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15-01-2021
गोधन न्याय योजना में चयनित गौठानों में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की बेमेतरा कलेक्टर शिव अनन्त तायल ने

रायपुर बेमेतरा। कलेक्टर शिव अनंत तायल ने गोधन न्याय योजना के अन्तर्गत जिले के चयनित गौठानों मे चल रही विभिन्न गतिविधियों के प्रगति के संबंध मे समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने गौठान को आजीविका के ठौर के रुप मे विकसित करने को कहा। बीते दिनों दृष्टि सभाकक्ष मे आयोजित बैठक के दौरान जिलाधीश ने कृषि एवं संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि समस्त गौठानों मे अधिक से अधिक वर्मी कम्पोष्ट उत्पादन करने तथा वर्मी कल्चर तैयार किये गये वर्मी कम्पोष्ट के उठाव के लिए  व्यापक प्रचार प्रसार तथा कृषकों को प्रोत्साहित करने निर्देशित किया गया है। सहायक संचालक उद्यान को समस्त गौठानों मे ंउत्पादित वर्मी कम्पोष्ट को क्रय करने के लिए निर्देशित किया गया। चयनित गौठान ग्रामों मे सामुदायिक बाड़ी के लिए तत्काल कार्ययोजना प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया।

सहायक संचालक मत्स्य को विकासखण्ड के चयनित आदर्श गौठानों मे स्व सहायता समूह के माध्यम से पछली पालन करने निर्देशित किया गया। कलेक्टर तायल ने संबंधित विभागों को आपस में सामंजस्य बैठाकर योजना को सुचारू रूप से सफल बनाने निर्देशित किया। बैठक में मुख्य रूप से उप संचालक कृषिए सहायक संचालक उद्यान, सहायक संचालक मत्स्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी बेमेतरा,साजा,बेरला,नवागढ़, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., अनुविभागीय कृषि अधिकारी बेमेतरा, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी बेमेतरा, सहायक संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बेमेतरा, साजा, बेरला, नवागढ़ उपस्थित रहें।

07-01-2021
गोधन न्याय योजनाः शहरी संघ की महिलाएं उत्पादित कर रहीं उत्कृष्ट कंडे, गोकाष्ठ और वर्मी वॉश

धमतरी। अगर कुछ कर गुजरने का जुनून हो और उसे अंजाम देने की दृढ़ इच्छाशक्ति मन में हो तो पथरीले रास्ते भी फूलों की सेज बन जाते हैं। नगरपालिक निगम धमतरी के नवज्योति शहर स्तरीय संघ ने भी कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसके जज्बे की चहुंओर सराहना हो रही है। शहरी क्षेत्र में गोधन न्याय योजना की इसे बड़ी कामयाबी कह सकते हैं, जहां पर संघ की 175 महिलाएं गोबर से अपना भविष्य संवारने में तल्लीन हैं। उनका आत्मविश्वास और होठों की सहज मुस्कान यह साबित कर रही है केमिकल फर्टिलाइजर के दौर में वर्मी खाद, वर्मी वॉश और गोबर के अन्य उत्पाद हर दृष्टिकोण से खरा उतरे हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि शहर से कचरा संग्रहण करने के बाद सुबह 8 से दोपहर 3 बजे दानीटोला वार्ड में स्थित एसआएलएम सेंटर की अलग अलग यूनिट में वर्मी कम्पोस्ट के अलावा गोकाष्ठ, कण्डे, अगरबत्ती और वर्मी वॉश तैयार करती हैं। संघ की अध्यक्ष मधुलता साहू ने बताया कि निगम क्षेत्र में ऐसे चार सेंटर संचालित हैं, जहां वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाता है, साथ ही कण्डे, गौकाष्ठ, वर्मी वॉश और अगरबत्ती भी तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर निर्मित गौकाष्ठ की काफी मांग है। संघ की सदस्य संगीता बारले व भारती साहू ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत समूह की महिलाओं के द्वारा नाडेप टांकों में केंचुआ डालकर 45 से 60 दिनों के भीतर वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाता है।

