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26-08-2021
बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन ए और आइएफए सिरप, जानिए कब और कहां

रायपुर। शिशु संरक्षण माह के तहत रायपुर जिले में मंगलवार व शुक्रवार को आंगनबाड़ियों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। बच्चों को विटामिन ‘ए‘ और आईएफए सिरप पिलाई जा रही है। यह अभियान इस माह के 27 और 31 तारीख के साथ-साथ सितंबर माह में 3,7 , 14 ,17, 21, 24 व 28 तारीख को भी चलाया जाएगा। इसी तरह आयरन सिरप/गोली के साथ-साथ शिशुओं और गर्भवती माताओं का टीकाकरण भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि विटामिन-ए जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों का हिस्सा है,जो कि शरीर की कई प्रक्रियाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक होता है।

6 माह से 5 वर्ष के बच्चों को 6-6 माह के अंतराल में विटामिन-ए पिलाना चाहिए। विटामिन-ए त्वचा, हडियों और शरीर के अन्य कोशिकाओं को मजबूत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन-ए में एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होता हैं। विटामिन-ए आंखों की बीमारियों के खतरे को कम करता है और रंतौधी से बचाता है। इसी तरह आयरन शरीर और दिमाग दोनों में ऑक्सीजन सप्लाई में मदद करता है। इससे शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से एनर्जी आती है। आयरन कम होने के कारण थका हुआ और चिडचिडापन महसूस होता है। एनीमिया से बचाने में आयरन मददगार होता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने के लिए भी आयरन आवश्यक है।

16-08-2021
Video: दुर्ग जिले का पहला ऑक्सीजन प्लांट जनता को समर्पित, जिला कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भूरे ने किया उद्घाटन

भिलाई। कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे ने जिले के पहले ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया। राम नगर सुपेला स्थिति स्पर्श हॉस्पिटल में पहले प्राइवेट क्षेत्र के ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जिस तरह से लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया है। तीसरी लहर को देखते हुए उसकी तैयारी के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। जो निकट भविष्य में और भी अस्पतालों में लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत शासन प्रशासन के सहयोग से यह ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है।

इसके बाद ऑक्सीजन सिलेंडरों पर निर्भरता खत्म होगी। इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ.संजय गोयल ने कहा कि कोरोना का काल के दौरान जिस तरह से मरीजों को ऑक्सीजन की कमी के लिए परेशान होना पड़ा उसी समय अस्पताल प्रबंधन ने निश्चय किया था कि जैसे ही हालात को सुधरेंगे ऑक्सीजन प्लांट के लिए कोशिश की जाएगी,जिसका प्रतिफल है कि आज उक्त प्लांट लगाया गया है। इसका लाभ जिलेवासियों को मिलने लगेगा। इसकी शुरुआत आज से की गई है। और निकट भविष्य में कोशिश की जाएगी कि इस प्लांट का लाभ दूसरे भी लोगों को मिले मीडिया से बातचीत करते हुए अस्पताल प्रबंधन के दूसरे ट्रस्टी डॉक्टर दीपक वर्मा ने कहा कि अब अस्पताल में जटिल सर्जरी भी की जा सकेगी। इसके लिए सुविधाएं उपलब्ध हो गई है। इसमें ब्रेन टयूमर सर्जरी एवं कटे-फटे उंगलियों व अंगो का जोड़ने के साथ कई अन्य ऑपरेशनओं की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। कार्यक्रम का मुख्य भाषण डॉ.एपी सावंत ने दिया। इस दौरान दुर्ग जिला सीएमएचओ डॉ.गंभीर सिंह ठाकुर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। 

 

12-08-2021
ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्थापना का कार्य शीघ्र पूरा करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने कोविड-19,की तीसरी लहर से आम लोगों की सुरक्षा और बेहतर इलाज मुहैया कराने मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सक्ती में अधिक से अधिक कोविड मरीजों को इलाज सुविधा मिल सके इसके लिए बेडों की संख्या बढ़ाने कार्रवाई शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आज सक्ती प्रवास के दौरान उनके द्वारा सक्ती शहर की विशेषताओं और कमियों की स्थानीय अधिकारियों से चर्चा कर जानकारी ली गई है। उन्होंने कहा कि सक्ती शहर के विकास और सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना बनाई जाएगी और उसका क्रियान्वयन कर शहर को सुविधा संपन्न और विकसित करने की कार्रवाई की जाएगी।


