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12-02-2020
केसीसी के जरिए अब पशुपालन और मछलीपालन के लिए भी दिया जाएगा ऋण...

धमतरी। शासन के निर्देशानुसार कृषि कार्य के साथ-साथ अब पशुपालन और मछलीपालन करने वाले किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने की योजना है। इसके तहत पशुपालन (गौ पालन, बकरी पालन, सूवर पालन) मुर्गीपालन, मछलीपालन, झींगापालन, अन्य जल जीव, मछली पकड़ने संबंधी अल्प अवधि ऋण आवश्यकताओं के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग हितग्राहियों द्वारा किया जा सकेगा। किसान क्रेडिट कार्ड के अधीन  मतस्यपालन के लिए ऐसे किसान पात्र होंगे जो मच्छीमार,  मत्स्यपालन किसान (व्यक्ति अथवा समूह/साझेदार, बटाईदार, काश्तकार किसान) स्वयं सहायता समूह संयुक्त देयता समूह और महिला समूह हों। इसके अलावा लाभार्थियों के पास तालाब, पोखर, जलाशय, रेसवे, हैचरी, पालन इकाई जैसे मत्स्य व्यवसाय संबंधी गतिविधियों और अन्य राज्य विशिष्ट मत्स्य व्यवसाय के लिए खुद की जमीन अथवा पट्टे पर ली गई जमीन तथा इनके लिए मछली पालन और आवश्यक लाइसेंस होना है पात्र होंगे। इसी तरह पशुपालन के तहत ऐसे किसान, डेयरी किसान, मुर्गी/पक्षी पालन करने वाले किसान, संयुक्त उधारकर्ता, संयुक्त समूह या स्वयं सहायता समूह, काश्तकार किसान सहित जिनके पास स्वयं के, किराए/लीज पर लिए गए शेड एवं स्वयं के दुधारू पशु हो, पात्र होंगे।  

बताया गया है कि किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए जहां मत्स्य किसानों द्वारा निर्मित तालाब अथवा पंचायत स्तर से दीर्घ अवधि लीज पट्टे पर तालाब लेकर मछलीपालन करने के लिए चूना,मत्स्यबीज, मत्स्य पूरक आहार और दवाइयों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसी तरह पशुपालन (गौ पालन, बकरी पालन ), मुर्गीपालन से संबंधित पशुपालकों को पशुपालन के लिए चारा, पशु चिकित्सकीय सहायता, मजदूरी, जल, बिजली आपूर्ति तथा आवर्ती लागत के लिए दो लाख की सीमा तक एक प्रतिशत ब्याज एवं दो से तीन लाख तक तीन प्रतिशत ब्याज दर पर एक गाय पालने के लिए 25750 रूपए, एक भैंस के लिए 31250 रूपए, एक बकरी इकाई के लिए 28908 रूपए और एक सूकर इकाई के लिए 39480 रूपए तक का ऋण किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह पोल्ट्री इकाई (100 ब्रायलर) के लिए 10 हजार रूपए तक किसान क्रेडिट के जरिए अल्पकालीन ऋण सेवा सहकारी समिति के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। बताया गया है कि इच्छुक पशुपालक कृषि साख सहकारी समिति एवं पशुपालन विभाग के नजदीकी संस्था से सम्पर्क कर लाभ लिया जा सकता है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता गांधी ने 11 फरवरी को जिला पंचायत की सभाकक्ष में पशुपालन और मछलीपालन विभाग की बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर प्रकरण तैयार कर संबंधित सहकारी केन्द्रीय बैंक को प्रेषित करने के निर्देश दिए। बताया गया है कि इसके लिए जिले में मछलीपालन विभाग को मिले 25 के लक्ष्य के विरूद्ध 37 प्रकरण और पशुपालन विभाग को मिले 300 के लक्ष्य के विरूद्ध 354 प्रकरण तैयार कर सहकारी केन्द्रीय बैंक को भेजा जाएगा।

 

07-02-2020
डीएमएफ से स्वीकृत सभी कार्यों के निर्माण एजेंसियों की समीक्षा बैठक होगी जल्द : कलेक्टर

