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17-09-2020
चीन ने की एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश की है। रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन पर भारत बड़ा और कड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “सदन इस बात से अवगत है कि भारत और चीन सीमा का प्रश्न अभी तक अनसुलझा है। भारत और चीन की बाउंड्री का कस्टमरी और ट्रेडिशनल अलाइनमेंट चीन नहीं मानता है। यह सीमा रेखा अच्छे से स्थापित भौगोलिक सिद्धांतों पर आधारित है।” रक्षा मंत्री ने कहा,“चीन मानता है कि बाउंड्री अभी भी औपचारिक तरीके से निर्धारित नहीं है। उसका मानना है कि हिस्टोरिक्ल जुरिस्डिक्शन के आधार पर जो ट्रेडिश्नल कस्टमरी लाइन है उसके बारे में दोनों देशों की अलग व्याख्या है। 1950-60 के दशक में इस पर बातचीत हो रही थी पर कोई समाधान नहीं निकला।

” राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “सदन को जानकारी है कि पिछले कई दशकों में चीन ने बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी शुरू की है, जिससे बॉर्डर एरिया में उनकी तैनाती की क्षमता बढ़ी है। इसके जबाव में हमारी सरकार ने भी बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का बजट बढ़ाया है, जो पहले से लगभग दोगुना हुआ है।” राजनाथ सिंह ने कहा, “यह सच है कि हम लद्दाख में एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं लेकिन साथ ही मुझे भरोसा है कि हमारा देश और हमारे वीर जवान इस चुनौती पर खरे उतरेंगे। मैं इस सदन से अनुरोध करता हूं कि हम एक ध्वनि से अपनी सेनाओं की बहादुरी और उनके अदम्य साहस के प्रति सम्मान प्रदर्शित करें। इस सदन से दिया गया, एकता और पूर्ण विश्वास का संदेश, पूरे देश और पूरे विश्व में गूंजेगा, और हमारे जवान, जो कि चीनी सेनाओं से आंख से आंख मिलाकर अडिग खड़े हैं, उनमें एक नए मनोबल, ऊर्जा व उत्साह का संचार होगा।”

 

01-09-2020
भारत-चीन सीमा विवाद: ताजा स्थिति की समीक्षा के लिए अजित डोभाल ने बुलाई आला अधिकारियों की बैठक

नई दिल्ली। भारत-चीन बॉर्डर पर चल रहे गतिरोध के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आला अधिकारियों के साथ मंगलवार को सीमा पर स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक बुलाई। इससे पहले सोमवार को भारतीय सेना ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन की सेना ने नए घटनाक्रम में 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात को पैंगोंग सो (झील) के दक्षिणी किनारे पर यथास्थिति को ‘‘एकतरफा’’ ढंग से बदलने के लिए ‘‘भड़काऊ सैन्य गतिविधि’’ की, लेकिन भारतीय सैनिकों ने उसके इस प्रयास को विफल कर दिया। सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने बताया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने पूर्वी लद्दाख गतिरोध पर सैन्य और राजनयिक स्तर की बातचीत के जरिए बनी पिछली आम सहमति का ‘‘उल्लंघन’’ किया तथा यथास्थिति बदलने के लिए भड़काऊ सैन्य गतिविधि की।

कर्नल आनंद ने एक बयान में कहा कि भारतीय सेना ने जमीनी तथ्यों को ‘‘एकतरफा’’ ढंग से बदलने के चीन के इरादों को विफल कर दिया और क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए कदम उठाए। उन्होंने कहा, ‘पीएलए सैनिकों ने 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात को पूर्वी लद्दाख गतिरोध पर सैन्य और राजनयिक बातचीत के जरिए बनी पिछली आम सहमति का ‘‘उल्लंघन’’ किया तथा यथास्थिति बदलने के लिए भड़काऊ सैन्य गतिविधि की।’सेना के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग सो (झील) के दक्षिणी किनारे पर पीएलए की गतिविधि को पहले ही विफल कर दिया, सेना ने हमारी स्थिति को मजबूत करने और जमीनी तथ्यों को एकतरफा बदलने के चीनी इरादों को विफल करने के लिए उपाय भी किए।’ उन्होंने कहा कि मुद्दे के समाधान के लिए चुशूल में ब्रिगेड कमांडर स्तर की बैठक चल रही है। प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय सेना बातचीत के माध्यम से शांति और स्थिरता बनाए रखने को प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए भी उतनी ही प्रतिबद्ध है।

25-08-2020
भारत-चीन सीमा विवाद: सेना ने ऊंची चोटियों पर मिसाइलों से लैस जवानों को किया तैनात

