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29-06-2020
शिवराज में हिम्मत है तो मध्यप्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करें : राजेन्द्र साहू

दुर्ग। भाजपा की वर्चुअल रैली में छत्तीसगढ़ सरकार पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कांग्रेस ने करारा जवाब दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने तीखे लहजे में कहा कि भूपेश सरकार पर झूठे आरोप लगाने से पहले शिवराज सिंह चौहान अपने राज्य की बदहाल व्यवस्था सुधारें। शिवराज सिंह चौहान में हिम्मत है तो मप्र के कर्ज से पीड़ित और शोषित किसानों का कर्ज माफ करके बताएं।रविवार को भाजपा की वर्चुअल रैली में शिवराज के आरोपों का जवाब देते हुए राजेंद्र ने कहा कि खेती-किसानी के समय मध्यप्रदेश में डीजल की कीमत 90 रुपए ज्यादा है। शिवराज सिंह चौहान अगर वास्तव में किसानों और मजदूरों के लिए फिक्रमंद हैं तो उनके प्रदेश में छत्तीसगढ़ से 10 रुपए ज्यादा कीमत पर डीजल की बिक्री कैसे हो रही है। वे मध्यप्रदेश में डीजल की कीमतें घटाकर किसानों को राहत देने की संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखा रहे।

राजेंद्र ने कहा कि शिवराज सिंह के पिछले 15 साल के कार्यकाल में हजारों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। भूपेश सरकार पर झूठे आरोप लगाने से पहले शिवराज को अपने पिछले कार्यकाल में व्यापमं घोटाला, हजारों किसानों की आत्महत्या, माइनिंग माफिया के गुंडाराज और किसानों पर गोलीकांड जैसे कलंक को याद कर लेना चाहिए।राजेंद्र ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने में पूरे देश में छत्तीसगढ़ टॉप पर है। आदिवासियों को तेंदूपत्ता सहित अन्य 31 वनोपजों की सबसे ज्यादा कीमत छत्तीसगढ़ में मिल रही है। भूपेश सरकार ने हर वर्ग के लोगों को राहत देने का काम किया है।

28-06-2020
भाजपा की वर्चुअल रैली फ्लॉप शो : मोहन मरकाम

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा की वर्चुअल रैली को फ्लॉप शो बताया है। उन्होंने कहा है भाजपा ने छत्तीसगढ़ के सारे नेताओं रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडेय, विष्णुदेव साय को अपना कर देख लिया और इन सभी को जनता से और भाजपा कार्यकर्ताओं से कोई रिस्पांस नहीं मिला, तो मजबूरन भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को वर्चुअल रैली के लिए मध्यप्रदेश से आयात किया। भाजपा का यह प्रयोग भी विफल रहा है। भाजपा की आज की वर्चुअल रैली पूरी तरह फ्लॉप शो ही साबित हुई। मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। मजदूर, किसान, नौजवान, व्यापारी, मध्यम वर्ग सबमें भाजपा के प्रति नाराजगी है। अर्थव्यवस्था संभालने में विफल, कोरोना संक्रमण रोक पाने में विफल, किसानों की आय दुगुनी करने में विफल, 2 करोड़ रोजगार हर साल नौजवानों को देने में विफल, प्रवासी मजदूरों को उनके प्रदेश घर गांव तक पहुंचाने में विफल, सरहदों की रक्षा कर पाने में विफल रही है। नरेन्द्र मोदी के वादे के मुताबिक दो करोड़ रोजगार हर साल के अनुसार 6 साल में 12 करोड़ रोजगार मिलने थे देश के युवाओं को, लेकिन हुआ ठीक उल्टा। बेरोजगारी 45 साल में सर्वाधिक 27 प्रतिशत तक पहुंच गई। नोटबंदी और जीएसटी के बाद देश की अर्थव्यवस्था लॉक डाउन के भी कुप्रबंधन के कारण बेहद खराब दौर से गुजर रही है। 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। पूरे देश में किसी भी गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, ठेले वाले, दुकानदार, उद्योग काम धंधे वाले किसी को भी समझ में ही नहीं आ रहा है कि उनको मिला क्या है? क्या नहीं मिल पाया है, यह सबको पता है। इसीलिए भाजपा की वर्चुअल रैली को जनसमर्थन तो दूर की बात, भाजपा कार्यकर्ताओं का भी समर्थन नहीं मिल सका। भाजपा ने दस लाख लोगों की भागीदारी का दावा किया था,लेकिन दस-दस लोग जुटा पाने में भी विफल रही।

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