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17-09-2020
राज्यों का बकाया जीएसटी देने की मांग पर संसद परिसर में विपक्ष ने किया प्रदर्शन

नई दिल्ली। विपक्षी दलों ने गुरुवार को संसद परिसर स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया और राज्यों के बकाया जीएसटी के भुगतान की मांग की। विपक्षी दलों मेंटीआरएस, टीएमसी, डीएमके, आरजेडी, आप, एनसीपी, समाजवादी पार्टी और शिवसेना के सांसदों ने प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि केंद्र ने राज्यों को दो विकल्प दिए थे। केंद्र दृढ़ता से इस बात पर कायम है कि राज्यों को उत्तरोत्तर प्रक्रिया के माध्यम से ऋण लेना चाहिए।दूसरी ओर बड़ी संख्या में राज्य इस बात पर अड़े हैं कि केंद्र को उधार लेना चाहिए और उन्हें जीएसटी एक्ट में किए गए वादे के मुताबिक बकाया का भुगतान करना चाहिए।

दोनों के अपनी-अपनी बात पर अवर्ती से जीएसटी से जुड़ा विवाद गहरा गया है। देश के तकरीबन 10 राज्य ऐसे हैं जो केंद्र की दलील से इत्तेफाक नहीं रखते और वे खुलकर विरोध कर रहे हैं। इन राज्यों का कहना है कि वे केंद्र के प्रस्ताव को ठुकरा देंगे। इन राज्यों की मांग है कि प्रधानमंत्री खुद इस मामले में हस्तक्षेप कर इसे सुलझाएं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, दिल्ली, पुडुचेरी, पंजाब और झारखंड ने खुले तौर पर केंद्र सरकार के प्रस्तावों को खारिज किया है। साथ ही इन राज्यों ने मांग की है कि केंद्र सरकार को उधार लेना चाहिए और राज्यों के बकाया का भुगतान करना चाहिए। 

27-08-2020
परभणी की एपीएमसी में गैर प्रशासक की नियुक्ति को लेकर एनसीपी के साथ मची खींचतान से क्षुब्ध होकर दिया इस्तीफा

रायपुर/मुंबई। महाराष्ट्र के परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव उर्फ बंडू जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। दरअसल जाधव के इस्तीफे को महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी तथा कांग्रेस की मिली जुली सरकार बनने के बाद से जमीनी स्तर पर आपसी सामंजस्य की जगह चलने वाली सियासी खींचतान का ही परिणाम माना जा रहा है। जाधव परभणी में जिंतूर कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) के अहम पद पर शिवसेना कार्यकर्ताओं की नियुक्ति चाहते थे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और इस नियुक्ति में एनसीपी ने बाजी मार ली। इससे क्षुब्ध शिवसेना सांसद बंडू जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र भेजकर अपनी व्यथा बताने के साथ-साथ इस्तीफा भी सौंप दिया है। जाधव ने कहा है कि परभणी की कृषि समिति के गैर प्रशासक पद पर हुई नियुक्ति मेरे लिए बहुत तकलीफदेह होने के साथ ही शिवसेना कार्यकर्ताओं के लिए अपमानजनक है। ऐसी स्थिति में शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ मैं न्याय नहीं कर पा रहा हूं और इसलिए अपना इस्तीफा आपको भेज रहा हूं।

22-06-2020
शंकर सिंह वाघेला ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से तोड़ा नाता, पार्टी के सभी पदों से दिया त्यागपत्र

गांधीनगर। शंकरसिंह वाघेला ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के राष्ट्रीय महासचिव के पद के साथ-साथ पार्टी की सक्रिय सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। वाघेला ने अपने त्यागपत्र में लिखा कि अब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव और हाल ही में हुए कुछ राजनीतिक बदलावों के कारण पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं और तालुका तथा जिला स्तर पर काम करने वालों में निराशा है। गुजरात के बड़े नेताओं में शुमार शंकरसिंह वाघेला मार्च 2019 में शरद पवार की पार्टी एनसीपी में शामिल हुए थे। वह इससे पहले कांग्रेस में थे। करीब दो दशक तक कांग्रेस की सियासत करने के बाद वाघेला ने एनसीपी का दामन थामा था,जिसे अब उन्होंने छोड़ दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव के पद के साथ-साथ पार्टी की सक्रिय सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है।

