GLIBS
07-08-2020
मुख्यमंत्री को टच फ्री ऑटोमेटिक हैंड सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन भेंट

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को शुक्रवार को उनके निवास कार्यालय में ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू ने टच फ्री ऑटोमेटिक हैंड सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन भेंट की। यह सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन यूजर फ्रेंडली और पूर्णतः ऑटोमेटिक है। इस मशीन में एलईडी स्क्रीन लगी हुई है,जिसके माध्यम से कोरोना से बचाव के उपायों के साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की बहुद्देशीय गोधन न्याय योजना की जानकारी भी स्लाइड के माध्यम से प्रदर्शित हो रही है। यह टच फ्री ऑटोमेटिक हैंड सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आगंतुकों एवं वहां कार्यरत स्टाफ के उपयोग के लिए लगा दी गई है। भूपेश बघेल ने मशीन से हाथ सैनिटाइज कर इसका विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने मशीन में लगे एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित जानकारी की भी सराहना की और इसे उपयोगी बताया। मुख्यमंत्री ने दलेश्वर साहू को इसके लिए धन्यवाद दिया। इस मशीन की सैनिटाइजर धारण क्षमता 5 लीटर है। इसे सहजता से रिफिल किया जा सकता है। इसका रख-रखाव भी आसान है। इस अवसर पर भावेश सिंह, हीरा निषाद, ललित लोढ़ा, टिकेश साहू, सुयश नाहटा, मोहन अय्यर, बलिराम साहू, संजय संचेती, सतीश वैष्णव, प्रियंक जैन, रजत साहू एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

07-08-2020
भाजपा ने पूछा : भुगतान की राशि देखकर सवाल उठ रहा है कि ऐसी कौन-सी गाय है,जो रोज 59 किलो गोबर देती है?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा ने गोधन न्याय योजना को लेकर एक बड़े घोटाले की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों को हुए भुगतान की राशि देखकर सवाल उठ रहा है कि ऐसी कौन-सी गाय है जो रोज 59 किलो गोबर देती है? शर्मा ने एक पशुपालक को 15 दिनों में बेचे गए गोबर के लगभग 44 हजार रुपए के हुए भुगतान को प्रदेश सरकार की एक और झूठी आँकड़ेबाजी बताया है। संदीप शर्मा ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर के भुगतान की छपी एक खबर के हवाले से यदि यह मान लिया जाए कि एक पशुपालक को गोबर बेचने पर 44 हजार रुपए से अधिक का भुगतान मिला है तो इसका तात्पर्य यह हुआ कि उसने प्रतिदिन प्रति गाय का 59 किलो से ज्यादा गोबर सरकार को बेचा है। समाचार के मुताबिक उक्त पशुपालक के पास 25 गाय है। शर्मा ने इस आँकड़ेबाजी पर कहा कि उस पशुपालक ने 15 दिन में प्रति गाय 221 क्विंटल गोबर बेचा। इस मान से 25 गायों से उसने 22,100 किलो गोबर 15 दिनों में बेचा। अत: प्रतिदिन 25 गाय से गोबर 1,473.33 किलो प्रतिदिन उस पशुपालक ने बेचा और इस प्रकार 25 गायों से कुल गोबर प्रतिदिन प्रति गाय से हिसाब से 59 किलो 930 ग्राम गोबर प्रति गाय पशुपालक ने बेचा। संदीप शर्मा ने प्रदेश सरकार और आला अफसरों से जानना चाहा कि ऐसी कौन-सी गाय है जो रोज 59 किलो गोबर देती है?