नगरपालिक निगम के आयुक्त आशीष टिकरिहा ने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत जिले में वर्मी कम्पोस्ट तैयार तो किया जा रहा है। इसके अलावा इसे और अधिक रोजगारोन्मुखी एवं बहुगतिविधियों से जोड़ते हुए गौकाष्ठ, कण्डे, अगरबत्ती और वर्मी वॉश तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां उत्पादित गौकाष्ठ को निगम क्षेत्र के अलावा नगर पंचायतों में भी आपूर्ति की जा रही है जहां अलाव के तौर पर जलाने के साथ.साथ ढाबों में ईंधन के रूप में शवदाह गृहों में शवों को मुखाग्नि देने तथा हवन पूजन में लकड़ी के विकल्प के तौर पर आहूति देने का भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शहर के एसआरएलएम सेंटरों में औसतन छह हजार कण्डेए 4500 गौकाष्ठ और ढाई हजार लीटर वर्मी वॉश तैयार हो रहे हैं। एक क्विंटल गौकाष्ठ का मूल्य एक हजार रूपए तथा कण्डे की कीमत 300 रूपए प्रति सैकड़ा है जबकि वर्मी वॉश लिक्विड 35 रूपए प्रतिलीटर की दर से बेचा जाता है। इन उत्पादों को थोक के अलावा चिल्हर में भी बेचा जाता है,जिसे मोबाइल नंबर 7470739265 पर कॉल करके बुकिंग कराई जा सकती है तथा इनकी घर पहुंच सेवा भी उपलब्ध है। निगम आयुक्त ने यह भी बताया कि ये सभी उत्पाद प्रयोगशाला परीक्षण में उत्कृष्ट सिद्ध हुए हैं। इन सेंटरों में अब तक 39 हजार रूपए की केंचुआ खाद बेची जा चुकी है। शहर के दानीटोला वार्ड, सोरिद वार्ड, नवागांव वार्ड तथा गोकुलपुर वार्ड में ये उत्पाद तैयार हो रहे हैं। निगम क्षेत्र में 201 वर्मी बेड व 300 ग्रीन बैग में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है।

 

28-12-2020
गोधन न्याय योजना की सफलता की कहानी सुनिए गोबर विक्रेता की जुबानी, भूपेश है तो सब सम्भव है

रायपुर/बेमेतरा। भूपेश सरकार की फ्लैगशिप योजना नरवा, गरवा, घुरवा अउ बाड़ी योजना के उत्साह जनक परिणाम सामने आ रहे हैं। गोधन न्याय योजना से पशुपालकों मे नई आशा का संचार हुआ है। गोधन न्याय योजना की कहानी, गोबर विक्रेता की जुबानी सुने-मेरा नाम परमेश्वर यादव, मैं ग्राम मोहतरा, विकास खण्ड -नवागढ़, जिला -बेमेतरा, निवासी हूँ। मेरा मुख्य व्यवसाय गौ पालन एवं ग्रामीणों का गाय चराकर अपना एवं अपने परिवार का जीवन यापन कराना हैं, वैसे तो गुजर -बसर चल रही थी किन्तु मेरे पास उतना पैसा एकट्ठा नहीं हो पाता था कि छोटे छोटे सपनो को पूरा कर सकू, क्योंकि ग्रामवासियो के गाय चराने से प्राप्त उकारी से दैनिक उपयोग कि सामग्री व परिवार का भरण-पोषण ही सम्भव था। हरेली तिहार पर 20 जुलाई 2020 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोधन न्याय योजना की शुरुआत की गई, जो कि मेरे एवं हमारे गौपालक साथियों के जीवन में एक नया किरण लेकर आया क्योंकि हमारे पास अतिरिक्त आय का साधन नहीं था और बरसात व अन्य समय में गोबर से नहीं के बराबर आमदनी प्राप्त होती थी, गोधन न्याय योजना के अंतर्गत 2रु. किलोग्राम गोबर को खरीदना प्रारम्भ किया गया 20 जुलाई से 23 नवम्बर तक मेरे द्वारा 28476 किलोग्राम गोबर जिसकी राशि 56952 रु. मुझे प्राप्त हुआ। इसके सहयोग से एवं उसमें और पैसा मिलाकर मेरा एवं मेरे परिवार का बरसो का सपना, अपना मोटर साईकिल खरीद पाया जो कि मेरे एवं मेरे परिवार के लिए किसी बड़े त्यौहार से कम नहीं हैं।
मेरे अलावा अन्य साथियों को भी गोधन न्याय योजना से बहुत सहयोग प्राप्त हो रहा हैं, जिसमें पोषण को लगभग 26000 रु., रीतेश को लगभग 55000 रु., मनहरण को लगभग 15000रु., संतोष को 5000 रु. एवं अन्य ग्रामवासियों के द्वारा लाभ प्राप्त किया जा रहा हैं। गौ पालकों ने छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल को गोधन न्याय योजना प्रारम्भ करने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