सक्ती प्रवास के दौरान कलेक्टर ने सक्ती के सामुदायिक स्वास्थ्य  केंद्र परिसर में स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता के अनुसार सभी बेड में ऑक्सीजन पाइप लाइन कनेक्शन का कार्य शीघ्र पूरा करने की कार्रवाई करें। ताकि प्लांट तैयार होते ही ऑक्सीजन सप्लाई सुव्यवस्थित हो  सके और मरीजों को इसका लाभ मिल सके।  कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग (ईएण्डएम) के अधिकारियों से कहा कि प्लांट की क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर और बिजली सप्लाई की समुचित व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र भवन और पुराने जर्जर भवन का भी निरीक्षण करते हुए उसकी मरम्मत कराने तथा कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में बेडों को व्यवस्थित करने के निर्देश बीएमओ को दिए।

 

29-07-2021
कलेक्टर ने किया जिला चिकित्सालय के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का निरीक्षण

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने जांजगीर जिला अस्पताल के पीछे स्थापित ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट के शेष कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश सीएमएचओ को दिए। कलेक्टर ने ऑक्सीजन प्लांट से दैनिक जेनरेट होने वाली मेडिकल ऑक्सीजन की मात्रा को पोर्टल में नियमित अपडेट कराने के निर्देश दिए। इस प्लांट से ट्रामा सेंटर, डीआरडीओ, जिला अस्पताल को ऑक्सीजन पाइप लाइन से जोड़ा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बंजारे ने बताया कि इस प्लांट की प्रति मिनट 500 लीटर मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता है। इसके पूर्व कलेक्टर ने महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र कार्यालय का निरीक्षण किया और महाप्रबंधक वासनिक से विभागीय योजना के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए उन्हें उद्योगों, हितग्राहियों से संबंधित योजनाओं के सकारात्मक क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

 

22-07-2021
ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई मौत के बयान पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ याचिका दायर

नई दिल्ली। ऑक्सीजन से कोई मौत नहीं होने के बयान का मामला अब अदालत पहुंच चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और राज्य स्वास्थ्य मंत्री भारती प्रवीण के खिलाफ मुजफ्फरपुर की सीजेएम की कोर्ट में गुरुवार को परिवाद दाखिल किया गया। अदालत ने सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तारीख तय की है। अहियापुर के भिखनपुरा निवासी तमन्ना हाशमी ने अपने अधिवक्ता सूरज कुमार के माध्यम से परिवाद दर्ज कराया है। इसमें राज्यमंत्री भारती प्रवीण के बयान पर आपत्ति जताई गई है। साथ ही कहा है कि उनके गांव में ही कई लोगों की जान वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की कमी के कारण चली गई। शिकायतकर्ता ने राज्यमंत्री के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया है। कोर्ट ने परिवाद को स्वीकार कर लिया है। इस मामले की सुनवाई 28 जुलाई को होगी।


गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछा गया था कि क्या ऑक्सीजन की कमी से कोविड-19 के मरीजों की बड़ी संख्या में सड़क पर और अस्पतालों में मौत हुई थी। राज्यसभा में सरकार ने बताया कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोरोना से होने वाली मौतों की जानकारी नियमित आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को देते हैं। लेकिन किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौत को लेकर जानकारी नहीं दी है।

 

18-06-2021
विकास उपाध्याय ने कहा-राहुल गांधी के 50वें जन्मदिन पर पश्चिम विधानसभा में लगाए जाएंगे 50 हजार पौधें 

रायपुर। कोरोना काल में आॅक्सीजन की कमी पर पूरे देश में दिक्कतें आई हैं। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय 19 जून को राहुल गांधी के जन्मदिवस पर अपने विधानसभा क्षेत्र में पौधे लगाकर जन्मदिवस को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा  है कि एक स्वस्थ पेड़ हर दिन लगभग 230 लीटर आॅक्सीजन छोड़ता है, इससे 7 लोगों को प्राण आयु मिल सकती है। राहुल गांधी के जन्मदिवस पर पूरे पश्चिम विधानसभा में शनिवार से सप्ताह भर चलने वाले इस पौधरोपण कार्यक्रम के तहत 50,000 पौधे लगाए जाएंगे।

