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16-04-2021
कोरोना विशेष : शरीर का ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए पिएं तुलसी का पानी

रायपुर। कोरोना काल में लोगों का ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है। ऐसे में आप अपने शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के उपाय करने चाहिए। शरीर को अपनी दैनिक क्रियाओं को सही प्रकार से करने के लिए 90-100 फीसदी ऑक्सीजन की जरूरत होती है, लेकिन अगर प्रदूषण की वजह से ऑक्सीजन का स्तर 90 फीसदी से नीचे चला जाता है तो इससे थकान, स्किन एलर्जी, आंखों में जलन, सर्दी-जुकाम जैसी प्रॉब्लम्स फील होने लगती हैं।

प्रदूषण की समस्या से पार पाने के लिए स्वच्छ वातावरण में रहना बहुत जरूरी है। इस लिहाज से घर में तुलसी का पौधा लगाना बहुत लाभकारी है। तुलसी का पौधा लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आसपास के वातावरण के प्रदूषण के स्तर को 30 फीसदी तक कम कर देता है, जिससे आपको मिलने वाली वायु स्वच्छ और निर्मल हो जाती है। यदि तुलसी से बने काढ़े का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो इससे प्रदूषण के असर को प्रभावी तरीके से कम किया जा सकता है। इसके लिए तुलसी के 10 पत्तों, जरा सी अदरक, गुड़ और दो कालीमिर्च डालकर एक गिलास पानी के साथ उबाल लें। जब यह पानी उबल कर एक चौथाई रह जाए तो इसे छान लें और पी लें।

25-03-2021
निजी स्कूलों ने शासन का आदेश मानने से किया इंकार, कहा- बिना फीस नहीं देंगे जनरल प्रमोशन

रायपुर। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देने का आदेश जारी किया है। यह आदेश शासकीय स्कूलों के साथ निजी स्कूलों के लिए भी है। लेकिन निजी स्कूलों ने शासन के इस आदेश का न केवल विरोध कर रहे है, बल्कि फरमान भी जारी कर दिया है कि साल भर की फीस का भुगतान करने के बाद ही बच्चों को जनरल प्रमोशन देंगे। शासन के जनरल प्रमोशन आदेश जारी करने से जहां बच्चों के पालकों में खुशी की लहर देखी जा रही थी, वहीं निजी स्कूलों द्वारा फरमान जारी होने के बाद उनकी खुशी निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग के प्रति आक्रोश में तब्दील हो गई है। छत्तीसगढ़ में कोरोना काल में निजी स्कूलों द्वारा जिस तरह से मनमानी की जा रही है उससे पूरे प्रदेश में पालकों में भारी आक्रोश है। शासन के आदेश के बावजूद निजी स्कूल लगातार पालकों पर सालभर की फीस का भुगतान करने दबाव बना रहे है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर से तेजी से बढ़ने लगे है। ऐसी स्थिति में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने फिर से प्रदेशभर के स्कूल, कॉलेजों व आंगनबाड़ी केन्द्रों को बंद रखने का निर्णय लिया है।

 

11-03-2021
कोरोना काल में महिलाओं जागरुक करने वाली कोरोना वारिर्यस का सम्मान

दंतेवाड़ा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह अंतर्गत 11 मार्च को सांस्कृतिक भवन में सम्मान समारोह हुआ। इसमें बारसूर की सामाजिक कार्यकर्ता  राजेश्वरी पाटीदार का कोरोना काल के दौरान लोगों को जागरूक करने में विशेष योगदान रहा। राजेश्वरी पाटीदार को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सराहनीय एवं उल्लेखनीय कार्य किए जाने के लिए सम्मान स्वरूप जिला पुलिस दंतेवाड़ा ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

09-03-2021
कोरोना काल में रोका गया था केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता, 37 हजार करोड़ बचे

