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21-06-2020
भूपेश बघेल सरकार ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को गणवेश सिलाई के जरिये सतत उपलब्ध करा रही है रोजगार

रायपुर। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामोद्योग को अपने जीवनयापन का जरिया बनाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने और ग्रामीणों को उनकी कुशलता और दक्षता के अनुरूप घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। हाथकरघा संघ ने महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी 7000 महिलाओं को गणवेश सिलाई के माध्यम से नियमित रूप से रोजगार उपलब्ध कराया है। स्व-सहायता समूह से जुड़ी बुनकर महिलाओं ने कोरोना संकट और लॉक डाउन की विषम परिस्थिति को भी अपने हुनर और हौसले से लाभ के अवसर में बदल दिया है। समूह की महिलाओं ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बाजार में मास्क की डिमांड को देखते हुए सूती कपड़े का अच्छी क्वॉलिटी का 3 लाख 80 हजार मास्क तैयार किया।

 बुनकर महिलाओं ने अपने लाभांश राशि में से एक लाख 45 हजार 303 रुपए की राशि का चेक मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए और 1500 नग मास्क भेंट कर कोरोना की लड़ाई में अपनी अनुकरणीय सहभागिता निभाई हैं। राज्य में हाथकरघा के माध्यम से वस्त्रों की बुनाई में जुटीं महिला स्व-सहायता समितियों और बुनकर समितियों ने लॉक डाउन की अवधि में 7 करोड़ 65 लाख रुपए से अधिक का कारोबार किया है। हाथकरघा संघ ने 12 हजार 600  हाथकरघों के माध्यम से प्रदेश के 37 हजार बुनकर परिवारों को वर्ष भर रोजगार उपलब्ध कराया है। खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार मूलक कार्यक्रम के अंतर्गत 661 इकाईयों की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। इनके जरिए 6 करोड़ 94 लाख 83 हजार रुपए का अनुदान वितरित कर 3965 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

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