14-05-2020
विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए उद्धव ठाकरे

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आठ अन्य लोग राज्य विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। इसी के साथ सीएम उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर छाया संवैधानिक संकट टल गया। मालूम हो कि महाराष्ट्र की नौ विधान परिषद सीटों के लिए 14 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार शहबाज राठौर का नामांकन रद्द हो गया था। इसके अलावा चार उम्मीदवारों ने मंगलवार को ही अपने नाम वापस ले लिए थे। इस तरह से नौ सीटों के लिए सिर्फ नौ उम्मीदवार ही बचे थे।

 इसके चलते सभी निर्विरोध चुन लिए गए।एनसीपी ने दो सीटों के लिए चार उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल कराए थे। एनसीपी से अतिरिक्त नामांकन भरने वाले किरण पावस्कर और शिवाजीराव गरजे दोनों ने मंगलवार को अपना नाम वापस ले लिया था। इसके साथ ही एनसीपी के शशिकांत शिंदे और अमोल मिटकरी के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया था। शिवसेना की ओर से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और नीलम गोर्हे विधान परिषद के लिए चुनावी मैदान में थीं। कांग्रेस से राजेश राठौर उम्मीदवार थे।

 

25-02-2020
अप्रैल में खाली हो रही 55 राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को होंगे चुनाव, भाजपा रहेगी बहुमत से दूर

नई दिल्ली। राज्यसभा की अप्रैल में रिक्त हो रही 55 सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होगा। चुनाव आयोग ने मंगलवार को यह घोषणा की। आयोग ने कहा कि राज्यसभा में 17 राज्यों की ये सीटें अप्रैल में रिक्त हो रही हैं। 55 सीटों में सर्वाधिक सात महाराष्ट्र से, छह तमिलनाडू, पांच-पांच सीटें पश्चिम बंगाल और बिहार से, चार-चार सीटें गुजरात और आंध्र प्रदेश से तथा तीन-तीन सीटें राजस्थान, ओडिशा और मध्यप्रदेश से शामिल हैं। राज्यसभा से इस साल जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, रामदास आठवले, दिल्ली भाजपा नेता विजय गोयल, कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भी शामिल हैं।

फिलहाल भाजपानीत एनडीए और अन्य मित्रदलों की सदस्य संख्या राज्यसभा में 106 और अकेली भाजपा की 82 है। जबकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में बहुमत के लिए 123 सदस्यों की आवश्यकता होती है। गौरतलब है कि 2018 और 2019 में भाजपा को कुछ राज्यों में हार का सामना करना पड़ा है, जिसका सीधा असर राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव परिणाम पर पड़ना स्वाभाविक ही है। दूसरी तरफ, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की स्थिति 245 सदस्यीय राज्यसभा में सुधरेगी। इस समय भाजपा के राज्यसभा में 83, और कांग्रेस के 45 सदस्य हैं। समीकरण के हिसाब से राज्यसभा में भाजपा की संख्या 83 के आसपास बनी रहेगी और सदन में बहुमत की उसकी आस फिलहाल पूरी नहीं हो पाएगी। जबकि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और महाराष्ट्र की सत्ता में आने के बाद कांग्रेस को राज्यसभा में अपनी कुछ सीटें बढ़ाने का मौका मिलेगा।

 

08-01-2020
महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा, ठाकरे और फडणवीस के बीच हुई गुपचुप तरीके से मुलाक़ात  

मुंबई। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की गुपचुप मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार फडणवीस और राज ठाकरे की मुलाकात मुंबई के लोअर परेल की इंडिया बुल्स इमारत में हुई। इस बीच एक घंटे तक उनके बीच बातचीत चली। इस मुलाकात में राज्य की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। 23 जनवरी को मुंबई में मनसे का सम्मलेन है और उससे पहले यह भेंट अहम मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो शिवसेना के कांग्रेस-एनसीपी से हाथ मिलाने के बाद भाजपा राज्य में अपने हिंदुत्व के मुद्दे को धारदार बनाए रखने के लिए मनसे को अपने साथ लेने की तैयारी में है। खबर है कि मनसे अपने सम्मलेन में झंडे को बदलने की घोषणा भी करेगी, जो पूरी तरह केसरिया होगा और उस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर बनी होगी। जानकारों के अनुसार अगर भाजपा-मनसे साथ आते हैं तो यह देखना रोचक होगा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले राज ठाकरे द्वारा पीएम मोदी पर किए हमलों पर भाजपा क्या कहेगी और राज ठाकरे भी मोदी को लेकर क्या नया रुख अपनाएंगे।

