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24-11-2020
कोरोना काल में मोदी सरकार का रूख छत्तीसगढ़ के प्रति सौतेला सा रहा : विकास उपाध्याय 

रायपुर। विधायक एवं संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने हालिया दिनों में अचानक से बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सर्दियाँ आने से लोग घरों में ज्यादा रह रहे हैं और एयर सर्कुलेशन कम हुआ है। इसके चलते व्यक्तियों में इम्यूनीटी पावर में कमी आई है वहीं त्यौहारों के चलते बाजारों में बढ़ी भीड़ के चलते यह संक्रमण तेजी से फैला है। उन्होंने मोदी सरकार को फिर से एक बार छग के साथ आर्थिक पैकेज देने सौतेला व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने आत्मनिर्भर की परिभाषा को ही राज्यों पर थोप बता दिया है वे स्वयं आत्मनिर्भर बनकर अपनी व्यवस्था करें। विधायक विकास उपाध्याय ने पिछले कुछ हफ्तों से छग सहित पूरे देश के कई राज्यों में कोरोना मरीजों की तादात में अचानक आई बढ़ोतरी को लेकर कहा कि ठंड में एयर सर्कुलेशन कम होने की वजह से संक्रमण बढ़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा जिस तरह से कोरोना संक्रमण के मामले कम हुए थे उससे लोग बेपरवाह हो गए और कोविड-19 के नियमों का पालन लोग ठीक से नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा बढ़ते संक्रमण को किसी लहर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि देश में अलग-अलग जगहों पर केस बढ़े या घटे हैं। विकास उपाध्याय ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में सही तरीके से और लगातार मास्क पहनना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा संक्रमण का एक साईकिल होता है, संक्रमित होने के 15 से 20 दिन के बाद इनमें से 85 से 90 फीसदी के लोग ठीक हो जाते हैं, जबकि 15 फीसदी को गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। इनमें से भी करीब 05 फीसदी को ही आॅक्सीजन की जरूरत पड़ती है। यह पूरा साईकिल तीन से चार हफ्ते का होता है जो आगे चलकर रिकवरी की दर फिर से बढ़ने लगेगी। उन्होंने कहा पिछले एक-डेढ़ महिने के दौरान लोग भी थोड़े बेपरवाह दिखाई दिए हैं। मास्क पहनने या सामाजिक दूरी जैसे नियमों को लेकर लोगों की सतर्कता कम हुई है और इसका असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। मास्क लगाने व कम आवाजाही करने को संक्रमण रोकने का मूल मंत्र माना है। विकास उपाध्याय ने कहा कोविड-19 की शुरूआत को करीब 9 से 10 महिने हो चूके हैं और हमारे पास इसका अच्छा खासा अनुभव है, जिसका लाभ स्वस्थ रहने लोगों को लेना चाहिए। उन्होंने कहा इस महामारी का पीक चाहे कितना भी ऊँचा हो, अहम चीज यह है कि हम मृत्यु दर को कैसे कम सकते हैं। विकास उपाध्याय ने इस पूरे मामले पर केन्द्र की मोदी सरकार को फिर से एक बार कटघरे में खड़े कर आरोप लगाया कि पूरे कोरोना काल के दौरान केन्द्र सरकार का रवैया छग के प्रति सौतेला सा रहा है। मांग की गई आर्थिक पैकेज देना तो दूर छग के हक के जीएसटी सहित अन्य मदों के लंबित भुगतान को भी केन्द्र ने नहीं किया। इससे साफ जाहिर है कि भाजपा का रवैया कांग्रेस शासित प्रदेशों के प्रति सकारात्मक नहीं है।