24-12-2020
भूपेश बघेल ने गौपालकों के खातों में गोबर खरीदी की 10वीं किश्त का किया भुगतान, कहा-आर्थिक स्थिति में हो रहा सुधार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को प्रदेश सरकार की गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खातों में गोबर खरीदी की 10वीं किश्त की राशि 5 करोड़ 12 लाख रुपए अंतरित किए। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1 लाख 40 हजार से अधिक पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक गौपालकों को 64 करोड़ 20 लाख रुपए की राशि दी जा चुकी है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में परिवर्तन आ रहा है। रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। किसान जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। गोधन न्याय योजना में गोबर खरीदी के साथ-साथ हजारों ग्रामीण महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन का कार्य कर रही है। वर्मी कम्पोस्ट की विक्रय दर 8 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 10 रुपए प्रति किलो कर दी गई है। इस योजना से नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।  मुख्यमंत्री बघेल ने गोधन योजना से जुड़े सभी हितग्राहियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे और कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता उपस्थित थीं।

 

 

23-12-2020
जिले में 20 गौठान को किया जाएगा मल्टी एक्टिविटी केंद्र के रूप में विकसित

धमतरी। गोधन न्याय योजना की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक बुधवार को नगरपालिक निगम धमतरी के सामुदायिक भवन में हुई। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने बैठक में मौजूद कृषि एवं संबंधित विभाग तथा पंचायत विभाग के अधिकारियों को कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की महत्ती योजना है, अतः इसका सुचारू संचालन जिले में किया जाना चाहिए। उन्होंने गौठानों में गुणवत्तापूर्ण वर्मी खाद तैयार करने पर जोर दिया, जिससे उसकी बिक्री संभव हो। कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा कि हालांकि अभी तक वर्मी खाद की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है। उन्होंने आगे निर्देशित किया कि हर गौठान के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी हर सप्ताह सम्बन्धित गौठान का दौरा कर रिपोर्टिंग करना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि कृषि विभाग का अमला रबी और खरीफ मौसम में गांव में वर्मी तथा कच्चे गोबर की मांग, उसकी कीमत क्या होनी चाहिए। इसका घर घर जाकर सर्वे कर पंद्रह दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। गौठान को मल्टी एक्टिविटी केन्द्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे विभिन्न आजीविका गतिविधियां वहां संचालित करके वर्मी खाद बनाने में लगे समूह की महिलाओं की आय के स्रोत बढ़ाए जा सकें। इसमें उद्यानिकी फसल, सब्जी उत्पादन के लिए किट, मुर्गी, बकरी पालन शेड, दोना पत्तल की इकाई, पेपर बैग बनाने की इकाई, बुक बाईंडिंग, बांस शिल्प,  टेराकोटा, सिलाई सम्बन्धी इत्यादि कार्यों को लिया जा सकता है। इससे कि विलेज इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जा सके। इसके लिए 20 गौठान का चयन करने पर कलेक्टर ने जोर दिया। इसमें विभागीय अभिसरण से मल्टी एक्टिविटी के कार्य किए जाने की योजना है। इसके लिए हर गौठान की पूरी कार्ययोजना होनी चाहिए। मल्टी एक्टिविटी के लिए जिन गतिविधियों को शामिल किया जा सकता है। इस संबंध में बैठक में उपस्थित वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारीए पंचायत सचिव से इस सम्बन्ध में सलाह भी ली गई। बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 323 पंचायत में 349 गौठान मनरेगा से स्वीकृत किए गए हैं। गौठानों में दो हजार 190 वर्मी टैंक स्वीकृत किया गया है। अब तक एक हजार 678 टैंक बन गएए 294 प्रगतिरत हैं।