 

07-08-2020
अब समृद्धि के दूसरे दौर की तैयारी, गौठानों में बड़े पैमाने पर बन रहे वर्मी कंपोस्ट

दुर्ग। गोधन न्याय योजना का पहला पेमेंट ग्रामीणों को मिल चुका है। पशुपालक काफी खुश हैं। इनमें से कई ऐसे हैं,जिन्होंने बीस हजार रुपए तक कमा लिये हैं। अब समृद्धि का दूसरा दौर गौठानों में तैयार हो रहा है। क्रय किये गए गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाये जा रहे हैं। वर्मी कंपोस्ट बनने के बाद इसे प्रशासन द्वारा क्रय किया जाएगा। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने शुक्रवार को दुर्ग ब्लाक के तीन गांवों के गौठानों का निरीक्षण किया। इनमें से बासीन, बोड़ेगांव और अरसनारा के गौठान शामिल हैं। कलेक्टर ने यहां तैयार हो रहे वर्मी कंपोस्ट की स्थिति देखी। कलेक्टर ने कहा कि वर्मी कंपोस्ट का भाव प्रति किलोग्राम आठ रुपए रखा गया है। इसमें से छह रुपए स्वसहायता समूहों का और दो रुपए गौठान समिति का हिस्सा होगा। कलेक्टर ने कहा कि गांव में जितना अधिक गोबर एकत्रित होगा, उतना ही अधिक लाभ समिति को और स्वसहायता समूहों को होगा। अरसनारा पहुंचने पर वहां गौठान समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यहां अब तक 42 हजार किलो गोबर एकत्रित किया जा चुका है और इस पर वर्मी कंपोस्ट बनाने की प्रक्रिया चल रही है। बासीन में गौठान समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यहां यह हर दिन पांच सौ से छह सौ किलोग्राम गोबर गौठान में इकट्ठा हो रहा है।

कलेक्टर ने कहा कि जहां पर नाडेप के टांके खाली हैं वहां पर वर्मी कंपोस्ट बनाया जा सकता है इसके लिए अतिरिक्त जगह मिल जाएगी। कलेक्टर ने गौठान समिति के सदस्यों और सरपंच से कहा कि आप लोग सभी ग्रामीणों को गोधन योजना के लाभों के संबंध में जानकारी दें। जितना गोबर एकत्रित होगा और वर्मी कंपोस्ट बनेगा, उतना ही अधिक लाभ स्वसहायता समूहों और गौठान समितियों को होगा। उन्होंने गौठान समिति के पदाधिकारियों से कहा कि विक्रय का पचीस फीसदी गौठान समिति को मिलेगा, इसके माध्यम से गौठान की बेहतरी के लिए आवश्यक खर्च गौठान समिति कर सकेगी। उन्होंने कहा कि लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करें कि अपने पशुधन को गौठान भेजें एवं खुले में न छोड़े। गांव के पशुधन के माध्यम से मिलने वाले लाभों को जितना संग्रहित करेंगे, यह उतना ही उपयोगी होगा। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि हर गौठान में जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त वर्मी टैंक बनाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशिक्षण पूरी तरह से दिया जा चुका है तथा वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कलेक्टर ने गौठान समिति के पदाधिकारियों से कहा कि आप लोगों पर गौठान के विकास का सर्वाधिक दायित्व है। आपके द्वारा पूरी तरह से लगन से किये गए कार्य से जरूर सफलता मिलेगी और अपने पर्याप्त पशुधन के बूते गांव आर्थिक तरक्की के रास्ते पर बढ़ेगा। इस दौरान स्वसहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन भी किया। कलेक्टर ने इसकी प्रशंसा की। जिला पंचायत सीईओ ने भी इसे सराहा। इस दौरान सहायक कलेक्टर  जितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

 

