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19-12-2020
हाथियों के दल ने मकानों को किया क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों ने लिया शासकीय भवनों का सहारा 

अंबिकापुर। विगत तीन दिनों से जगली हाथियों के दल ने वन परिक्षेत्र लखनपुर में जमकर उत्पात मचा रखा हैं। हाथियों ने 3 दिन में 10 मकानों को नुकसान पहुंचाया है। वहीं बस्ती के लोग घर से बेघर शासकीय भवनों में आश्रय लेने को मजबूर हैं। मिली जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र लखनपुर के लगे ग्राम डाडकेसरा में हाथियों के दल ने पिछले तीन दिनों से उत्पात मचा रखा हैं। बता दें कि 3 दिनों में जंगली हाथियों ने ग्रामीणों के 10 घरों को क्षती पहुचाई हैं। इसमंे शालिक, जयंती, प्रदीप, रोगशु, ननका, रामनाथ, जगदीश, कोलइ, मोहन और नरसिंग के घर शामिल है। अब इन घरों के लोग अपने घर उजाड़ने की वजह से शासकीय भवनों में पनाह लेने को मजबूर हैं। लोगों का कहना हैं कि वन विभाग के कर्मचारी दिन में तो इन इलाकों में मौजूद होते हैं मगर शाम होते नादारत हो जाते हैं। वहीं वन परिक्षेत्र लखनपुर के परिक्षेत्राधिकारी सूर्यकांत सोनी ने बताया कि इस क्षेत्र के ग्राम डाडकेसरा के निचे लोटादोढ़ी मुहल्ला जो पहाड़ पर स्थित हैं वहाँ  हाथियों के दल ने 10 मकनों को क्षति पहुंचाई है। हाथियों के उग्र स्वभाव को देखते हुए ग्रामिणों को समय रहते विभाग ने रेस्क्यू कर लब्जी पंचायत के आश्रीत ग्राम उजावा के आंगनबाडी केन्द्र व शासकीय स्कूलों के भवनों में रखा गया है, जहाँ खानेपीने और ठंड से बचाव के लिए कंबल आदि की व्यस्था की गई है। सूर्यकांत सोनी ने बताया कि विभाग के कर्मचारियों की ओर से नुकसानी का मूल्यांकन किया जा रहा हैं, जिसके बाद प्रकरण तैयार कर मुवाजे की राशि दी जाएगी।

17-12-2020
हाथियों के दल ने युवक को रौंदा, खून से लथपथ मिली लाश, ग्रामीणों में आक्रोश

रायपुर/बालोद। हाथियों के दल ने एक युवक को मार डाला है। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार जिले के डौंडी ब्लॉक के ग्राम लिमरुडीही पंचायत के खल्लारीटोला ग्राम में बुधवार रात हाथियों के दल ने 20 वर्षीय डोमेंद्रा कुमार ध्रुव को मौत के घाट उतार दिया। सुबह गांव में उसकी लाश खून से लथपथ मिली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पार पहुँची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। गांव वाले वन अमले पर आक्रोशित हैं। उनके कहना है सुरक्षा के दृष्टि से वन विभाग ने कोई इंतजाम नहीं किया है। वन अमले का कहना है इलाके में अलर्ट जारी किया गया है।

28-10-2020
हाथियों के दल ने मचाया उत्पात, फसलों को रौंदा, रतजगा करने को मजबूर ग्रामीण

अंबिकापुर। वन परिक्षेत्र उदयपुर में सात हाथियों ने विगत डेढ़ माह से डेरा जमाए हुए है। बीती रात ग्राम परोगिया में दो मकानों को क्षति पहुंचाई। हाथियों के दल ने धान एवं बाजरा के फसल को नुकसान पहुंचाया। इधर वन अमले के लाख समझाइश के बाद भी लोग हाथी के पीछे पीछे जाना नहीं छोड़ रहे हैं,जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। हाथियों के डर से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। हाथियों का दल कब किस ओर जाएगा इसका पता नहीं रहता है। आसपास गांव के लोग वन अमला के साथ मिलकर रात भर हाथियों की निगरानी में लगे हुए हैं। हाथियों से लोगों को बचाने के लिए वन अमला निगरानी में लगा हुआ है। वन अमला जागरूक करने मुनादी करा रहा है तथा लोगों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दे रहा है। जंगल किनारे एकांत घरों में रहने वाले लोगों को बस्ती में आकर निजी मकान में रखने की व्यवस्था की जा रही है। हाथियों के निगरानी में गजराज वाहन सुरक्षा उपकरणों के साथ उदयपुर वन अमला जुटा हुआ है।

