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08-08-2020
Video: नवजात की मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

अंबिकापुर। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक नवजात शिशु की बेहतर उपचार के आभाव में मृत्यु का मामला सामने आया है। बच्चे को नाजुक हालत में सूरजपुर जिला अस्पताल से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था। वहीं बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। बताया गया कि मामला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु वार्ड का है। सूरजपुर निवासी राजेंद्र प्रताप साहू की पत्नी ने सूरजपुर जिला अस्पताल में मंगलवार को एक साथ दो बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के बाद एक बच्चे की हालत अच्छी थी लेकिन दुसरे बच्चे की हालत काफी गंभीर थी। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बच्चे को अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिसके बाद बच्चे के पिता ने 108 पर फोन कर एम्बुलेंस मंगाया। लेकिन एम्बुलेंस भी काफी लेट पहुंची। एम्बुलेंस में आॅक्सीजन की भी व्यवस्था नहीं थी। बावजूद इसके किसी तरह बच्चे को अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए वेंटिलेटर पर रखा। लेकिन फिर भी हालत में सुधार नहीं आया। 

बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने माता पिता को सही इलाज के लिए रायपुर ले जाने की सलाह भी दी। लेकिन परिजन अपने बच्चे को बिलासपुर ले जाना चाहते थे। मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के पास नवजात बच्चों के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था न होने के कारण पिता ने बिलासपुर से एक एम्बुलेंस भी मंगाई। लेकिन एम्बुलेंस अंबिकापुर पहुंचती इससे पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु वार्ड में गुरूवार की दोपहर 12 बजे बच्चे की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। फिलहाल बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि चिकित्सकों के द्वारा बच्चे के इलाज में लापरवाही बरती गई है। वहीं इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना हैं कि बच्चे को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे के नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बच्चे को वेंटिलेटर में शिफ्ट कर दिया था। साथ ही परिजनों को भी बच्चे की बिगड़ती हुई हालत की जानकारी दी गई थी। वहीं चिकित्सकों का यह भी कहना है कि नवजात बच्चे की नाजुक हालत में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास बेहतर उपचार व्यवस्था उपलब्ध नही हैं यदि समय रहते बच्चे को इलाज के लिए रायपुर ले जाया जाता तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

31-05-2020
अस्पताल से नवजात को लेकर महिला फरार, प्रबंधन और पुलिस कर रही खोजबीन

रायपुर/जशपुर। पत्थलगांव के कुनकुरी स्थित निजी अस्पताल में एक महिला बच्चे को लेकर फरार हो गई। आरोपी महिला के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। घटना के बाद से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गई। प्रबंधन महिला की खोज में जुटा हुआ है। घटने की सूचना पुलिस को भी दे दी गई है, जिसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंचकर जांच में जुट गई है। लोगों का मानना है कि यह बड़ी लापरवाही है। प्रबंधन का काम है ध्यान रखना फिर नवजात की चोरी हो जाना समझ से परे है?

12-05-2020
Video: केलो नदी के तट पर पत्थरों के बीच मिला नवजात का शव

रायगढ़। फिर एक बार शहर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। रायगढ़ शहर में केलो नदी के तट पर लगातार नवजात शिशु के शव मिलने का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। मंगलवार सुबह फिर एक बार जेल पारा प्रगति नगर के स्थानीय निवासियों ने केलो नदी के तट पर एक नवजात शिशु का तो देखा जिससे पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पार्षद को दी गई। स्थानीय पार्षद ने तत्काल इसकी सूचना जूट मिल थाने को दी। जूट मिल थाना प्रभारी अमित शुक्ला अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे। सर्वप्रथम वहां तैराकों के द्वारा केलो नदी के तट पर पत्थर में फंसे नवजात के शव को निकाला गया। तत्पश्चात जूट मिल पुलिस ने मर्ग कायम किया और वहां आसपास के लोगों से पूछताछ की पर किसी ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इंकार कर दिया। जिस पर जूट मिल पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे जांच करने की बात कही है।