05-08-2020
गोधन न्याय योजना से ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों के जीवन में होगा बदलाव : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की एक अनूठी योजना है। योजना की शुरूआत के एक पखवाड़े के भीतर इसके उत्साह जनक परिणाम देखने और सुनने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों के जीवन में बदलाव लाने वाली तथा लोगों को बारहों महीने रोजगार देने वाली योजना है। मुख्यमंत्री बघेल ने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के पहले भुगतान का शुभारंभ करते हुए उक्त बातें कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 46 हजार 964 गोबर विक्रेताओं के खाते में एक करोड़ 65 लाख रूपए की राशि आनलाइन अंतरित की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम की शुरूआत में शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नाम पर प्रदेश में  तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना  का शुभारंभ किया। बघेल ने कहा कि महेन्द्र कर्मा बस्तर टाइगर के नाम से जाने जाते थे, वे आदिवासियों के हक की हर लड़ाई में दमदारी से खड़े रहे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जशपुर, जांजगीर-चांपा, सुकमा, बलौदाबाजार जिले कीे विभिन्न गौठान समितियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, पशुपालक एवं गोबर विक्रेताओं से गोधन न्याय योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने गोबर विक्रय करने वाले लोगों से भुगतान की राशि प्राप्त होेने, महिला स्व-सहायता समूहों से उनके द्वारा संचालित गतिविधियों विशेषकर वर्मी कम्पोस्ट खाद के निर्माण एवं विक्रय की स्थिति, गौठानों में आने वाले पशुओं की संख्या एवं उनके चारे-पानी के प्रबंध के बारे में जानकारी ली।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की परिकल्पना आज मूर्तरूप ले चुकी है। यह योजना ग्राम पंचायतों के बाद गांव तक विस्तारित होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोबर खरीदी के एवज में गोबर विक्रेताओं को 15 दिन के भीतर उनके बैंक खाते में राशि के भुगतान का जो वादा किया था, वह आज पूरा हो रहा है। इस योजना के तहत हर 15वें दिन गोबर विक्रेताओं को भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त तक राज्य में कुल 4140 गौठानों में पंजीकृत 65 हजार 694 हितग्राहियों में से 46 हजार 964 हितग्राही द्वारा 82 हजार 711 क्विंटल गोबर का विक्रय किया गया, जिसकी कुल राशि 2 रूपए प्रति किलो की दर से 1 करोड़ 65 लाख रूपए पशुपालकों के बैंक खातों में जमा की गई है। इस योजना से 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 20 अगस्त को किया जाएगा।

 

05-08-2020
गोधन न्याय योजना के 38 हितग्राहियों को किया 89934 रूपए का भुगतान

भिलाई नगर। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत निगम क्षेत्र के पंजीकृत 38 पशुपालकों को 89934 रूपए पहला भुगतान किया गया। इस योजना के तहत सबसे अधिक वार्ड-3 यादव मोहल्ला कोसा नगर निवासी मनोज यादव ने गोबर बेचकर 9296 रूपए कमाए। मनोज के पास 23 गाय और भैंस हैं। उन्होंने 20 जुलाई को ही पंजीयन कराया तथा 1 अगस्त तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत शहरी गौठान में 4648 किलोग्राम गोबर बेचा। यादव को दो रूपए की दर से उन्हें बुधवार को समन्वय समिति ने बैंक के माध्यम से 9296 रूपए भुगतान किया गया। इसी प्रकार वार्ड-3 निवासी भरतलाल यादव ने 4032 किलोग्राम गोबर बेचा था। उन्हें 8065 रूपए भुगतान किया गया। योजना के नोडल अधिकारी व उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक गोबर बेचने अपना पंजीयन निरंतर करा रहे हैं। इनमें से 38 हितग्राही 20 जुलाई से लगातार शहरी गौठान में गोबर बेच रहे हैं। इस तरह से 20 जुलाई से 1 अगस्त की अवधि में पंजीकृत 38 पशुपालकों से कुल 44,967 किलोग्राम खरीदी गई। जिसका पहला भुगतान बैंक खाते के माध्यम किया गया। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कोई भी पशुपालक जोन कार्यालय से संपर्क कर पंजीयन करवा सकता है।

निगम प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थल पर ले जाकर गोबर बेच सकता है। जोन-1 अंतर्गत शहरी गौठान कोसा नगर, जोन-4 एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से जोन-2, जोन -3 और जोन-5 में भी गोबर खरीदा जाएगा। पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खाता के माध्यम से 15-15 दिन के अंतराल में भुगतान किया जाएगा। गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी ने की समीक्षा निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम के सभागर में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। सभी जोन आयुक्त को अपने क्षेत्र के चिन्हित स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। जल्द से जल्द से गोबर खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना की विस्तृत जानकारी भी दी तथा डॉक्यूमेंटेशन को लेकर अद्यतन करने कहा। बैठक में उपायुक्त तरूण पाल लहरे, लेखा अधिकारी जितेन्द्र ठाकुर, पीएमयू के शुभम पाटनी, सभी जोन आयुक्त और समन्वय समिति की महिलाएं मौजूद थी।