 

27-10-2020
हाथियों के दल की भानुप्रतापपुर व बालोद सीमा क्षेत्र में चहल कदमी,लोगों में दहशत

कांकेर। हाथियों के दल ने एकबार फिर लोगों में दहशत पैदा कर दी है। भानुप्रतापपुर व बालोद वन मंडल क्षेत्र की सीमा में इनका चहल कदम जारी है, जिससे वन विभाग परेशान हैं। सीमा में स्थित पहाडी के दोनों ओर मौजूद गांवों के लोगों द्वारा लगातार अपने जान माल की सुरक्षा के लिए ढोल नगाडों से शोर शराबा मचाने से हाथियों का यह दल लगातार यहाँ से वहाँ आना जाना कर रहा है। यह दल भानुप्रतापपुर क्षेत्र में प्रवेश करता है और फिर वापस चला जाता है, ऐसा लगभग 6 बार हो चुका है। हाथियों की गतिविधियों से ऐसा लगता है कि यह दल कहीं जाना चाहता है परंतु हर तरफ छोटे छोटे गांव व आबादी होने के हाथियों का यह दल अपने गंतव्य की ओर नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में हाथियों के दल का आक्रामक होना भी एक डर का कारण बना हुआ है। शनिवार को भानुप्रतापपुर वन क्षेत्र में लगभग 4 किलोमीटर अंदर घुस जाने के बाद ग्राम ईरागांव पहुँचा यह दल ग्रामीणों के शोरशराबे से वापस बालोद क्षेत्र में 10 किलोमीटर अंदर तक चला गया था। इसके बाद रविवार रात को दल फिर से भानुप्रतापपुर क्षेत्र में प्रवेश कर गया और रात भर रहने के बाद सुबह फिर से वापस बालोद क्षेत्र में चला गया। इस बार हाथियों के दल ने सीमा क्षेत्र में लगे किसानों के खेतों में लगे धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कुछ किसान ऐसे हैं जिनके खेतों से हाथियों का दल लगातार आना जाना कर रहा है, जिसकी वजह से खेत की फसल चौपट हो गई है।

 

19-10-2020
हाथियों के दल ने फिर मचाया उत्पात,किसान का घर तोड़ा,फसलों को रौंदा,रतजगा कर रहे ग्रामीण

अंबिकापुर। वन परिक्षेत्र उदयपुर में सात हाथियों का दल विगत एक माह से भी अधिक समय से उत्पात मचाए हुए हैं। हाथियों ने दावा से होते हुए करमकठरा जंगल मे प्रवेश किया था। विगत दो दिनों में जजगा में एक व्यक्ति के घर को तोड़ा है केदमा रोड में जजगी गांव के मुहाने पर शनिवार को एक स्कूटी,एक बाइक एवं एक साइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया है। हाथियों का दल जजगी से निकलकर रेण नदी को पार करते हुए धान के खेतों की फसल को रौंदते हुए जजगा पहुंचे। पीछे पीछे सैकड़ों ग्रामीण टार्च लेकर उनके पीछे पड़े रहे। एनएच 130 के बगल में रमपुरहिन दाई मंदिर के समीप स्थित कच्चे के मकान के एक हिस्से को गिराया तथा घर में चावल बनाकर रखे बर्तन को खेतों की ओर उठाकर ले गए। पके हुए चावल को खाने के बाद बर्तन को पैरों तले कुचल दिये। हाथी घर जब घर तोड़ने की कोशिश करने लगा तब घर में रह रहे सदस्य घर से भाग गए। हाथियों के जाने के बाद देर रात वापस घर लौटे। एन 130 पर हाथियों के चढ़ने के बाद रोड रोड क्रॉसिंग के उद्देश्य वन अमला द्वारा ट्रैफिक को कुछ देर के लिए रोका गया परंतु सैकड़ों लाइटों एवं उपस्थित लोगों के शोर से हाथी एनएच को क्रास करने की बजाय वापस जजगी रेण नदी किनारे धान के खेतों में और गन्ने की फसलों में पहुंच गए।