नई दिल्ली/रायपुर । केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर को किए जाने वाले महंगाई भत्ते की तीन किश्तों का भुगतान कोरोना काल में रोक दिया गया था। इससे सरकार को 37530.08 करोड़ रुपए राशि की बचत हुई है। इस राशि का उपयोग कोरोना महामारी के असर से निजात पाने के लिए किया जाएगा। बता दें यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री अनुराग कश्यप ने सांसद नरेन भाई द्वारा पूछे गए सवाल पर दी। उन्होंने बताया कि कोरोना की वजह से केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के डियरनेस अलाउंस और डियरनेस रिलीफ की तीन किश्तें रोक दी हैं। इन किश्तों का भुगतान एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 को किया जाना था। एक जुलाई 2021 को दिए जाने वाले किश्त पर निर्णय लिए जाने के साथ ही बकाया किश्तों को भी एक जुलाई 2021 की दर से बहाल कर दिया जाएगा।

 

08-03-2021
कोरोना काल में कार्य करने वालीं महिलाओं को किया गया सम्मानित

भिलाई/ रायपुर। अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस पर प्रगति नगर रिसाली में ‘मातृ शक्ति सम्‍मान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह की शुरूआत मातृ शक्ति संगठन की प्रदेश अध्‍यक्ष, सह संरक्षक चारूलता पांडेय ने की। कार्यक्रम की मुख्‍यअतिथि सीमा जग्‍गी थींं। सीमा जग्‍गी को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के चलाए गए ‘श्रद्धा प्रोजेक्‍ट अभियान’ के माध्‍यम से, समाज के weaker Section के  बच्‍चों  की शिक्षा के लिए किए गए सराहनीय प्रयासों एवं सामाजिक कार्यों के लिए सम्‍मानित किया गया। संगठन के सदस्‍य,जिन्‍होंने विगत वर्ष कोरोना काल  के दौरान समाजसेवा के कार्यों में अपना अहम योगदान दिया को भी सम्‍मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्‍या में महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर  सांस्‍कृतिक कर्यक्रम भी हुए।

 

08-03-2021
कोरोना काल में अहम रही इन महिलाओं की भूमिका,संकट के समय निभाया अपना फर्ज

कवर्धा। "तू जिंदा है तो जिंदगी की जीत पर यकीन कर,अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला जमीन पर" दुष्यंत कुमार की यह पंक्तियां वर्तमान दौर की नारियों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यहां हम स्वास्थ्य विभाग की उन महिलाओं के अनुभवों , संघर्षों और सेवाओं से रुबरु होंगे, जिन्होंने कोरोना काल में भी अपनी भूमिका बखूबी निभाकर जनकल्याण का कार्य किया ।

नक्सली क्षेत्र में 17 सालों तक की सेवा : 
जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहस पुर लोहारा में पदस्थ 61 वर्षीय डॉ. हीना अहमद विभागीय कार्य स्फूर्ति और जीवंत अंदाज में करते हुए युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। डॉ. हीना जिले में सी सेक्शन से लेकर महिला नसबंदी, सोनोग्राफी जैसी अति महत्ववपूर्ण सेवाओं में सक्रियता से कार्य कर रही हैं। उनका कहना है महिलाओं को कभी भी अपने आप को पीछे  नहीं समझना चाहिए। विषम हालातों में भी संघर्ष के लिए खुद को तैयार रखना बेहत जरूरी है,तभी सफलता मिलती है। डॉ. हीना की प्रारंभिक शिक्षा जबलपुर से मेडिकल की पढ़ाई जबलपुर मेडिकल कॉलेज से हुई। उन्होंने 1993 में बस्तर क्षेत्र में बतौर मेडिकल ऑफिसर जॉइन किया। लगभग 17 वर्षों तक यहां सेवाएं देने के बाद पुलिस विभाग में भी सेवाएं दी । डॉ.हीना को परिवार नियोजन कार्यक्रमों के लिए दिल्ली स्तर पर और नक्सल प्रभावित इलाकों में कार्य करने पर राज्य शासन की ओर से सम्मानित किया गया है।