28-03-2020
 फिर मिला नवजात का शव, पुलिस जुटी जांच में

 रायगढ़। जहां एक और पूरा देश कोरोना वायरस के कहर से लड़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ रायगढ़ में एक मानवता को शर्मसार करने की घटना सामने आई। शनिवार को रायगढ़ बाईपास रोड के पास रहने वाले कुछ ग्रामीण अपना घर का जरूरी सामान लेने बाजार की ओर निकले कि तभी उन्होंने देखा कि नाले में एक नवजात का शव पड़ा हुआ है। इसकी सूचना तत्काल प्रत्यक्षदर्शियों ने जूट मिल पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और वहां नवजात के शव को एंबुलेंस के जरिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। पंचनामा कर आगे जांच की जा रही है। आसपास लोगों से पूछताछ करने पर भी किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस का कहना है कि जल्दी इस मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।  बता दें कि इससे पहले भी रायगढ़ शहर के भीतर नवजात शिशुओं के  शव कई बार मिल चुके हैं पर अधिकतर बार साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उन मामलों का खुलासा नहीं हो पाया है। 

18-03-2020
प्रसव के दौरान नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया डाक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप

महासमुंद। अपने लापरवाहियों को लेकर सुर्खियों में रहने वाला महासमुंद का जिला अस्पताल एक बार फिर आरोपों के घेरे में है। अस्पताल में मंगलवार को प्रसव के दौरान एक नवजात की दुनिया में आने से पहले ही मौत हो गई। नवजात शिशु के मौत को लेकर परिजनों ने डाक्टरों और स्टॉफ पर डिलवरी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है। प्रभारी सीएमएचओ से इसकी लिखित में शिकायत भी की है। बता दें कि महासमुंद के वार्ड नम्बर 9 छिपियापारा की रितु तांडी पति कृष्णा तांडी को सोमवार शाम 6 बजे प्रसव पीड़ा आया। इस पर उसे जिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया।

परिजनों ने बताया की रात से ही महिला को प्रसव के लिए वार्ड में लेकर गए थे और नार्मल डिलीवरी होने की जानकारी दी जा रही थी, रात तकरीबन 2 से 3 बजे के बीच प्रसव के दौरान बच्चा आधा बाहर आ चुका था। इसकी जानकारी लगने पर परिजनों ने छोटा ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालने स्टॉप को कहा बावजूद इसके स्टॉप सब कुछ सही होने की बात करते रहे और मंगलवार सुबह 8 बजे तक जच्चा और बच्चा को स्वास्थ्य होने की जानकारी स्टॉप के द्वारा दी गई। करीब आधे घंटे के बाद नर्स द्वारा परिजनों को अचानक बताया गया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है, जिसे सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों का यह भी आरोप है कि डॉक्टरों ने इसका सही कारण नहीं बताया और उन्हें लगातार गुमराह करते रहे। परिजनों ने नर्स और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रभारी सीएमएचओ को इसकी लिखित शिकायत की है और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है।

वर्जन

प्रभारी सीएमएचओ डॉ.आरके परदल ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें शिकायत के रूप में मिली है। मामले की जांच की जाएगी और यदि उसमें लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। 

 

10-02-2020
शाहीन बाग़ प्रदर्शन और नवजात की मौत के मामले में सुनवाई आज, दायर हुई है कई याचिकाएं

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में करीब दो महीने से शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई दिल्ली चुनाव की वजह से टाल दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में शनिवार को मतदान को प्रभावित नहीं करना चाहता। न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि हम इस बात को समझते हैं कि वहां समस्या है और हमें देखना होगा कि इसे कैसे सुलझाया जाए। हम सोमवार को इस पर सुनवाई करेंगे। तब हम बेहतर स्थिति में होंगे। पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा था कि वह सोमवार को इस बात पर बहस करने के लिए तैयार होकर आएं कि इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट को वापस क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए।

नवजात की मौत मामले में भी होगी सुनवाई

शाहीन बाग में चल रहे धरने के दौरान चार माह के नवजात बच्चे की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्वत: संज्ञान लिया था। इस दर्दनाक घटना के बाद मुंबई की वीरता पुरस्कार विजेता बच्ची द्वारा लिखे गए पत्र के आधार पर शीर्ष अदालत ने सुनवाई करने का निर्णय लिया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ प्रदर्शनों में बच्चों और नवजातों की भागीदारी रोकने के मसले पर आज सुनवाई करेगी। वीरता पुरस्कार विजेता 12 वर्षीया जेन गुनरतन सदावरते ने मुंबई से चीफ जस्टिस बोबडे को पत्र लिखकर भेजा था।