वन अमले के लाख समझा समझाइश के बाद भी लोग हाथी के पीछे पीछे जाना नहीं छोड़ रहे हैं, जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। आसपास 4 से 5 गांव के किसानों के धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के डर से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। हाथियों का दल कब किस ओर जाएगा इसका पता नहीं रहता है। आसपास के 5 से 6 गांव के लोग वन अमला के साथ मिलकर रात भर हाथियों की निगरानी में लगे हुए रहते हैं। सभी हाथी दिनभर करमकठरा जंगल में  शांत रहने के बाद शाम को बाहर निकलकर पूरी रात अलकापुरी, जजगी, जजगा में घूमकर धान के फसलों को बुरी तरह से रौंदकर और खाकर धान गन्ना, अरहर एवं मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों से लोगों को बचाने के लिए वन अमला निगरानी में लगा हुआ है । वन अमला द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए मुनादी करा रहा है तथा लोगों को हाथियों से दूर रहने की सलाह भी दी जा रही है। जंगल किनारे एकांत घरों में रहने वाले लोगों को बस्ती में आकर निजी व शासकीय पक्के मकान व छतों में रखने की व्यवस्था की जा रही है। हाथियों के निगरानी में गजराज वाहन सुरक्षा उपकरणों के साथ उदयपुर वन अमला जुटा हुआ है।

 

25-09-2020
हाथियों के दल ने किसानों के घर तोड़े, फसलों को किया बर्बाद,वन अमला सुरक्षा के लिए करा रहा मुनादी

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के वन परिक्षेत्र उदयपुर में 7 हाथियों के दल ने एक बार फिर उत्पात मचाया। हाथियों के दल ने एक किसान का घर तोड़ा दिया और खड़ी फसल भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। हाथियों के उत्पात की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक करते हुए मुनादी करा रही है। दरअसल हाथियों का दल पिछले एक सप्ताह से उत्पात मचाया हुआ हैं। हाथियों का दल ग्राम दावा से होते हुए करमकठरा जंगल में प्रवेश किया है। बीती रात लक्ष्मणगढ़ जंगल किनारे स्थित एक किसान के घर को तोड़कर कर क्षतिग्रस्त कर दिया।

कई किसानों के धान और मक्का की फसल को बुरी तरह से रौंदकर करीब 1.3 हेक्टेयर धान की फसल नष्ट कर दिया। हाथियों का दल अभी भी महेशपुर लक्ष्मणगढ़ के जंगल में डेरा जमाए हुआ है। हाथियों से लोगों को बचाने के लिए वन अमला, वन परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में बुधवार सुबह से ही इनकी निगरानी में लगा हुआ है। वन विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए मुनादी करा रहा है और लोगों को हाथियों से दूर रहने की सलाह भी दी जा रही है। जंगल किनारे एकांत घरों में रहने वाले लोगों को बस्ती में निकालकर शासकीय स्कूल आंगनबाड़ी केंद्र इत्यादि पक्के मकानों में रखने की व्यवस्था की जा रही है। हाथियों की निगरानी में गजराज वाहन सुरक्षा उपकरणों के साथ वन अमला जुटा हुआ है।

 

