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10-11-2019
साधु-बाबाओं के भेष में घूम रहे पाकिस्तानी एजेंट, सेना ने दी सतर्क रहने की चेतावनी

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अपने सैनिकों को नकली बाबाओं और आध्यात्मिक गुरुओं से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है। सेना ने कहा है कि ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हो सकते हैं, जो उन्हें फंसाने और गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आध्यात्मिक गुरु या बाबा के रूप में संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए सैनिकों या उनके परिवारों को लुभाने के लिए पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (पीआईओ) द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली यह नवीनतम विधि है। एक आंतरिक दस्तावेज में सेना ने अपने कर्मियों को इस जासूसी तकनीक में न फंसने की चेतावनी जारी की है।

सैन्य अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे कि यूट्यूब, व्हाट्सएप और स्काइप का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि सेवारत सैनिकों को निशाना बनाया जा सके। सेना ने लगभग 150 सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहचान की है, जिन पर पाकिस्तानी एजेंट होने का संदेह है। सेना ने जारी की सतर्क रहने की सलाह ये सभी एजेंट संवेदनशील जानकारी एकत्र करने के लिए सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके आश्रितों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया प्रोफाइल जाली तरीके से महिलाओं के नाम पर बनाई गई है, पाकिस्तानी इससे सैनिकों को हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश कर सकते हैं।

सेना ने अपने सैनिकों को फोटो और वीडियो शेयरिंग, इंस्टेंट मैसेजिंग, डेटिंग और सोशल नेटवर्क पर एप के बारे में सावधान रहने की सलाह दी है। सेना को आशंका है कि पाकिस्तानी एजेंट इनका उपयोग अपने लक्ष्य को खोजने के लिए कर सकते हैं। सेना के अनुसार ये एजेंट सैन्य गतिविधि, तैनाती, युद्धक संरचना, सामरिक बल कमान इकाइयों की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे देश के पश्चिमी मोर्चे पर भारत के खिलाफ पाकिस्तानी सेना कोई साजिश रच सके। इसके अलावा ये एजेंट बड़े सैन्य अधिकारियों के मोबाइल नंबर को भी पाने की कोशिश कर रहे हैं। 

22-09-2019
फेसबुक पर दोस्ती करना पड़ा महंगा, शिक्षिका को 47 हजार रु. का चूना

दुर्ग। फेसबुक पर दोस्ती करना महिला को भारी पड़ा है। इस महिला ने फेसबुक पर कथित रुप से एक विदेशी महिला से दोस्ती की। विदेशी ने कोरियर से गिफ्ट भेजने के नाम पर महिला से 47 हजार 500 रु. हड़प लिए। इस मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध धारा 420 के तहत पंजीबद्ध कर प्रकरण की पड़ताल प्रारंभ कर दी है। ऑन लाइन ठगी का यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र का है। शिकार हुई महिला पेशे से शिक्षक है। विवेकानंद वार्ड  निवासी मंजूषा ताम्रकार की कुछ माह पूर्व फेसबुक पर एक महिला से दोस्ती हुई थी। महिला के फेसबुक प्रोफाइल पर स्वयं इंग्लैंड निवासी सैंड्रा नाम दर्शाया गया था। इस विदेशी महिला से दोस्ती होने के बाद उसने मंजूषा को मरीन में सेवारत होने की जानकारी दी थी। जिस पर विश्वास होने के बाद मंजूषा व कथित सैंड्रा में बातचीत होने लगी थी। जुलाई से अगस्त के बीच सैंड्रा ने विदेश से मंजूषा को लैपटाप, घडिय़ा, पर्स व बच्चों के पढऩे के लिए किताबें गिफ्ट के रुप में भेजने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि सामान वह इंटरनेशनल कोरियर के मार्फत भेज रहीं है। जिसके लिए उसे कस्टम ड्यूटी का भुगतान करना होगा। इसके लिए उसने कोरियर कंपनी के किसी व्यक्ति का नंबर देकर बात भी करवाई।

