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24-09-2021
2300 शिक्षकों की भर्ती की राह हुई आसान, हाईकोर्ट ने हटाया स्टे

रायपुर। प्रदेश सरकार ने 2300 शिक्षकों की भर्ती के संबंध में राज्य शासन के शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की चयन प्रक्रिया को लेकर शिक्षक संघ की दायर याचिका पर राज्य शासन के खिलाफ हाईकोर्ट ने स्थगनादेश जारी किया था। यह आदेश राज्य शासन की अपील पर सुनवाई के बाद बिलासपुर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रद्दकर शिक्षकों की भर्ती के लिए रास्ता खोला है। स्टे खत्म होने के बाद हाईकोर्ट के निर्देशानुसार राज्य शासन के शिक्षा विभाग की ओर से पात्र शिक्षकों की नियुक्ति नियमानुसार की जाएगी। ज्ञातव्य है कि अब छत्तीसगढ़ शासन 2300 को की नियुक्ति आदेश कभी भी जारी कर सकती है। राज्य के बेरोजगार युवक जो इसमें पात्रता रखते हैं, जिनका सिलेक्शन हुआ है, उनका आदेश कभी भी जारी हो सकता है। 

02-07-2021
हाईकोर्ट ने शुरू की एसीबी में लंबित मामले की याचिका पर सुनवाई, कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की है। एसीबी में लंबित पड़े मामलों पर एक पत्र रायपुर के मो.गुलाम अली खान ने हाईकोर्ट को लिखा था। उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेकर इस पत्र पर सुनवाई शुरू की है। चिट्ठी में बताया गया कि प्रदेश के करीब 90 अफसरों के खिलाफ एसीबी में लंबे समय से प्रकरण लंबित है और कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस संबंध में कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। पिछली सुनवाई के दौरान कार्यवाहक चीफ जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा, जस्टिस पीपी की डिवीजन बेंच ने सरकार से पूछा था की ऐसे लंबित मामलों में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं होने हुई और शासन इसमें क्या कर में रहा है। इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेकरंजन तिवारी को एक सप्ताह में अंडरटेकिंग देने कहा था। दोबारा हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अगली तारीख तक जवाब पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई 28 जुलाई को रखी गई है।

पूर्व की डॉ. रमन सिंह की भाजपा सरकार के दौरान साल 2016 में विधानसभा में अफसरों पर भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा था। उस समय विधायक देवजी भाई पटेल ने इसे लेकर सवाल किया था। इसके बाद सरकार की ओर से लिस्ट भी विधानसभा में सौंपी गई थी। इसमें अफसरों पर लंबित भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी दी गई थी। इसमें ही 90 के करीब अफसर बताए गए थे। इसी को आधार बनाकर शिकायत कोर्ट से की गई है।

22-06-2021
बिलासपुर हाईकोर्ट में 18 प्लस वालों के वैक्सीनेशन मामले में आज होगी सुनवाई

बिलासपुर/रायपुर। प्रदेश में 18 प्लस वालों के वैक्सीनेशन मामले में मंगलवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। बता दें कि कोर्ट ने वैक्सीनेशन सेंटर में अव्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी। इसके अलावा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को टीके के इस्तेमाल को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने एक वर्ग के सेंटर के बचे हुए टीके का इस्तेमाल दूसरे वर्ग के सेंटरों में होने की बात कही है। कोर्ट का कहना है कि इन उपायों से टीके की बर्बादी नहीं होगी। बता दें कि सीजे की डिवीजन बेंच में 18 से ज्यादा उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन को लेकर सुनवाई होगी।

12-04-2021
संबित पात्रा को हाईकोर्ट से मिली राहत, नहीं होगी गिरफ्तारी

बिलासपुर/रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पात्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की सिंगल बेंच ने एफआईआर रद्द करने का फैसला सुनाया। बता दें कि युवा कांग्रेस ने कोरबा और रायपुर में संबित पात्रा के खिलाफ एफआईआर करवाया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि 9 व 10 मई को अपने ट्वीटर हैंडल के जरिए देश में हुए 1984 के दंगों के लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जिम्मेदार ठहराया था। युवा कांग्रेस ने इस पूरे मामले को मानहानिकारक मानते हुए व भाजपा प्रवक्ता की ओर से इस तरह की ट्वीट के जरिए हिंसा भड़काने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में सिविल लाइन रायपुर व भिलाई नगर थाने में एफआइआर दर्ज कराया गया था। संबित पात्रा ने इस मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पात्रा ने एफआईआर रद्द के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया था। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पात्रा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया।