19-06-2020
हाथियों के दल ने मचाया उत्पात, घरों को किया तहस नहस, अनाज को खाया

उदयपुर। वन परिक्षेत्र उदयपुर अंतर्गत ग्राम बनकेसमा में 9 हाथियों का दल बीती रात धावा बोला। जंगली हाथियों के द्वारा ग्राम बनकेसमा में शुक्ला राम, पुसई मझवार, देवनाथ मझवार, बोधन राम, बालवीर के घर को तोड़फोड़ मचाते हुए तहस नहस किया। घर में रखे अनाज को खाया तथा नष्ट किया गया। हाथियों द्वारा घर एवं फसल नुकसान की सूचना मिलने पर वन अमला द्वारा नुकसानी का आकलन किया गया है।वन अमला द्वारा हाथियों से बचाव के लिए ग्रामीण इलाकों में माइक चौका लगाकर मुनादी कराई जा रही है। हाथियों को रास्ता दिए जाने का अपील की जा रही है। रात्रि में घर से बाहर ना निकलने हाथियों को ना छेड़ने एवं शौच के लिए बाहर ना जाकर घर में बने शौचालय का उपयोग करने की सलाह भी दी जा रही है। गजराज परियोजना का वाहन लगातार प्रभावित क्षेत्रों में दौरा कर रहा है। वन अमला हाथियों की सतत निगरानी कर रहा है।

 

17-06-2020
हाथियों के दल ने मचाया उत्पात, घर और फसलों को पहुंचाया नुकसान

उदयपुर। वन परिक्षेत्र उदयपुर अंतर्गत मरेया बीट के धवई पानी में बुधवार को 9 हाथियों के दल ने धावा बोला। हाथियों का दल घटोन की ओर से आया हुआ था। जंगली हाथियों के द्वारा ग्राम धवई पानी में सनी राम कोरबा के घर को तोड़फोड़ की एवं घर में रखे अनाज को खाया तथा नष्ट किया। इसके साथ ही आंगन के पास लगे केले के पौधों को भी खाया तथा नष्ट किया।इसके अतिरिक्त गंगाराम के खेत के पास बने मचान को क्षतिग्रस्त किया। हाथियों द्वारा घर एवं फसल नुकसान की सूचना मिलने पर वन अमला द्वारा नुकसानी का आकलन किया गया है। हाथियों का दल अभी किस ओर गया है यह पता नहीं चल पाया है।

 

 

16-06-2020
21 हाथियों के दल में से अलग हुए नन्हे हाथी की दलदल में फंसने से मौत

धमतरी। गरियाबंद जिले से भटक कर सिंगपुर, केरेगांव वन परिक्षेत्र से होते धमतरी वन परिक्षेत्र के गंगरेल डूबान पहुंचे 21 हाथियों के दल में से एक बच्चा हाथी की दलदल में फंसने से मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि चंदा हाथी का यह दल पिछले 7 दिनों से गंगरेल बांध के डुबान के जंगल में विचरण कर रहा था। इस बीच ग्राम उरपुटी-मोंगरी के नाले के दलदल में फंसने से एक बच्चा हाथी की मौत हो गई। इसकी खबर पाकर वन विभाग का अमला डीएफओ अमिताभ बाजपेई के साथ मौके पर पहुंचा। बताया गया है कि शेष हाथी का दाल अभी ग्राम कलारबहरा के सागौन प्लाट क्लास में है।

02-05-2020
राजिम के नजदीक पहुंचा 23 हाथियों का दल, इस वक्त महानदी में मौजूद

गरियाबंद। महासमुंद से हाथियों का दल गरियाबंद जिले में प्रवेश कर गया है। आज यानि शनिवार सुबह हाथियों के दल को राजिम के पास धमनी-कुम्ही गांव के खार में देखा गया है। हाथियों की संख्या दो दर्जन के करीब बताई जा रही है। सबसे अहम बात यह है कि हाथियों का ये दल बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजिम एसडीएम जीडी वाहिले के अनुसार 23 हाथियों का दल है जो जिले की सीमा में प्रवेश किया है। कल शाम 6 बजे इनके दल को महासमुंद के बम्हनी गांव में देखा गया था और आज सुबह ये जिले की सीमा में प्रवेश किए है। अभी इनकी लोकेशन राजिम के नजदीक अरण्ड और कुम्ही गांव के बीच बताई जा रही है।