 

05-08-2020
भूपेश बघेल ने शहीद महेंद्र कर्मा के नाम पर शुरू की तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को अपने निवास कार्यालय के सभाकक्ष में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत राज्य के ग्रामीणों और पशुपालकों से क्रय किए गए गोबर की राशि के भुगतान का शुभारंभ करने के साथ ही,शहीद महेंद्र कर्मा के नाम पर तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का भी शुभारंभ किया। बता दें कि मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के तहत 1 करोड़ 65 लाख की राशि 46,964  ग्रामीणों और किसानों के बैंक खाते में अंतरित की। छत्तीसगढ शासन की इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत बीते 20 जुलाई को हरेली पर्व से की गई है।
मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद महेन्द्र कर्मा के नाम पर तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से राज्य के 12.50 लाख संग्राहक परिवारों को लाभ मिलेगा। इस दौरान कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मो.अकबर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, लोक स्वास्थ्य मंत्री गुरु रुद्रकुमार, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत,महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया,संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी,चंद्रदेव राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, प्रदीप शर्मा  मुख्यसचिव आरपी मंडल और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  योजना की विस्तृत जानकारी के लिए क्लिक करें    

 

05-08-2020
गोधन न्याय योजना को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति से लागू किया : कांग्रेस

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से राज्य सरकार की अभिनव गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी का पहला भुगतान हितग्राहियों के खाते में अंतरित करने का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि, गोबर खरीदी से मिलने वाली राशि गरीब समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचेगी। गोधन न्याय योजना से हितग्राहियों को किसान सम्मान योजना से अधिक राशि मिलेगी। कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रदेश में मजदूर, किसानों, पशुपालकों और गरीबों की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। भूपेश बघेल की सरकार गोबर खरीद कर पशुपालकों और जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली देश की ही नहीं संसार की पहली सरकार है। त्रिवेदी ने कहा है कि, 15 साल भाजपा की रमन सरकार में गौशालाओं के संचालन के नाम पर करोड़ों रुपए अनुदान गाय के पेट में नहीं, पशुपालकों को नहीं, भाजपा नेताओं के पेट में जाता था। इसी स्थिति को बदलने का बीड़ा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना के माध्यम से उठाया है। यही भाजपा नेताओं को नागवार गुजरा और उन्होंने गोधन न्याय योजना का न केवल उपहास उड़ाया, बल्कि विरोध भी किया।

भाजपा नेताओं ने गोधन न्याय योजना के लागू होने में न केवल संदेह जताया बल्कि रूकावटें भी डाली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति से इसे संभव बनाया है। शैलेश ने कहा है कि, 50 हजार हितग्राहियों, पशुपालकों को 1 करोड़ 65 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इनमें 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 15 अगस्त को किया जाएगा। गोधन न्याय योजना देश में अपने तरह की प्रथम योजना है। इसमें पशुपालकों, किसानों से 2 रुपए प्रति किलो (परिवहन व्यय सहित) की दर पर गौठानों में खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

05-08-2020
छत्तीसगढ़ के 46 हजार 964 पशुपालकों ने 1 अगस्त तक 82 हज़ार 711 क्विंटल गोबर बेचा,मिलेंगे 1 करोड़ 65 लाख