कोरियर वाले ने उसे अपना खाता नंबर देते हुए पहले कस्टम क्लीयरेंस के लिए 17 हजार 500 रु. खाता में ट्रांसफर करने कहा। जिसके कुछ दिनों बाद क्लीयरेंस में परेशानी होने का हवाला देकर 30 हजार रु. पुन: जमा करवा लिए गए। 30 हजार रु. जमा करने बाद कोरियर वाले का फिर फोन आया कि आपकी दोस्त ने 24 किलोग्राम का पार्सल भेजा है जिसमें कैरेंसी भी है। जिसकी जानकारी कस्टम विभाग द्वारा पार्सल का स्कैन करने के बाद हुई है, इसे क्लीयरेंस कराने के लिए सवा लाख रु. का भुगतान ओर करना होगा। बार बार रकम की मांग किए जाने पर मंजूषा को ठगे जाने का अहसास हुआ और मामले की शिकायत पुलिस में की गई। शिकायत के आघार पर पुलिस द्वारा की गई जांच में महिला के साथ ठगी की वारदात की होने का खुलासा हुआ। इस मामले को पुलिस ने धारा 420 के तहत दर्ज कर ठगों की पतासाजी प्रारंभ कर दी है। कोतवाली प्रभारी सुरेश कुमार धु्रव ने बताया कि महिला द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर की जांच कराई गई है। यह मोबाइल नंबर उत्तर प्रदेश का है। उन्होंने कहा कि आरोपी शीघ्र गिरफ्तार किए जाएंगे।

19-09-2019
करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्य की जासूसी करने वाला युवक गिरफ्तार

नई दिल्ली। तिब्बड़ी मिलिट्री इंटेलीजेंस ने एक व्यक्ति को करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्य की जासूसी करते हुए गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने ये फोटो पाकिस्तान भेजे हैं जिसके लिए उसे 10 लाख रुपये का लालच दिया गया था। जासूसी करने वाले व्यक्ति की पहचान विपिन सिंह पुत्र मलकीत सिंह के रूप में हुई है। वह गुरदासपुर के पुल तिब्बड़ी का रहने वाला है। उसने पूछताछ में बताया कि उसने पाकिस्तान के मोबाइल नंबर पर कुछ तस्वीर भेजी थीं। उसने वहां बात करने के लिए वॉयस कॉल का इस्तेमाल किया था। उससे करतारपुर कॉरिडोर के अलावा कुछ ओर भी जानकारी मांगी गई थी। इसके बदले में उसे दस लाख रुपये देने के लिए उसका खाता नंबर भी मांगा गया था। मिलिट्री इंटेलीजेंस ने पूछताछ करने के बाद देर शाम उसे पुलिस थाना पुराना शाला के हवाले कर दिया है। वहीं इस मामले में एसपी-डी हरविंदर सिंह बे कहा कि सेना ने उन्हें अभी तक किसी जासूस को नहीं सौंपा है।

गौरतलब है कि सिख श्रद्लाओं के लिए करतारपुर साहिब के दर्शनार्थ आने-जाने के लिए करतारपुर कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसकी घोषणा भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने की। ये कॉरिडोर पाकिस्तान के करतारपुर और भारत के गुरदासपुर के मान गांव को जोड़ेगा। करतारपुर सिखों के पहले गुरु गुरुनानक देव की कर्मस्थली है। यहीं नानक देव जी ने आखिरी सांस ली थी। भारत में इसका उद्घाटन 26 नवम्बर को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने किया था। भारत की ओर से इस कॉरिडोर को बनाने की घोषणा 22 नवम्बर को की गई। पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन 28 नवम्बर को हुआ था। प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसकी आधारशिला रखी थी। आगामी 9 नवंबर को इसे लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस समय दोनों देशों की तरफ से निर्माण कार्य जारी है।