इसी तरह स्वीकृत एक हजार पांच नाडेप टैंक में से 692 पूर्ण तथा 138 प्रगतिरत हैं। बताया गया कि गोधन न्याय योजना की शुरुवात से अब तक 160 गौठानों में छः हजार 321 हितग्राहियों से 281 लाख रुपए की 14 हजार क्विंटल गोबर खरीदी की गई है। बैठक में उपस्थित जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता गांधी ने कहा कि नवंबर माह तक गोबर खरीदी का भुगतान समितियों को कर दिया गया है, अगर किसी कारणवश किसी समिति में हितग्राहियों को भुगतान नहीं हुआ है तो मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सचिव से हर 15 दिनों में इसकी जानकारी लेकर भुगतान सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि इन गौठानों में अब तक आठ हजार 611 क्विंटल वर्मी खाद तैयार किया गया है। इसमें से 400 क्विंटल वर्मी खाद बेचा गया है, जिसमें 150 क्विंटल अकेले उद्यानिकी विभाग ने खरीदा है। खरीफ सीजन के हिसाब से जिले में हर गौठान में 225 टन पैरा की आवश्यकता होगी। इसके हिसाब से गौठानों में प्राथमिक तौर पर  40 टन पैरा संग्रहण किया जाना है। इसके मद्देनजर सभी गौठानों में पैरा दान को 40 टन करना है।  बताया गया कि 15 नवंबर से अब तक 189 गौठानों में कुल एक हजार 526 टन पैरा दान हितग्राहियों द्वारा किया गया है। बैठक में निर्देशित किया गया कि हर ब्लॉक में ऐसे तीन तीन गौठान चयनित करना है,जहां केंचुआ की गुणवत्ता अच्छी है ताकि वहां केचुआ उत्पादन किया जा सके। इसके लिए सोमवार तक की समय सीमा कृषि विभाग के अमले को दी गई है। इसके जरिए गौठानों में आजीविका के स्रोत बढ़ाने की योजना है। बैठक के अंत में सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत से ब्लॉकवार स्वीकृत, निर्मित गौठानए वर्मी टैंक निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। 

 

22-12-2020
कलेक्टर महादेव कावरे ने मनरेगा आवास योजना,गोधन न्याय योजना,धान खरीदी के बारे में जानकारी ली साप्ताहिक बैठक में