 

05-01-2020
महाराष्ट्र सरकार में हुआ मंत्रालयों का बंटवारा, जाने किसे मिले कौन से विभाग

मुंबई। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 30 दिसंबर को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। शनिवार शाम को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। देर रात राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को उद्धव ठाकरे की तरफ से मंत्रालयों के बंटवारे की सूची मंजूरी के लिए भेजी गई थी। जिस पर आज सुबह उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को वित्त मंत्रालय सौंपा गया है। इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अनिल देशमुश को गृह मंत्री बनाया गया है। यहां जानिए कौन सी पार्टी को कौन-कौन से मंत्रालय मिले

एनसीपी को मिले ये विभाग

अनिल देशमुख- गृह विभाग
अजित पवार- वित्त व नियोजन
जयंत पाटिल- सिंचाई विभाग
छगन भुजबल- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
दिलीप वल्से पाटिल- आबकारी और श्रम मंत्रालय
जीतेंद आव्हाद- आवास
राजेश टोपे- स्वास्थ्य
राजेंद्र शिंगणे- खाद्य एवं औषधि प्रशासन
धनंजय मुंडे- सामाजिक न्याय

कांग्रेस की झोली में आए ये विभाग

नितिन राउत- ऊर्जा
बालासाहेब थोराट- राजस्व
वर्षा गायकवाड़- स्कूली शिक्षा
यशोमति ठाकुर- महिला और बाल कल्याण
केसी पाडवी - आदिवासी विकास
सुनील केदार- डेयरी विकास व पशुसंवर्धन
विजय वड्डेटीवार- ओबीसी कल्याण
असलम शेख- कपड़ा, बंदरगाह
अमित देशमुख- स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति
शिवसेना के हिस्से आए ये विभाग
आदित्य ठाकरे- पर्यावरण, पर्यटन
एकनाथ शिंदे- नगरविकास
सुभाष देसाई- उद्योग
संजय राठोड़- वन
दादा भुसे- कृषि
अनिल परब- परिवहन, संसदीय कार्य
संदीपान भुमरे- रोजगार हमी (ईजीएस)
शंकरराव गडाख- जल संरक्षण
उदय सामंत- उच्च व तकनीकी शिक्षा
गुलाब राव पाटिल- जलापूर्ति

शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने राज्य में मंत्रियों के विभागों के वितरण को लेकर चर्चा की थी। उद्धव ठाकरे ने नवंबर में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ कांग्रेस के दो विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। 

04-01-2020
मंत्रिमंडल बना नही और नाराज़गी का खेल शुरू, सावरकर पर भी विवाद जारी

रायपुर। मंत्रिमंडल बना नहीं विभाग बटे नहीं और नाराजगी भी शुरू हो गई है। शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी की मिली जुली सरकार में पोर्टफोलियो को लेकर एक मंत्री अब्दुल सत्तार की नाराजगी सामने आ गई है। हालांकि उनके इस्तीफे की भी खबरें सामने आई लेकिन खुद अब्दुल सत्तार ने उससे इनकार कर दिया मगर वे नाराजगी में छुपा नहीं पाए। और उनकी नाराजगी संभवत कल शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से मिलने के बाद खत्म हो पाए। नाराजगी अगर खत्म होती भी है तो भी यह गठबंधन की सरकार के लिए शुभ संकेत तो नहीं कहा जा सकता। इतनी जल्दी नाराजगी सामने आना कोई बहुत अच्छी बात नहीं माना जा सकता हैं। फिर सावरकर को लेकर भी पार्टियों के बीच खींचतान जारी है। इधर अजित पवार फिर से उपमुख्यमंत्री पद पा गए हैं और साथ ही वित्त विभाग जैसा महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो भी। फडणवीस के साथ भी उपमुख्यमंत्री और उद्धव ठाकरे के साथ भी उपमुख्यमंत्री याने कुल मिलाकर उपमुख्यमंत्री रहना बनना ज्यादा जरूरी। सिद्धांत की बात बहुत पीछे हो जाती है। ऐसे में 3 चक्के वाला ऑटो कितनी रफ्तार से और कितनी दूर तक चलेगा इस पर इसलिए भी शक किया जा रहा है क्योंकि तीनों चक्के अलग-अलग दिशा मैं भागने वाले हैं। बहरहाल सत्तार की नाराजगी ने पहले ही कदम पर छींक मार कर अपशकुन कर दिया है।

