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29-06-2020
डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर धरना-प्रदर्शन कांग्रेस का एक और फ्लॉप शो : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन को एक और फ्लॉप शो बताया है। सुंदरानी ने कहा कि आज डीजल-पेट्रोल की कीमतों को लेकर स्यापा मचा रहे कांग्रेस के नेता देश को गुमराह करने के लिए अपने झूठ का रायता चाहे जितना फैलाने की कोशिश कर लें, देश अब कांग्रेस के झाँसों में कतई नहीं आएगा। कांग्रेस डीजल-पेट्रोल में मूल्यवृद्धि पर तथ्यों से तो मुँह चुरा ही रही है, अपने संप्रग शासनकाल की महंगाई से लोगों का ध्यान भी भटका रही है। सुंदरानी ने कहा कि आज पेट्रोल भारत में 78.91 रुपए और डीजल 77.94 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है जबकि कांग्रेसनीत संप्रग के शासनकाल में जनवरी 2013 में पेट्रोल 83 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा था। इसी प्रकार रसोई गैस की कीमतों को लेकर कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि संप्रग शासनकाल (जनवरी 2014) में रसोई गैस की कीमत 1241 रुपए तक जा पहुँची थी,जो आज की तारीख में लगभग 660-676 रुपए है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस नेता यह अच्छी तरह समझ लें कि डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से मिलने वाला राजस्व तो देश के खजाना में ही जा रहा है, अब प्रदेश सरकार यह स्पष्ट करे कि 30 फीसदी शराब के अवैध कारोबार से मिलने वाला राजस्व प्रदेश के खजाने में नहीं जाकर कहाँ जा रहा है?

 

28-06-2020
भाजपा की वर्चुअल रैली फ्लॉप शो : मोहन मरकाम

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा की वर्चुअल रैली को फ्लॉप शो बताया है। उन्होंने कहा है भाजपा ने छत्तीसगढ़ के सारे नेताओं रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडेय, विष्णुदेव साय को अपना कर देख लिया और इन सभी को जनता से और भाजपा कार्यकर्ताओं से कोई रिस्पांस नहीं मिला, तो मजबूरन भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को वर्चुअल रैली के लिए मध्यप्रदेश से आयात किया। भाजपा का यह प्रयोग भी विफल रहा है। भाजपा की आज की वर्चुअल रैली पूरी तरह फ्लॉप शो ही साबित हुई। मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। मजदूर, किसान, नौजवान, व्यापारी, मध्यम वर्ग सबमें भाजपा के प्रति नाराजगी है। अर्थव्यवस्था संभालने में विफल, कोरोना संक्रमण रोक पाने में विफल, किसानों की आय दुगुनी करने में विफल, 2 करोड़ रोजगार हर साल नौजवानों को देने में विफल, प्रवासी मजदूरों को उनके प्रदेश घर गांव तक पहुंचाने में विफल, सरहदों की रक्षा कर पाने में विफल रही है। नरेन्द्र मोदी के वादे के मुताबिक दो करोड़ रोजगार हर साल के अनुसार 6 साल में 12 करोड़ रोजगार मिलने थे देश के युवाओं को, लेकिन हुआ ठीक उल्टा। बेरोजगारी 45 साल में सर्वाधिक 27 प्रतिशत तक पहुंच गई। नोटबंदी और जीएसटी के बाद देश की अर्थव्यवस्था लॉक डाउन के भी कुप्रबंधन के कारण बेहद खराब दौर से गुजर रही है। 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। पूरे देश में किसी भी गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, ठेले वाले, दुकानदार, उद्योग काम धंधे वाले किसी को भी समझ में ही नहीं आ रहा है कि उनको मिला क्या है? क्या नहीं मिल पाया है, यह सबको पता है। इसीलिए भाजपा की वर्चुअल रैली को जनसमर्थन तो दूर की बात, भाजपा कार्यकर्ताओं का भी समर्थन नहीं मिल सका। भाजपा ने दस लाख लोगों की भागीदारी का दावा किया था,लेकिन दस-दस लोग जुटा पाने में भी विफल रही।

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