रायपुर/जशपुरनगर। कलेक्टर महादेव कावरे ने साप्ताहिक बैठक ली। इसमें अधिकारियों को अवगत कराते हुए कहा कि वर्तमान में विधानसभा सत्र चल रहा है अधिकारी मुख्यालय न छोड़े। उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, गोधन न्याय योजना, धान खरीदी, बारदाने का उठाव आदि केसंबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री संबंधित आवेदनोें का प्राथमिकता से आवेदनों का निराकरण और निर्देशों का भी अनिवार्य रूप से पालन करें । मनरेगा के तहत् अर्थवर्क के कार्य अधिक से अधिक स्वीकृत करके लोगों को मनरेगा में काम देने के लिए कहा है। प्रत्येक ग्रामपंचायतों में मनरेगा के तहत् अधिक से अधिक कार्य स्वीकृत कराने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि वनअधिकार पटृटाधारी हितग्राहियों को भी लाभांवित करें। ग्रामपंचायतों में डबरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कुआं निर्माण के कार्य को अधिक से अधिक स्वीकृत करने के निर्देश दिए है। साथ ही वन अधिकार पट्टाधारी लाभांवित हितग्राहियों का ऑनलाइ्रन एन्ट्री करके उन्हें 200 दिवस का रोजगार देने के लिए कहा गया है ताकि वे आर्थिक रूप से सक्षम बन सके।

उन्होंने मनरेगा के अप्रारंभ कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए है।समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि ग्रामपंचायतों के स्वीकृत कार्याें में सरपंच सचिव उदासीनता बरतते है तो उन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन और आंगनबाड़ी के कार्याें को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए है। नरवा विकास के कार्याें का भी प्राथमिकता से करवाने के लिए कहा गया है। उन्होंने जनपद सीईओ को कहा कि गौठानों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है तो एसडीएम के साथ संपर्क करके उसका निराकरण करें। और गौठानों में महिलाओं को मल्टी एक्टिवीटी के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाए। उन्होंने कहा कि वनविभाग के अंतर्गत उत्पादनों का गौठानों से जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किए जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन हितग्राहियों को तीसरी किश्त दी जा चुकी है उन हितग्राहियों को अनिवार्य रूप से आवास निर्माण को पूर्ण कराए और सरपंच सचिवों के माध्यम से लाभांवित हितग्राहियों को स्वंय के आवास में निवास करवाने ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

 

21-12-2020
विकास प्रदर्शनी को देखने चार दिन लगी रही भीड़, युवाओं को मिली शासकीय योजनाओं की जानकारी

रायपुर/बिलासपुर। रिवर व्यू रोड पर जनसंपर्क विभाग के माध्यम से आयोजित फोटो प्रदर्शनी के अंतिम दिन भी लोगों की भीड़ बनी रही। 17 दिसंबर से आयोजित प्रदर्शनी को हजारों लोगों ने देखा। फोटो प्रदर्शनी देखने आए विकास साहू ने कहा कि राज्य सरकार के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी मुझे इस प्रदर्शनी से मिली। सरकार के माध्यम से किसानों के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। राजीव गांधी न्याय योजना से किसानों के जीवन में बदलाव आया है। रामबाबू ने कहा कि फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी मिली है। उन्होंने आगे भी ऐसी प्रदर्शनी आयोजित करने की सलाह दी। बृजेश कुमार ने कहा कि सरकार के माध्यम से किए जा रहे कार्यों को जनता तक पहुंचाने का अच्छा माध्यम है प्रदर्शनी। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की रेडियो वार्ता लोकवाणी सुनते हैं। प्रदर्शनी में प्रचार सामग्री के रूप में इसका वितरण किया जा रहा है। उन्हें प्रचार सामग्री भी बेहद उपयोगी लगी। तुषार देवांगन ने कहा की जनहितैषी इन योजनाओ से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। गोधन न्याय योजना अपनी तरह की अनूठी योजना है, जिससे लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। राकेश पाटले ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की जानकारी नहीं थी, इस प्रदर्शनी के माध्यम से योजना की जानकारी मिली। विनोद दास ने कहा कि विकास कार्यों को बेहतरीन तरीके से दर्शाया गया है।

 

18-12-2020
Video: महापौर ने सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले हितग्राहियों का किया सम्मान