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना से सर्वहारा वर्ग को लाभ मिलेगा। हरेली त्यौहार के दिन 20 जुलाई से शुरू की गई इस योजना के तहत राज्य के सभी वर्गो के 65 हजार 694 पशुपालकों में से 46 हजार 964 पशुपालकों ने एक अगस्त तक 82 हजार 711 क्विंटल गोबर बेचा है। गोबर बेचने वालों में से 40 हजार 913 पुरूष और 24 हजार 781 महिला है। इनमें 25 हजार 474 अनुसूचित जनजाति वर्ग के 5 हजार 474, अनुसूचित जाति के 5 हजार 490 और 71 हजार 724 अन्य पिछड़ा वर्ग के पशुपालक शामिल है।गोधन न्याय योजना के तहत सभी वर्ग को लाभ मिल रहा है। इस योजना के द्वारा गोबर विक्रेता पशुपालकों को लाभ, गोबर के वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने वाले महिला समूहों को लाभ, वर्मी कम्पोस्ट से किसानों को ज्यादा उपज का लाभ, शहरों और गांवों की सड़कों में पशुओं का गोबर नहीं रहने से स्वच्छता का वातावरण, पशुओं को गौठान और घरों में रखने से फसलों को नुकसान नहीं, महिला स्वसहायता समूहों को गोबर से दीया, लकड़ी, टोकरी आदि बनाकर बेचने से अजीविका, जैविक खाद से शुद्ध अनाज और सब्जियां पैदा होने से लोगों के स्वास्थ्य आदि का लाभ मिलेगा।  

गौरतलब है कि राज्य के गोबर बेचने वाले 46 हजार 964 गोबर विक्रेताओं को एक करोड़ 65 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। इनमें बस्तर जिले के एक हजार 875 पशुपालकों को 2 लाख तीन हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार बीजापुर के 639 पशुपालकों को 97 हजार रूपए, दंतेवाड़ा के 544 पशुपालकों को 97 हजार 658 हजार रूपए, कांकेर के 2 हजार 221 पशुपालकों को 4 लाख 92 हजार रूपए, कोण्डागांव के एक हजार 321 पशुपालकों को एक लाख 9 हजार रूपए, नारायणपुर के 421 पशुपालकों को 40 हजार रूपए, सुकमा के एक हजार 394 पशुपालकों को 2 लाख 16 हजार रूपए, बिलासपुर के 2 हजार 13 पशुपालकों को 3 लाख 65 हजार रूपए, गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही के 744 पशुपालकों को एक लाख 13 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा के 2 हजार 235 पशुपालकों को 6 लाख 29 हजार रूपए, कोरबा के 2 हजार 756 पशुपालकों को 8 लाख रूपए, मुंगेली के 902 पशुपालकों को 2 लाख 21 हजार रूपए, रायगढ़ के 2 हजार 335 पशुपालकों को 6 लाख 76 हजार रूपए, बालोद के 2 हजार 228 पशुपालकों को 11 लाख 27 हजार रूपए, बेमेतरा के 637 पशुपालकों को 2 लाख 65 हजार रूपए, दुर्ग के 2 हजार 499 पशुपालकों को 23 लाख 97 हजार रूपए, कवर्धा के 819 पशुपालकों को 5 लाख 14 हजार रूपए, राजनांदगांव के 5 हजार 30 पशुपालकों को 13 लाख 61 हजार रूपए, बलौदाबाजार के एक हजार 108 पशुपालकों को 4 लाख 49 हजार रूपए, धमतरी के 2 हजार 182 पशुपालकों को 11 लाख 49 हजार रूपए, गरियाबंद के 839 पशुपालकों को 3 लाख 46 हजार रूपए, महासमुंद के एक हजार 619 पशुपालकों को 9 लाख 6 हजार रूपए, रायपुर के 3 हजार 698 पशुपालकों को 26 लाख 39 हजार रूपए, बलरामपुर के 858 पशुपालकों को एक लाख 47 हजार रूपए, जशपुर के एक हजार 615 पशुपालकों को एक लाख 69 हजार रूपए, कोरिया के एक हजार 324 पशुपालकों को 2 लाख 50 हजार रूपए, सरगुजा के एक हजार 822 पशुपालकों को 4 लाख 93 हजार रूपए और सूरजपुर जिले के एक हजार 286 गोबर बेचने वाले पशुपालकों को 2 लाख 64 हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा।

05-08-2020
Breaking: भूपेश बघेल ने की शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना की शुरुआत, देखें लाइव...