बता दें कि भाजपा नेता ने सुप्रीम कोर्ट से शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई की अपील की थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को हटाने संबंधी भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग की याचिका पर सुनवाई की तारीख जानने के लिए संबद्ध अधिकारी के पास जाने को कहा था। भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग ने अदालत से दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले अहम मार्ग पर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन से लोगों को आ रही समस्या पर गौर करते हुए अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया था। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि आप याचिका का उल्लेख करने वाले अधिकारी के पास जाएं। इसके साथ ही 35 छात्रों ने हाईकोर्ट में शाहीन बाग प्रदर्शन के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शन के चलते बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में काफी परेशानी आ रही है। बच्चों की इस याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि कालिंदी कुंज-शाहीन बाग का जो रास्ता बंद है, पुलिस उस पर ध्यान देकर एक्शन ले ताकि छात्रों को परेशानी न हो। जस्टिस नवीन चावला ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिया था कि सरिता विहार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बातों पर गौर करे और उसका समाधान करें।

06-12-2019
नौ महीने की बच्ची के साथ चाचा ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में श्यामपुर की बड़ग्राम पंचायत में एक नौ महीने की बच्ची के साथ उसके चाचा ने ही कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि आरोपी की पहचान अनूप प्रमाणिक के रूप में हुई है। पीड़ित बच्ची के पड़ोस में रहने वाले अनूप पर आरोप है कि बुधवार दोपहर को वह नवजात को उसके घर से यह बताकर ले गया कि वह बच्ची को खिलौने दिलाने के लिए बाहर लेकर जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, जब वह बच्ची को घर वापस लाया तो परिवार वालों का ध्यान बच्ची के खून पर गया। इसके बाद परिजन पुलिस के पास गए। बच्ची के परिजनों ने श्यामपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

04-12-2019
Breaking : लावारिस हालत में मिला नवजात

कोरिया। ममता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। खड़ग़वा विकासखण्ड के चिरमी ग्राम में 10 दिन का एक नवजात लावारिस हालत में मिला है। ग्रामवासियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर घटना स्थल पहुंची पुलिस ने जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में बच्चे को भर्ती कराया है। मिली जानकारी के अनुसार हरगांव थाना अंतर्गत चिरमी गांव में ग्रामवासियों ने पुलिस को सूचना दी एक 10 दिन का बच्चा जीवित अवस्था में लावारिस हालत में मिला है। बच्चे को खंडवा पुलिस के माध्यम से व्याकुलपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बच्चे को इलाज के लिए जिला अस्पताल बैकुंठपुर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार जारी है।

30-11-2019
नवजात की 28 हड्डियां तोड़ कलयुगी पिता ने ली जान, अब हुई आजीवन कारावास की सजा

नई दिल्ली। एक पिता ने अपने नवजात बेटे को इतना जोर से झकझोरा कि उसकी 28 हड्डियां टूट गई। घटना के कुछ रोज बाद इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी पिता की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री मिली। पिता ने सर्च किया था- 'मैंने अपने बच्चे को बहुत जोर से पकड़ा जिससे उसके शरीर पर निशान हो गए.' 'क्या आपने कभी अपने बच्चे को रोने के दौरान दुर्घटनावश चोट पहुंचाई है।' ये मामला ब्रिटेन के केन्ट का है। एक स्थानीय अदालत ने 29 नवंबर को दोषी पिता ली वर्नन (21) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्हें कम से कम 16 साल जेल में रहना होगा।

