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07-08-2020
राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस पर मंत्री रुद्र गुरु ने बुनकरों को बधाई दी व 4.31 करोड़ का भुगतान भी किया

रायपुर। हाथकरघा बुनकरों के उत्थान के लिए राज्य शासन की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर राज्य के बुनकरों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्हें 4.31 करोड़ रुपए की सौगात दी है। इस अवसर पर ग्रामोद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के हाथकरघा बुनकरों को ग्रामोद्योग के माध्यम से रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने बताया कि राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार के निर्देश पर प्रदेश के 15 जिलों के 82 हाथकरघा बुनकर समितियों को 4.31 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित द्वारा प्रदेश के बुनकरों को लगातार बुनाई मजदूरी और वस्त्र उत्पादन के लिए धागा प्रदाय किया जा रहा है। राणा ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में माह अप्रैल से अब तक की लॉकडाउन की अवधि में प्रदेश के 221 बुनकर समितियों को 12.37 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

 

05-08-2020
गोधन न्याय योजना को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति से लागू किया : कांग्रेस

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से राज्य सरकार की अभिनव गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी का पहला भुगतान हितग्राहियों के खाते में अंतरित करने का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि, गोबर खरीदी से मिलने वाली राशि गरीब समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचेगी। गोधन न्याय योजना से हितग्राहियों को किसान सम्मान योजना से अधिक राशि मिलेगी। कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रदेश में मजदूर, किसानों, पशुपालकों और गरीबों की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। भूपेश बघेल की सरकार गोबर खरीद कर पशुपालकों और जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली देश की ही नहीं संसार की पहली सरकार है। त्रिवेदी ने कहा है कि, 15 साल भाजपा की रमन सरकार में गौशालाओं के संचालन के नाम पर करोड़ों रुपए अनुदान गाय के पेट में नहीं, पशुपालकों को नहीं, भाजपा नेताओं के पेट में जाता था। इसी स्थिति को बदलने का बीड़ा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना के माध्यम से उठाया है। यही भाजपा नेताओं को नागवार गुजरा और उन्होंने गोधन न्याय योजना का न केवल उपहास उड़ाया, बल्कि विरोध भी किया।

भाजपा नेताओं ने गोधन न्याय योजना के लागू होने में न केवल संदेह जताया बल्कि रूकावटें भी डाली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति से इसे संभव बनाया है। शैलेश ने कहा है कि, 50 हजार हितग्राहियों, पशुपालकों को 1 करोड़ 65 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इनमें 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 15 अगस्त को किया जाएगा। गोधन न्याय योजना देश में अपने तरह की प्रथम योजना है। इसमें पशुपालकों, किसानों से 2 रुपए प्रति किलो (परिवहन व्यय सहित) की दर पर गौठानों में खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

05-08-2020
रायपुर 13 हजार क्विंटल गोबर खरीद कर राज्य में अव्वल भूपेश सरकार गोधन न्याय योजना में करेगी 1.82 करोड़ भुगतान

रायपुर। भूपेश बघेल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना‘ के तहत 20 जुलाई से एक अगस्त तक 3 हजार 698 पशुपालकों से रायपुर जिले में सर्वाधिक 13 हजार 195 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। राज्य में इस योजना के तहत एक अगस्त तक कुल 82 हजार 711 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है, जिसका 5 अगस्त को एक करोड़ 65 लाख 42 हजार रुपए का भुगतान गोबर विक्रेताओं के खाते में ऑनलाइन किया जाएगा। 

प्रदेश के जांजगीर-चांपा जिले में 2 हजार 235 पशुपालकों से 3 हजार 148 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बस्तर जिले के एक हजार 875 पशुपालकों से एक हजार 17 क्विंटल, बीजापुर के 639 पशुपालकों से 487 क्विंटल, दंतेवाड़ा के 544 पशुपालकों से 488 क्विंटल, कांकेर के 2 हजार 221 पशुपालकों से 2460 क्विंटल, कोण्डागांव के एक हजार 321 पशुपालकों से 54 हजार 661 क्विंटल, नारायणपुर के 421 पशुपालकों से 201 क्विंटल, सुकमा के एक हजार 394 पशुपालकों से एक हजार 81 क्विंटल, बिलासपुर के 2 हजार 13 पशुपालकों से 18 हजार 28 क्विंटल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के 744 पशुपालकों से 565 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। 

