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21-07-2020
हेल्थ स्पेशल : खाली पेट चाय पीना पड़ सकता है महंगा...

रायपुर। खाली पेट सुबह चाय पीने से बचना चाहिए। चाय में कई तरह के ऐसिड होते हैं। खाली पेट चाय पी कर आप अपने पेट को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं। इससे अल्‍सर या गैस जैसी परेशानियां बढ़ने की संभावना रहती है। लोगों का मानना है कि सुबह के समय चाय पीने से शरीर में चुस्ती आ जाती है लेकिन यह बात गलत है। खाली पेट चाय का सेवन करने से सारा दिन थकान और स्वभाव में चिड़चिड़ापन बना रहता है। इसलिए खाली पेट चाय पीने का ख्याल अपने दिमाग से निकाल दे।

20-07-2020
हेल्थ स्पेशल : खाली पेट इन चीजों के सेवन से बचे, सेहत के लिए है खतरनाक

रायपुर। हेल्दी बॉडी के चक्कर में कई लोग सुबह उठकर काली पेट अंकुरित अनाज और ड्राई फ्रूट्स खाते हैं जबकि कुछ ऐसे हैं जो खाली पेट फ्रूट्स खाते हैं। लेकिन खाली पेट बिल्कुल इन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। आपकी सेहत पर इसका काफी बुरा असर पड़ सकता है। एक्सपर्ट की माने तो जिन लोगों की भी पाचन शक्ति कमजोर है। उन्हें खाली पेट अमरूद का सेवन नहीं करना चाहिए। खाली पेट अमरूद का सेवन करने से पेट में गैस बनती है और पेट फूलने लगता है। सर्दियों में इसे खाली पेट खाएंगे तो पेट दर्द जैसी समस्‍या हो सकती है। इसी तरह टमाटर में बहुत अधि‍क मात्रा में अम्लीयता होती है। इस वजह से इसका अधिक इस्तेमाल एसिडिटी का कारण हो सकता है और इससे सीने में जलन की शि‍कायत रहने लगती है। टमाटर के बहुत अधिक सेवन से पेट दर्द और गैस की समस्या हो जाती है। 

सुबह भूलकर भी न करे खट्टे फलों का सेवन :

सुबह के समय खाली पेट खट्टे और फाइबर से युक्‍त फल जैसे अमरूद और संतरे आदि खाने से बचना चाहिए। इसका पाचन तंत्र पर अच्‍छा असर नहीं पड़ता। इसी तरह दही भी खाली पेट ना खाएं, वरना यह सेहत पर बुरा असर डाल सकता है।

19-07-2020
हेल्थ स्पेशल : बादाम के पाउडर से बच्चों की त्वचा नरम और मुलायम होती है साथ ही ​इम्‍यून सिस्‍टम भी मजबूत

रायपुर। बादाम खाने के बेहद फायदे हैं। बादाम हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसका ग्लाईसेमिक लोड शून्य होता है। इसमें कार्बोहाईड्रेट बहुत कम होता है। यह पाचन में सहायक होता है और हृदय रोगों से बचने में भी सहायक रहता है। इतना ही नहीं पेट को अधिक देर तक भर कर रखता है। कब्ज के रोगियों के लिये बादाम बहुत ज्यादा लाभदायक है। बादाम में सोडियम नहीं होने से उच्च रक्तचाप रोगियों के लिये भी लाभदायक होता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन ई, लौह, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस भी होते हैं। बड़ों के साथ बच्चों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। लेकिन बच्चे इसका सेवन आसानी से नहीं कर पाते। ऐसे में बच्चों को बादाम का पाउडर बनाकर खिलाना फायदेमंद होता है। बच्चों की सेहत के लिए बादाम के पाउडर को शामिल करना काफी जरूरी होता है। 
 

घर पर ही बनाएं बादाम का पाउडर : 
चीनी, इलायची पाउडर, केसर और पानी ले लें। उसके बाद बादाम को उबाल लें। पानी ठंडा होने के बाद बादाम को निकाल लें और साफ पानी से धो लें। इसके बाद बादाम का छिलका निकाल लें और इन्हें सूखने के लिए रख दें। बादाम सूखने के बाद इन्हें पैन में भून लें। अब भूने हुए बादाम, चीनी, इलायची पाउडर और केसर को पीसकर पाउडर बना लें। इसके बाद एक एयर टाइट कंटेनर में बंद करके रख दें।

बादाम के पाउडर के फायदे :
बादाम में अनेक पोषक तत्‍व होते हैं जैसे कि विटामिन ई। यह पोषक तत्‍व शिशु की त्‍वचा को नरम और मुलायम बनाता है। बादाम खाने से शिशु का इम्‍यून सिस्‍टम भी मजबूत होता है। यह शिशु और बच्‍चों के मस्तिष्‍क के विकास में भी मदद करता है। बादाम के पाउडर से बच्‍चों की हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। बच्चों को 9 महीने के बाद ही बादाम पाउडर खिलाना शुरू करना चाहिए। जब आप बच्चों को बादाम पाउडर खिलाना शुरू करेंगे तो शुरुआत में कम मात्रा में ही उन्हें बादाम पाउडर खिलाएं। बच्चों को बादाम पाउडर खिलाने से विटामिन ई की कमी को पूरा किया जा सकता है।

18-07-2020
हेल्थ स्पेशल : अडूसा के उपयोग से छाले, सिर दर्द, सूखी खांसी, घुटने के दर्द अन्य कई बीमारियों से मिलती है राहत

रायपुर। अडूसा से छाले आसानी से दूर हो जाते है। अगर आपको छालों की समस्या से छुटकारा पाना है तो अडूसा के दो से तीन पत्तों को चबाकर उसके रस को चूसने के बाद पत्तियों को फेंक दे जिससे छाले आसानी से दूर हो जाते हैं।

क्या है अडूसा : 

अडूसा या वसाका एक द्विबीजपत्री झाड़ीदार पौधा है। यह एकेन्थेसिया परिवार का पौधा है। इसकी पत्तियाँ लम्बी होती हैं। अडूसा के कई अन्य फायदे हैं। जैसे कि मसूड़ों में दर्द- अडूसा की लकड़ी से दातुन करने से दांतों और मसूड़ों की समस्या ठीक होती है। इसी के साथ इससे रोज दातुन किया जाए तो दांतों व मसूड़ों के दर्द में राहत मिलती है। साथ ही सांस संबंधी रोगों से छुटकारा मिलता है। अडूसा के पत्तों का रस, शहद में मिलाकर चाटने से खांसी और सांस संबंधी समस्याएं ठीक हो जाती हैं। सूखी खांसी दूर करने के लिए अडूसा के पत्ते, मुनक्का और मिश्री का काढ़ा पीना चाहिए। घुटनों के दर्द से राहत- घुटनों के दर्द और सूजन को कम करने के लिए वसाका जड़ी-बूटी का उपयोग किया जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लामेटरी गुण अर्थराइटिस की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।

सिर दर्द से छुटकारा :

अडूसा के छाया में सूखे हुए फूलों को पीस लें, 1-2 ग्राम फूल के चूर्ण में समान मात्रा में गुड़ मिलाकर खिलाने से सिरदर्द से आराम मिलता है। आँखों का सूजन भी कम होता है। अगर किसी बीमारी के साइड इफेक्ट के कारण या दिन भर कंप्यूटर पर काम करने के वजह से आँखों में सूजन हुआ है तो वसाका का औषधीय गुण बहुत काम आता है। वसाका के 2-4 ताजे फूलों को गर्म कर आंख पर बांधने से आंख के गोलक की सूजन कम होती है।

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