कोरिया। कलेक्टर की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने अब तक के डीएमएफ से स्वीकृत सभी कार्यों के निर्माण एजेंसियों की समीक्षा बैठक शीघ्र करने की बात कही। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों से स्वीकृत प्रारंभ एवं अप्रारंभ और पूर्ण हो चुके कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी जानकारियां अद्यतन करने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर ने चुनाव ड्यूटी में अनुपस्थित अधिकारी, कर्मचारियों की सूची देने, मतदान दलों के मान देय वितरण, परिवहन कार्य में लगे वाहनों का वाउचर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने, आबादी पट्टा वितरण, आबादी नजूल पट्टा की भूमि को फ्री होल्ड करने, स्लम पट्टों के नवीनीकरण, 1984 में दिये गये पट्टों के नवीनीकरण, शहरी क्षेत्रों में भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरित करने, धान खरीदी केंद्रों में पटवारियों की ड्यूटी लगाने, पैरादान की प्रगति, धान के रकबे कम करके मक्का उत्पादन करने, नये गौठानों के निर्माण, वनधन केंद्र, द्वितीय चरण के सुपोषण अभियान के तहत वार्डवार शिविर लगाकर कार्ययोजना बनाने, अगले शिक्षण सत्र से स्थानीय भाषा में शिक्षा देने, जिला स्तरीय मैराथन दौड़ 19 फरवरी को जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में तथा विकास खण्ड स्तरीय दौड़ 12 फरवरी को मनेन्द्रगढ़ एवं खड़गंवा, 13 फरवरी को सोनहत एवं भरतपुर तथा 14 फरवरी को बैकुंठपुर में आयोजित करने, जिला एवं विकासखंड स्तरीय मैराथन दौड़ के आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी, अमृतधारा महोत्सव की तैयारी प्रारंभ करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान, वृध्दाश्रम प्रारंभ करने, मुख्यमंत्री की घोषणा के लंबित कार्य, जीएडी मकानों के आबंटन के लिए समिति बनाने, पेंशन वितरण, ऋण पुस्तिका सत्यापन, ई-कोर्ट में दर्ज प्रकरण, 7वीं आर्थिक गणना, समाज कल्याण विभाग से कृत्रिम अंग खरीदी, पशुपालन विभाग को चूजा वितरण, पशुओं को बधियाकरण, पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान, जनससमया निवारण शिविर सप्ताह में कम से कम एक दिन तहसील स्तर एवं नगरीय निकायों में करने, बीसी सखी के माध्यम से पेंशन वितरण करने आदि पर चर्चा की। 

बैठक में कलेक्टर ने राज्य सरकार की पांच महत्वाकांक्षी योजनाओं पर चर्चा करते हुए सुपोषण अभियान के अंतर्गत 06 माह से 3 साल के बच्चों के लिए गर्म भोजन देने, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सार्वभौम पीडीएस एवं वार्ड कार्यालय योजना पर चर्चा की। बैठक में कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी योजना के तहत लंबित आवेदनों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने के सख्त निर्देश दिये हैं। इसी प्रकार उन्होंने स्कूल, छात्रावास, आश्रम का निरीक्षण, कौशल विकास, न्यायाधीशों के निवास एवं न्यायालय चिरमिरी, जिला अस्पताल में संध्या ओपीडी, अस्पताल निरीक्षण, श्रम पेंशन, सुराजी शिक्षा, नशामुक्ति कार्यक्रम आदि की जानकारी प्राप्त की और संबंधितों को निर्धारित समय सीमा में पेंडिंग कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तुलिका प्रजापति, सभी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, डिप्टी कलेक्टर, सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकाय के अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


 

01-02-2020
गौठान का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर-अधिकारी, इन व्यवस्थाओं पर दिया जोर

रायपुर। कलेक्टर एस. भारतीदासन, राज्य के कृषि एवं पशु चिकित्सा संचालक आर. प्रसन्ना, रायपुर नगर निगम आयुक्त सौरभ कुमार ने शनिवार को 50 लाख में निर्मित गौठान की वर्तमान व्यवस्था का निरीक्षण किया। निगम जोन 6 क्षेत्र में आने वाले शासन की नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी योजना के तहत बने गौठान के निरीक्षण के दौरान जोन 6 कमिश्नर विनय मिश्रा, जोन कार्यपालन अभियंता एसपी त्रिपाठी, कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर भारतीदासन, कृषि संचालक प्रसन्ना, निगम आयुक्त ने निगम के गोकूलनगर गौठान में निवासरत गायों की सेवा के तहत उन्हें अपने हाथों से गौ ग्रास खिलाया। साथ ही उन्होंने गायों की सेवा को शास्त्रों के अनुसार पुण्य कार्य बताया और सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने हाथों से गौ सेवा करते हुए उन्हें प्रेम पूर्वक गौ ग्रास खिलाने का निरीक्षण के दौरान सुझाव दिया।