कोरबा जिले के 2 हजार 756 पशुपालकों से 4 हजार 07 क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है। मुंगेली के 902 पशुपालकों से 1105 क्विंटल, रायगढ़ के 2 हजार 335 पशुपालकों से 3 हजार 380 क्विंटल, बालोद के 2 हजार 228 पशुपालकों से 5 हजार 637 क्विंटल, बेमेतरा के 637 पशुपालकों से एक हजार 328 क्विंटल, दुर्ग के 2 हजार 499 पशुपालकों से 11 हजार 985 क्विंटल, कवर्धा जिले में 819 पशुपालकों से 2573 क्विंटल, राजनांदगांव के 5 हजार 30 पशुपालकों से 6 हजार 805 क्विंटल, बलौदाबाजार के एक हजार 118 पशुपालकों से 2 हजार 245 क्विंटल, धमतरी के 2 हजार 182 पशुपालकों सेे 5 हजार 745 क्विंटल, गरियाबंद के 839 पशुपालकों से एक हजार 730 क्विंटल, महासमुंद के एक हजार 619 पशुपालकों से 4 हजार 532 क्विंटल, बलरामपुर के 858 पशुपालकों से 734 क्विंटल, जशपुर के एक हजार 615 पशुपालकों से 847 क्विंटल, कोरिया के एक हजार 324 पशुपालकों से एक हजार 253 क्विंटल, सरगुजा के एक हजार 822 पशुपालकों से 2 हजार 466 क्विंटल और सूरजपुर जिले के एक हजार 286 पशुपालकों सेे एक हजार 321 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।

04-08-2020
भूपेश बघेल कल खातों में डालेंगे गोबर खरीदी की राशि,46964 विक्रेताओं को होगा 1.65 करोड़ रुपए का भुगतान

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 अगस्त को अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की अभिनव गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी का पहला भुगतान हितग्राहियों के खाते में अंतरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर का उद्बोधन होगा। मुख्यमंत्री बघेल 3.15 बजे गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी की राशि का हितग्राहियों के खाते में अंतरण प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों से चर्चा करेंगे। पर्यटन विभाग के अधिकारी दोपहर 3.50 बजे राम वन गमन पथ पर प्रस्तुतीकरण देंगे। मुख्यमंत्री बघेल गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त तक गोबर खरीदी की पहली किश्त की राशि 5 अगस्त को सहकारी बैंक के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में अंतरित करेंगे। राज्य में कुल 4140 गौठानों में पंजीकृत 65 हजार 694 हितग्राहियों में से 46 हजार 964 हितग्राही ने 82 हजार 711 क्विंटल गोबर का विक्रय किया था। इसकी कुल राशि 2 रुपए प्रति किलो की दर से 1 करोड़ 65 लाख रुपए पशुपालकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

इस योजना का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर के पशुपालकों तक पहुंचाया जा रहा है। इसमें 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति एवं 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 15 अगस्त को किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत राज्य के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी और बालोद जिलों में सबसे अधिक गोबर विक्रय किया गया है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में रायपुर एवं दुर्ग के पशुपालकों ने सबसे ज्यादा गोबर विक्रय किया गया है। गोधन न्याय योजना देश में अपने तरह की प्रथम योजना है। इसमेंं पशुपालकों, किसानों से 2 रुपए प्रति किलो (परिवहन व्यय सहित) की दर पर गौठानों में खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

 

02-08-2020
 मुंगेली रेस्ट हाउस में ताम्रध्वज साहू से की कांग्रेस कार्यकर्ता ने मुलाकात