पिता ने पिछले साल जुलाई में अपने बच्चे के सिर में गंभीर चोट पहुंचाई थी। घटना के बाद लंदन के हॉस्पिटल में बच्चे की मौत हो गई थी। पिता ने खुद इमर्जेंसी सर्विस के लिए कॉल किया था। इमरजेंसी सर्विस के एजेंट्स से पिता ने कहा कि उन्हें नहीं पता, बच्चे की ऐसी हालत कैसे हुई। बाद में पुलिस पूछताछ में पिता के दिए बयान और मेडिकल रिपोर्ट्स की बातें अलग-अलग कहानी कह रहे थे। डॉक्टरों के मुताबिक, हॉस्पिटल लाने के दिन से पहले भी कम से कम दो मौकों पर बच्चे को चोट पहुंचाई गई थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह भावनात्मक रूप से गहरा और काफी जटिल केस था। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स की मदद से पुलिस जांच पूरी कर सकी। प्रॉसेक्यूटर ने कोर्ट से पिता को सख्त सजा देने की मांग की थी ताकि वह दोबारा किसी बच्चे को चोट न पहुंचा सके।

 

14-11-2019
गृह आधारित नवजात एवं बच्चों की देखभाल को लेकर 15 से 21 नवम्बर तक चलेगा जागरूकता अभियान

रायपुर। नवजातों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में 15 से 21 नवम्बर तक नवजातों को विशेष देखभाल प्रदान करने के उद्देश्य से नवजात देखभाल सप्ताह की शुरुआत राज्यभर में होगी। रायपुर सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने बताया, लोगों में जागरूकता लाने के लिए महिलाओं के गर्भधारण करने से लेकर शिशु का अस्पताल में जन्म लेने और अस्पताल से घर पहुंचने तक 1000 दिन यानी दो साल तक देखभाल करने की जानकारी दी जाएगी। मां और बच्चे को मिलने वाले न्यूट्रेशन पर आधारित जानकारी घर -घर दी जाएगी। चिरायु टीम द्वारा अस्पताल व घर में बच्चों का हेल्थ जाँच किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. बघेल ने बताया, एक अभियान के तहत सरकारी अस्पताल, प्राइवेट अस्पताल से लेकर नवजात शिशुओं को घर में कैसे देखभाल किया जाता हैं इसकी जानकारी देने सीएमएचओ भी हितग्राहियों के घर जाकर योजना के क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगी। अस्पताल जन्म लेने वाले नवजात का स्तनपान कराने और मां के साथ ही शिशु को रखना चाहिए. उन्होंने बताया स्वास्थ्य विभाग से मिले निर्देश के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित सभी सिविल सर्जन व बीएमओ को एक सप्ताह तक आयोजन करना है।

गृह आधारित नवजात एवं बच्चों की देखभाल पर ज़ोर

मितानिन द्वारा घर-घर जाकर नवजातों की देखभाल कर रही है। इसे ध्यान में रखते हुए नवजात देखभाल सप्ताह के दौरान गृह आधारित नवजात एवं बच्चों की देखभाल पर विशेष बल दिया जाएगा। साथ ही नवजातों के बेहतर स्वास्थ्य के मद्देनजर चलायी जा रही मदर एबसुलेट एफेक़शन प्रोग्राम( माँ) कार्यक्रम के विषय में भी मितानिन, आंगनबाड़ी एवं एएनएम सामुदायिक स्तर पर लोगों को इसके बारे में जागरूक करेंगी। सप्ताह के दौरान फैसिलिटी से लेकर सामुदायिक स्तर पर विभिन्न आयोजन कर नवजात स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाई जाएगी।

सामूहिक सहभागिता से सफल होगा अभियान

नवजात देखभाल सप्ताह को सफल बनाने के लिए अन्य सहयोगी विभागों एवं डेवलपमेंट पार्टनर से सहयोग लेने की बात भी बताई गयी है। इसमें आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, जीविका, आईएमए एवं आईएपी के साथ अन्य डेवलपमेंट पार्टनर शामिल होंगे।

