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06-08-2020
अगर राम मंदिर भाजपा और आरएसएस बनवा रही है तो छत्तीसगढ़ के धर्माचार्यों को क्यों नहीं दिया निमंत्रण?

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी से गंभीर सवाल करते हुये कहा कि जब धर्म नगरी अयोध्या में भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम के भव्य मंदिर का भूमि पूजन कार्यक्रम हो रहा था तब भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई यह प्रचारित करने में जुटी हुई थी कि राम मंदिर का निर्माण का फैसला भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद का है और इसका पूरा श्रेय वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देने का भ्रामक प्रचार कर रहे थे। जबकि राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद का फैसला सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किया गया और इस फैसले का स्वागत पूरे देश के 130 करोड़ जनता ने किया। यह किसी राजनीतिक पार्टी या किसी स्वयंसेवी संगठन के द्वारा लिया गया फैसला नहीं था। यह फैसला देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिया गया फैसला था। तिवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को यह बताना चाहिए कि अगर यह मंदिर निर्माण का श्रेय भारतीय जनता पार्टी को जाता है तो क्या कारण थे कि प्रदेश के शिवरीनारायण मठ के प्रमुख महंत रामसुंदर दास, गुरु घासीदास बाबा के वंशज, कबीरदास साहब के वंशज और आदिवासी समाज जो कि वनवास के समय भगवान श्री राम, सीता माता और लक्ष्मण की सहायता की थी उन्हें अयोध्या के मंदिर निर्माण के भूमि पूजन में भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस ने आमंत्रित क्यों नहीं किया? जबकि इन्हीं के आशीर्वाद से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह 15 साल से प्रदेश में मुख्यमंत्री के पद में सुशोभित थे और प्रदेश में भाजपा की सरकार थी।

वहीं दूसरी ओर जब रायपुर स्थित राम मंदिर से छत्तीसगढ़ की पावन माटी और विभिन्न स्थानों का पवित्र जल लेकर जब सिंधी समाज के प्रमुख युधिष्ठिर लाल महाराज अयोध्या की ओर प्रस्थान कर रहे थे तब चंद कदम दूर मौलश्री विहार के महलनुमा कोठियों में निवासरत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कौशल्या माता के मायके की माटी और पवित्र जल को रवाना करने के लिए राम मंदिर नहीं पहुंचे और इस कार्यक्रम से दूरी बना ली। और दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व मंत्रीगण रायपुर स्थित राम मंदिर पहुंचकर पूजा पाठ के कार्यक्रम में शामिल हुए। माता कौशल्या के मायके से धर्म गुरुओं को आमंत्रित नहीं करके भारतीय जनता पार्टी विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या संदेश देना चाहते हैं स्पष्ट करें।

19-05-2020
सवाल आरएसएस से और जवाब भाजपा दे रही है,ये रिश्ता क्या कहलाता है : विकास तिवारी

रायपुर। आरएसएस पर सवाल उठाने पर भाजपा के जवाब पर कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सवाल करने पर भाजपा जवाब देती है ये रिश्ता क्या कहलाता है। तिवारी ने कहा है कि कोरोना महामारी के समय जब लाखों मजदूर रोड में बेहाल चल रहे हैं,उनकी रोजी-रोटी छीन गयी है और आरएसएस इस कठिन समय में कहां है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने मोहन मरकाम के सवालों का जवाब देना मुनासिब समझा। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हर बार यह कहता है कि उसका कोई राजनीति से लेना देना नहीं है और ना भारतीय जनता पार्टी के कामों में वह दखलअंदाजी करती हैं ना ही भारतीय जनता पार्टी को कोई आदेश देती है लेकिन जब सवाल सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से था तो जवाब भारतीय जनता पार्टी के द्वारा दिया जाना इसे स्पष्ट हो जाता है कि आरएसएस और भाजपा सिक्के के दो पहलू हैं और आरएसएस भाजपा को चुनाव जिताने में मदद करती है और बदले में अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब भाजपा से ही दिलवाती है।

 

19-05-2020
मोहन मरकाम ने धरमलाल कौशिक से पूछे 5 सवाल

रायपुर। धरमलाल कौशिक के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने 5 सवाल पूछे हैं। आरएसएस के विषय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि धरमलाल कौशिक आरएसएस के बारे में जानकारी देना ही चाहते हैं तो 5 सवालों का जवाब ही दे दें। मोहन मरकाम ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गठन 1925 में हुआ था और 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ। देश की आजादी की लड़ाई के अंतिम 22 वर्षों में संघ अस्तित्व में था और इस दौरान आजादी की लड़ाई में संघ की भूमिका को लेकर पांच सवाल का जवाब चाहिए। 

मोहन मरकाम ने कौशिक से क्रमशः पूछा है कि आजादी की लड़ाई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कितने लोगों ने भाग लिया ? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कितने लोग जेल गये ? आरएसएस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कितने लोग शहीद हुए ? अंग्रेजों से आरएसएस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के और संघ विचारधारा के कितने लोगों ने माफी मांगी ? आजादी की लड़ाई के सिपाहियों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के खिलाफ अंग्रेजों की मुखबिरी में आरएसएस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कितने लोग शामिल थे ?