06-11-2020
विधायक विकास उपाध्याय के जन्मदिन पर 48 परिवारों को मिला आशियाना 

रायपुर। नगर निगम के जोन 8 नगर निवेश विभाग ने रायपुर पश्चिम विधायक व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय की विशेष उपस्थिति में 48 परिवारों को आशियाना दिया। निगम एमआईसी सदस्य श्रीकुमार मेनन, पार्षद प्रकाश जगत सहित जोन 8 के कमिश्नर अरुण ध्रुव, जोन कार्यपालन अभियंता राकेश गुप्ता और संबंधित निगम अधिकारी उपस्थिति में शुक्रवार को रामकृष्ण परमहंस वार्ड क्रमांक 20 के जगन्नाथ नगर बस्ती के 48 परिवारों को व्यवस्थापन किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में एएचपी योजना के कोटा आवासीय परिसर में रिक्त मकानों का लॉटरी निकालकर  प्रभावित परिवारों को नंबरिंग सहित आवंटन किया गया। जगन्नाथ नगर बस्ती के प्रभावित लोग सुविधाविहीन बस्ती से सर्वसुविधायुक्त प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों में व्यवस्थापन प्राप्त होने पर अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने इसके लिए रायपुर पश्चिम विधायक व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, महापौर एजाज ढेबर, एमआईसी सदस्य श्रीकुमार मेनन, पार्षद प्रकाश जगत, जोन 8 के अधिकारियों को व्यवस्थापन सहजता से मिलने पर धन्यवाद दिया। बता दें कि आज विधायक व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय का जन्मदिन है।
 

01-11-2020
विकास उपाध्याय ने किया आव्हान- आइए राज्य को विकसित प्रदेश की ओर ले जाएं 

रायपुर। विधायक व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने 20वें राज्य स्थापना दिवस की छत्तीसगढ़वासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है आइए हम सब मिल कर एक ऐसे राज्य के निर्माण में अपनी सहभागिता प्रतिस्थापित करें, जिससे आपसी भाईचारे के साथ सौहाद्र वातावरण में प्रगति के पथ पर विकासशील से विकशित प्रदेश की ओर हमारा छत्तीसगढ़ अग्रसर हो।

विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर कहा, छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के निर्माण में महती भूमिका निभाने वाले उन तमाम छत्तीसगढ़ के संघर्षरत लोगों को अपने शुभ हाथों से ये अधिकार सौंपा था, जिसकी कल्पना एक एक छत्तीसगढ़ के निवासियों की थी। पृथक राज्य के रूप में आज छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक अलग अंदाज में फल फूल रहा है। आइए हम सब मिल कर इस छत्तीसगढ़ को और भी प्रगति के पथ पर ले जाएं, जहां इस प्रदेश की गिनती पूरे देश में विकासशील से विकशित प्रदेश के रूप में हो। विकास उपाध्याय ने अपने विधानसभा क्षेत्र के वासियों और पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों को इस मौके पर ढ़ेर सारी शुभकामनाएं दी है।

30-10-2020
कमलनाथ सरकार के विजन ने भाजपा के शीर्ष नेताओं को गली-गली भटकने मजबूर कर दिया : विकास उपाध्याय

रायपुर/मुरैना। मुरैना के चुनाव प्रभारी व छत्तीसगढ़ सरकार के संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने केन्द्रीय मंत्री तोमर के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने शिवराज सरकार के 15 साल के कार्यकाल की तुलना कमलनाथ सरकार के 15 माह से कर साबित कर दिया है कि भाजपा ने 15 साल तक क्षेत्र की जनता के साथ विकास के नाम पर कितना धोखा दिया है। विकास उपाध्याय ने शुक्रवार को मुरैना के ग्रामीण अंचल के एक चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने अपने 15 माह के कार्यकाल में भाजपा के शीर्ष नेताओं को किस कदर गली-गली भटकने मजबूर कर दिया है, यह बात पूरे क्षेत्र में देखी जा सकती है।विकास उपाध्याय ने चुनावी सभा में भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को यदि कमलनाथ सरकार के 15 महीने का कार्यकाल मध्यप्रदेश में पिछड़ा नजर आ रहा है तो वे शिवराज सरकार के 15 साल की उपलब्धि को जनता को क्यों नहीं बताते? विकास ने तोमर के भाजपा को राष्ट्रभक्ति पार्टी कहे जाने पर भी तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी देश की धरोहर को एक के बाद एक बेचते जा रही है, उसके नेता अपने आप को राष्ट्रभक्ति कहकर पूरे देश का अपमान कर रहे हैं। विकास ने कहा कि मुरैना में अब एक गांव शेष नहीं बचा जो भाजपा समर्थक कहलाए। भाजपा के केन्द्रीय नेता ग्रामीणों के बीच इस तरह की बातें कर फिर से एक बार मतदाताओं को अपने झांसे में लेना चाहते हैं पर इस बार उन्हें सफलता नहीं मिलेगी।
विकास उपाध्याय शुक्रवार को मुरैना जिले के हड़वासी, जोरा खुर जैसे कई ग्रामीण अंचलों में दौरा कर भारी भीड़ से भरी चुनावी सभाओं को संबोधित किया।