उन्होंने बताया कि हाथी का दल बड़ी तेजी से आगे बढ़ गया है। किसानों की फसल के नुकसान की जानकारी भी सामने आई है। वे अपनी पूरी टीम के साथ इस पर निगरानी रखे हुए है। हाथियों के दल की जानकारी मिलते ही वन अमला भी सतर्क हो गया है। आसपास सभी गांवों में हाथी के आने की जानकारी दे दी गई है। मुनादी के जरिए लोगों को सतर्क रहने की जानकारी दी गई है। डीएफओ मंयक अग्रवाल ने बाताया कि अमला पूरी तरह सतर्क है और लोगों से घरों में रहने की समझाईश दी गई है। उन्होंने बताया कि महासमुंद से हाथियों को कैसे निकाला गया। इसका अनुभव उनके पास है। इसलिए गरियाबंद जिले से भी हाथियों को जल्द ही आगे बढ़ा दिया जाएगा।

13-11-2019
हाथियों के कुचलने से एक व्यक्ति की मौत, साथी ने भाग कर बचाई जान

आरंग। आरंग क्षेत्र में हाथियों के दल ने एक व्यक्ति की जान ले ली है। मृतक 45 वर्षीय बसंत बंजारे है जो सिमगा के दुलदुला गांव का निवासी था। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि आरंग के ग्राम चिखली में आज सुबह 13 से 15 हाथियों का दल सिरपुर से महानदी पार कर ग्राम चिखली पहुंचा था। हाथियों का दल गांव की नर्सरी में घूम रहा था जिसे देखने के लिए  बसन्त बंजारे अपने साथियों दयालु गेन्द्रे, अवध बंजारे और बुध्वस्त बंजारे के साथ पहुंचा था। नर्सरी में पेड़-पौधे घने होने से इन सबको अंदाजा नहीं था कि हाथी इनके पास में ही है। हाथियों को जैसे ही इनके आने की आहट मिली वे उग्र हो गए है और इन लोगो की तरफ  दौड़ पड़े। हाथी से बचने के लिए पांचों लोग भागने लगे लेकिन बसन्त बंजारे जमीन पर गिर गया। इस दौरान हाथी ने उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया जिससे  उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसके साथी दयालु को हाथी ने धक्का मार दिया जिससे वह घायल हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आरंग पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मृतक बसन्त बंजारे के शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक बसन्त बंजारे सिमगा के ग्राम दुलदुला का रहने वाला था। वह कल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महानदी में स्नान करने अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था। गांव में हाथियों की आमद की सूचना पाकर वह अपने मित्रों के साथ हाथी देखने गया था।

 

12-08-2019
गुस्साए हाथी गणेश ने खड़ी ट्रेलर का कांच तोड़ा, चालक को किया मौत के हवाले

रायगढ़। छाल वनपरीक्षेत्र में सोमवार सुबह लगभग 5:00 बजे छाल घरघोड़ा रोड पर ग्राम बोजिया के आगे मुख्य मार्ग पर पंचर टेलर को खड़ी कर ड्राइवर और खलासी रात को गाड़ी में ही सो रहे थे कि क्षेत्र में घूम रहे हाथियों के दल में से एक हाथी ने गाड़ी में सो रहे मृतक ट्रक चालक सोहेन को टेलर के सामने का शीशा तोड़ कर खींचकर निकाल लिया और सड़क किनारे जंगल में कुछ दूरी पर ले जाकर पटक कर मार डाला। वही मृतक ट्रक चालक के रिश्तेदार खलासी ने भाग कर अपनी जान बचाई, जिससे उसका हाथ पौर में चोटे आई है। घटना सुबह 5:00 बजे की बताई जा रही है। सुबह होते ही छाल पुलिस को सूचना मिली और घटनास्थल पर थाना प्रभारी अनिल अग्रवाल अपने दल बल सहित पहुंचकर मृतक ड्राइवर एवं घायल खलासी को अस्पताल पहुंचाने तथा आगे की कार्यवाही में जुट गए हैं। वही घटनास्थल पर तमाशबीनों का हुजूम उमड़ रहा है। उपरोक्त वाहन कोयला परिवहन में लगा हुआ था तथा पांडे ट्रांसपोर्ट सक्ति का वाहन बताया जा रहा है।

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