राजनांदगांव। भूपेश बघेल सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर महापौर हेमा देशमुख एवं उत्तर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आसिफ अली द्वारा गोधन न्याय योजना के लाभान्वित हितग्राहियों को सेनेटेशन पार्क नवागांव में शाल एवं श्रीफल भेंट कर अभिनंदन व स्वागत व सम्मान किया गया। लाभान्वित हितग्राहियों द्वारा प्रतिदिन 2 क्विंटल गोबर बेचने की बात कही  और 400 रूपए. प्रतिदिन की आय और महीने में 12000 रूपए आमदनी का स्रोत होना बताया । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद दिया। गोबर बेचकर जीवनयापन करने की बात कही और सरकार की योजनाओं को सराहा।

उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना हमारे लिये वरदान साबित हो रही हैं और हम बहुत खुश हैं। सम्मान कार्यक्रम में मुख्य रूप से वार्ड पार्षद व चेयरमैन राजा तिवारी,एल्डरमैन प्रशांत गुप्ता, उत्तर ब्लाक महामंत्री हितेश गोन्नाडे, अमित जंघेल,जीतेंद्र कौशिक,अभिमन्यु मिश्रा, शिवम गड़पायले सहित कांग्रेसजन उपस्थित थे।

 

16-12-2020
ग्रामीणों के लिए खुशियां लेकर आई है भूपेश बघेल सरकार की गोधन न्याय योजना

रायपुर/बेमेतरा। सीएम भूपेश बघेल के के प्रयास से शुरू की गई गोधन न्याय योजना गांव के गोबर संग्रहकों के लिए खुशिया लेकर आई है। जिस गोबर को पहले यू ही कचरे के ढेर के रूप में फेक दिया जाता था या उसके कुछ भाग से उपले, कण्डे बना लिए जाते थे। इसी गोबर को बेच कर ग्रामीण पशु पालक लाभ उठा रहे हैं। इस योजना से ग्रामों एवं शहरों के गोबर संग्रहकों को 2 रू. प्रति किलो की दर से गोबर बेचकर लाभ कमाने का अवसर प्राप्त हुआ है। बेमेतरा जिले के बेरला विकासखण्ड में वर्तमान में 11 ग्राम पंचायतों में गौठानों के माध्यम से गोबर खरीदी की जा रही है।

गांव के ग्रामीण बढ़-चढ़ कर गोबर बेचने और लाभ कमाने में भागीदार बन रहे हैं, उसी कडी में बेरला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भाड़ (रामपुर) में निवास करने वाले रमेश कुमार यादव पिता नंदकुमार यादव वार्ड क्रं. 10 जो कि अपने ग्राम पंचायत में चरवाहे का कार्य करते हैं। इनके द्वारा अपने 8 मवेशियो के साथ-साथ ग्राम पंचायत के लगभग 40 घरों के 1000 से अधिक मवेशियो को चराने का कार्य किया जाता है। अपनी बरदी के मवेशियों को चराकर अपने ग्राम पंचायत के निर्माण हुए गौठान में रखते हैं, जिनके गोबर को बेचकर रमेश कुमार यादव को 55000 हजार से अधिक की आमदनी प्राप्त हुई है, जिससे इन्होंने मोटर सायकल खरीदी है। इससे वह बहुत प्रसन्न है। वे प्रतिदिन गौठान के गोबर खरीदी केन्द्र में गोबर विक्रय करते है एवं समय-समय पर गोबर बिक्री की राशि उनके बैक खाते में शासन द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इससे उन्हें अतिरिक्त आय हो रही है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने यह बहुत अच्छी योजना चलाई है, जिससे हमे लाभ हो रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं।