मुंगेली। डिंडौरी जाते वक्त रविवार को प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू मुंगेली रेस्ट हाउस में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। ताम्रध्वज साहू ने कार्यकर्ताओं को कहा कि कोई भी समस्या हो मुझे तुरंत अवगत कराएं। बाईपास रोड का तत्काल मुआवजा का भुगतान करने तथा रोड के मरम्मत करवाने का आदेश कलेक्टर को दिया। उसके बाद अपने परिवारिक कार्यक्रम के लिए डिंडौरी के लिए रवाना हुए। रेस्ट हाउस में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू कांग्रेस जिला अध्यक्ष सागर सिंह बैस मुंगेली विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी राकेश पात्रे, श्याम जायसवाल ,पूर्व अध्यक्ष आत्मा सिंह क्षत्रिय, छाया अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वाम, पूर्व जिलापंचायत सदस्यता मायारानी सिंह, दिलीप बंजारा ,रूपलाल कोसरे,पार्षद अरविंद वैष्णव पूर्व पार्षद संजय जयसवाल, पार्षद रोहित शुक्ला पार्षद मनुराज सोनी ,पार्षद राहुल कुर्रे,पार्षद साधु सिंह ठाकुर,सरपंच लोकराम साहू, संजय यादव,एल्डरमेन आरिफ खोखर,एल्डरमेन कौशल सिंह क्षत्रिय, एल्डरमेन शीतल दुबे ब्लॉक अध्यक्ष रामकुमार साहू,साहू समाज के अध्यक्ष बलदाऊ साहू, भागवत साहू,देवी जायसवाल ,परवेज अख्तर,लवी मसीह,प्रिंशु दुबे,अजय साहू ,वैभव ताम्रकार,नागेश गुप्ता,प्रभु मल्लाह, पार्षद राजशेखर यादव,तथा मुंगेली कलेक्टर,एसपी एवं विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 

01-08-2020
गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों को 5 अगस्त तक भुगतान की तैयारियों का जायजा लिया कलेक्टर भीम सिंह ने

रायपुर/रायगढ़। खरसिया क्षेत्र के प्रवास के दौरान ग्राम-जोबी में आदर्श गोठान और बाड़ी का कलेक्टर भीम सिंह ने निरीक्षण किया। गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त  तक किसानों और पशुपालकों से क्रय किए गए गोबर का भुगतान 5 अगस्त को किये जाने वाली तैयारियों का जायजा लिया।कलेक्टर सिंह ने बाड़ी में आम का पौधा लगाया और बाड़ी में लगाये गये जीमी कांदा के पौधों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ऐसे व्यक्ति और किसान जिनके पास बाड़ी विकसित किये जाने की जगह है उन्हें बाड़ी में लगाये जाने वाले फल व सब्जी के बीज उपलब्ध करावे। शासन की ओर से प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाओं का लाभ दिलावे।
कलेक्टर सिंह ने ग्राम जोबी में निवास करने वाले कुल परिवारों की संख्या तथा कुल पशुओं की संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त किया और गौठान में आने वाले पशुओं की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुल पशुओं की संख्या की तुलना प्रतिदिन गोबर खरीदी की मात्रा को बहुत कम बताया, गोबर खरीदी की मात्रा बढ़ाने के लिए पशुपालकों को प्रेरित करने और गोठान से पशुपालकों के घरों की दूरी ज्यादा होने की स्थिति में बैलगाड़ी, रिक्शा या अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं से गोबर गौठान में प्रतिदिन मंगाने के निर्देश दिये।

इस व्यवस्था से कम से कम एक स्थानीय व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध होगा और उसे 25 पैसे प्रति किलो गोबर की दर से भुगतान प्राप्त होगा। कलेक्टर सिंह ने गोठान के चरवाहा अतुल सिंह और उसके सहयोगी को गौठान में आने वाले पशुओं का गोबर एकत्र करने और उसकी तौल कराकर अपने नाम से दर्ज करवाने की समझाइश देकर बताया कि उसे प्रतिमाह 6 से 8 हजार रुपए तक की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। कलेक्टर सिंह ने गोठान में गोबर को व्यवस्थित ढंग से रखने और अतिरिक्त पिट का तत्काल निर्माण प्रारंभ करने के निर्देश दिये।कलेक्टर सिंह ने ग्राम सरपंच, गोठान समिति के अध्यक्ष और सदस्यों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ की और स्थानीय युवाओं और युवतियों को गोठान समिति में जोडऩे के निर्देश दिये। उन्होंने ग्राम वासियों की मांग पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने एसडीएम को निर्देशित किया और गांव के स्थानीय निवासी विकलांग व्यक्ति को शासन की ओर से प्राप्त होने वाली सहायता राशि व पेंशन तत्काल स्वीकृत करने और भुगतान करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर सिंह ने अपने प्रवास के दौरान खरसिया क्षेत्र के ग्राम-चोढ़ा में 14 करोड़ 34 लाख रूपये की लागत से निर्माणाधीन आदर्श आदिवासी छात्रावास (500 बालक/बालिकाओं ) भवन का निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसी को भवन में फिनिशिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने। और भवन हेण्डओव्हर करने के निर्देश दिये। उन्होंने आदिवासी विभाग के अधिकारियों को आदिवासी छात्रों का प्रवेश पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। कलेक्टर सिंह ने ग्राम चोढ़ा में निर्माणाधीन धान चबूतरा के निर्माण की प्रगति का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को शासकीय अभिलेख में समिति का नाम सुधारने के भी निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत रायगढ़ के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.तिग्गा, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ सहित कृषि, पशुपालन और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

