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19-09-2020
डीईओ कार्यालय में ताला, शिकायतों को लेकर भटक रहे हैं पालक

रायपुर। कोरोना महामारी के कारण बढ़ते मरीजों की संख्या और शिक्षा विभाग में पॉजिटिव लोगों की बढ़ती संख्या के कारण कार्यालय को बंद कर दिया गया है, लेकिन यह एक समय है जब पालकों और प्रायवेट स्कूलों के बीच टकराव चरम सीमा पर है। पालक परेशान है क्योंकि प्रायवेट स्कूलों के द्वारा उनके बच्चों को ऑनलाइन क्लासेस से बाहर किया जा रहा है। नेता, अधिकारी और प्रायवेट स्कूलों के बीच हुए समझौते सिर्फ अखबारों की सुर्खियां बन कर रहा गया है, लेकिन पालकों और उनके बच्चों को कोई राहत नहीं मिल पाया। पालक अब इन नेताओं, अधिकारी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब कोई सुनने को तैयार नहीं है, क्योंकि अभी भी सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। जिम्मेदार शिक्षा अधिकारी नेताओं के साथ फोटो खिचाने के बाद से लापता है, क्योंकि उनके कार्यालय में अब ताला लग चुका है और पालक अपनी शिकायत लेकर भटक रहे हैं। कानून और कई सख्त कार्यवाही करने के संबंध में जारी पत्र अब भी बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दिलाने में नाकाफी साबित हो रहे हैं।

ट्यूशन फीस को लेकर परेशान पालक अब तक नहीं समझ पाए है कि प्रायवेट स्कूलों द्वारा मांगी जा रही फीस क्या सिर्फ ट्यूशन फीस ही है, क्योंकि प्रायवेट स्कूलों के द्वारा वही फीस अब ट्यूशन फीस के नाम से लिया जा रहा है जो बीते वर्ष कई मदों में लिया जा रहा था। परिवहन शुल्क माफ कर दिया गया यही फीस में छुट में अब पालकों को दिया जा रहा जबकि स्कूल बस तो वैसे भी स्कूल बंद होने के कारण इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। कुल मिलकार प्रायवेट स्कूलों को सरकार का मौन समर्थन है और इसका कारण अब कोरोना बताया जा रहा है, जिसके कारण प्रायवेट स्कूलों पर कार्यवाही नहीं किया जा सकता है। अधिकारी संक्रमित हो गए है और कर्मचारी भी संक्रमित हो रहे है, कार्यालय में कर्मचारी नहीं है, इस कोरोना का खतरा बढ़ते जा रहा है। इसलिए अब कार्यालय में ताला जड़ दिया गया है। पालक और उनके बच्चे अब भगवान भरोसे हैं, जिनके पास पैसा है वही पढ़ेगा और ऐसा ही बढ़ेगा इंडिया।

04-07-2020
नियम विरुद्ध पदोन्नति मामले में शिक्षा कार्यालय धमतरी के दो कर्मचारियों का डिमोशन....

धमतरी। नियम विरुद्ध पदोन्नति के मामले में डीईओ कार्यालय में पदस्थ वरिष्ठ लेेेखा परीक्षक रमेश कुमार देवांगन तथा सहायक वर्ग दो लेखनराम साहू का डिमोशन किया गया है। 6दोनों की शिकायत प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने की थीं, जिसके बाद तत्कालीन कलेक्टर रजत बंसल ने जांच समिति का गठन किया था। समिति के डिप्टी कलेक्टर और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग धमतरी को शामिल किया गया था। समिति ने जांच कर प्रतिवेदन सौंपा,जिसके आधार पर पदोन्नति निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा पदोन्नति समय के पहले दे दी गई,जिनमें पदोन्नति के लिए शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं हुआ है। जांच पश्चात रायपुर के सम्भाग आयुक्त ने दोनों के पदोन्नति आदेश को निरस्त कर दिया। रमेश देवांगन पुनः लेखपाल बनाए गए है तथा लेखनराम के संबंध में निर्णय पदोन्नति समिति द्वारा लिया जाएगा। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

 

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