09-03-2021
हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद के खिलाफ एफआईआर पर लगाई रोक

बिलासपुर/रायपुर। पूर्व सांसद मधुसूदन यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। दरअसल चिटफंड घोटाला मामले में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव को हाईकोर्ट ने राहत दी है। राजनांदगांव में इस प्रकरण में उनके खिलाफ एफआईआर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। बता दें कि यादव ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। निवेशकों ने मधुसूदन यादव समेत कई लोगों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यादव के खिलाफ शिकायत में कहा गया था कि वे अनमोल चिटफंड कंपनी के प्रचारक थे। सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल बेंच ने एफआईआर पर रोक लगा दी है।

25-08-2020
तीन पार्षदों ने भिलाई निगम परिसीमन को हाईकोर्ट में दी चुनौती, अगली सुनवाई 11 सितंबर को

भिलाई। नगर निगम के परिसीमन पर विवाद शुरू हो गया है। परिसीमन का मामला अब बिलासपुर हाईकोर्ट में चला गया है। गौरतलब है कि निगम का परिसीमन हुए महीना भर भी ठीक से नहीं बीता कि निगम के विपक्षी पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्र, पीयूष मिश्रा व सेक्टर 8 की महिला पार्षद शाहिन अख्तर ने परिसीमन को लेकर याचिका दायर कर दी है। उक्त याचिका स्वीकार कर ली गई है। बिलासपुर उच्च न्यायालय के जस्टिस पीएस कोशी ने आज दोनों पक्षों को सुना। जस्टिस ने निगम को इस मामले में 10 दिनों के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। याचिकाकर्ता के वकील अनिमेश वर्मा ने बताया कि 11 सितम्बर को परिसीमन के विषय पर बहस होगी।

याचिकाकर्ता का कहना है की छत्तीसगढ़ शासन, कलेक्टर दुर्ग व भिलाई नगर निगम द्वारा परिसीमन के प्रारंभिक प्रस्ताव में अमूल चूल परिवर्तन कर आनन-फानन में अंतिम परिसीमन का प्रकाशन भी कर दिया गया जो प्रारंभिक प्रकाशन के विपरीत है। नये वार्ड बिना किसी प्रस्ताव के बना दिया गया है जबकि पूर्व में प्रस्तावित वार्डो को विलोपित कर दिया गया है। विपक्षी पार्षदों ने अपने वकील के माध्यम से दायर याचिका में निगम परिसीमन को अवैधानिक एवं नियम विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने की प्रार्थना की है। याचिका कर्ताओं ने परिसीमन को निरस्त कर  निगम भिलाई का परिसीमन नये सिरे से करवा कर नये परिसीमन के आधार पर भिलाई निगम का चुनाव करंवाए जाये। मामले में अगली सुनवाई 11 सितंबर निर्धारित की गई है।

25-02-2020
प्रभावित भूविस्थापितों को दे चार गुना मुआवजा : हाईकोर्ट

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जांजगीर-चांपा कलेक्टर व एसडीएम को आदेश जारी कर कहा है कि एक माह के अंदर प्रभावित भू-विस्थापित किसानों को बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा देने संबंधित आदेश पारित कर मुआवजा राशि का भुगतान करें। खंडपीठ ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर जांजगीर-चांपा के ग्राम सारागांव के किसान महादेव गोड़, सदानंद शर्मा, शिव कुमार तिवारी, युवराज सिंह व अन्य ने वकील सुशोभित सिंह व गोविंद देवांगन के माध्यम से हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि बिलासपुर से रायगढ़ के मध्य फोरलेन सड़क निर्माण जारी है।
 

21-02-2020
डीजीपी के आदेश को चुनौती, याचिका में हाइकोर्ट का आदेश अमित जोगी का हटाएं नाम

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह के पीआईएल से मरवाही विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अमित जोगी के नाम को हटाने के निर्देश दे दिए है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान तत्कालीन महाधिवक्ता कनक तिवारी ने मामले में आपत्ति दर्ज करवाई थीं। इस पर चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली खंडपीठ ने तिवारी की आपत्ति को सही मानते हुए आदेश जारी किया है। वर्ष 2016 में विधानसभा क्षेत्र के लोरमी विधानसभा क्षेत्र से विधायक धर्मजीत सिंह मरवाही विधायक अमित जोगी ने संयुक्त रूप से जनहित याचिका दायर कर पुलिस महानिदेशक की ओर से जारी आदेश को चुनौती दी थी।