02-01-2020
मुंबई नहीं दिल्ली की 'मातोश्री' से मिलते है उद्धव सरकार को आदेश : देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाविकास आघाड़ी की सरकार के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर बुधवार को जोरदार हमला किया। मुंबई से लगे पालघर में भाजपा कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, 'उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बाला साहब ठाकरे को वचन दिया था कि वह राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठाएंगे। मगर, क्या उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस-एनसीपी की मदद से अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाएंगे?' फडणवीस ने नाम लिए बिना इशारों में कहा कि अब महाराष्ट्र में सरकार को मातोश्री (ठाकरे निवास) से निर्देश नहीं मिलते बल्कि दिल्ली की 'मातोश्री' से आदेश आते हैं। उन्होंने कहा कि आज बाला साहब की आत्मा को दुख होता होगा।

शिवसेना पर लगाया विश्वासघात का आरोप

देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना पर विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने का बहुमत दिया था। मगर शिवसेना ने उसे ठुकरा कर, दूसरों के साथ सरकार बना ली। फडणवीस ने कहा कि राज्य की सरकार में आने के बाद शिवसेना ने किसानों से भी धोखा किया। सभी किसानों को पूर्ण कर्ज माफी का वादा किया गया था। मगर कुछ किसानों को ही एक तय रकम की माफी दी गई।

महाराष्ट्र सरकार में पवार के दखल से शिवसैनिक नाराज

महाराष्ट्र सरकार में एनसीपी प्रमुख शरद पवार के दखल से शिवसैनिक नाराज हैं। उन्होंने नाराजगी खुलकर व्यक्त करनी शुरू कर दी है। सरकार बनने के एक महीने बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्रिमंडल विस्तार किया था, जिसके बाद हर तरफ नाराजगी के स्वर उठने लगे। खासतौर पर शिवसेना के नाराज विधायकों को समझाना उद्धव के लिए समस्या है। खबर है कि इन विधायकों ने उद्धव से मिलने का समय मांगा है। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में शरद पवार के हस्तक्षेप ने शिव सैनिकों को खास तौर पर नाराज किया। उनमें इस बात की भी नाराजगी है कि पवार ने अपनी जोड़ तोड़ की ताकत से अहम मंत्रालय एनसीपी नेताओं को दिला दिए। शिवसेना सांसद संजय राउत की नाराजी पहले ही सामने आ चुकी है। अब प्रताप सरनाईक, भास्कर जाधव और भावना गवली भी खुल कर बोल रहे हैं।   

 

30-12-2019
महाराष्ट्र : उद्ध‌व ठाकरे सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार, अजित और आदित्य ने ली शपथ

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की उद्ध‌व ठाकरे की सरकार मंत्रिमंडल का सोमवार को पहला विस्तार हुआ है। शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी सभी मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। एनसीपी के अजित पवार, शिवसेना के आदित्य ठाकरे, कांग्रेस के अशोक चव्हाण ने मंत्री पद की शपथ ली है। अजित पवार राज्य के डिप्टी सीएम नियुक्त किए गए। नियम के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 42 मंत्री हो सकते हैं।