कलेक्टर भारतीदासन ने निगम जोन कमिश्नर को गोकूल नगर गौठान में आगामी गर्मी और बारिश में समुचित तरीके से व्यवस्था करने के लिए अतिरिक्त शेड बनवाने के निर्देश दिये। कृषि संचालक प्रसन्ना ने अधिकारियों से शासन की योजना के तहत पशुपालन विभाग की ओर से संचालित गायों के गौ मूत्र और गोबर से निर्मित विभिन्न प्रोजेक्ट व मानव समाज में उनके प्रत्यक्ष व्यवहारिक लाभों की जानकारी पशुपालन विभाग आकर शीघ्र प्राप्त करने कहा। साथ ही उन प्रोड्क्टस को गौठान में व्यवहारिक रूप से क्रियान्वित कर शासन की मंशा के अनुसार जनहित में सदुपयोग करवाने का निर्देश दिया। कलेक्टर भारतीदासन और निगम आयुक्त ने संबंधित निगम अधिकारियों को गौठान के व्यवस्थित संचालन का कार्य समाज हित में निरंतरता से करने त्वरित अमल निर्देशों पर शासन की मंशा के अनुरूप करने निर्देशित किया। निगम आयुक्त ने जोन 6 अधिकारियों को गोकूलनगर गौठान में गायों के लिए समुचित व्यवस्था अच्छी तरह करवाने के निर्देश दिये।

26-11-2019
कलेक्टर ने ली नोडल अधिकारीयों की सयुंक्त बैठक, कही विभागीय कार्यों में तेजी लाने की बात   

कोरिया। कलेक्टर डोमन सिंह ने जिला कलेक्टारेट स्थित अपने चेम्बर में खाद्य, सहकारिता, बीज निगम, फिशरीष, नान, मार्कफेड, वेटनरी, होर्टिकल्चर, कृशि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं डीएमएफ के नोडल अधिकारी की संयुक्त बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने जिले के गौठानों में लगे नेपियर घास की स्थिति की जानकारी प्राप्त की और उन्होंने दूसरे जिलों में नेपियर घास के बीज को देने की बात कही। इसी तरह उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपने अनुभागों में धान नियंत्रण कक्ष स्थापित करें। बैठक में कलेक्टर ने जिले में बने नये धान खरीदी केंद्र जामपारा और नागपुर में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने एवं मिलों का भौतिक सत्यापन करने के लिए खाद्य अधिकारी को निर्देश दिये। इसी तरह उन्होंने समितिवार एवं तहसीलवार रकबा संशोधन, बारदाना कलेक्षन की प्रगति, सभी धान केंद्रों में टोकन, कांटा बाट का सत्यापन, उतेरा की समीक्षा, खाद्य-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, मटर, अलसी, सरसों आदि के क्षेत्र में बढ़े हुए रबी फसल के लिए रकबे और उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों से डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की प्रगति की अद्यतन जानकारी प्राप्त की तथा अवैध धान परिवहन रोकने के लिए माईनिंग एवं परिवहन विभाग को पृथक से टीम बनाने, गौठान में आने वाले पशुओं के बधियाकरण एवं टीकाकरण एवं पैरा कलेक्षन के लिए पशुपालन विभाग, पीडीएस के बारदाना के शीघ्र जमा करने सहित अन्य विभागों को विभागीय कार्यों में तेजी लाने के निर्देष दिये।

02-11-2019
डॉ.खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए खीरसागर पटेल, कलेक्टर ने दी बधाई