विकास उपाध्याय ने इस वर्ष राहुल गांधी का जन्मदिवस कोरोना काल में आई सबसे बड़ी समस्या व किल्लत आॅक्सीजन की कमी को लेकर इसकी पूर्ति प्राकृतिक रूप से करने, पूरे विधानसभा क्षेत्र के एक-एक घरों में पेड़ लगाकर उन्हें समर्पित करेंगे। इसकी तैयारी शुक्रवार से शुरू कर दी गई है। चिन्हित स्थलों तक 20,000 पौधे वितरित करने भिजवा दिए गए हैं। इसे शनिवार को विकास उपाध्याय विभिन्न स्थलों में स्वयं इसे वितरित कर शुभारंभ करेंगे। 
विकास उपाध्याय ने कहा है कि उनका लक्ष्य पूरे पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को पूरी तरह से हरा-भरा करने का है। इसके साथ ही वे उन लोगों को भी जागरूक करेंगे, जिनके घरों में पेड़ लगाने की जगह नहीं है, वे गमलों में पौधे लगाकर वातावरण को हरा-भरा रखें। विकास उपाध्याय ने पेड़ों से मुख्य रूप से पांच फायदे होते हैं, जिसे समझने की जरूरत है। एक तो वातावरण में आॅक्सीजन की कमी नहीं होती, मिट्टी के क्षरण को रोकती है, भू जल स्तर बने रहता है एवं वायु मण्डल के तापक्रम को कम करने में सहायक होती है।

राहुल गांधी के जन्मदिवस पर 19 जून को निर्धारित कार्यक्रम के तहत विकास उपाध्याय एक ही दिन में कुल 20,000 पौधे वितरित करेंगे।  लोगों के घरों में वृक्ष रोपित करने जागरुकता लाएंगे,जो लगातार एक सप्ताह तक जारी रहेगा। इस बीच पूरे विधानसभा क्षेत्र में राहुल गांधी के 50वें जन्मदिवस पर 50,000 पौदे लगाए जाने का लक्ष्य है। इस पूरे सप्ताह कांग्रेस के कार्यकर्ता लोगों के घरों में जाकर पौधे लगाने प्रेरित करेंगे।
रायपुर पश्चिम विधानसभा के इन क्षेत्रों में होगा पौधों का वितरण :
दुर्गा माता मंदिरअशोक नगर गुढ़ियारी साईं मंदिर,गोल चौक डीडी नगर, गणेश मंदिरअग्रसेन चौक नगर निगम कॉलोनी,दुर्गा मंदिर,शिवानंद नगर खमतराई,हनुमान मंदिरआमानाका चौक, हनुमान मंदिर,गोकुल नगर (रामनगर) गुढ़ियारी,रामजानकी मंदिर कोटा, गुरुद्वारा के पास, हीरापुर,शीतला माता मंदिर टाटीबंध, हनुमान मंदिर,जी.ई.रोड, रामकुंड।

05-06-2021
कोरोना से सचेत रहने मंत्री लखमा ने दिया ज़ोर, दो ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट को ज़िले में मिली स्वीकृति

धमतरी। जिले में दो ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्वीकृति मिली है। जहां जिला अस्पताल धमतरी में 225 सिलेण्डर प्रतिदिन भरने की क्षमता वाला प्लांट लगाया जाएगा, वहीं भखारा में 125 ऑक्सीजन सिलेण्डर क्षमता वाला प्लांट स्थापित किया जाएगा। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए भावी तैयारियों के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डीके तुर्रे ने जानकारी बैठक में दी। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने ज़िला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने धमतरी ज़िले में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए किए गए उपाय और प्रयासों को सराहा। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि खतरा अभी टला नहीं है इसलिए पहले से ज़्यादा एहतियात बरतने की ज़रूरत है। इस दौरान डॉ.तुर्रे ने बताया कि वर्तमान में जिले में 400 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। कोरोना से ग्रसित मरीजों के लिए जिले के दो डेडिकेटेड कोविड अस्पताल सहित सात कोविड केयर सेंटर में कुल 310 बिस्तरों में सेंट्रल पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था की गई है।  इसके अलावा 12 निजी अस्पतालों को कोविड केयर सेंटर के रूप में उपचार की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि ज़िले में अब तक 26,105 पॉजिटिव प्रकरणों में 24,789 लोग ठीक हो चुके हैं और मृत्यु दर कुल पॉजिटिव प्रकरण का 2 प्रतिशत (याने 539 लोगों की मृत्यु हुई) है। इस तरह कोरोना से बीमार हुए मरीजों की रिकवरी दर 95 प्रतिशत और पॉजिटिविटी दर 9 प्रतिशत है। इसलिए अभी भी लोगों को सावधानी बरतते हुए भीड़ भाड़ वाले इलाके में जाने , बिना मास्क नहीं निकलने और साफ सफाई बनाए रखने की हिदायत दी जा रही।
बैठक में कैबिनेट मंत्री लखमा ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत किए गए कार्यों और मजदूरी भुगतान की प्रगति की जानकारी ली।