इनमें शिवसेना के 16 मंत्री हैं। एनसीपी के 14 और कांग्रेस के 12 मंत्री हैं। सोमवार को शिवसेना से आदित्य ठाकरे, अनिल परब, उदय सामंत, बच्चू कडू, संजय राठोड, शंभुराजे देसाई, अब्दुल सत्तार, गुलाबराव पाटील, दादा भुसे ने मंत्री पद की शपथ ली है। कांग्रेस से पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, केसी पडवी, विजय वडेट्टिवर, अमित देशमुख, सुनील केदार, यशोमती ठाकुर, वर्षा गायकवाड़, असलम शेख, सतेज पाटिल और विश्वजीत कदम मंत्री बने। एनसीपी से अजित पवार, धनंजय मुंडे, जीतेंद्र अव्हाड, नवाब मलिक, दिलीप वलसे पाटील, हसन मुश्रीफ, बालासाहेब पाटील, दत्ता भरणे, अनिल देशमुख, राजेश टोपे, शंकरराव, अदिति टटकरे, संजय बनसोड़े, प्राजक्त तनपुरे और डॉ. राजेंद्र शिंगणे ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।

 

30-12-2019
36 मंत्रियों के साथ आज उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते है अजित पवार

मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनी महा अघाड़ी सरकार के गठन के करीब एक महीने बाद सोमवार को पहला कैबिनेट विस्तार होने वाला है। इसी बीच खबर है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके नाम को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही थी हालांकि किसी भी पार्टी ने स्पष्ट तौर पर उनके नाम की घोषणा नहीं की थी। इससे पहले माना जा रहा था कि अजित उद्धव ठाकरे के साथ पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे मगर ऐसा नहीं हुआ। उनके अलावा 36 नए मंत्रियों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इससे पहले एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने यह कहकर मुद्दे को हवा देना का काम किया था कि एनसीपी कार्यकर्ता अजित पवार को राज्य के उप मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। उद्धव ने 28 नवंबर को शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की थी। उस समारोह में छह मंत्रियों की छोटी सी कैबिनेट ने भी शपथ ग्रहण की थी जिसमें तीनों ही दलों की तरफ से दो-दो मंत्री शामिल थे।

दो बार डिप्टी सीएम रह चुके हैं अजित

शरद पवार के भतीजे अजित 2014 से पूर्व कांग्रेस-एनसीपी सरकार में भी उपमुख्यमंत्री थे। इस विधानसभा चुनाव के बाद अजित 23 नवंबर को अचानक भाजपा के साथ चले गए थे और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में डिप्टी सीएम बने थे। हालांकि 80 घंटे के अंदर ही अजीत ने इस्तीफा दिया और फडणवीस सरकार गिर गई। ठाकरे के नेतृत्व में 28 नवंबर को शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस के छह मंत्रियों ने भी शपथ ली थी।

36 मंत्री ले सकते हैं शपथ

कैबिनेट विस्तार में लगभग 36 मंत्री शपथ ले सकते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल में उनके अलावा छह मंत्री हैं। शिवसेना, एनसपी और कांग्रेस के बीच हुए सत्ता साझेदारी के तहत शिवसेना के पास मुख्यमंत्री के अलावा 16 मंत्री हो सकते हैं, इसके अलावा एनसीपी के 14 और कांग्रेस के 12 मंत्री होंगे। कांग्रेस ने 12 मंत्री होने की पुष्टि कर दी है। 

29-12-2019
30 दिसंबर को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल का विस्तार,अजित पवार सहित कांग्रेस के विधायक लेंगे शपथ

नई दिल्‍ली। महाराष्ट्र सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार को होगा। बता दें कि शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी के बीच पेंच फंसा हुआ था। रविवार को तीनों पार्टियों के बीच मंत्रिमंडल का बंटवारा हो गया है। एनसीपी की ओर से अजित पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस 12 मंत्री भी शपथ लेंगे। उद्धव ठाकरे मंत्रिमंडल का विस्तार सोमवार दोपहर 12 बजे होगा। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता बालासाहेब थोरात ने कहा कि सोमवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि एनसीपी नेता अजित पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पीएमओ के तर्ज पर महाराष्ट्र में सीएमओ (चीफ मिनिस्टर ऑफिस) होगा। शिवसेना विधायक अनिल परब राज्यमंत्री सीएमओ होंगे। 

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