15-12-2020
गोधन न्याय योजना की वेबसाइट और मोबाइल एप को मिला अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग की ओर से संचालित गोधन न्याय योजना के लिए चिप्स की ओर से विकसित वेबसाइट और मोबाइल एप को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है। देश की ख्याति प्राप्त आईटी संस्था एलेट्स टेक्नोमिडिया ने डिजिटल गवर्नेंस श्रेणी में गोधन न्याय योजना को वर्चुअल समारोह में अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया है। वर्चुअल समारोह में छत्तीसगढ़ की कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव कृषि विभाग डॉ. एम. गीता को सम्मानित किया गया। चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि चिप्स की ओर से गोधन न्याय योजना की वेबसाइट और मोबाइल एप निर्माण करने वाले प्रभारी अधिकारी नीलेश सोनी ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।  उल्लेखनीय है कि चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई के नेतृत्व में चिप्स ने अत्यंत अल्प अवधि और न्यूनतम लागत में इनहाउस इस वेबसाइट एवं मोबाइल एप निर्माण का निर्माण किया है। चिप्स की विकसित गोधन न्याय योजना की वेबसाइट व मोबाइल एप के विषय में बताते हुए विश्नोई ने कहा कि अब प्रदेश के गोबर विक्रेताओं को घर पर ही ऑनलाइन भुगतान प्राप्त हो रहा है। गोबर विक्रय के संबंध में विस्तृत जानकारी मिल रही है। एप के माध्यम से नवंबर माह तक 2 लाख 18 हजार 600 से अधिक गोबर विक्रेताओं का पंजीकरण किया जा चुका है। लगभग 25 लाख क्विंटल का क्रय एप के माध्यम से किया जा चुका है। एप के माध्यम से गोबर विक्रेताओं के साथ स्व-सहायता समूह को भी जोड़ा जा चुका है। साथ ही इस एप से गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की जानकारी व विक्रय की व्यवस्था भी की गई है।

04-12-2020
सिर्फ एक दिन में तैयार किए वर्मी कम्पोस्ट के 10 बेड

दुर्ग। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गोधन न्याय योजना की शुरुआत के साथ किसानों और पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आमदनी की राह तो खुल ही गई है, साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका के साधन भी उपलब्ध हो रहे हैं। दुर्ग ब्लाॅक के ग्राम चंदखुरी की सिंधुजा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अब तक अपने परिश्रम एवं कौशल से 45 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट खाद बनाकर बेच चुकी हैं। इतना ही नहीं इन महिलाओं ने सिर्फ 1 दिन में में लो कॉस्ट का वर्मी कंपोस्ट बेड तैयार कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि महिलाएं यदि ठान ले तो उनके लिए कोई काम मुश्किल नहीं है। ग्राम पंचायत की सचिव कामिनी चंद्राकर ने बताया कि सिर्फ 22 हजार 500 रुपए की लागत से एक मिस्त्री की मदद से इन महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट के 10 बेड तैयार किये हैं। जिसकी खासियत है कि कम समय में अच्छी खाद बनकर तैयार हो जाती है।

महिलाओं के काम करने के लिए बन रहा है हॉल

 चंदखुरी की सरपंच हेमलता देशमुख ने बताया कि गौठान रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। महिलाओं के  काम करने के लिए एक पक्का हॉल भी तैयार किया जा रहा है जहाँ वे आराम से अपना काम कर सकेंगी। बारिश के दिनों में उनको कोई तकलीफ नहीं होगी।चंदखुरी गौठान समिति के अध्यक्ष मनोज चन्द्राकर ने बताया कि शुरुआत में महिलाओं को ये संशय था कि उनकी मेहनत का फल क्या होगा तो उन्होंने विश्वास दिलाया कि काम शुरू कीजिए अपने आप फायदा नजर आएगा। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने खाद बनाना सीखा और जब आमदनी आने लगी तो उनके आत्मविश्वास और उत्साह दोनों में बढ़ोत्तरी हुई। अब एक और समूह को तैयार कर फलदार पौधों की एक बाड़ी तैयार की गई है जहां अमरूद, पपीता, एप्पल बेर के पौधे लगाए गए हैं। यहां भी गौठान में बने खाद और कीटनाशक का ही उपयोग किया जा रहा है।