बैठक में स्वामी आत्मानंद अंगेजी माध्यम स्कूल की स्थिति की समीक्षा के दौरान ज़िला शिक्षा अधिकारी डॉ.रजनी नेल्सन ने बताया कि बठेना स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 345 बच्चों की भर्ती कर पढ़ाई पढ़ाई शुरू कर दी गई है और यहां संसाधनों की पूर्ति हो गई है। उन्होंने बताया कि हर ब्लॉक में एक-एक स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल बनना है। कुरूद में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नगरी में श्रृंगी ऋषि उच्चतर माध्यमिक शाला, मगरलोड में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भैंसमुंडी का चिन्हांकन कर लिया गया है।  अधोसंरचना विकास के लिए 43-43 लाख रुपए प्रति स्कूल की दर से मिला है और प्राक्कलन लोक निर्माण विभाग से प्राप्त हो चुका है। प्रभारी मंत्री ने इस कार्य को तेज़ी से करने के निर्देश दिए हैं। आगामी खरीफ मौसम के मद्देनजर किसानों को समय पर धान बीज और उर्वरक उपलब्ध कराए जाने पर प्रभारी मंत्री ने बैठक में ज़ोर दिया। इस मौके पर उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रगति की समीक्षा की। शेष धान का उठाव भी जल्द कराने के निर्देश कैबिनेट मंत्री ने दिए। आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए प्रभारी मंत्री लखमा ने आयुक्त नगरपालिक निगम धमतरी को निर्देशित किया है कि वे नगरीय क्षेत्रों में अभियान चलाकर सभी नाली और नालों की सफाई करा लें ताकि पानी जमाव की समस्या ना हो। इस मौके पर लोक निर्माण, आदिवासी विकास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, जल संसाधन सहित अन्य विभागों की गतिविधियों की समीक्षा भी की गई। प्रभारी मंत्री ने बैठक के अंत में सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी सामंजस्य से शासन की महत्ती योजनाओं को मैदानी स्तर पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। इस दौरान विधायक सिहावा डॉ.लक्ष्मी ध्रुव, धमतरी विधायक रंजना साहू, महापौर नगरपालिक निगम धमतरी विजय देवांगन, ज़िला पंचायत अध्यक्ष कांति सोनवानी, उपाध्यक्ष निशु चंद्राकर, शरद लोहाणा, पुलिस अधीक्षक बीपी राजभानू सहित अन्य ज़िला स्तरीय अधिकारी और वीसी के ज़रिए एसडीएम सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

 

01-06-2021
2 जून को अमरजीत भगत करेंगे ऑक्सीजन बेड कोविड आइसोलेशन वार्ड का उद्घाटन

रायपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोगता संरक्षण मंत्री अमरजीत सिंह भगत 2 जून को सरगुजा जिले के सीतापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ऑक्सीजनयुक्त 20 बिस्तरीय कोविड आइसोलेशन वार्ड का उद्घाटन करेंगे। मंत्री भगत बुधवार सुबह 11 बजे गृह ग्राम बौरीपारा से मंगरैलगढ़ से सीतापुर पहुंचेंगे। कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं बचाव के लिए जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुरक्षा के मापदंड के साथ-साथ शासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने लोगों को जागरुक करेंगे। मंत्री भगत इसके बाद दोपहर 3:30 बजे सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बने 20 बिस्तर वाले कोविड आइसोलेशन वार्ड का शुभारंभ करेंगे।