विकास उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया है कि भाजपा नेताओं को अब उनके नेता नरेन्द्र मोदी पर भी भरोसा नहीं रह गया है। यही वजह है कि इस चुनाव में उनकी सभा नहीं करवा रहे हैं। भाजपा नेताओं के चुनावी सगुफे अब जनता पर असर नहीं हो रही है।उन्होंने ग्रामीण मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस को जो जनादेश आपने दिया था उस जनादेश को बनाए रखें और जब तक प्रजातंत्र में परिवर्तन नहीं होगा क्षेत्र का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा मध्यप्रदेश का 90 प्रतिशत भू-भाग आज भी पृथक राज्य के बाद पूरी तरह से अविकसित है। भाजपा मध्यप्रदेश को भी बिहार जैसे राज्यों के समतुल्य पिछड़े व भूखमरी के कगार पर ला खड़ा कर दिया है, जिसे विकास के पथ पर ले जाने की जरूरत है। इसलिए कांग्रेस के हांथ जनादेश देना सिर्फ जनता के हांथ है और इस चुनाव में आप लोगों को साबित करना होगा।

 

23-10-2020
विकास उपाध्याय ने केन्द्रीय चुनाव आयोग से की मुफ्त वैक्सिन मामले की शिकायत,भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की मांग

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने बिहार के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुफ्त में कोरोना वैक्सिन बांटे जाने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने चुनाव आचार सहिंता का खुला उल्लंघन मानते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग से अपने वकील के माध्यम से शुक्रवार को शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि  चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव के दौरान जारी घोषणा पत्र के लिए जो नियम बनाए गए हैं, जिसे चुनाव आचार संहिता का ही हिस्सा माना गया है। मुफ्त में किसी चीज को बांटना इसका खुला उल्लंघन है। भाजपा ऐसा कर चुनाव आचार सहिंता का उल्लंघन कर रही है। चुनाव आयोग को बिहार विधानसभा चुनाव से भाजपा को चुनाव में हिस्सा लेने प्रतिबंध लगाना चाहिए।विकास उपाध्याय ने अपने शिकायत में इस बात का उल्लेख किया है कि चुनाव आयोग आचार संहिता के सूची की धारा 8 में लिखा है, "कानून स्पष्ट है कि चुनाव घोषणा पत्र में वादों को रिप्रजेंटेशन एक्ट की धारा 123 के अंतर्गत 'भ्रष्ट व्यवहार' के तौर पर नहीं माना जा सकता, लेकिन इस बात को वास्तव में खारिज भी नहीं किया जा सकता कि मुफ़्त में चीजे बाँटने की परंपरा से लोग चुनाव में प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर प्रश्नचिन्ह है। ऐसे में  फ्री कोरोना वैक्सीन को चुनावी वादे में घोषणा करना इसका उल्लंघन है। इसे लेकर चुनाव आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
विकास उपाध्याय ने कहा है कि लोगों को कोरोना का डर दिखा कर वोट मांगने की कोशिश हो रही है। अभी वैक्सीन का पता नहीं, कब आएगी, कितने डोज लगेंगे, तो पहले से इन बातों को चुनावी वादे में कैसे शामिल किया जा सकता है? यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन तो है ही बल्कि जनता के साथ धोखा भी है। अगर चुनाव के मौसम में कोई पार्टी कहे कि तुम मुझे वोट दो, मैं तुम्हें तुम्हारा अधिकार (वैक्सीन) मुफ़्त में दूंगा, तो इसका मतलब ये हुआ कि आपके अधिकार आपके पास नहीं है और उसकी कीमत आपका वोट है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि भारत में जितने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, वो निशुल्क है।  सरकार के माध्यम से ये मुहैय्या हो रही है। उन्होंने महामारी के संदर्भ में कहा है कि इसमें और तेजी लाने की जरुरत है। इस तरह के टीकाकरण के मामलों में केंद्र सरकार निर्णय लेती है। निर्णय लेने में उनकी मदद स्वास्थ्य मंत्रालय की टीकाकरण पर बनी तकनीकी समिति करती है। कोरोना टीकाकरण अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जाएगा। ये मोदी सरकार को मंजूर नहीं है। तभी बिहार में अपने चुनावी घोषणा पत्र में की है। जबकि केंद्र सरकार इस टीकाकरण अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर करने की घोषणा करती तो उसका स्वागत होता।