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बुधवार दोपहर शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना की शुरुआत की है। इसके साथ ही गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि का वितरण भी किया जा रहा है। इस अवसर पर राम वनगमन पथ का प्रस्तुतिकरण भी होगा। प्रसारण को लाइव देखने इस लिंक पर क्लिक करें... https://m.youtube.com/watch?v=Mpl7DPkH_ikLIVE

05-08-2020
गोधन न्याय योजना भूपेश बघेल की दूरदर्शी सोच का परिणाम : अरुण वोरा

रायपुर। गोधन न्याय योजना को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के वर्तमान पीढ़ी के साथ ही आने वाले पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगी। देश में यह अपनी तरह की पहली और अनूठी योजना है। पशुपालकों से 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदी कर गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाकर इसकी बिक्री से पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। खेतों में केमिकल खाद से पैदा होने वाले अनाज और सब्जियों की जगह अब जैविक खाद से अनाज और फल-सब्जियों का उत्पादन होगा। 

वोरा ने कहा कि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन होने से किसानों को सस्ती दर पर जैविक खाद मिलेगा। गोबर खरीदी की व्यवस्था से पशुपालक अपने घर पर ही पशुओं को बांधकर रखेंगे। इससे पशु फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे और शहर और गांव के गली-कूचों में जगह-जगह गोबर के अवशेष नहीं मिलेंगे। इससे स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा। गोबर खरीदी की व्यवस्था से पशुपालकों के साथ-साथ वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने वाली महिला स्वसहायता समूहों और पशुपालकों को भी आमदनी होगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से बुधवार को गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के 46 हजार 964 गोबर विक्रेता पशुपालकों को गोबर खरीदी का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। राज्य के गोबर विक्रेताओं को एक करोड़ 65 लाख 42 हजार रुपए का भुगतान उनके खाते में ऑनलाइन होगा। वोरा ने गोबर विक्रता पशुपालकों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।  वोरा गोधन न्याय योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया है।

05-08-2020
रायपुर 13 हजार क्विंटल गोबर खरीद कर राज्य में अव्वल भूपेश सरकार गोधन न्याय योजना में करेगी 1.82 करोड़ भुगतान

रायपुर। भूपेश बघेल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना‘ के तहत 20 जुलाई से एक अगस्त तक 3 हजार 698 पशुपालकों से रायपुर जिले में सर्वाधिक 13 हजार 195 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। राज्य में इस योजना के तहत एक अगस्त तक कुल 82 हजार 711 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है, जिसका 5 अगस्त को एक करोड़ 65 लाख 42 हजार रुपए का भुगतान गोबर विक्रेताओं के खाते में ऑनलाइन किया जाएगा। 

प्रदेश के जांजगीर-चांपा जिले में 2 हजार 235 पशुपालकों से 3 हजार 148 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बस्तर जिले के एक हजार 875 पशुपालकों से एक हजार 17 क्विंटल, बीजापुर के 639 पशुपालकों से 487 क्विंटल, दंतेवाड़ा के 544 पशुपालकों से 488 क्विंटल, कांकेर के 2 हजार 221 पशुपालकों से 2460 क्विंटल, कोण्डागांव के एक हजार 321 पशुपालकों से 54 हजार 661 क्विंटल, नारायणपुर के 421 पशुपालकों से 201 क्विंटल, सुकमा के एक हजार 394 पशुपालकों से एक हजार 81 क्विंटल, बिलासपुर के 2 हजार 13 पशुपालकों से 18 हजार 28 क्विंटल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के 744 पशुपालकों से 565 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। 