 

29-05-2021
केंद्र सरकार की लापरवाही के कारण ऑक्सीजन संकट खड़ा हुआ और लोगों की जानें गईं: प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी के लिए केंद्र सरकार की ‘लापरवाही’ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगर केंद्र ने पहली एवं दूसरी लहर के बीच मिले समय में योजनाबद्ध ढंग से तैयारी की होती तो इस संकट को टाला जा सकता था। उन्होंने यह भी पूछा कि मोदी सरकार ने अपने ही विशेषाधिकार प्राप्त समूह की ऑक्सीजन संकट की सलाह को दरकिनार क्यों किया? उन्होंने कहा, ‘महामारी की मार के पहले तक ऑक्सीजन को प्राथमिक रूप से औद्योगिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाता था, इसलिए भारत के पास ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाले विशेष रूप से बनाये गए क्रायोजेनिक टैंकरों की संख्या 1200- 600 थी। कोरोना की पहली लहर एवं दूसरी लहर के बीच मोदी सरकार ने इन टैंकरों की संख्या बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं किया।’उन्होंने दावा किया, ‘भारत ऑक्सीजन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, लेकिन केंद्र सरकार की लापरवाही के कारण कोरोना की दूसरी लहर के समय ऑक्सीजन संकट खड़ा हुआ और लोगों की जानें गईं। केंद्र सरकार ने 150 ऑक्सीजन संयंत्र चालू करने के लिए बोली लगाई थी, लेकिन उनमें से ज्यादातर संयंत्र अभी भी चालू नहीं हो सके हैं।’ प्रियंका ने यह आरोप भी लगाया, ‘इस संकट काल में भी मोदी सरकार ने लोगों की जेब काटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। संसद की स्वास्थ्य मामलों की स्थाई समिति ने सरकार को पहले ही सुझाया था कि केंद्र सरकार को ऑक्सीजन सिलेंडर के दाम नियंत्रित करने के प्रयास करने होंगे, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत पिछले साल 4000 रूपए थी वहीँ एक साल में बढ़कर 7000 रूपए हो गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले एक साल दौरान केंद्र सरकार ने कोरोना पर विजय घोषित की, संसद के अंदर मंत्रियों ने इस विजय के लिए प्रधानमंत्री का स्तुतिगान भी किया। देश के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों से चेतावनी के बावजूद केंद्र ने दूसरी लहर के खतरे को अनदेखा किया।

 

17-05-2021
कोरोना से लड़ने एक और दवा लॉन्च, नई मेडिसीन '2-डीजी' करेगी मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता कम

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच कोरोना वायरस की एक नई दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) देश में लॉन्च हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित इस दवा की पहली खेप जारी की। कोविड-19 के मध्यम लक्षण वाले तथा गंभीर लक्षण वाले मरीजों पर 2-डीऑक्सी-डी-ग्लुकोज (2-डीजी) दवा के आपातकालीन इस्तेमाल को भारत के औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। रक्षा मंत्रालय ने 8 मई को एक बयान में कहा था कि 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) के क्लीनिकल परीक्षण में पता चला है कि इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही इस दवा से मरीज जल्दी ठीक होते हैं।
इस दवा को ऐसे समय में मंजूरी मिली है जब भारत कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के चपेट में है और देश के स्वास्थ्य ढांचे पर इसका गहरा असर पड़ा है। कोविड-19 रोधी इस दवा को डीआरडीओ की अग्रणी प्रयोगशाला नाभिकीय औषधि तथा संबद्ध विज्ञान संस्थान (इनमास) ने हैदराबाद के डॉक्टर रेड्डीज प्रयोगशाला के साथ मिलकर विकसित किया है। यह दवा एक सैशे में पाउडर के रूप में उपलब्ध रहेगी जिसे पानी में मिलाकर मरीजों को पीना है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिक डॉ.सुधीर चांदना ने कहा है कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है और रोगियों को तेजी से ठीक होने में मदद करेगा। 2-डीजी को हैदराबाद स्थिति डॉक्टर रेड्डी लैबोरेट्रीज (डीआरएल) के सहयोग से डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की एक प्रयोगशाला इनमास (INMAS) द्वारा विकसित किया गया है। डॉ.चंदना ने कहा कि क्लिनिकल ट्रायल के दौरान इस दवा ने कोरोना संक्रमित रोगियों को ठीक करने में एक प्रभावी परिणाम दिया है। यह दवा दूसरे चरण में लगभग 110 रोगियों पर नैदानिक परीक्षणों से गुजरी है। तीसरे चरण में, इसे 220 रोगियों पर आज़माया गया था। दवा ने चरण दो में बेहतर प्रभावकारिता दिखाई गई। डॉ.चंदना ने कहा है कि यह दवा कोरोना के मरीजों को दो से तीन दिन के अंदर ठीक करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि तीसरे चरण में यह देखा गया है कि रोगियों में इसके इस्तेमाल से तीसरे दिन तक ऑक्सीजन की निर्भरता 42 प्रतिशत कम हो सकती है। डॉक्टर ने कहा है कि इस डेटा ने संकेत दिया है कि जब इस दवा का उपयोग मानक देखभाल के साथ करते हैं तो ऑक्सीजन निर्भरता बेहतर तरीके से कम हो जाती है। 

