GLIBS
10-07-2020
Breaking: न्यायिक इतिहास में पहली बार 11 जुलाई को राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत

रायपुर। बिलासपुर में 11 जुलाई को राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया है। यह देश के न्यायिक इतिहास में पहली बार हो रहा है, जब लोक अदालत वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगा, जिसमें पक्षकार और वकील को न्यायालय आने की जरूरत नहीं होगी। घर में बैठे पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से प्रकरण निराकृत होंगे। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने ई-लोक अदालत के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में 11 जुलाई को आयोजित ई-लोक अदालत में हाईकोर्ट सहित प्रदेश भर के विभिन्न जिलों की 200 से अधिक खंडपीठों में 3 हजार से ज्यादा मामलों की सुनवाई होगी। ई-लोक अदालत का शुभारंभ सुबह 10.30 बजे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वीडियो कान्फ्रेंसिंग रूम में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पीआर रामचन्द्र मेनन करेंगे। इस कार्यक्रम की लाईव स्ट्रीमिंग भी की जाएगी।

जस्टिस मिश्रा ने बताया कि समझौता योग्य प्रकरणों, पारिवारिक मामले, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस के प्रकरण आदि धन संबंधी मामले प्रायः लोक अदालत के माध्यम से निराकृत हो जाते है। कोरोना संक्रमण के चलते जब लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं तो ऐसे मामलों के निराकरण के लिये छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने ई-लोक अदालत लगाने का निर्णय लिया है। ई-लोक अदालत उच्च न्यायालय के साथ सभी जिला न्यायालयों एवं तहसील न्यायालयों में भी आयोजित की जा रही है। जस्टिस मिश्रा ने बताया कि पक्षकारों द्वारा ई-लोक अदालत के माध्यम से समझौते के लिये जब फार्म भरे गये, उसी समय उन्हें लिंक उपलब्ध करा दिया गया। ई-लोक अदालत में पक्षकार और वकील अपने-अपने घरों में बैठकर दिये गये लिंक के माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट से जुड़ सकेंगे। पक्षकारों और वकीलों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से यदि जुड़ने में दिक्कत होगी तो उन्हें यह भी सुविधा दी गई है कि वे व्हाट्सअप वीडियो कॉल करके अपना पक्ष रख सकेंगे। कोरोना संक्रमण के कारण देश भर में न्यायिक कामकाज प्रभावित हुआ है। वकील एवं पक्षकारों की आर्थिक स्थिति खराब हुई है। ई-लोक अदालत से उनको राहत मिलेगी। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि पूरे देश में ई-लोक अदालत को लेकर उत्सुकता है। यह प्रयोग सफल होता है तो इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।

 

31-03-2020
हाइकोर्ट ने राज्य शासन को दिया निर्देश, आवश्यक सामानों की कालाबाजार पर तत्काल लगाए रोक

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने लॉ की स्टूडेंट की पत्र याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर कहा है कि कोरोना के खौफ के मध्य आवश्यक सामानों की कालाबाजारी पर प्रभावी ढ़ंग से रोक लगाई जाएं। इसके साथ ही सैनिटाइजर और मॉस्क भी बाजार में उपलब्धता कराए। बता दें कि रायपुर लॉ कॉलेज की एक स्टूडेंट ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पी आर रामचंद्र मेनन को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि कोरोना के बढ़ते प्रभाव के मध्य बाजार से सैनिटाइजर, मास्क समेत अन्य सामाने गायब हो गई है। जिन दुकानदारों के पास आवश्यक सामाने मौजूद है वे भी बाजार में कमी बताकर कालाबाजारी कर रहे है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कोरोना से बचाव के लिए जिन सामानों का उपयोग जरूरी है। वे भी मार्केट में अधिक दर में बिक रहे है। लोग अपना बचाव करना चाहते हैं।

सैनिटाइजर और मास्क लेने लोग दुकान—दुकान भटक रहे हैं। दुकानदार सामान नहीं दे रहे हैं। वहीं रोजाना उपयोग में लाई जाने वाली घरेलू वस्तुओं की दरों में भी वृद्धि कर रिटेलर जमकर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। जिस पर प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही है। लॉक डाउन के कारण खरीदारी के लिए समय सीमा तय की गई है। तय समय में ही सामान खरीदना पड़ रहा है। इसका फायदा रिटेलर उठा रहे हैं। पत्र को चीफ जस्टिस ने गंभीरता से लेते हुए पत्र याचिका के रुप में स्वीकार करने का आदेश जारी किया था। मामले की सुनवाई बीते दिनों जस्टिस प्रशांत मिश्रा व एम एम श्रीवास्तव के खंडपीठ में हुई। मामले की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर आवश्यक वस्तुओं की हो रही कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। खंडपीठ ने राज्य सरकार को प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी करने और प्रभावी कार्रवाई करने कहा है।