सप्ताहभर की गतिविधियों पर आधारित रिपोर्ट

अभियान को सफल बनाने के लिए नवजात देखभाल सप्ताह के समापन के बाद बीएमओ , मितानिन एवं जिला को अपनी गतिविधियों पर आधारित कार्यक्रमों की अलग-अलग प्रतिवेदन जमा करने होंगे. जिसमें सप्ताह के दौरान बैठक, सप्ताह के दौरान जीवित जन्में बच्चों की संख्या, एक घंटे के भीतर स्तनपान करने वाले बच्चों का विवरण, जीवित जन्में बच्चों में जन्मजात विकार की जानकारी देनी होगी। साथ ही ऐसे परिवार की संख्या जिन्हें (जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान करने, 6 माह तक केवल स्तनपान कराने, शिशु को गर्म रखने, स्तनपान से पहले और शौच के बाद हाथ धोने, नाल को सूखा रखने और कुछ नहीं लगाने एवं खतरे के चिन्ह वाले नवजातों की पहचान कर तुरंत मितानिन या एएनएम् द्वारा परामर्श लेने) के विषय में जानकारी दी गयी हो।
इसके अलावा सप्ताह के दौरान मितानिन द्वारा किए गये कुल गृह भ्रमण की संख्या एवं मितानिन द्वारा चिन्हित किए गए कुल कुपोषित और जन्म के समय ही रोग होने वाले नवजातों की संख्या के साथ उनके द्वारा रेफर किए गए बच्चों की संख्या का विवरण देना होगा।

इस थीम पर आधारित होगा सप्ताह

1. माँ और बच्चों को एक साथ रखना। जन्म के बाद ही बच्चे को माँ की पेट पर रखना। माँ को सिक न्यू बोर्न यूनिट में जाने की अनुमति देना।
2. बच्चे को हमेशा गर्म रखना देना। बच्चों के सर एवं पैरों को हमेशा ढक कर रखना। बच्चों को ऐसे कमरे में रखना जहाँ तापमान नियत हो।
3. नाल को सूखा रखें। इसपर कोई भी क्रीम या तेल का उपयोग नहीं करें।
4. स्तनपान से पहले एवं शौच के बाद हमेशा हाथ की धुलाई करना।
5. जन्म के एक घन्टे के भीतर शिशु को स्तनपान कराना एवं 6 माह तक केवल स्तनपान कराना।
नवजात देखभाल सप्ताह के दौरान फैसिलिटी से लेकर सामुदायिक स्तर पर इनके विषय में लोगों को जागरूक किया जाएगा।

प्रचार-प्रसार का लिया जाएगा सहारा

इस सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों पर नवजात देखभाल पर आधारित बैनर एवं पोस्टर लगाये जायेंगे। रेडियो एवं टेलीविजन के माध्यम से भी नवजात स्वास्थ्य पर संदेश दिए जायेंगे। साथ इस दौरान बैठक, सेमिनार एवं कार्यशाला के जरिए भी नवजात देखभाल पर चर्चा की जाएगी एवं लोगों को जागरूक किया जाएगा।

06-08-2019
एम्स हास्पिटल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप 

रायपुर। एम्स हास्पिटल में डिलिवरी के दौरान नवजात की मौत हो जाने पर परिजनों ने डिलिवरी करा रहे डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस एम्स अस्पताल पहुंचकर हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराने में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार टाटीबंध निवासी एक महिला को प्रसव पीड़ा उठने पर एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो जाने पर परिजनों ने डॉक्टरों के द्वारा की गई लापरवाही की बात कहते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया इसके चलते बड़ी संख्या मे आसपास के लोग पहुंचकर भीड़ लगा दिये। हंगामे की सूचना पुलिस को मिलते ही अस्पताल में पहुंचकर परिजनों को शांत कराने की कोशिश करने लगे।

25-04-2019
नवजात को जलाकर मार डाला, मां और नानी गिरफ्तार

भिलाई। अपने नवजात बच्चे को जलाकर मारने के आरोप में पुलिस ने उसकी मां और नानी को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि कुम्हारी के सुनसान खेत में एक मासूम का अधजला शव मिला था। शव मिलने के बाद से इलाके में सनसनी फैली गई थी। पुलिस जांच कर रही थी और आरोपियों की तलाश कर रही थी।

आज पुलिस ने बच्चे की मां टिकेश्वरी साहू और टिकेश्वरी की मां राजिम साहू को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि टिकेश्वरी का पड़ोसी गांव के युवक के साथ अवैध संबंध था और वह गर्भवती हो गई थी। बच्चे के जन्म के बाद दोनों ने मिलकर नवजात को प्लास्टिक की बाल्टी में डालकर सूने खेत में ले गए और आग के हवाले कर दिया। दोनों  महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

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