01-08-2020
सीधे संग्राहकों के खाते में आएगी बेचे गए गोबर की राशि, पहला भुगतान पांच अगस्त को

कोरबा। गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर की राशि संग्राहकों के बैंक खातों मे सीधे जमा होगी। गोबर खरीदी की राशि का किसी भी संग्राहक को नगद भुगतान नहीं होगा। इसके लिए संग्राहकों के को-ऑपरेटिव बैंक में खाते खोले जा रहे है। संग्राहकों के खाते खोलने के लिए गोठान समितियों के सदस्य, कृषि, पशुपालन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी कर्मचारी मदद कर रहे हैं। गोठान समितियों के खाते भी को-ऑपरेटिव बैंक में ही खोले जा रहे हैं ताकि गोबर से बने वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री से मिली राशि सीधे खातों में जमा की जा सके। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार गोबर संग्राहकों को खरीदे गए गोबर का पहला भुगतान पांच अगस्त को किया जाएगा।

हरेली त्यौहार से शुरू हुई गोधन न्याय योजना के तहत कोरबा जिले मे अब तक पशुपालकों से दो लाख 39 हजार किलो गोबर की खरीदी गोठान समितियों ने की है। जिले में गोधन न्याय योजना के तहत दो रुपए प्रति किलो की दर से दो सौ गोठानो में गोबर की खरीदी की जा रही है। अभी तक पंजीकृत साढ़े तीन हजार गोबर संग्राहकों से खरीदे गए गोबर की मात्रानुसार राशि चार लाख 97 हजार रुपए उनके खाते में सीधे जमा की जाएगी। जिले में अभी प्रतिदिन औसतन दस हजार किलो गोबर की खरीदी की जा रही है। गोठान में खरीदे गए गोबर को सुरक्षित रखा जा रहा है। गोबर को पंद्रह दिन बाद वर्मी कम्पोस्ट टांके में डालकर जैविक खाद बनाया जाएगा। गोबर संग्राहकों का पंजीयन तेजी से किया जा रहा है।

पूरे प्रदेश सहित जिले मे 20 जुलाई को हरेली त्यौहार पर शुरू हुई योजना के पहले दिन ही जिले में पांच हजार किलो से अधिक गोबर की खरीदी की गई। जिले की दो सौ गोठानों में हर दिन गोबर खरीदी की जा रही है। गोबर संग्राहकों की ओर से बेचे गए गोबर का पूरा हिसाब भी रखा जा रहा है। बेचे गए गोबर के हिसाब के लिए सभी गौ-संग्राहकों को गोबर खरीदी कार्ड दिए गए हैं। कार्डों में हर दिन खरीदे गए गोबर की मात्रा और राशि की इंट्री कर गोबर संग्राहकों और गोठान प्रभारी के हस्ताक्षर भी लिए जा रहे है। कलेक्टर किरण कौशल ने कृषि और पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से गोठानो का निरीक्षण करने, गोबर खरीदने की सभी व्यवस्थाएं करने के साथ-साथ खरीदे गए गोबर की पूरी जानकारी प्रतिदिन जिला पंचायत के गोठान सेल में देने के निर्देश भी दिए है।