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायगढ़ जिले के सारंगढ़ विकासखण्ड के ग्राम-मानिकपुर निवासी खीरसागर पटेल को वर्ष 2019 का डॉ.खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में प्रदान किया। इस अवसर पर कलेक्टर यशवंत कुमार ने खीरसागर पटेल को बधाई व शुभकामनाएं दी है। पटेल ने बताया कि कृषि ही उनके जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है। प्रारंभ में मैं केवल एक फसलीय कृषि कार्य करता था, इससे परिवार के भरण-पोषण लायक आय ही प्राप्त हो पाती थी। अपनी कृषि कार्याे को विस्तार देने हेतु सर्वप्रथम कृषि विभाग के योजनान्तर्गत नलकूप का खनन करवाया तथा रबी मौसम में भी धान व गेहूं की फसल लेने लगा। जिससे मेरी आमदनी दोगुनी हो गई। आगे मैंने स्प्रिंकलर पद्धति सिंचाई को अपनाकर रबी मौसम में कम पानी का उपयोग करते हुए गेहूं, दलहन, तिलहन आदि फसलों का उत्पादन लिया। इस प्रकार मेरी आमदनी में वृद्धि होने लगी तथा कृषि संबंधी नवीन तकनीकों के प्रति मेरा रूझान बढऩे लगा। कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञों के संपर्क में आकर मैने कृषिगत फसलों में तिलहन एवं दलहन फसलों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर लगाने के साथ-साथ डेयरी एवं सब्जी उत्पादन का कार्य भी प्रारंभ किया। जिससे मैं 3 से 4 लाख रुपए की अतिरिक्त शुद्ध आमदनी अर्जित करने लगा।

आगे कृषि विभाग से मशीनीकरण योजनान्तर्गत रोटावेटर अनुदान में प्राप्त किया जिसका उपयोग रबी फसलों के भूमि तैयारी में करने लगा और उद्यानिकी फसलों का रकबा भी बढ़ाते हुए अधिक सब्जियां उगाने लगा। इस प्रकार मैने कृषि, उद्यान एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं के अनुसार कार्य करते हुए मेरी आमदनी लगभग 9 लाख रुपए हो गई। पशुपालन से प्राप्त गोबर एवं गौमूत्र से बायो गैस ईंधन तथा जैविक कम्पोस्ट बनाने लगा। जिससे कृषि लागत में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आयी जो अतिरिक्त आय के रूप में मुझे प्राप्त हुई। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से घर के छत में जैविक खाद का प्रयोग करते हुए सब्जियां उगाकर अच्छा उत्पादन प्राप्त किया। मैने पंखा एवं तेल टीना से ऐसा मॉडल तैयार किया है जिसका उपयोग मैं खेत से जंगली-जानवर तथा पक्षियों को भगाने में करता हूं। जिससे मेरा नुकसान कम हो गया है और रात में खेत की देखरेख भी नहीं करनी पड़ती है।

               

11-10-2019
पशु रेस्क्यू वाहन हुआ कबाड़ में तब्दील

अंबिकापुर। इंसानों की तरह पशुओं को भी आपातकालीन सेवा देने के मकसद से शासन द्वारा बीते वर्ष पशु रेस्क्यू वाहन सेवा की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। पशुओं को वाहन में चढ़ाने हाइड्रोलिक सुविधा से लैस किया गया था। यह सुविधा उपलब्ध कराने शासन ने बीते वर्ष लाखों रुपए खर्च किए थे। पशुपालन विभाग को वाहन तो मिल गया परंतु 1 वर्ष होने के बाद भी आज तक स्टाफ की व्यवस्था नहीं की गई है जिसकी परिणति है कि आज तक यह सेवा शुरू नहीं हो पाई है। अत्याधुनिक वाहन सुविधा सेवा होने के बावजूद न तो आज तक घायल पशुओं को गौशाला वाहन से पहुंचाया गया और न ही पशु चिकित्सालय। अब पशु चिकित्सालय में खड़ा रेस्क्यू वाहन घायल पशुओं को लेने सड़क पर दौडऩे से पहले न सिर्फ दम तोड़ दिया है बल्कि कबाड़ में तब्दील हो गया है। बता दें कि सड़क दुर्घटना में इंसानों के साथ-साथ कई बेजुबान पशु भी वाहनों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। लोगों के लिए प्रशासन द्वारा संजीवनी 108, 112 महतारी एक्सप्रेस आदि की सुविधा दी गई है। इसी को देखते हुए बीते वर्ष प्रशासन द्वारा पशु रेस्क्यू वाहन सेवा की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। भाजपा के तत्कालीन मंत्री ने बीते वर्ष वाहन को हरी झंडी दिखाई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना सहित अन्य दुर्घटनाओं में घायल पशुओं को आपातकालीन सेवा देना था और वाहन की मदद से उन्हें पशु चिकित्सालय अथवा गौशाला पहुंचाना था। पशुपालन विभाग को लाखों की लागत से  खरीदी कर वाहन उपलब्ध कराया गया था। आज तक इस वाहन से एक भी रेस्क्यू नहीं किया गया। हैरानी की बात तो यह है कि इस सेवा के बारे में शहरवासी और न ही पशु मालिक जानते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
पशु रेस्क्यू सेवा शासन की योजना है। घायल पशुओं को चिकित्सालय लाने इस योजना का शुभारंभ किया गया था, परंतु चालक सहित स्टाफ  की भर्ती न होने की वजह से यह सेवा अब तक नहीं शुरू हो पाई है।