कोरबा जिले के 2 हजार 756 पशुपालकों से 4 हजार 07 क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है। मुंगेली के 902 पशुपालकों से 1105 क्विंटल, रायगढ़ के 2 हजार 335 पशुपालकों से 3 हजार 380 क्विंटल, बालोद के 2 हजार 228 पशुपालकों से 5 हजार 637 क्विंटल, बेमेतरा के 637 पशुपालकों से एक हजार 328 क्विंटल, दुर्ग के 2 हजार 499 पशुपालकों से 11 हजार 985 क्विंटल, कवर्धा जिले में 819 पशुपालकों से 2573 क्विंटल, राजनांदगांव के 5 हजार 30 पशुपालकों से 6 हजार 805 क्विंटल, बलौदाबाजार के एक हजार 118 पशुपालकों से 2 हजार 245 क्विंटल, धमतरी के 2 हजार 182 पशुपालकों सेे 5 हजार 745 क्विंटल, गरियाबंद के 839 पशुपालकों से एक हजार 730 क्विंटल, महासमुंद के एक हजार 619 पशुपालकों से 4 हजार 532 क्विंटल, बलरामपुर के 858 पशुपालकों से 734 क्विंटल, जशपुर के एक हजार 615 पशुपालकों से 847 क्विंटल, कोरिया के एक हजार 324 पशुपालकों से एक हजार 253 क्विंटल, सरगुजा के एक हजार 822 पशुपालकों से 2 हजार 466 क्विंटल और सूरजपुर जिले के एक हजार 286 पशुपालकों सेे एक हजार 321 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।

04-08-2020
50 रूपए भेंट करने वाली जंगलबेड़ा की लता बाई सपरिवार मिली मुख्यमंत्री से, उपहार में दिए 200 रूपए और 

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में गौमाता के सेवा-जतन के लिए जनसामान्य को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘गोधन न्याय योजना’ से प्रसन्न होकर 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला लता भोई ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आशीर्वाद देने के साथ ही उन्हें अपनी ओर से 200 रूपए उपहार स्वरूप भेंट किए। लता भोई महासमुंद जिले के सुदूर सीमावर्ती गांव जंगलबेड़ा की रहने वाली है। गोधन न्याय योजना को वह गौमाता के सेवा-जतन और ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों की आय को बढ़ाने वाली योजना मानती हैं। लता भोई इससे पूर्व गोधन न्याय योजना से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को महासमुंद जिले के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आशीर्वाद एवं 50 रूपए उपहार स्वरूप भिजवाए थे।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विशेष आमंत्रण पर लता भोई अपने पुत्र अकबर भोई के साथ आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय आईं थीं। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से मुलाकात के दौरान उन्होंने गोधन न्याय योजना के लिए उन्हें आशीर्वाद देने के साथ ही प्रसन्नतापूर्वक अपनी ओर से 200 रूपए उपहार स्वरूप मुख्यमंत्री को भेंट किए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर  भोई को अपनी ओर से उपहार भेंट किए। इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन तथा नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमेन रामगोपाल अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
   

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गांव, गरीब और किसानों की स्थिति में बदलाव आए। किसानों और ग्रामीणों की आमदनी बढ़े इसके लिए उनकी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। गौठानों को हम आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित कर रहे हैं, ताकि ग्रामीण, स्थानीय स्तर पर रोजगार व्यवसाय अपनाकर स्वावलंबी बन सकें। उन्होंने गोधन न्याय योजना को ग्रामीणों और किसानों की बेहतरी की योजना बताते हुए कहा कि इससे उनकी आय बढ़ेगी और फसलों का खुली चराई के कारण होने वाला नुकसान रूकेगा। वर्मी कम्पोस्ट खाद से खेत की स्थिति में सुधार होगा। खेती-किसानी की लागत कम होगी।  भोई ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने किसानों, गरीबों और ग्रामीणों का ध्यान रखा है। किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम देने के साथ ही कर्ज माफी कर बड़ी राहत दी है। उन्होंने गौमाता के सेवा-जतन के लिए गांव-गांव में गौठानों का निर्माण के साथ ही गोधन न्याय योजना की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जंगलबेड़ा गांव के विकास के कार्यों और खेती-किसानी की स्थिति के संबंध में भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि आलोक चन्द्राकर, मधुबन भोई, राजेन्द्र चन्द्राकर, सौरभ गोयल, पप्पू अग्रवाल,  सागर डोंगरे, देवेश साहू, किशन पटेल सहित सरपंच रामलाल विशाल से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सरपंच विशाल द्वारा विकास कार्यों की मांग के संबंध में सौंपे गए ज्ञापन पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। 
 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804