09-08-2019
आज से शुरू हो रही है किसान पेंशन योजना, इसके तहत मिलेंगे तीन हजार रुपये प्रतिमाह

नई दिल्ली। देश के अन्नदाताओं को साठ साल की उम्र के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए किसान पेंशन योजना शुक्रवार से शुरू हो रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इसका आगाज दिल्ली से करेंगे। योजना के तहत किसान को तीन हजार रुपया प्रतिमाह पेंशन के रूप में मिलेगा किसान की मौत होने पर उसकी पत्नी को पचास फीसदी रकम का भुगतान मिलता रहेगा। इसके लिए एलआईसी को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें 29 साल तक के किसान को 100 रुपये मासिक के हिसाब से देना होगा इतना ही केंद्र सरकार देगी। इसमें साठ साल के बाद उसे एक मुश्त तीन हजार प्रतिमाह मिलेगा।

सरकार इस योजना पर करीब दस हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। 18 से 40 साल तक के किसान इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। योजना पूरी तरह से स्वैच्छिक होगी। इसके लिए किसान को खेती की पूरी जानकारी देने के लिए खसरा/खतौनी के अलावा आधार कार्ड , जनधन खाते की डिटेल और मोबाइल नंबर देना होगा जो कि आधार और बैंक खाते में जुड़ा हो। मोदी सरकार ने दूसरे कार्यकाल के आगज के साथ ही इस योजना की घोषणा की थी। सरकार की योजना पहले तीन साल  में 5 करोड़ किसानों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने की है। देश में लगभग 14 करोड़ किसान हैं। सरकार ने किसानों के 2024 तक दोगुनी आय  का भरोसा दिया है।

20-06-2019
गलती से छूटी बेग, ट्रैफिक पुलिस ने पहुंचाया मालिक तक

 

धमतरी। धमतरी सिहावा चौक में बैंक ऑफ बडौदा के पास मोटर साइकिल में अज्ञात बेग की सूचना पर पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उसे उसके सही ठिकाने तक पहुंचाया। बता दें कि सिहावा चौक में आरक्षक ढाल सिंह ध्रुव एवं मिथिलेश ड्यूटी पर तैनात थे तभी खपरी निवासी खगेंद्र साहू ने ट्रैफिक पुलिस के जवानों को अज्ञात बेग सूचना दिया। जिसके बाद पतासाजी करने करने पर बैग वाले का कहीं पता नहीं चला। अज्ञात बेग करने पर 10-15 पासबुक और चेकबु के साथ जरूरी कागजात प्राप्त हुआ।

पासबुक में अंकित नाम मोबाइल नंबर के माध्यम से पता करने पर यातयात के जवानों को बैग के मालिक की जानकरी मिली। कमलेश कुमार सोरी साकेत नगर गोविंदपुर कांकेर का निवासी निकला। बेग मालिक को बुलाकर हेड कांस्टेबल उत्तम साहू आरक्षक राज कुमार नेताम ढाल सिंह मिथिलेश के समक्ष उक्त  बैग को कमलेश सॉरी को सुपुर्द किया गया। और नई मिशान हासिल किया।