सीईओ ने बताया कि गोबर संग्राहक के पंजीयन कार्ड में गोठान का नाम, गोठान कोड, जनपद पंचायत का नाम, हितग्राही का कोड नंबर, गोबर विक्रेता का नाम, पिता/पति का नाम, वर्ग, गोबर विक्रेता का खाता क्रमांक आईएफएससी कोड, बैंक का नाम, बैंक खाता का नाम, मोबाईल नम्बर, राशन कार्ड क्रमांक दर्ज किया जाएगा। इससे एक ही प्रपत्र में हितग्राही की विस्तृत जानकारी संग्रहित हो जायेगी, जिसके परिणाम स्वरूप गोबर बिक्री के भुगतान में शीघ्रता एवं सुलभता होगी, जिसका सीधा लाभ हितग्राहियों को मिलेगा।

25-07-2020
गोबर खरीदी का पहला भुगतान हर हाल में 5 अगस्त को करें, कोताही बर्दाश्त नहीं होगी : आरपी मंडल

रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने शनिवार को चिप्स कार्यालय में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सचेत किया कि किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री की मंशानुरूप सीधे खाते में पैसा जाना चाहिए। जिस तरह से तेन्दूपत्ता हितग्राहियों का खातो में भुगतान होता है,जिस तरह धान खरीदी में हितग्राहियों के खातों में भुगतान होता है,उसी तर्ज पर गोबर खरीदी का भुगतान हितग्राहियों के खातों में सीधा किया जाए।
उन्होंने अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन,सचिव कृषि एम.गीता,सचिव सहकारिता प्रसन्ना आर,हिमशिखर गुप्ता पंजीयक सहकारी संस्थाएं और सभी बैंकर्स के साथ बैठक कर गोबर खरीदी का भुगतान 15 दिन के भीतर करने कहा। उन्होंने पहला भुगतान 5 अगस्त को हर हाल में करने के निर्देश दिए। गोबर विक्रेताओं को भुगतान करने मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन की अध्यक्षता में चार अधिकारियों की समिति बनाई  है।

इसमें गौरव द्विवेदी प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग,एम.गीता सचिव कृषि विभाग और प्रसन्ना आर. सचिव सहकारिता विभाग रहेंगे। ये चारों अधिकारी रोज जिलों के कलेक्टर से कांटेक्ट कर भुगतान की मानिटरिंग करेंगे। किसी भी कीमत पर 15वें दिन भुगतान हितग्राग्रियों के खाते में डालना तय करेंगे। मुख्य सचिव ने भुगतान सीधा खाते पहुंचने के निर्देश दिए।  मुख्य सचिव ने साफ कहा कि गोठान समिति पूरी एक्टिवेट हो और इसके अलावा यहां के स्थानीय लोगों को इस कार्य के लिए नोडल बनाया जाए। गोबर हितग्राही का खाता यदि नहीं खुला है,तो खाता खुलवाने की कार्यवाही करें। किसी भी कीमत पर नगद भुगतान नहीं होगा। उनके खाते में भुगतान सीधा जाएगा। इसके लिए बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों और बैंकर्स को समुचित निर्देश दिए गए।

 

23-07-2020
5 अगस्त को गोबर विक्रेताओं को किया जाएगा भुगतान, खरीदी के 15 दिनों में बैंक खातों में डाली जाएगी राशि

रायपुर। गोबर विक्रेताओं को 15 दिन में गोबर खरीदी की राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में वन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोधन न्याय योजना की शुरुआत 20 जुलाई को हुई। इसके 15वें दिन 5 अगस्त को गोबर विक्रेताओं को राशि का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव को सहकारी और ग्रामीण बैंकों सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों की बैठक लेकर सभी तैयारियां तय करने के निर्देश दिए। गोबर विक्रेताओं से क्रय किए गोबर की राशि उनके खाते में सीधे अंतरित की जाएगी।मुख्यमंत्री ने गौठानों में गोबर खरीदी का समय निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि गौठानों में वेटनरी डॉक्टरों और गौ-सेवकों के कार्यक्रम भी तय किए जाएं। लोगों की जानकारी के लिए गौठानों के सूचना पटल में प्रदर्शित किए जाए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गौठानों और चारागाहों की देखभाल के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से बस्तर लौटे युवाओं को वनोपज संग्रहण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों में और गोधन न्याय योजना में जोड़कर अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर और डीएफओ बैठक कर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कार्य योजना तैयार करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु वनोपजों की मार्केटिंग व्यवस्था पर विशेष रूप ध्यान दिया जाए। वनोपजों के बड़ी मात्रा में उपयोग करने वाली कम्पनियों से अनुबंध कर उनकी जरूरत की गुणवत्ता की वनोपजों और वनोषधियों को प्रसंस्करण करने के बाद कम्पनियों को उपलब्ध कराया जाए, जिसे कम्पनियां अपने उत्पादों में उपयोग कर सकेंगी। इससे संग्रहण कर्ताओं को वनोपज के समर्थन मूल्य के अलावा प्रसंस्करण से होने वाले लाभ का अंश भी मिलेगा। कम्पनियों के नेटवर्क के माध्यम से छत्तीसगढ़ में पैदा होने वाली वनोपजों के लिए बड़ा मार्केट मिल सकेगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आयुर्वेदिक कम्पनियों को छत्तीसगढ़ में ही प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यानिकी और वनों में उत्पादित फसलों को सुरक्षित रखने के लिए पूरे प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि और उद्यानिकी विभाग पीपीपी मॉडल पर कोल्ड स्टोरेजों का संचालन कराए।