18-03-2020
हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह स्थगित, 10 से अधिक विदेशी छात्र होने वाले थे शामिल 

रायपुर। विश्व में कोरोना वायरस के संक्रमण का भय ऐसा की मास्क और सेनेटाईजर का उपयोग किया जा रहा है। वहीं भारत में भी जगह-जगह आयोजित किया गया कार्यक्रम रद्द हो रहा है। इसी कड़ी में हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रायपुर में 29 मार्च को होने वाला दीक्षांत समारोह स्थगित कर दिया है। 16 मार्च को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन से विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.डॉ वीसी विवेकानंदन की मुलाकात के बाद निर्णय लिया है। कार्यक्रम स्थगन की सूचना छात्रों को दे दी गई है। इसकी सूचना वेबसाइट पर भी डाली गई है। विदित है कि दीक्षांत समारोह में 10 से अधिक विदेशी छात्र शामिल होने वाले थे। 
 

04-03-2020
अरपा नदी से बेजा कब्जा हटाने की याचिका पर शासन और प्राधिकरण नहीं दे पाया विशेषज्ञों का नाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अरपा के उद्गम स्थल से अतिक्रमण हटाने और नदी के संरक्षण और संवर्धन की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका में सुनवाई हुई। राज्य शासन व विधिक सेवा प्राधिकरण को विशेषज्ञों के नाम देने थे। शासन ने नाम नहीं दे पाने के कारण कोर्ट से मोहलत मांग ली। खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद का समय निर्धारित किया है। चार वकीलों ने जनहित याचिका दायर कर अरपा नदी के उद्गम स्थल से बेजा कब्जा हटाने की मांग की है। चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य शासन के अलावा विधिक सेवा प्राधिकरण को अरपा के संरक्षण के लिए सुझाव देने विशेषज्ञों के नाम मांगे थे। इसके लिए मंगलवार की तिथि तय की थी। मंगलवार को शासन व प्राधिकरण को अपनी तरफ से विशेषज्ञों की सूची सौंपनी थी। नाम नहीं दे पाने के कारण दोनों ने कोर्ट से मोहलत मांग ली है।

01-03-2020
हाईकोर्ट ने जिला पंचायत सीईओ को थमाया नोटिस, दिए यह निर्देश...

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महिला व्याख्याता की याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला पंचायत सीईओ को नोटिस जारी कर 45 दिनों के अंदर एरियस की राशि भुगतान करने के निर्देश दिए है। बता दे कि बिलासपुर की सरकंडा निवासी राजश्री भारद्वाज ने वकील अब्दुल वहाब खान के माध्यम से याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता के अनुसार,वह शासकीय सूरजमल हाईस्कूल बिल्हा में व्याख्याता के पद पर वर्तमान में कार्यरत है। जिसकी एरियस की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। 

29-02-2020
हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक और सहकारिता अधिकारी पर लगाया जुर्माना

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सामरी के पूर्व विधायक रामदेव राम व सहकारिता अधिकारी के खिलाफ 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने पूर्व विधायक रामदेव और सहकारिता अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूर्व विधायक पर आरोप है कि उन्होंने हाईकोर्ट के निर्देशों की गलत व्याख्या कर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सरगुजा के अध्यक्ष पद पर बने रहे, जिसमें सहकारिता अधिकारी की मिलीभगत थी। सामरी के पूर्व विधायक रामदेव राम जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सरगुजा के अध्यक्ष पद पर काबिज थे। इसी बीच उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए पद से हटाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को अवैध ठहराते हुए बैंक में प्रशासन बैठाने का आदेश जारी कर दिया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को पूर्व विधायक रामदेव ने सहकारिता अधिकारी के साथ मिलीभगत कर गलत व्याख्या करा दी। यही नहीं कोर्ट के आदेश की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए सार्वजनिक तौर पर यही बता दिया कि हाईकोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला दिया है। 

06-02-2020
हाईकोर्ट आदेश के बाद भी बेजा कब्जा हटाने के नाम पर खानापूर्ति, कलेक्टर, एसडीएम को मिला अवमानना नोटिस

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बेजा कब्जा नहीं हटाने पर बिलासपुर कलेक्टर और एसडीएम समेत सभी को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल, मस्तूरी बालक शाला के समक्ष और आसपास अस्त-व्यस्त बेजा कब्जा कर दुकान व मकान बनाने को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें हाईकोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर को बेजा कब्जा हटाने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद खानापूर्ति करते हुए कुछ लोगों का कब्जा हटा दिया गया, लेकिन कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किए जाने पर आशीष अवस्थी ने अवमानना याचिका दायर की। इस पर कोर्ट ने कलेक्टर बिलासपुर समेत अन्य अधिकारियों को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा है। 