18-05-2020
मोहन मरकाम ने आरएसएस को घेरा, कहा- कहां गई जनसेवा

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कोरोना त्रासदी के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की निष्क्रियता और चुप्पी पर उसे घेरा है। मरकाम ने कहा है कि जनसेवा का दम भरने वाले खाकी पैंटधारी आरएसएस के कार्यकर्ता कोरोना संकट के समय कहां लापता हो गए हैं? क्यों त्रासदी झेल रहे मज़दूरों की सहायता के लिए आरएसएस के लोग नहीं दिख रहे हैं और वे क्यों नहीं कह रहे हैं कि इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोषी हैं। मरकाम ने कहा है कि भारत को ठीक तरह से समझने वाले आरएसएस को क्या यह समझ में नहीं आ रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में मज़दूरों को सड़कों पर हज़ारों मील पैदल चलने के लिए मजबूर करके केंद्र की मोदी सरकार ने कोरोना से बड़ी एक समस्या खड़ी कर दी है। मरकाम ने कहा है कि सच यह है कि हिंदुओं की भलाई का नारा दरअसल भाजपा को वोट दिलाने तक ही सीमित है। उन्होंने कहा है कि यह किसी से छिपा नहीं है कि आरएसएस किस तरह से भाजपा को नियंत्रित और संचालित करती है। आज आरएसएस के नेताओं को बताना चाहिए कि देश को कोरोना संकट के समय में इस तरह के दूसरे भीषण संकट में डालने के लिए क्या उन्होंने सुझाव दिए थे? और यदि नहीं दिए थे तो आरएसएस चुप क्यों है?

05-04-2020
जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने आगे आया आरएसएस, जनता से दान की अपील

रायपुर। कोरोना संक्रमण के दौर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जरूरतमंदों को भोजन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। संघ ने इस कार्य में सहयोग के लिए जनता से अपील की है। महानगर संघ चालक उमेश अग्रवाल ने कहा कि हम सभी कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के प्रकोप से लॉकडाउन के दौर से गुजर रहे हैं। इस भीषण परिस्थिति में हमारे समाज के कुछ परिवार भोजन की व्यवस्था नहीं कर पा रहे है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रायपुर महानगर ने उन सभी परिवारों को अनाज सामग्री का वितरण यथोचित माध्यम से करने का बीड़ा उठाया है।

इस सेवा कार्य को सफल बनाने के लिए हम सभी मिलकर अपने सामर्थ्य अनुसार आहुति देंगे। इसके लिए प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को चावल 5 किलो, दाल 1 किलो, आलू 2 किलो, तेल और नमक दिया जाएगा। एक किट का मूल्य लगभग 400 रुपए होगा। इस सामग्रियों को जागृति मंडल कार्यालय पंडरी पहुंचाया जा सकता है। उमेश अग्रवाल ने कहा कि इसमें धनराशि देकर भी सहयोग किया जा सकता है। डिटेल में उन्होंने Seva Bharti Central bank of India Main branch Raipur A/c:-3809001368 IFSC code :-CBIN0280803 में सहयोग करने की अपील है।

22-02-2020
भड़काऊ बयान मामले में एआईएमआईएम नेता ने मांगी माफी

नई दिल्ली। एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने शनिवार को अपने भड़काऊ बयान को लेकर माफी मांग ली है। वारिस पठान ने मीडिया के सामने एक पर्चे पर लिखे हुए शब्दों को पढ़ते हुए कहा कि मेरे बारे में जो भी बातें मीडिया में आ रही है वो सब गलत हैं उससे भ्रम फैलाया जा रहा है कि मैं हिन्दू विरोधी हूं। 15 करोड़ मुस्लिम वाले बयान को लेकर वारिस पठान ने कहा कि, मेरे बोलने का ये मतलब नहीं था। बता दें कि इसके पहले मुंबई में मुस्लिम महिलाओं ने वारिस पठान के बयान पर विरोध जताते हुए मुंबई के भायखला में जमकर नारेबाजी की और उसकी तस्वीरों पर जमकर जूते बरसाए। मुस्लिम महिलाओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वारिस पठान जैसे मुस्लिम लोग आरएसएस के एजेंट होते है और ऐसे लोग हिंदू मुस्लिम की एकता में दरार पैदा करने के लिए इस तरह से बयान कर के आरएसएस और भाजपा की मदद करते हैं।

 

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