08-02-2020
1000 करोड़ का एनजीओ घोटाला, सीबीआई की टीम पहुंची रायपुर,अफसरों से हो सकती है पूछताछ

रायपुर। प्रदेश में कथित 1000 करोड़ के एनजीओ घोटाले की जांच के लिए सीबीआई की टीम रायपुर पहुंच चुकी है। सीबीआई की टीम भोपाल से जांच के लिए रायपुर पहुंची है। बताया गया कि दो से तीन दिनों में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा सकती है। सीबीआई ने विभाग के सचिव को पत्र लिखकर दस्तावेज की मांग की है। इसके पूर्व इस मामले में सरकार की ओर से बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। दायर याचिका में सरकार की ओर से कहा गया था कि सीबीआई की जगह इस मामले को राज्य पुलिस को सौंपा जाए। बताया गया कि उच्च न्यायालय ने विगत दिनों एक आदेश जारी कर घोटाले में शामिल अफसरों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

 

07-02-2020
हाईकोर्ट ने आरएमए छ़ात्रों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगाई रोक, मेडिकल ऑफिसर के अधीन रहकर दे सकेंगे सेवाएं

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने आरएमए छात्रों की निजी अभ्यास पर रोक लगा दिया है लेकिन ये आरएमए छात्र मेडिकल ऑफिसर के अधीन वे छात्र अपनी सेवाएं दे पाएंगे। ज्ञातव्य है कि ग्रामीण चिकित्सा सहायक पाठ्यक्रम उत्तीर्ण छात्रों नियुक्ति व छत्तीसगढ़ चिकित्सा मंडल को लेकर 3 याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई थी। 2001 से चल रही सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए आरएमए छात्रों के ग्रामीण इलाकों में निजी अभ्यास पर रोक लगा दिया है। फैसले में पाठ्यक्रम को सही माना है लेकिन आरएमए के निजी अभ्यास पर रोक लगाया है। इसके  साथ ही फैसले में लिखा है कि वे मेडिकल ऑफिसर के अधीन अपनी सेवाएं दे पाएंगे। कोर्ट के इस फैसले से आरएमए की पढ़ाई करने वाले 1300 डिग्री धारी छात्रों को नया जीवनदान मिल गया है। इनमें 730 स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं 600 डिग्री धारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत है। पूरे मामले पर चीफ जस्टिस रामचंद्र मेनन व पीपी साहू की डिविजन बेंच ने अपना फैसला दिया है। 

 

07-02-2020
नाबालिग से अनाचार के आरोपी ओपी गुप्ता की पत्नी को 10 सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत

रायपुर। नाबालिग से अनाचार के आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के ओएसडी रहे ओपी गुप्ता की पत्नी कमला गुप्ता को बिलासपुर हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद कमला गुप्ता को 10 सप्ताह के लिए जमानत दी है। मामले की अगली सुनवाई 10 सप्ताह बाद होगी। आपको बता दें कि अनाचार के मामले में आरोपी ओपी गुप्ता की पत्नी कमला गुप्ता भी सहभ्युक्त आरोपी है।

 

05-02-2020
आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, अधिकारियों में खौफ

रायपुर। निःशक्तजनों की संस्था के नाम पर हुए हजार करोड़ रूपए के घोटाले मामले में सीबीआई ने मध्यप्रदेश में 12 आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बैंच के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज किया है। राजधानी के कुशालपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। रिट में रिटायर्ड दो मुख्य सचिव और वर्तमान में कार्यरत आईएएस अधिकारियों पर राज्य स्रोत निशक्त जन संस्थान नामक संस्थान बनाकर सरकारी विभागों से हर महीने लाखों रुपए कर्मचारियों के नौकरी के भुगतान के नाम और अन्य कार्यों के लिए रुपए निकाले जाने का आरोप है। याचिकाकर्ता के अनुसार, रायपुर शहर के माना में चार हजार दिव्यांगों के उपचार के नाम पर घोटाले को अंजाम दिया । इलाज के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किया गया लेकिन केवल कागजों पर  अचंभित करने वाली बात यह थी कि याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर को भी कर्मचारी बताकर उनके नाम से भी पैसे निकाले गए थे। जैसे ही ठाकुर को मामले की जानकारी हुई उसने समस्त दस्तावेज जमा कर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने  जस्टीस मनींद्र श्रीवास्तव ने इस प्रकरण की सुनवाई के बाद माना था कि यह मामला साधारण नहीं है। इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया गया और मामले को डबल बेंच में भेज दिया था। 31 जनवरी को कोर्ट ने सीबीआई को सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच किये जाने का आदेश भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को दिया था। 

 

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