाद अब इस बैंक में भी घोटाला सामने आया है। इस बैंक का नाम है शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक। शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक के कामकाज में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। इसके मद्देनजर बैंक के निदेशक मडंल को भी बर्खास्त कर दिया है, जिसके बाद प्रशासक की नियुक्ति की गई है। बता दें कि बैंक के प्रमोटर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य अनिल शिवाजीराव भोसले हैं।

मामले में बैंकों के खाताधारकों के मामलों को बढ़ाने वाले ग्रुप के सदस्य मिहिर थाटे ने कहा कि फर्जी कर्जदारों को 300 करोड़ रुपए का कर्ज वितरित करने की वजह से यह मुसीबत आई है। इसकी वजह से बैंक के करीब एक लाख खाताधारकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खाताधारक बैंक से अपने पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। सहकारिता आयुक्त सतीश सोने ने आदेश जारी कर कहा है कि अप्रैल 2019 में आरबीआई द्वारा एक स्पेशल जांच की गई थी। जांच के दौरान बैंक के कामकाज में भारी अनियमितताएं पाई गईं थीं। आदेश में यह भी कहा गया था कि निदेशक मंडल के स्थान पर उप-जिला रजिस्ट्रार नारायण आघव को प्रशासक नियुक्त किया गया है। 

08-06-2019
जोखिम में फंसे ऋण पर संशोधित दिशा-निर्देश

मुंबई। रिजर्व बैंक ने जोखिम में फंसे ऋण की समस्या से निपटने के लिए शुक्रवार को संशोधित दिशा-निर्देश जारी किया है जिसके अनुसार, यदि ऋणदाता को लगता है कि कोई खाताधारक ऋण भुगतान में चूक कर सकता है तो वह चूक से पहले भी ऋण समाधान प्रक्रिया शुरू कर सकता है। उच्चतम न्यायालय ने रिजर्व बैंक द्वारा इस संबंध में पिछले साल 12 फरवरी को जारी दिशा-निर्देश को खारिज करते हुये उसे इसके स्थान पर संशोधित दिशा-निर्देश जारी करने का आदेश दिया था। रिजर्व बैंक ने कहा कि अब ऋण नहीं चुकाने वालों के खिलाफ ऋण समाधान प्रक्रिया ऋण चूक से पहले भी शुरू की जा सकेगी और ऋण देने में चूक होने पर 30 दिन के भीतर समाधान प्रक्रिया की रूपरेखा तथा उसे लागू करने के तरीके तय कर लिये जायेंगे। यह 30 दिन की अवधि समीक्षा अवधि के रूप में जानी जायेगी।

रिजर्व बैंक ने गत 04 अप्रैल को इस संबंध में एक एक बयान जारी किया था जिसमें कहा गया था कि इस दिशा में आवश्यक कदम उठाये जायेंगे जिसमें संशोधित दिशा-निर्देश जारी करना भी शामिल था। इसी को ध्यान में रखते हुये केन्द्रीय बैंक ने आज नये दिशा-निर्देश जारी किए। रिजर्व बैंक ने जोखिम में फँसे ऋण को पहले की तरह ही तीन श्रेणियों में रखा है। विशेष उल्लेखित खाता (एसएमए)-शून्य में बैंक उन ऋण खातों को दिखायेंगे जिनकी किस्त 30 दिन या उससे कम अवधि के लिए बकाया है। यदि ऋण की किस्त 31 से 60 दिन तक बकाया है तो उसे एसएमए-1 श्रेणी में और 61 से 90 दिन की अवधि तक किस्त नहीं चुकाने पर खाते को एसएमए-2 श्रेणी में दिखाना होगा।

केंद्रीय बैंक ने कहा गया है कि जोखिम में फँसे ऋण की पहचान मूल धन या ब्याज भुगतान या कोई अन्य आंशिक या पूर्ण भुगतान उपरोक्त अवधि के दौरान बकाया रहेगा तब बैंकों को समाधान प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसके साथ नकद ऋण जैसे रिवोल्विंग ऋण के मामलों के लिए भी एसएमए-1 और एसएमए-2श्रेणी भी बनायी गयी है। केन्द्रीय बैंक ने कहा कि सभी बैंकों को जोखिम में फँसे ऋण के लिए बोर्ड अनुमोदित समाधान प्रक्रिया बनानी होगी। सभी बैंकों को पाँच करोड़ रुपये या इससे अधिक के कर्जदरों के बारे में जानकारी देने के लिए कहा गया है। बैंकों को पाँच करोड़ रुपये या इससे अधिक के सभी कर्जदरों के ऋण भुगतान से चुकने वालों के बारे में साप्ताहिक रिपोर्ट देनी होगी।

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