17-10-2020
विकास उपाध्याय ने कहा- भाजपा राजभवन को केंद्रित कर गंदी राजनीति कर रही

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान पर सीधा हमला किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस सरकार में मुकरने की प्रथा ही नहीं है। भाजपा के तमाम नेता भूपेश सरकार के कार्य प्रणाली से पूरी तरह नतमस्तक हैं। उनके पास और कोई मुद्दा न होने की वजह से राजभवन को मुद्दा बनाकर केन्द्र में बैठे उनके आकाओं को सक्रियता का आभास दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने तमाम भाजपा नेताओं को इस मुद्दे पर जवाब दिया है कि भूपेश सरकार किसी भी मामले पर मुकरने या तथ्य से हटकर कार्य नहीं करती। पूरे देश में छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जो चुनावी घोषणा पत्र में उल्लेखित वादों को एक के बाद एक पूरा करते जा रहा है। आज पूरे प्रदेश में हर वर्ग के लोग भूपेश सरकार का गुणगान कर रहे हैं। किसान बिल को लेकर भाजपा के लोग बैकफूट पर आ गए हैं, ऐसी स्थिति में उनके पास कहने और कोई मुद्दा नहीं है। तो जोर जबरन राज्यपाल अनुसुईया उइके को, जो कि संवैधानिक पद पर हैं, राजनीति में घसीट अपनी रोटी सेंकने में लगे हैं।

विकास उपाध्याय ने कहा है कि गृहमंत्री का राजभवन की बैठक में न जाना राज्यपाल का किसी तरह का अपमान करना नहीं है। इसलिए कि यह बैठक राज्यपाल के संवैधानिक सम्मान में राज्य सरकार की ओर से बुलाई गई थी, जो आगे कभी भी हो जाएगी। भाजपा नेताओं के पास और कोई काम नहीं जो देशहित या प्रदेशहित को लेकर कोई सुझावात्मक बयान जारीं करें। उनके बयानों से यह पीड़ा साफ दिखती है कि सत्ता से बेदखल होने का कितना दु:ख है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि प्रदेश के इतिहास में भाजपा शासन काल में जितने नक्सली हमले हुए पूरे देश में एक रिकॉर्ड है। उनके कार्यकाल में जितनी हत्याएं व प्रशासनिक अक्षमता की वजह से अमानवीय घटनाएं घटित हुईं, छत्तीसगढ़ के लोग इसके गवाह हैं। भूपेश सरकार में जो शांति और स्वच्छ  वातावरण पूरे प्रदेश में बना है, उसे बेवजह तुल देकर भाजपा के लोग मुद्दा बना रहे हैं।

 

15-10-2020
विकास उपाध्याय ने कहा-मानवता और सुरक्षा के नाते गृहमंत्री का राजभवन न जाना पूरी तरह से सही निर्णय