बैठक में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे, वनमंत्र मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अम्बिकापुर से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव शामिल हुए। बैठक में संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और चंद्रदेव प्रसाद राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, विनोद वर्मा, प्रदीप शर्मा और रुचिर गर्ग, मुख्य सचिव आरपी मंडल, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी, आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव डीडी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी उपस्थित थे।

14-07-2020
बीमा कंपनियों ने किया किसानों को दावा राशि का भुगतान, एक लाख से अधिक   कृषकों को मिला लाभ  

रायपुर। राज्य के एक लाख 12 हजार 805 कृषकों को प्रधानमंत्री बीमा योजनांतर्गत रबी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए 495 करोड़ 98 लाख रूपए की दावा राशि का भुगतान बीमा कम्पनियों द्वारा किया गया है। रबी फसलों के लिए राज्य के 25 जिलों के एक लाख 12 हजार 805 कृषकों को निर्धारित उपज से वास्तविक उपज कम प्राप्त होने तथा प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को हुए नुकसान के लिए यह दावा राशि भुगतान की गई है। रबी फसलों के बीमा के लिए बीमा कम्पनियों को 57 करोड़ 94 लाख रूपए का कुल प्रीमियम भुगतान किया गया था।     कृषि विभाग के संयुक्त संचालक चंद्रवंशी ने बताया कि रबी फसलों की क्षतिपूर्ति एवज में बलरामपुर जिले के 279 कृषकों को 5.77 लाख रूपए, जांजगीर-चांपा जिले के 60 कृषकों को 1.67 लाख रूपए, जशपुर जिले के 22 कृषकों को 27 हजार रूपए, कबीरधाम जिले के 17,638 कृषकों को 59 करोड़ 27 हजार रूपए, मुंगेली के 1890 कृषकों को 303 करोड़ 9 लाख 57 हजार रूपए, बालोद के 2095 कृषकों को 5 करोड़ 13 लाख 20 हजार रूपए, बलौदाबाजार के 137 कृषकों को 22 लाख 69 हजार रूपए, बस्तर के 73 कृषकों को 3 लाख 59 हजार रूपए, बेमेतरा के 39740 कृषकों को 215 करोड़ 19 लाख 36 हजार रूपए, बिलासपुर के 849 कृषकों को 34 लाख 72 हजार रूपए की दावा राशि का भुगतान किया गया है।     इसी तरह दंतेवाड़ा जिले के 32 कृषकों को 83 हजार रूपए, धमतरी के 202 कृषकों को 52 लाख 24 हजार रूपए, दुर्ग जिले के 11,105 कृषकों को 49 करोड़ 4 लाख 61 हजार रूपए, गरियाबंद के 15 कृषकों को एक लाख 53 हजार रूपए, कोण्डागांव के 12 कृषकों को एक लाख 62 हजार रूपए, कोरबा के 30 कृषकों को 8 हजार रूपए, कोरिया के 224 कृषकों को 16 लाख 4 हजार रूपए, रायगढ़ के 4 कृषकों को 43 हजार रूपए, रायपुर के 101 कृषकों को 17 लाख 9 हजार रूपए, राजनांदगांव के 37,293 कृषकों को 162 करोड़ 56 लाख 61 हजार रूपए, सुकमा के 10 कृषकों को 16 हजार रूपए, सूरजपुर के 178 कृषकों को 7 लाख 4 हजार रूपए, सरगुजा के 799 कृषकों को 29 लाख 32 हजार रूपए तथा कांकेर के 7 कृषकों को 15 हजार रूपए की दावा राशि का भुगतान किया गया है।