17-05-2021
भूपेश बघेल के 20 फीसदी ऑक्सीजन के औद्योगिक उपयोग के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने मांगा प्रस्ताव

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर हुई चर्चा और इसके पहले पीएम की मुख्यमंत्रियों के साथ ली गई वीडियो कांफ्रेसिंग में कोरोना की स्थिति में सुधार और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए स्टील उद्योगों को 20 फीसदी आक्सीजन के उपयोग की अनुमति देने का अनुरोध किया था। पीएम मोदी ने इस पर विचार का आश्वासन दिया था। इसके बाद सीएम बघेल से फोन पर हुई चर्चा में केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा था। इस पर सीएम बघेल ने आज केन्द्रीय मंत्री गोयल को पत्र लिखकर स्टील उद्योगों को छत्तीसगढ़ में उत्पादित ऑक्सीजन की 20 प्रतिशत मात्रा के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है।

सीएम ने केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भेेजे पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की विभिन्न इकाईयों की कुल दैनिक ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता 462 मीट्रिक टन है। सामान्य परिस्तिथियों में राज्य की स्टील निर्माता कम्पनियों को ऑक्सीजन निर्माताओं द्वारा ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। कोरोना महामारी के इस बढ़ते प्रकोप के कारण केंद्र सरकार ने देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादित ऑक्सीजन के औद्योगिक उपयोग पर रोक लगा दी थी। राज्य सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि राष्ट्रीय आपदा की घड़ी में राज्य के सभी ऑक्सीजन उत्पादकों द्वारा अनेक राज्यों को उनकी आवश्यकता एवं माँग के अनुरूप ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाए।

15 मई की स्थिति में राज्य के कोरोना मरीजों के उपचार के लिए 114.93 मीट्रिक टन तथा अन्य राज्यों को 175.27 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। जबकि 28 अप्रैल की स्थिति में राज्य की ऑक्सीजन की कुल आवश्यकता 149.83 मीट्रिक टन तथा अन्य राज्यों की कुल आवश्यकता 340.18 मीट्रिक टन की आपूर्ति राज्य के ऑक्सीजन निर्माताओं द्वारा की गई। सीएम ने उल्लेख किया है कि कोरोना महामारी की स्थिति में निरन्तर सुधार हो रहा है। ऑक्सीजन उत्पादक इकाईयों को ऑक्सीजन की मांग के अभाव में क्षति हो रही है तथा ऑक्सीजन की कमी के कारण राज्य की सभी स्टील निर्माता इकाईयां बंद पडी है, जिसके कारण लाखों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इन परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए अनुरोध है कि राज्य की स्टील निर्माता इकाईयों को राज्य में उत्पादित 20 प्रतिशत मात्रा (92 मीट्रिक टन) के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का कष्ट करें। भविष्य में किसी भी समय अतिरिक्त मेडिकल ऑक्सीजन की मांग यदि उत्पन्न भी होती है, तो स्टील निर्माता इकाईयों को ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकी जा सकती है।

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