आपसी सहयोग से महिलाएं सीख रहीं वर्मी कंपोस्ट बनाना

दुर्ग ब्लॉक के चंदखुरी की दीदियों ने पाटन ब्लॉक के आर जामगांव की दीदियों को सिखाए वर्मी कम्पोस्ट बनाने के गुर कुछ कर गुजरने की चाह में महिलाएं अब एक दूसरे की मदद से अपना कौशल उन्नयन कर आत्मनिर्भरता की राह अपना रही हैं। कुछ ऐसा ही नजारा आज दुर्ग के चंदखुरी ग्राम के गौठान में नजर आया जहां पाटन ब्लाॅक के आर जामगांव की चार स्व-सहायता समूहों की महिलाएं वर्मी कंपोस्ट खाद बनाना सीखने आई हैं। जब आर जामगांव की महिलाओं को यह पता चला कि उनकी चंदखुरी की बहनें इतना अच्छा काम कर रही हैं तो उन्होंने पूछा कि क्यों ना वह भी यह काम सीख कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने की राह पर चलें। कुछ सीखने की धुन में आर जामगांव की यह महिलाएं चंदखुरी आई हैं और चंदखुरी की महिलाओं ने ज्ञान और कौशल बांटने से बढ़ता है की भावना को आत्मसात करते हुए इन महिलाओं को आज दिन भर अपने सभी क्रियाकलापों के बारे में जानकारी दी और साथ मिलकर इनको वर्मी खाद बनाना सिखाया।

 

28-11-2020
स्कारपियो को गोधन न्याय योजना का लाभ लेने किया मॉडिफाइड, हर महीने कमा रहे तीस हजार रुपए

दुर्ग। अपनी स्कारपियो को माॅडिफाईड करा आदर्श नगर निवासी  महेश हसवानी ने इसे कार्गो वाहन की तरह उपयोग कर गोकुल नगर के अपने पड़ोसी गोपालकों का गोबर भी क्रय स्थल तक पहुंचाया और हर महीने तीस हजार रुपए कमा  रहे हैं। अपने नवाचार से और मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की गोधन न्याय योजना के माध्यम से आदर्श नगर, दुर्ग निवासी महेश हसवानी न केवल कोरोना के चलते व्यवसाय में आये संकट से बाहर आए अपितु उन्होंने युवाओं को राह भी दिखाई है कि ऊर्वर मस्तिष्क और सरकार के सहयोग से हर चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है। हसवानी सूअर पालन का व्यवसाय करते थे। सूअरों के लिए खाद्य सामग्री होस्टल में निकलने वाले वेस्ट मटेरियल से आती थी। हास्टल बंद हो गए और यह सामग्री आनी बंद हो गई। चार महीने कड़े आर्थिक संकट का समय रहा। फिर हरेली के दिन मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का गोधन न्याय योजना को लेकर संबोधन सुना।

उन्हें लगा कि उनकी जो डेयरी है उसके लिए तो यह योजना बेहतरीन है ही, वे अपनी स्कारपियो के माध्यम से दूसरों के गोबर भी ले जा सकते हैं। बस क्या था, उन्होंने स्कारपियो को मॉडिफाइड करा लिया, इसमें तेईस हजार रुपए की राशि खर्च हुई। गोकुल नगर की अपनी डेयरी का गोबर भी वे क्रय स्थल तक लेकर गए और पड़ोसियों का भी। उनसे उन्होंने भाड़ा लिया। इसमें वो हर दिन छह सौ किलोग्राम तक गोबर ले जा कर क्रय स्थल पहुंच रहे हैं। महेश बताते हैं कि केवल गाड़ी के भाड़े से वो हर दिन हजार रुपए कमा रहे हैं। इस प्रकार तीस हजार रुपए महीने की आय वे कमा रहे हैं। अपनी डेयरी में भी तो गोबर आखिर क्रय स्थल तक ले जाना पड़ता। पहले एक्टिवा में अथवा बाइक में  भेजने में परेशानी होती थी, मुझे भी पड़ोसी गौपालकों को भी अब सबको काफी आराम है। 

 

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