रायपुर। गृह विभाग के संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भाजपा की ओर से गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के संबंध में क्वारेंटाइन के बहाने राज्यपाल की बैठक में न जाने और इसे लेकर संवैधानिक अवमानना किए जाने की बात को सिरे से खारिज किया है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि चूंकि कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया 9 और 10 अक्टूबर को पार्टी की बैठक ली थी। उनके संपर्क में कांग्रेस के तमाम नेताओं के साथ गृहमंत्री भी आए थे। ऐसी स्थिति में मानवता और सुरक्षा के नाते गृहमंत्री का राजभवन न जाना पूरी तरह से सही निर्णय था।  जब इस वजहों की जानकारी भी दे दी गई थी,तो इसे भाजपा बेवजह तूल क्यों दे रही है, समझ से परे है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि कांग्रेस के प्रभारी पुनिया रायपुर प्रवास के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इस बीच गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी 9 और 10 अक्टूबर को उनके संपर्क में आये थे। ऐसी स्थिति में उन्हें 5 से 6 दिन सेल्फ क्वारेंटाइन में रहना था, जिसकी अंतिम तिथि बुधवार को थी। बुधवार को ही राज्यपाल ने समीक्षा बैठक को लेकर गृहमंत्री को राजभवन में बुलाया गया था। ऐसी स्थिति में गृहमंत्री का सुरक्षा कारणों से राजभवन न जाना कहां का संवैधानिक अवमानना है, समझ से परे हैं।
विकास उपाध्याय ने बुधवार को ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बुलाई गई समीक्षा बैठक में शरीक होने की बात पर भी स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा है कि चूंकि कांग्रेस प्रभारी के संपर्क में सम्मिलित होने वालों में मुख्यमंत्री भी थे और वे हमारे पार्टी के ही थे। ऐसी स्थिति में उनकी बैठक में सम्मिलित होना इसलिए भी तर्कसंगत था कि कांग्रेस प्रभारी के संपर्क में वे गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ थे। परन्तु इसका अर्थ यह नहीं कि राज्यपाल को भी किसी संक्रमण के खतरे में डाल देना उचित होता। चूंकि राज्यपाल अनुसुईया उइके राजभवन में पूरी तरह से सुरक्षित और ऐसी कोई क्वारेंटाइन की स्थिति में आए के संपर्क में नहीं थीं। यह बैठक रखी गई थीं, जहां गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की वजह से कोविड-19 को लेकर कोई बात हो जाए,इसको लेकर स्वयं गृहमंत्री गंभीर थे। इसका ध्यान रखना बेहद ही जरूरी था। इस पूरी बात की जानकारी राजभवन को दे दी गई थी। ऐसे में भाजपा नेताओं की ओर से गृहमंत्री को लेकर उठाई गई अशिष्ट आचरण से लेकर, संवैधानिक अवमानना की बात करना पूरी तरह से गलत है।

 

14-10-2020
विकास उपाध्याय का मुरैना में धुंआधार प्रचार जारी, कमलनाथ के साथ मंच पर कहा-फिर से बनेगी कांग्रेस की सरकार

रायपुर/मुरैना (मध्यप्रदेश)। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय मध्यप्रदेश उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार शुरू कर दिए हैं। मुरैना जिले के सुमावली विधानसभा सीट में कांग्रेस प्रत्याशी अजब सिंह कुशवाहा के प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ मंच साझा किया। विकास उपाध्याय ने कहा है कि मध्यप्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनना निश्चित है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने छत्तीसगढ़ से कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय को ऑब्जर्वर बनाकर भेजा है। विकास उपाध्याय पिछले दो दिनों से मुरैना जिले के सुमावली विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी अजब सिंह कुशवाहा के पक्ष में धुंआधार प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान विकास उपाध्याय ने जिला कांग्रेस कमेटियों की बैठक ली। साथ ही ब्लॉक अध्यक्षों की भी बैठक बुलाकर एक-एक बूथ के लिए रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पक्ष में वोट मिलना बूथ मैनेजमेंट की ही मुख्य जिम्मेदारी होती है। इस पर किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
इस बीच बुधवार को मुरैना के सुमावली विधानसभा में आयोजित विशाल रैली के मंच में विकास उपाध्याय ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता सिर्फ कमलनाथ जैसे नेता के हाथों ही सुरक्षित हैं। उन्होंने मतदाताओं से आव्हान किया कि जिस भारतीय जनता पार्टी ने एक योजना के तहत चुनी हुई सरकार को मध्यप्रदेश में गिराने का काम किया, आज इस उपचुनाव के माध्यम से जवाब देने का अवसर है। विकास उपाध्याय ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर कमलनाथ सरकार ने चंद महिनों में ही जिस तरह से मध्यप्रदेश की जनता को और किसानों के हित में कर्ज माफी से लेकर तमाम वो निर्णय चंद मिनटों में लेकर एक संदेश दिया था। आज फिर से आप लोगों को मौका मिला है कि कांग्रेस प्रत्याशी को जीत दिलाकर फिर से एक बार कमलनाथ को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाएँ। विकास उपाध्याय ने दावे के साथ कहा कि उपचुनाव के परिणाम के बाद मध्यप्रदेश में फिर से एक बार कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। कमलनाथ की ओर से किए गए कार्यों को जनता शिवराज सिंह चौहान के कुर्सी में आने के बाद समझ रही है। निश्चित तौर पर हो रहे उपचुनाव में 25 से भी ज्यादा सीटें कांग्रेस जीत हासिल कर सत्ता में पुन: वापसी करेगी।

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