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25-02-2020
प्रभावित भूविस्थापितों को दे चार गुना मुआवजा : हाईकोर्ट

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जांजगीर-चांपा कलेक्टर व एसडीएम को आदेश जारी कर कहा है कि एक माह के अंदर प्रभावित भू-विस्थापित किसानों को बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा देने संबंधित आदेश पारित कर मुआवजा राशि का भुगतान करें। खंडपीठ ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर जांजगीर-चांपा के ग्राम सारागांव के किसान महादेव गोड़, सदानंद शर्मा, शिव कुमार तिवारी, युवराज सिंह व अन्य ने वकील सुशोभित सिंह व गोविंद देवांगन के माध्यम से हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि बिलासपुर से रायगढ़ के मध्य फोरलेन सड़क निर्माण जारी है।
 

21-02-2020
डीजीपी के आदेश को चुनौती, याचिका में हाइकोर्ट का आदेश अमित जोगी का हटाएं नाम

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह के पीआईएल से मरवाही विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अमित जोगी के नाम को हटाने के निर्देश दे दिए है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान तत्कालीन महाधिवक्ता कनक तिवारी ने मामले में आपत्ति दर्ज करवाई थीं। इस पर चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली खंडपीठ ने तिवारी की आपत्ति को सही मानते हुए आदेश जारी किया है। वर्ष 2016 में विधानसभा क्षेत्र के लोरमी विधानसभा क्षेत्र से विधायक धर्मजीत सिंह मरवाही विधायक अमित जोगी ने संयुक्त रूप से जनहित याचिका दायर कर पुलिस महानिदेशक की ओर से जारी आदेश को चुनौती दी थी।

08-02-2020
1000 करोड़ का एनजीओ घोटाला, सीबीआई की टीम पहुंची रायपुर,अफसरों से हो सकती है पूछताछ

रायपुर। प्रदेश में कथित 1000 करोड़ के एनजीओ घोटाले की जांच के लिए सीबीआई की टीम रायपुर पहुंच चुकी है। सीबीआई की टीम भोपाल से जांच के लिए रायपुर पहुंची है। बताया गया कि दो से तीन दिनों में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा सकती है। सीबीआई ने विभाग के सचिव को पत्र लिखकर दस्तावेज की मांग की है। इसके पूर्व इस मामले में सरकार की ओर से बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। दायर याचिका में सरकार की ओर से कहा गया था कि सीबीआई की जगह इस मामले को राज्य पुलिस को सौंपा जाए। बताया गया कि उच्च न्यायालय ने विगत दिनों एक आदेश जारी कर घोटाले में शामिल अफसरों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

 

07-02-2020
हाईकोर्ट ने आरएमए छ़ात्रों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगाई रोक, मेडिकल ऑफिसर के अधीन रहकर दे सकेंगे सेवाएं

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने आरएमए छात्रों की निजी अभ्यास पर रोक लगा दिया है लेकिन ये आरएमए छात्र मेडिकल ऑफिसर के अधीन वे छात्र अपनी सेवाएं दे पाएंगे। ज्ञातव्य है कि ग्रामीण चिकित्सा सहायक पाठ्यक्रम उत्तीर्ण छात्रों नियुक्ति व छत्तीसगढ़ चिकित्सा मंडल को लेकर 3 याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई थी। 2001 से चल रही सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए आरएमए छात्रों के ग्रामीण इलाकों में निजी अभ्यास पर रोक लगा दिया है। फैसले में पाठ्यक्रम को सही माना है लेकिन आरएमए के निजी अभ्यास पर रोक लगाया है। इसके  साथ ही फैसले में लिखा है कि वे मेडिकल ऑफिसर के अधीन अपनी सेवाएं दे पाएंगे। कोर्ट के इस फैसले से आरएमए की पढ़ाई करने वाले 1300 डिग्री धारी छात्रों को नया जीवनदान मिल गया है। इनमें 730 स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं 600 डिग्री धारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत है। पूरे मामले पर चीफ जस्टिस रामचंद्र मेनन व पीपी साहू की डिविजन बेंच ने अपना फैसला दिया है। 