नई दिल्ली। भारत अब चीन की किसी भी हरकत को नजरअंदाज नहीं करना चाहता और ना ही वह उसके लिए किसी तरह की तैयारी को बाकी रहने देना चाहता। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए अब वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास ऊंची चोटियों पर कंधे से दागी जाने वाली एयर डिफेंस सिस्टम से लैस जवानों को तैनात कर दिया गया है। ताकि अगर दुश्मन किसी भी फाइटर जेट या हेलीकॉप्टर ने भारतीय वायु क्षेत्र के उल्लंघन की कोशिश की तो उसे मौके पर ही मार गिराया जा सके। ये जवान 'इग्ला एयर डिफेंस सिस्टम' से लैस हैं, जिसका इस्तेमाल आर्मी और एयरफोर्स भी करते रहे हैं। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण के करीब चाइनीज हेलीकॉप्टरों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर भारतीय सेना ने अब कंधे पर रखकर हवा में दागी जाने वाली मिसाइलों से लैस जवानों को तैनात कर दिया है। ये मिसाइलें ऊंचाई वाले स्थानों से एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए बहुत ही कारगर मानी जाती है। सूत्रों के मुताबिक, 'रूसी मूल के इग्ला एयर डिफेंस सिस्टम से लैस भारतीय जवानों को सीमा के पास महत्वपूर्ण चोटियों पर तैनात किया गया है, ताकि भारतीय एयर स्पेस के उल्लंघन की कोशिश करने वाले दुश्मन के किसी भी एयरक्राफ्ट पर ध्यान रखा जा सके।'

 

 

21-07-2020
भारत-चीन सीमा विवाद: सेना तैनात करेंगी उत्तरी सेक्टर में मिग- 29K फाइटर एयरक्राफ्ट

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच भारत सीमा पर लगातार अपनी क्षमताएं बढ़ा रहा है। अब भारतीय नौसेना के समुद्री फाइटर जेट मिग-29के (MiG-29K) को उत्तरी सेक्टर में तैनात करने का फैसला लिया है। नौसेना के पी-82 निगरानी विमान पहले ही पूर्वी लद्दाख सेक्टर में तैनात किए जा चुके हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा, 'मिग-29के फाइटर एयरक्राफ्ट को उत्तरी सेक्टर में भारतीय नौसेना के बेस पर तैनात करने की योजना बनाई जा रही है। इनका इस्तेमाल पूर्वी लद्दाख सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अभियानों को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है।'डोकलाम विवाद के दौरान इन निगरानी विमानों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया था। भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच भारतीय नौसेना अहम भूमिका निभा रही है। नौसेना के विमानों का एलएसी पर चीनी गतिविधियों और उनकी स्थिति पर नजर रखने के लिए  इस्तेमाल किया जा रहा है। 

 

05-07-2020
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कसा तंज,कहा-'सूर्य, चंद्रमा और सत्य, देर तक छिप नहीं सकते'

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा नेता राहुल गांधी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर पिछले कई दिनों से कोरोना वायरस और भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर निशाना साध रहे हैं। राहुल गांधी ने फिर से इशारों में रविवार को मोदी सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने गुरु पूर्णिमा के मौके पर भी केंद्र सरकार पर तंज किया है। राहुल गांधी ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए भगवान गौतम बुद्ध को कोट को शेयर करते हुए कहा है कि 'सूर्य, चंद्रमा और सत्य, देर तक छिप नहीं सकते'। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'तीन चीजें जो देर तक छिप नहीं सकतीं-सूर्य, चंद्रमा और सत्य-गौतम बुद्ध। आप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाए।'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन के कथित अतिक्रमण को लेकर राहुल गांधी सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी ने शनिवार (4 जुलाई) को किए ट्वीट में लिखा, ''देशभक्त लद्दाखी चीनी घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। वे चिल्ला चिल्ला कर आगाह कर रहे हैं। उनकी चेतावनी को नजरअंदाज करना भारत को महंगा पड़ेगा। भारत की खातिर, कृपया उन्हें सुनें।'' राहुल गांधी ने अपने इस ट्वीट के साथ एक वीडियो शेयर किया है।