15-04-2019
Voters : अब मतदाता ऑनलाइन देख सकते हैं मतदाता सूची में अपना नाम

रायपुर। राज्य का कोई भी मतदाता जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, वे अपना नाम मतदाता सूची में देख सकते हैं। इसके लिए मतदाता सेवा पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन एप्लीकेशन, कॉल सेन्टर या निशुल्क एसएमएस सेवा का उपयोग कर सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 87.5 करोड़ अपने मतदाताओं की सहूलियत के लिए वोटर हेल्पलाइन एंड्रायड एप्लिकेशन शुरू किया है। भारत निर्वाचन अयोग ने अपनी वेबसाइट में मतदाताओं की सुविधा के लिए अब वोटर सर्च  का विकल्प उपलब्ध करा दिया है। इसके माध्यम से मतदाता अपनी खुद की जानकारी सर्च कर सकते हैं। आयोग द्वारा वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप्लीकेशन भी लांच किया गया है, जिसे प्ले-स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप के माध्यम से मतदाता एक ही स्थान से भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट, स्वीप, एनवीएसपी, मतदाता सर्च एवं एनजीएसपी (शिकायत पोर्टल) का उपयोग कर सकते हैं। मतदाता सीधे टोल फ्री नंबर 1950 पर सीधे कॉल कर मतदाता सूची संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा मोबाइल सेवा से जुड़े आम मतदाताओं के लिए शार्ट मैसेज सर्विस (एसएमएस) की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके तहत मतदाता, मतदाता सूची से संबंधित जानकारियाँ सिर्फ एक एसएमएस के माध्यम से प्राप्त कर सकता है। आयोग की यह सेवा निःशुल्क है। इसके तहत मतदाता अपने मोबाइल से आयोग के निःशुल्क  नंबर 1950 में एसएमएस कर अपनी प्राथमिक जानकारियां सहित निर्वाचन क्षेत्र, मतदान केन्द्र, सरल क्रमांक के साथ ही बूथ लेवल अधिकारी का मोबाइल नंबर भी प्राप्त कर सकते हैं।  
मतदाता यह जानकारी हिन्दी या स्थानीय अथवा अंग्रेजी भाषा में प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए मतदाता को अपने मोबाइल के  मैसेज बाक्स में जाकर अंग्रेजी में ECI लिखकर स्पेस देना होगा। उसके बाद EPICNUMBER अर्थात मतदाता पहचान पत्र की संख्या  लिखना / टाइप करना है। इसके बाद चाही गई जानकारी हिन्दी अथवा स्थानीय भाषा के लिए 1 तथा अंग्रेजी के लिए 0 टाइप करना है। याने ECI EPICNO 1 अथवा 0 टाइप करके लिखे हुए इस मैसेज को आयोग के निशुल्क  नम्बर 1950 में भेज देना है । इसके बाद मतदाता को एक संदेश प्राप्त होगा, जिसमें मतदाता सूची अनुसार संबंधित मतदाता का नाम, उम्र,निर्वाचन क्षेत्र तथा राज्य का नाम अंकित होगा। यदि मतदाता अपने मतदान केन्द्र की जानकारी चाहता है, तो उसे मैसेज बाक्स में जाकर ECIPS लिख कर स्पेस देना होगा और फिर अपना मतदाता पहचान संख्या याने EPIC NUMBER लिखना है। फिर स्पेस देकर उसके बाद भाषा का चयन करते हुए याने हिन्दी या स्थानीय भाषा के लिए 1 या और अंग्रेज़ी भाषा के लिए 0 अर्थात ECIPS EPICNO 1 अथवा 0 टाइप करना है। फिर लिखे/ टाइप किए गए इस मैसेज को आयोग के निशुल्क नम्बर 1950 में भेज देना है । ऐसा करने से मतदाता को मतदान केन्द्र की जानकारी मिल जाती है ।
इसके अलावा यदि मतदाता को अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी से मतदाता सूची से संबंधित जानकारी के लिए संपंर्क करना हो तो उसका मोबाइल नंबर भी प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए मतदाता को अपने मोबाइल के मैसेज बाक्स पर जाकर ECICONTACT लिखना होगा फिर स्पेस देकर अपना मतदाता पहचान संख्या EPIC NUMBER टाइप करना होगा तथा स्पेस देते हुए चाही गई जानकारी हिन्दी या स्थानीय भाषा  के लिए 1 या और अंग्रेज़ी भाषा के लिए 0 टाइप करना है । याने  ECICONTACT EPICNO 1 या शून्य 0 टाइप कर आयोग के निशुल्क नम्बर 1950 में मैसेज भेजना है । इस प्रकार एसएमएस सेवा के माध्यम से मतदाता घर बैठे मतदाता सूची से संबंधित अपनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।
 

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