 

07-02-2020
नाबालिग से अनाचार के आरोपी ओपी गुप्ता की पत्नी को 10 सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत

रायपुर। नाबालिग से अनाचार के आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के ओएसडी रहे ओपी गुप्ता की पत्नी कमला गुप्ता को बिलासपुर हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद कमला गुप्ता को 10 सप्ताह के लिए जमानत दी है। मामले की अगली सुनवाई 10 सप्ताह बाद होगी। आपको बता दें कि अनाचार के मामले में आरोपी ओपी गुप्ता की पत्नी कमला गुप्ता भी सहभ्युक्त आरोपी है।

 

05-02-2020
आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, अधिकारियों में खौफ

रायपुर। निःशक्तजनों की संस्था के नाम पर हुए हजार करोड़ रूपए के घोटाले मामले में सीबीआई ने मध्यप्रदेश में 12 आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बैंच के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज किया है। राजधानी के कुशालपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। रिट में रिटायर्ड दो मुख्य सचिव और वर्तमान में कार्यरत आईएएस अधिकारियों पर राज्य स्रोत निशक्त जन संस्थान नामक संस्थान बनाकर सरकारी विभागों से हर महीने लाखों रुपए कर्मचारियों के नौकरी के भुगतान के नाम और अन्य कार्यों के लिए रुपए निकाले जाने का आरोप है। याचिकाकर्ता के अनुसार, रायपुर शहर के माना में चार हजार दिव्यांगों के उपचार के नाम पर घोटाले को अंजाम दिया । इलाज के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किया गया लेकिन केवल कागजों पर  अचंभित करने वाली बात यह थी कि याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर को भी कर्मचारी बताकर उनके नाम से भी पैसे निकाले गए थे। जैसे ही ठाकुर को मामले की जानकारी हुई उसने समस्त दस्तावेज जमा कर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने  जस्टीस मनींद्र श्रीवास्तव ने इस प्रकरण की सुनवाई के बाद माना था कि यह मामला साधारण नहीं है। इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया गया और मामले को डबल बेंच में भेज दिया था। 31 जनवरी को कोर्ट ने सीबीआई को सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच किये जाने का आदेश भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को दिया था। 

 

02-02-2020
शिक्षकों और व्याख्याताओं की रिकवरी आदेश पर रोक

रायपुर। प्रदेश के कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड में कार्यरत 6 शिक्षकों और व्याख्याताओं की रेट पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने बीते दिन जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी है। ब्लॉक के कई स्कूलों में कार्यरत किशोरी टोप्पो दशरू राम मंडावी, आनन्द राम नाग एवं अन्य शिक्षकों ने एडव्होकेट अनिल तावड़कर के माध्यम से  रिट लगाकर कर कहा है कि सभी कोंडागांव शिक्षा जिला विभाग के अंतर्गत आने वाले केशकाल विकासखंड के भिन्न-भिन्न गांवों के स्कूलों में कार्यरत हैं। रिट के मुताबिक जिला पंचायत के माध्यम से पंचायत विभाग में शिक्षाकर्मी के पदों पर हुई थी। सरकार ने निर्देश जारी कर बाद में शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र में इस बात की जानकारी नहीं दी है कि व्याख्याताओं और शिक्षकों को अधिक भुगतान करने का आधार क्या है।

31-01-2020
हाईकोर्ट का आदेश केंद्रीय राज्य मंत्री और 15 आईएएस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट की खंड पीठ ने राज्य स़्त्रोत निशक्त जन संस्था के नाम पर 1000 करोड़ के घोटाले के मामले में आज बड़ा फैसला सुनाया है। पीठ ने सीबीआई को केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांढ और सुनील कुमार कुजूर केअलावा पूर्व एसीएस समेत 13 अधिकारियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश जारी किया है। मामले में रायपुर के कुशालपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने अपने अधिवक्ता के ​जरिए से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें प्रदेश के रिटायर्ड और वर्तमान में कार्यरत आईएएस अधिकारियों पर राज्य स्रोत निशक्त जन संस्थान नामक संस्थान बनाकर सरकारी विभागों से प्रत्येक माह लाखों रुपए कर्मचारियों का भुगतान समेत अन्य कार्यों के लिए लाखों रुपए निकाले जाने की बात का उल्लेख किया था। याचिकाकर्ता ने अपील की थी कि मामले की जांच  होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए। याचिकाकर्ता की अपील पर हाईकोर्ट की खंड पीठ ने सुनवाई के बाद फैसला अपने पास सुरक्षित रख लिया था।