जिसमें कुछ लोग (जो लद्दाखी होने का दावा) चीनी घुसपैठ की बात कह रहे हैं।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है, क्या वास्तविक व ताजा चित्र 'पैंगोंग त्सो लेक' एरिया में 'फिंगर 4 रिज़' तक हमारी सरजमीं पर चीनी कब्जे की सच्चाई बयां नहीं करते? क्या यह भारत का ही भूभाग है,जिस पर चीनियों द्वारा अतिक्रमण कर राडार, हैलीपैड और दूसरी संरचनाएं खड़ी कर दी गई हैं?उन्होंने कहा, 'द गार्जियन' अखबार ने दो तस्वीरें छापी हैं; इनमें एक तस्वीर 22 मई की है और दूसरी 23 जून की। इन दोनों तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ है।कपिल सिब्बल ने कहा, समय की मांग है कि भारत चीन की ''आंखों में आंखें'' डालकर स्पष्ट रूप से बता दें कि चीनियों को भारतीय सरजमीं पर अपने अवैध व दुस्साहसपूर्ण कब्जे को छोड़ना होगा। प्रधानमंत्री, यही एकमात्र 'राज धर्म' है, जिसका पालन आपको हर कीमत पर करना चाहिए।

07-06-2020
भारत-चीन सीमा विवाद पर विदेश मंत्रालय का बयान- दोनों पक्ष शांति से सुलझाना चाहते हैं मुद्दा

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास विवाद सुलझता दिख रहा है। शनिवार को दोनों पक्षों के बीच कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता हुई। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों देश शांतिपूर्ण ढंग से समस्या के समाधान के लिए सहमत हो गए हैं। साथ ही कहा गया है कि दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तरीय बातचीत जारी रहेगी। यह वार्ता चुशुल-मोल्डो क्षेत्र में हुई थी।

बातचीत से सुलझेगा विवाद :

विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि दोनों देशों के बीच अच्छे माहौल में बातचीत हुई। बयान में कहा गया, 'दोनों देश कई द्विपक्षीय समझौतों के तहत सीमा के हालात को शांत करने की कोशिश करेंगे। द्विपक्षीय रिश्तों और बॉर्डर इलाकों के विकास के लिए शांति जरूरी है।' दोनों पक्ष समस्या को सुलझाने और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने के लिए आगे भी बातचीत जारी रखेंगे। दोनों पक्षों ने ये भी कहा कि इस साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। ऐसे में इस बात पर सहमति जताई गई कि रिश्तों को मजबूत करने के लिए आगे भी बातचीत जारी रहेगी।

शनिवार को हुई थी बैठक :

बता दें कि दोनों देशों के अधिकारियों की शनिवार को बैठक हुई थी। इस दौरान भारत-चीन के मिलिट्री कमांडरों के बीच लगभग 5 घंटे तक बातचीत हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिला कमांडर ने किया।

विवाद की जड़ :

मिली जानकारी के मुताबिक, चीनी सेना ने पैंगोंग सो और गलवान घाटी में करीब 2500 सैनिकों की तैनाती की है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में ये भी दिखा था कि चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के अपनी तरफ के क्षेत्र में सैन्य कई टेंट भी बनाए थे। भारत ने भी यहां अपने सैनिकों को तैनात किए थे। हालांकि बाद में ये जानकारी मिली थी कि चीन के सैनिक अब लद्दाख से पीछे चले गए हैं।

27-05-2020
लद्दाख में भारत-चीन सीमा विवाद,  डोनाल्ड ट्रंप ने दिया मध्यस्थता का प्रस्ताव

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनातनी को लेकर अब अमेरिका भी आगे आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने भारत और चीन दोनों देशों से कहा है कि वह इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं। लद्दाख में दोनों देशों की सीमाओं के लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) के आमने-सामने आने की घटना के बाद अमेरिकी राष्‍ट्रपति का यह बयान सामने आया है।ट्रंप ने कहा है कि हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है कि अमेरिका सीमा विवाद को सुलझाने के लिए तैयार है। दरअसल, लद्दाख में सालभर पहले एक सड़क बनकर पूरी हुई है। यह काम बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण हालात में संपन्न हुआ,जिसके बाद से चीन बौखलाया हुआ है।इस मामले को लेकर बुधवार को भारत में चीन के राजदूत का बयान आया है,जिसमें उन्होंने कहा भारत और चीन एक दूसरे के लिए अवसर है कोई खतरा नहीं है।वही अमेरिका ने भी सीमा विवाद को सुलझाने की पेशकश की है। चीन के राजदूत सन वेदोंग ने कहा चीन और भारत कोरोना वायरस के खिलाफ एकसाथ लड़ रहे है और हमारे पास संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा हमारे युवाओं को चीन और भारत के बीच संबंध का एहसास होना चाहिए। भारत और चीन एक दूसरे के लिए अवसर है कोई खतरा नहीं। उन्होंने आगे कहा हमें कभी भी अपने संबंधों में अंतर नहीं आने देना चाहिए हमें संचार के माध्यम से मतभेदों को हल करना चाहिए।

 

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