 

06-07-2020
शिव डहरिया ने जवाहर बाजार के 14 व्यापारियों को सौंपी दुकानें,कहा-शेष व्यापारियों का भुगतान होते ही रजिस्ट्री होगी 

रायपुर। नगर निगम रायपुर की ओर से प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया ने सोमवार को ऐतिहासिक जवाहर बाजार के भूतल में निर्मित दुकानों में 14 व्यापारियों को पूर्ण भुगतान करने पर चाबी सौंपी। मंत्री डहरिया ने कहा कि जवाहर बाजार जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण योजना राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और नगर पालिक निगम रायपुर की एक महत्वपूर्ण योजना है। व्यापारियों को व्यवस्थापित करने क्रियान्वित की जा रही जवाहर बाजार योजना के भूतल पर निर्मित 71 दुकानों में से अपना पूर्ण भुगतान कर चुके 14 व्यापारियों को आज दुकानों की चाबी निगम रायपुर की ओर से सौंपी गई। मंत्री डॉ. डहरिया ने महापौर से कहा कि जिस दिन शेष बचे व्यापारी पूर्ण भुगतान कर दें, उसी दिन से उनके नामांतरण व रजिस्ट्री की प्रक्रिया रायपुर नगर निगम स्तर पर प्रारंभ करवा दी जाए।

 महापौर एजाज ढेबर ने इसके लिए मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया को धन्यवाद दिया। महापौर ने कहा कि यदि आज डॉ. शिव कुमार डहरिया नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री न होते तो शायद व्यापारियों को और अधिक इंतजार रजिस्ट्री व नामांतरण के लिए करना पड़ता। मात्र ढाई महीने में लगातार प्रयास कर सभापति प्रमोद दुबे, आयुक्त सौरभ कुमार के साथ मिलकर 3 वर्षों से लंबित इस मामले को मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया के सकारात्मक आदेश के फलस्वरूप निदान किया है। उन्होने कहा कि शेष व्यापारी भी शीघ्र पूर्ण भुगतान करके अपना मालिकाना हक प्राप्त कर लें। महापौर ने कहा कि व्यापार के क्षेत्र में जवाहर बाजार योजना राजधानी रायपुर की सबसे सुन्दर व्यवसायिक योजना अवश्य बनेगी। 

सभापति प्रमोद दुबे ने कार्य के लिए मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कार्यकाल के दौरान लीज डीड 7.5 प्रतिशत लगायी जाती थी। यदि दुकान 30 लाख की है तो किराया 22 हजार देना होता था। यह छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार को पूरी तरह अव्यवहारिक लगा। राज्य शासन ने आदेश निकालकर लीज डीड को 7.5 प्रतिशत से घटाकर मात्र 2 प्रतिशत कर दिया। इसमें 5.5 प्रतिशत की एकमुश्त कमी ने व्यापारियों के लिए दुकान लेने के व्यवहारिक मार्ग सहज रूप से खोल दिए। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया विशेष सराहना व बधाई के पात्र है। कार्यक्रम का संचालन रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक जनसंपर्क आशीष मिश्रा एवं अंत में आभार प्रदर्शन निगम सभापति प्रमोद दुबे ने किया।
कार्यक्रम में आयुक्त सौरभ कुमार, राजस्व विभाग अध्यक्ष अंजनी राधेश्याम विभार, एमआईसी सदस्य सुन्दर जोगी, जितेन्द्र अग्रवाल, जोन 5 अध्यक्ष मन्नू यादव, पार्षद शीतल कुलदीप बोगा, नीलम जगत, पूर्व पार्षद मनोज कंदोई, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के महाप्रबंधक एसके सुंदरानी, निगम उपायुक्त बाजार आरके डोंगरे, उपायुक्त राजस्व कृष्णा खटीक, जोन 4 कमिश्नर विनय मिश्रा, जवाहर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष  सुभाष बजाज, मार्गदर्शक भरत अडवानी सहित अन्य व्यापारियों की उपस्थिति में सौंपी ।

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