 

15-01-2020
हाईकोर्ट का आदेश, सभी न्यायिक अधिकारियों को 28 फरवरी तक देना होगा चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा 

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य के सभी न्यायिक अधिकारियों से चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार विजिलेंस ने राज्य के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को मेमो जारी कर उनके जिले में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों को प्रोफार्मा उपलब्ध करवाकर उनसे प्राप्त जानकारी को सत्यापित करने के बाद ईमेल के साथ ही रजिस्टर्ड डाक से भेजने के आदेश दिए हैं। सभी न्यायिक अधिकारियों को 31 मार्च 2019 तक का संपत्ति का ब्यौरा 28 फरवरी तक भेजने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य में न्यायिक अधिकारियों की संख्या 448 हैं, जिसमें से 88 प्रतिनियुक्ति पर हाईकोर्ट व प्रदेश सहित जिला विधिक कार्यालयों में पदस्थ हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस यतींद्र सिंह ने इस परंपरा की शुरुआत 2013 में की थी। पदभार संभालने के बाद से ही उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों के लिए संपत्ति की घोषणा अनिवार्य कर दी थी। आदेश के बाद हाईकोर्ट के अधिकतर जजों के साथ ही न्यायिक अधिकारियों ने भी अपनी संपत्ति की घोषणा की थी लेकिन पिछले 5 सालों से इसे अपडेट नहीं किया गया।

14-01-2020
महाधिवक्ता की शिकायत पर ठगी का प्रयास करने वाले टेलीफ्रॉड गिरोह के 4 सदस्य पुलिस की गिरफ्त में 

रायपुर। महाधिवक्ता से ठगी का प्रयास करने वाले बिहार के टेली फ्रॉड गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के महाधिवक्ता के मोबाइल पर कॉल करके 3 जनवरी को स्नैपडील में खरीदारी करने पर इनाम में कार जीतने का झांसा देकर ठगी का प्रयास करने वाले बिहार के टेलीफ्रॉड गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पुलिस ने 11 मोबाइल, लैपटॉप, एटीएम कार्ड व पासबुक समेत हजारों रुपए का माल बरामद किया है। मामले का खुलासा करते हुए बिलासपुर पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट एडवोकेट जनरल व महाराणा प्रताप नगर निवासी सतीश चंद्र वर्मा ने कुछ दिनों पूर्व स्नैपडील से खरीदारी की थी। 3 जनवरी को उनके मोबाइल नंबर पर अनजान नंबर से अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर स्नैपडील से खरीदारी करने पर लकी ड्रॉ में कार जीतने की बात कहकर पुरस्कार जीतने पर रकम जमा करने की बात कहकर झांसा देने का प्रयास किया। महाधिवक्ता ने आरोपी के खिलाफ शिकायत सिरगिट्टी पुलिस से की थी। शिकायत में उन्होंने  स्नैपडील से की गई खरीदारी की गोपनीयता पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा था कि आखिरकार गोपनीय खरीदारी की जानकारी दूसरे व्यक्ति को कैसे मिल जाती है। पुलिस ने आरोपियों का मोबाइल नंबर ट्रेस किया तो लोकेशन बिहार के पटना अंतर्गत आगमकुआं में मिला। पुलिस टीम  आरोपियों को पकड़ने के लिए बिहार रवाना हुई। नालंदा ग्राम के निवासी रितिक कुमार को पकड़ा, उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर टेलीफ्रॉड करना स्वीकार कर लिया।

05-01-2020
स्नैपडील के नाम से ठगी करने वालों ने चुना गलत नंबर निकला महाधिवक्ता का, दर्ज कराई एफआईआर

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के महाधिवक्ता को स्नैपडील से खरीदारी करने पर लकी ड्रॉ में इनाम के तौर पर कार मिलने का झांसा देकर ठगी का मामला सामने आया है। महाधिवक्ता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। सिरगिट्टी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महाराणा प्रताप नगर निवासी सतीश चंद्र वर्मा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में महाधिवक्ता है। कुछ दिनों पहले उन्होंने स्नैपडील से खरीदारी की थी। 3 जनवरी को उनके मोबाइल नंबर में अनजान नंबर 78 707 99285 से कॉल कर इसने दिल से खरीदारी करने पर लकी ड्रॉ में कार जीतने की जानकारी दी गई। अनजान व्यक्ति ने महाधिवक्ता को कार जीतने पर रकम जमा करने सरकार मिलने का झांसा दिया। महाधिवक्ता ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत सिरगिट्टी पुलिस से की जिसमें उन्होंने उनके द्वारा स्नैपडील से की गई खरीदारी की गोपनीय व निजी होने के बाद भी दूसरे व्यक्ति तक जानकारी पहुंचने और झांसा देकर ठगी करने के प्रयास की जांच करने की मांग की।