डॉ एनपी सिंह
उपसंचालक पशु पालन विभाग सरगुजा

 

16-09-2019
चौक चौराहों पर पशुओं का जमघट, प्रशासनिक अधिकारी पशुपालकों के खिलाफ नहीं कर रही कार्यवाही

रायपुर। चौक चौराहों पर पशुओं का जमघट खत्म नहीं होने के कारण आए दिन या तो दो पहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे अथवा स्वयं गौ माता समय से पहले परलोक सिधार रही हैं। इस संबंध में अनेकों बार नगर निगम प्रशासन एवं पशुपालन विभाग को लिखित में आपत्ति दर्ज कराने के बाद भी यथास्थिति बरकरार है। शिव सांई मंदिर शांति नगर के पुजारी पंडित घनश्याम शर्मा ने आज आरएनएस से प्रतिनिधि से मुलाकात के दौरान कहा कि गौ-माता की जिस तरह से दुर्दशा की जा रही है वह क्षमा योग्य नहीं है। उन्होंने आम जनमानस से दूध पीने का स्वार्थ निकल जाने के बाद गौ-माता को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर करने वाले पशुपालकों के खिलाफ पशुपालन मंत्री से दण्डनीय कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञातव्य है कि एक तरफ शासन आदर्श मॉडल गौठान की योजना को फलीभूत कर गौ-धन को बचाने में जुटा हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की यशस्वी योजना को बरबाद करने में प्रशासनिक अधिकारी लगे हुए हैं। गौ धन देश का ही नहीं वरन गांव का भी वह अनमोल धन है। जिसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

12-09-2019
कलेक्टर कुंजाम ने की नरवा, गरवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना की समीक्षा

बीजापुर। बीजापुर कलेक्टर केडी कुंजाम ने बुधवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित समय सीमा के प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने नरवा, गरवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में निर्माणाधीन 15 गोठानों में वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जाएगी। वर्मी कम्पोस्ट का सीजीसीआरटी प्रमाणीकरण आवश्यक है। कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग  गोठानों से निर्मित खाद ही खरीदेेंगे। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि वे गौठानों के आसपास मुर्गीपालन व्यवसाय की सभावनाओं की तलाश करें। कलेक्टर केडी कुंजाम ने कहा कि नरवा, गरवा, घुरवा व बाड़ी योजना शासन की फ्लेगशिप योजनाओं में से है। प्रति सप्ताह शासन स्तर पर इसकी उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है। अत: समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद  पंचायत योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही न बरतें। बैठक में जिले में चल रहे राशनकार्ड वितरण कार्य की समीक्षा की गई। 20 सितंबर तक राशनकार्ड का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनपद पंचायत के पदाधिकारियों की उपस्थिति में इसका वितरण सुनिश्चित कराएं। जिन स्थानों में राशनकार्ड वितरण का कार्य पीछे चल रहा है वहां सरपंच-सचिवों की बैठक लेकर राशन कार्ड वितरण के संबंध में उन्हें अवगत कराएं। बैठक में आधार कार्ड बनाए जाने को लेकर कैम्प लगाए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अवगत कराया गया कि आगामी 15 अक्टूम्बर सेे धान खरीदी की जाएगी, इस संबंध में जिले के सभी सीमावती क्षेत्रों में चेक पोस्ट जल्द से जल्द स्थापित किए जाएं। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में पट्टा वितरण की जानकारी ली गई।  कुंजाम ने समय सीमा की बैठक में कहा कि गिरदावरी का कार्य तेजी से पूरा करें। बैठक में नगरीय निकायों के आम निर्वाचन 2019 के प्रारंभिक प्रकाशन निर्धारित कार्यक्रम एवं दावा-आपत्ति आमंत्रण के संबंध में चर्चा की गई।बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डी.राहुल वेंकट, उपजिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी  एआर राना, डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