23-01-2020
हाईकोर्ट का आदेश, जीएम पाठ्य पुस्तक निगम के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई पर रोक

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ आगामी आदेश तक एसीबी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। पाठ्य पुस्तक निगम के जीएम अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ आर्थिक अनियमितता और करोड़ों रुपए के नुकसान की शिकायत शासन से की गई थी। शिकायत के बाद शासन ने जांच की जिम्मेदारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। अपराध पंजीबद्ध करने के पश्चात एसीबी द्वारा जांच की कार्यवाही शुरू की गई। इसी जांच के खिलाफ जीएम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में बताया कि जांच के नाम पर शासन द्वारा दुराग्रहपूर्वक व विधि विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल बेंच ने बुधवार को प्रकरण की सुनवाई के बाद एसीबी की जांच और कार्यवाही पर आगामी आदेश तक रोक लगाते हुए शासन से जवाब तलब किया है।

19-01-2020
हाईकोर्ट ने दिया पंचायत संचालक को अवमानना नोटिस

रायपुर। पांच वर्ष से पुनरीक्षित वेतनमान एरियर की राशि के लिए भटक रहे याचिकाकर्ता को राहत मिल गई है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने पंचायत संचालक को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। जैसे ही हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किए याचिकाकर्ता को शासन ने एरियर की राशि का भुगतान कर दिया। केशव कुमार कौशिक ने अपने वकील अजय श्रीवास्तव के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 2005 में व्याख्याता पंचायत के पद पर उनकी नियुक्ति हुई थी। जिसके बाद 8 जुलाई 2011 को जिला पंचायत रायपुर द्वारा व्याख्याता पंचायत के पद पर नियुक्ति आदेश जारी किया गया। 8 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने के बाद भी पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ नहीं मिलने की शिकायत करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ दिलाने की गुहार लगाई थी। जिस पर हाईकोर्ट ने पंचायत संचालक को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

19-01-2020
हाईकोर्ट ने अंतर जिला तबादले पर लगाई रोक

रायपुर। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने अंतर जिला तबादले पर रोक लगा दी है। भिलाई निवासी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता दीप्ति बंछोर ने अपने वकील अभिषेक पांडेय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जिला दुर्ग से जिला बालोद तबादला कर दिया है। याचिकाकर्ता ने सरकार की तय स्थानांतरण नीति का हवाला देते हुए कहा है कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता वर्ग 3 का पद है। इस पद की वरिष्ठता जिला स्तर पर तय की जाती है। अंतर जिला स्थानांतरण की स्थिति में वरिष्ठता प्रभावित होगी। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की एकल पीठ में हुई एकल पीठ ने स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है।

14-01-2020
अंतागढ़ टेपकांड मामले में सुनवाई बढ़ी, अब तक नहीं आई केस डायरी

रायपुर। अंतागढ़ टेप कांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी ने अग्रिम जमानत के लिए बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। विगत सुनवाई में  कोर्ट ने पंडरी थाने केस डायरी तलब की थी। बीते दिन सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से वकील ने बताया कि केस डायरी आज भी उपलब्ध नहीं कराई  गई है। जस्टिस चंदेल ने केस डायरी तलब करते हुए 27 जनवरी की तिथि तय कर दी है। जोगी पिता-पुत्र की तरफ से पैरवी करने के लिए जबलपुर सुरेंद्र सिंह विवेक शर्मा की कोर्ट में मौजूद हुए थे।

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