10-12-2019
हाईकोर्ट ने लगाई अशोक कुमार चतुर्वेदी के तबादला आदेश पर रोक, शासन से मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सोमवार को पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक अशोक कुमार चतुर्वेदी के तबादला आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल, जस्टिस गौतम भादुड़ी की एकलपीठ ने स्थानांतरण के खिलाफ लगी याचिका पर सुनवाई करते हुए 9 दिसंबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राज्य शासन से जवाब मांगा, लेकिन राज्य शासन के पास विधिक जवाब न होने की स्थिति में मामले को जनवरी प्रथम सप्ताह में नियत किया गया है। मामले की पैरवी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता भास्कर प्यासी एवं आशुतोष पांडेय ने की।

24-09-2019
कोरिया में नई कोर्ट बिल्डिंग का न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने किया निरीक्षण, जानिए क्या कहा...

कोरिया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया दो दिन के कोरिया प्रवास के दौरान पत्रकारों से औपचारिक मुलाकात की। हाईकोर्ट जज गौतम चौरड़िया ने बताया उन्होंने जिले की आधुनिक नई कोर्ट बिल्डिंग का निरीक्षण किया। यह नया न्यायालय भवन पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इंटरनेट सेवा, वकीलों की बैठक व दूर दराज से आए पक्षकार के लिए समुचित व्यवस्था की जायेगी। न्यायमूर्ति ने बताया सबसे अहम बात कोर्ट में एटीएम मशीन की तरह आधुनिक मशीन होगी जिस पर केस नम्बर डालने से उस केस का वर्तमान स्टेटस मिल जायेगा कि केस की क्या स्थिति है, कब पेशी हो चुकी या अगली कब होगी इत्यादि। इससे सबसे बड़ा फायदा कभी वकील पेशी बताना भूल जाते है तो आवेदक अपने केस की जानकरी इन मशीन से रख सकता है। अब पूरी तरह ई कोर्ट जैसे संचालन की शुरुआत की जायेगी, जिससे मोबाइल मैसेज के माध्यम से केस की जानकारी मिल पायेगी। घर बैठे ऑनलाइन डेटा के हिसाब से ऑनलाइन सुनवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 65 हजार मामले हाईकोर्ट में है लगभग 2 लाख 80 हजार पूरे छत्तीसगढ़ अधीनस्थ न्यायालय में है। जबकि 400 नयायधीश मिलकर तेजी से निपटा रहे हैं फिर भी उससे भी तीव्र गति से नये मामले जुड़ रहे हैं। न्यायमूर्ति गवाहों से जागरुक होने की सलाह देते नजर आये और सही गवाही देने की बात कही। उनका कहना है कि कोई भी न्यायाधीश गवाही व सबूत के आधार पर कानूनन फैसला देता है तो फैसले का मुख्य आधार गवाही बनती है इसलिए झूठी गवाही नही देनी चाहिए।
न्यायमूर्ति ने बहुत ही सहजता के साथ बताया कि विधिक साक्षरता का प्रचार प्रसार तेजी से होना चाहिये ताकि गरीब व सामाजिक रूप से कमजोर व्यक्ति को विधिक प्रावधान की जानकारी मिल सके। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने राज्य सेवा विधिक प्राधिकरण गठन कर जिले व पंचायत में समिति गठित कर दी है। इसमें न्यायधीश अपने न्यायालयीन दायित्व के अलावा जनता तक लीगल एड पहुंचा कर उनकी मदद करते हैं। इसमें नालसा से फण्ड भी उपलब्ध कराया जाता है जो कि एक लाख सीमा है साथ मे अनुसूचित जनजाति महिला दिव्यांग है तो उनके लिये कोई राशि सीमा नही है। विडम्बना है कि जनता लाभ नही उठा पा रही है उसे जागरुक होना पड़ेगा। हाईकोर्ट जज ने कहा कि हजारों अपील लीगल ऐड के तहत हो रही है हाईकोर्ट से लेकर जिला कोर्ट में भी लीगल एड लोगों को सुविधा प्रोवाइड करवा रही है। विधिक साक्षरता के लिये बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कानूनी सहायता दी जा रही है। राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण के मुताबिक वकील उपलब्ध करवाया जा रहा है। नक्सल प्रभावित बच्चों को लीगल एड की सहायता दी जा रही है। जेल में बंद कैदियों को भी विधिक साक्षर किया जा रहा है उन्हें सुधरने का मौका दिया जा रहा है। अब हाईकोर्ट कैदियों के मामले में नया प्रयोग ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार करवा रही है, जिसमें कैदी की पूरी जानकारी होगी। समय पर उन्हें लीगल एड मिल पायेगा।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804