 

20-07-2019
कृषक ऋण माफी तिहार सहकारी समिति स्तर पर आज से

रायपुर। राज्य शासन द्वारा लोक हित में कृषकों का अल्पकालीन कृषि ऋण माफ किया गया है। प्रत्येक प्राथमिक साख सहकारी समिति मुख्यालय में ऋण माफी की जानकारी ग्रामीणों को देने के लिए 20 से 30 जुलाई तक ऋण माफी तिहार का आयोजन किया जाएगा। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के शाखा मुख्यालय पर 1 से 10 अगस्त मध्य, जिला स्तर पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में 10 से 15 अगस्त तक ऋण माफी तिहार आयोजित किए जाएंगे। जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले जिला स्तरीय ऋण माफी तिहार में प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि होंगे। समिति स्तर पर आयोजित होने वाले ऋण माफी तिहार में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच, संचालक मंडल के सदस्य, सभी ऋणधारी कृषकों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को आमंत्रित किया जाएगा। ऋण माफी तिहार में समिति द्वारा किए गए ऋण माफी, कृषकों द्वारा इस वर्ष लिए गए खाद, बीज एवं नगद ऋण का वाचन किया जाएगा।

तिहार में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य और पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहकर कृषकों को विभागीय जानकारी एवं परामर्श देंगे। इस अवसर पर राज्य शासन के महत्वकांक्षी सुराजी गांव योजना (नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी) से संबंधित गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। राजस्व विभाग द्वारा शिविर लगाकर नामांतरण बटवारा की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा चिन्हांकित स्थल पर गणमान्य नागरिकों द्वारा वृक्षारोपण भी किया जाएगा। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के शाखा मुख्यालय में 1 से 10 अगस्त मध्य आयोजित होने वाले ऋण माफी तिहार में समितियों में की जाने वाली गतिविधियों के अलावा समस्याओं के समाधान पर विचार कर भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी जाएगी। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक भी अनिर्वाय रूप से उपस्थित रहेंगे। यहां जिला पंचायत के सदस्य, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तथा जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा और वृ़क्षारोपण भी किया जाएगा। जिला स्तर पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में 10 से 15 अगस्त तक आयोजित होने वाले ऋण माफी तिहार में कृषि एवं विकास मॉडल पर चर्चा की जाएगी और कृषकों की समस्याओं तथा जिले में ऋण माफी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

17-02-2019
Exclusive: 30 लाख का पोल्ट्री फीड घोटाला : अनियमितता के तार आला अधिकारियों से लेकर नीचे तक!

कोण्डागांव। पशुपालन विभाग में 30 लाख रुपए का पोल्ट्री फीड घोटाला सामने आया है। जिसे करीब 4 चार साल पहले अंजाम दिया गया, हालांकि इस बड़ी आर्थिक अनियमितता की जानकारी विभाग को दो साल पहले हो चुकी थी और तकरीबन 14 माह पहले 14 दिसंबर 2017 को जांच समिति गठित की जा चुकी है पर यह आश्चर्य की बात है कि अभी तक जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच पूरी नहीं की जा सकी है। इस दौरान चार विभागाध्यक्ष भी बदल दिए गए। घोटाले की जांच विभागीय लापरवाही के चलते पूरी नहीं हो सकी। जब जांच ही पूर्ण नहीं हो पायी तो विभाग के सेंधमारो पर कार्यवाही की बात करना संदेहास्पद लगने लगता है। 

