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03-08-2020
सिम्स के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भी आरटीपीसीआर जांच शुरू, राजनांदगांव में जल्द

रायपुर। बिलासपुर मेडिकल कॉलेज (सिम्स) के बाद सोमवार से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भी कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि आईसीएमआर ने हाल ही में प्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेजों बिलासपुर, अंबिकापुर और राजनांदगांव के नवनिर्मित उच्च स्तरीय बीएसएल-2 लैब में आरटीपीसीआर जांच की अनुमति दी थी। इनमें से अब दो मेडिकल कॉलेजों में जांच शुरू की जा चुकी है। राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में भी जांच जल्द शुरू हो जाएगी। राज्य शासन कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए अधिक से अधिक सैंपलों की जांच पर जोर दे रही है। इसके लिए तकनीकी और मानव संसाधन लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। बिलासपुर, अंबिकापुर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेजों में भी जांच की सुविधा हो जाने से सैंपल जांच की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। अंबिकापुर और बिलासपुर मेडिकल कॉलेज में अभी रोजाना 100-100 सैंपलों के साथ जांच की शुरुआत की गई है। आगे इनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी।
प्रदेश के चार अन्य संस्थानों रायपुर एम्स, डॉ. भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय तथा जगदलपुर और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ महीनों से आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। प्रदेश में अधिक से अधिक सैंपलों की जांच के लिए ट्रू-नाट मशीनों और रैपिड एंटीजन किट से भी कोरोना वायरस संक्रमितों की पहचान की जा रही है।

 

01-08-2020
प्रदेश में अब तक 3.16 लाख से अधिक सैंपलों की जांच,बिलासपुर सिम्स में आरटीपीसीआर जांच शुरू

रायपुर। कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने राज्य शासन व्यापक और पुख्ता व्यवस्था में लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य निर्धारित कर सभी जिलों में पर्याप्त बिस्तरों के इंतजाम के निर्देश दिए हैं। कोरोना वायरस संक्रमितों की पहचान के लिए सैंपल जांच की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है। आरटीपीसीआर और ट्र-नाट विधि से जांच के साथ ही सभी जिलों में रैपिड एंटीजन किट से भी जांच की जा रही है। कोविड-19 की पहचान के लिए प्रदेश में 31 जुलाई तक 3 लाख 16 हजार 501 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। आरटीपीसीआर से शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 2 लाख 58 हजार 841 और निजी लैबों के माध्यम से 1241 सैंपलों की जांच की गई है। शासकीय ट्रू-नाट लैबों में 25 हजार 148 और निजी क्षेत्र के ट्रू-नाट लैबों में 1905 सैंपलों की जांच हुई है। विभिन्न जिलों में रैपिड एंटीजन किट से 29 हजार 366 सैंपल जांचे गए हैं। ज्यादा से ज्यादा सैंपलों की जांच के लिए उच्च स्तरीय बीएसएल-2 लैबों में पूल टेस्टिंग भी की जा रही है।
प्रदेश के तीन और मेडिकल कॉलेजों राजनांदगांव,बिलासपुर और अंबिकापुर में आरटीपीसीआर जांच की अनुमति मिल गई है। इन तीन नए संस्थानों को मिलाकर अब आरटीपीसीआर जांच केंद्रों की संख्या सात हो गई है। एम्स रायपुर, डॉ.भीमराव अंबेडकर अस्पताल व रायगढ़ और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में पहले से ही सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच हो रही है। बिलासपुर स्थित मेडिकल कॉलेज छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स)में आज से सैंपल जांच शुरू हो गई है। कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए विशेषीकृत कोविड अस्पतालों के साथ ही कोविड केयर सेंटर्स में भी बिस्तरों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए जिलेवार लक्ष्य निर्धारित कर ज्यादा मरीजों वाले जिलों में इसके लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। राज्य शासन की ओर से प्रयोग के तौर पर बिना लक्षण वाले मरीजों के होम-आइसोलेशन और उपचार के लिए सभी जिलों को अनुमति दी गई है। इसके लिए शासन की ओर से कलेक्टरों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

 

30-07-2020
सीएस ने ली बैठक,सभी कोविड केयर सेंटर्स में बढ़ेंगे बेड, सात संस्थानों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा जल्द

रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मंडल ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति, जांच और इलाज की व्यवस्था की समीक्षा की। कोविड-19 के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी जिलों के कोविड केयर सेंटर्स में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण की पहचान के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करने को कहा। साथ ही राजनांदगांव, बिलासपुर और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेजों में भी जल्द जांच शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने ज्यादा जोखिम वालों की जांच प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न तरह के को-मोरबिडिटी से पीड़ित लोगों की भी तत्परता से जांच कर सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है। कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए लोगों की तेजी से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करने को कहा है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा टीम लगाकर एक्टिव सर्विलांस के भी निर्देश दिए। लॉक-डाउन वाले शहरों में नियमों का कड़ाई से पालन करवाने कहा। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने कलेक्टरों को कोविड-19 के बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम-आइसोलेशन की अनुमति के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में प्रयोग के तौर पर इसकी अनुमति दी जा सकती है। होम-आइसोलेशन की इच्छा जाहिर करने वाले ऐसे व्यक्तियों जिनके घर में पर्याप्त संख्या में कमरें और कम से कम दो शौचालय हों, उन्हें ही इसकी अनुमति दें। होम-आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को इसके दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी देने कहा। साथ ही उनसे नियमों का उल्लंघन न करने संबंधी घोषणा-पत्र भरवाकर होम-आइसोलेशन वाले घरों में इसकी जानकारी के लिए स्टीकर चस्पा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों को ईद, रक्षाबंधन और गणेश पूजा में भीड़ रोकने और शारीरिक-सामाजिक दूरी बनाए रखने स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।


स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने बताया कि कोविड-19 पर नियंत्रण और इसके पीड़ितों की पहचान के लिए जांच की क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। इलाज और आइसोलेशन सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेजों राजनांदगांव, बिलासपुर और अंबिकापुर में स्थापित उच्च स्तरीय बीएसएल-2 लैब में आरटीपीसीआर जांच की अनुमति मिल गई है। इन संस्थानों में जल्दी ही सैंपल जांच शुरू हो जाएगी। इनके शुरू होने से प्रदेश में सात संस्थानों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा हो जाएगी। प्रदेश भर में ट्र-नाट मशीनों और रैपिड एंटीजन किट से भी जांच कर अधिक से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लाया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव ने सभी जिलों में लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में और बिना लक्षण वाले लोगों के उपचार के लिए कोविड केयर सेंटर्स में पर्याप्त संख्या में बिस्तरों अन्य सुविधाओं का इंतजाम रखने को कहा है। उन्होंने कलेक्टरों को डॉक्टरों और नर्सिंग स्टॉफ के रहने की समुचित व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कोविड अस्पतालों में लगातार ड्यूटी कर रहे मेडिकल स्टॉफ को क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ भी मौजूद थे।

30-07-2020
Video : अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर जांच की जल्द होगी शुरुआत

सरगुजा। अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर जांच जल्द ही आरंभ होगी। इसके लिए सैंपल के गुणवत्ता परीक्षण में मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब की रिपोर्ट सही पाई गई है। आइसीएमआर नई दिल्ली से अनुमति मिलते ही अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना की आरटीपीसीआर जांच आरंभ हो जाएगी। इसके लिए आइसीएमआर से आइडी और पासवर्ड जरूरी है। कोरोना संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के लिए कोरोना की जांच सबसे अहम है। अब तक सरगुजा संभाग के कोरोना संदिग्धों का सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए एम्स रायपुर, मेकाहारा रायपुर और मेडिकल कॉलेज रायगढ़ भेजा जाता था। वहां से रिपोर्ट आने में ज्यादातर विलंब होता था। इधर कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पहल की थी।

उन्होंने अंबिकापुर के अलावा बिलासपुर और राजनांदगांव में वायरोलॉजी लैब स्थापित कर कोरोना संक्रमण की आरटीपीसीआर जांच आरंभ करने सभी जरूरी उपायों को पूरा करने का निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद मेडिकल कॉलेज में वायरोलॉजी लैब स्थापना के लिए अधोसंरचना विकास का काम तेजी से पूरा किया गया। इधर वायरोलॉजी के इंजार्ज ने बताया कि हमें जैसे ही आईडी पासवर्ड मिलेगा, वैसे ही एक शिफ्ट में 200 से अधिक लोगों का टेस्ट करने में सुविधा मिलेगी।

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