फिजीकल वेरीफिकेशन भी नहीं किया जा सका

बात तत्कालीन पोल्ट्री विभाग के प्रभारी डॉ. एचपी द्विवेदी के कार्यकाल की बताई जा रही है। अनियमितता का मामला प्रकाश में आने के बाद पोल्ट्री फीड के लिए  कार्यवाही की गई। मामले में इतनी अधिक अनियमितता की गई है कि जिन फर्मों ने फीड सप्लाई की उन्हें अब तक भुगतान नहीं हो पाया है और जांच में आधी से ज्यादा रसीदों का मिलान ही नहीं हो पा रहा है। इससे भी ऊपर खरीदी गई सामग्री का किसी ने फिजीकल वेरीफिकेशन तक नहीं किया और जो अब तक लंबित है। 

जांच में सवाल उठना लाजिमी है

उपसंचालक डीके नेताम ने जो जांच समिति बनाई है उसमें विभागीय सीनियर अधिकारी की जांच जूनियर अधिकारी कर रहे हैं। इससे जांच में सवाल उठना लाजिमी है। कहा तो यह भी जा रहा है कि जूनियर अधिकारी अपने सीनियर अधिकारी से कड़े सवाल करने से बचते नजर आ रहे हैं, जो कि लाजिमी भी है। इसके साथ ही जांच समिति लम्बे समय से आरोपी से जरूरी जानकारी मांग रही है पर आरोपी उन्हे अपने प्रभाव से,नाकाम करते रहे हैं, जांच समिति बने सवा साल हो गया है पर जांच पूरी नहीं हो सकी है और फिलहाल कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है। 

डॉ द्विवेदी ने निजी खाते में डाल हजम किया शासकीय राशि 

डॉ. द्विवेदी के कार्यकाल के और भी कारनामें सामने आने लगे हैं। इसमें पॉल्ट्री फार्म कोण्डागांव के लिए आए केन्द्र सरकार के 15 लाख रुपए के रिवाल्बिंग फण्ड के मामले में तो यह बात सामने आई है कि तत्कालीन प्रभारी डॉ एच.के. द्विवेदी ने अपने एसबीआई कोण्डागांव के निजी खाते में सीधे ही जमा करा दिए हैं और उस राशि का आज तक कोई हिसाब नहीं है।

विभाग खुद ही लगा लीपापोती करने में

इस पूरे मामले में यह भी स्प्ष्ट रूप से सामने आ रहा है कि पशु विभाग कोण्डागांव आरोपी को बचाने में पूरी तरह से लगा हुआ है। अगर विभाग की मंशा होती तो जांच इतने लम्बे समय में पूरी हो जाती। जांच में सिर्फ इतना ही हो पाया है कि 29 लाख 90 हजार 834 के मामले पर 14 लाख 80 हजार 200 की ही जांच हो पायी जिसमें सामानों की भौतिक सत्यापन नहीं होने जैसी, और खरीदी में रसीदों के मिलान तक नहीं होने की बात सामने आयी है। रायपुर संचालक से आये पत्र में सात दिवस की दी गई। समय सीमा भी पूरा हुए आधा से ज्यादा माह बीत चुका है। इससे यह संदेह भी प्रबल होता जा रहा  है कि इस घोटाले से विभागीय अधिकारी भी किसी न किसी स्तर पर जुड़े होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है और विभाग ने इतनी बड़ी अनियमितता की जांच को ठंडे बस्ते में डाल कर रखा है।


डॉ एचपी द्विवेदी के खिलाफ 29 लाख 90 हजार 834 रुपए की गडबड़ी की जांच 12 दिसम्बर 2017 से चल रही है। हमने रायपुर रिपोर्ट भेजी थी पुन: जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। हम सप्ताहभर में जांच प्रतिवेदन भेज रहे हंै। इसके अलावा केन्द्र से आई 15 लाख के रिवाल्बिंग फण्ड की राशि डॉ द्विवेदी ने अपने पर्सनल खाते में डाल ली है, उसकी जांच भी चल रही है। जांच में जरूरी जानकारी देने में डॉक्टर आना-कानी कर रहे हैं वहीं एचपी द्विवेदी को लगातार तीन दिनों से मोबाइल 9424291472 पर बात करने की कोशिश की जा रही है। घंटी बजने के बाद भी वे मोबाइल नहीं उठा रहे हैं और न ही कार्यालय आ रहे हंै।
-डीके नेताम उप संचालक पशु विभाग कोण्डागांव

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