कोरोना के कारण गंभीर स्थिति से लौटकर आई सेवा में :
कबीरधाम जिला अस्पताल में बतौर काउंसलर सेवारत तूलिका शर्मा कोविड नियंत्रण मीडिया कार्यों का प्रभार देख रही हैं। इनकी डेढ़ वर्ष की बच्ची है। इनको उस समय विकट समस्या का सामना करना पड़ा जब कोविड केयर सेंटर में कार्य करते-करते वह कोविड संक्रमित हो गईं। इसके बाद बच्ची को खुद से दूर रखना और डायबिटिक पति को संक्रमण से बचाना तूलिका के लिए काफी चुनौती पूर्ण रहा। वे बताती हैं एक दौर ऐसा भी आया जब बच्ची को पूरा प्रोसीजर बुरा लगने लगा और वह काफी चिचिड़ाने व सिर पटककर गुस्सा दिखाने लगी। डेढ़ वर्ष की अपनी बच्ची की इस मनोदशा ने तूलिका व उनके पति को विचलित कर दिया इसके बाद उन्होंने चिकित्सक की सलाह ली व उचित सलाह लेकर बच्ची को पास रखना, उसके साथ खेलना शुरू किया। इसी बीच तूलिका की तबियत काफी खराब हो गई निमोनिया के कारण उन्हें लंबा ट्रीटमेंट भी लेना पड़ा। उन्हें स्वास्थ्य संचालक स्तर पर प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

सेवाओं से संतुष्टि मिलती है :
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कबीरधाम में बतौर जिला कार्यक्रम प्रबंधक के रूप में सेवारत नीलू धृतलहरे कहती हैं ऑफिस हो, घर हो या कोई भी क्षेत्र महिलाओं को खुद को स्थापित करने के लिए पुरुषों की अपेक्षा अतिरिक्त संघर्ष करना पड़ता है। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एलआईसी में जॉब किया क महज 6 माह बाद उन्होंने कोंडागांव में स्वास्थ्य विभाग में बतौर डीपीएम कार्य आरंभ किया। वे बताती हैं स्वास्थ्य का क्षेत्र बहुत ही जिम्मेदारी और संवेदनशील क्षेत्र है। यहां हर हाल में अलर्ट रहकर कार्य करना जरूरी होता है। कोरोनाकाल के दौैरान जिले में कोविड-19 प्रबंधन के उत्कृष्ट कार्य करने पर जिला स्तर पर उन्हें सम्मानित भी किया गया। साथ ही विभागीय स्तर पर भी 2-3 बार उत्कृष्ठ कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। विवाह किसी भी व्यक्ति के जीवन का एक अहम मांगलिक कार्य होता है। मगर अपनी जिम्मेदारियों के चलते शादी के तुरंत बाद वे विभागीय सेवाओं में लौट आई थीं।

26-02-2021
सदन में बोले भूपेश बघेल- केन्द्र सरकार मुफ्त वैक्सीन नहीं देगी तो हम करवाएंगे प्रदेशवासियों का टीकाकरण 

रायपुर। सदन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना के टीकाकरण मामले में केवल 3 करोड़ लोग ही भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। 135 करोड़ लोगों को निशुल्क टीके लगवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि केन्द्र सरकार ऐसा करने से इंकार करती है, तो अपने राज्य में हम अपने खर्च पर टीकाकरण करवाएंगे। उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन का उपयोग 11 राज्यों में केवल एक प्रतिशत लोगों के लिए ही किया गया है। छत्तीसगढ़ ने भी निर्णय लिया है कि इसका उपयोग तीसरे ट्रायल के बाद ही किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी सरकार के कार्यकाल में रेत खदान का संचालन पंचायतों की ओर से किया जाता था। तब तरह-तरह की शिकायतें मिलती थी। आज हमनें टेंडर के जरिए संचालन की व्यवस्था की है। केवल टेंडर से ही 25 करोड़ रुपए का राजस्व आया। खदानों के संचालन से जो आय होगी, उसका 25 प्रतिशत हिस्सा एड करके पंचायतों को उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमनें चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण छात्रों के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया है। इस कॉलेज का संचालन निजी क्षेत्र की ओर से किया जाता रहा है। ठीक ढंग से संचालन नहीं होने के कारण छात्रों के हित के लिए हमने अधिग्रहण किया।

नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण नहीं होने देने का संकल्प भी इसी सदन में पारित किया गया है। हम बस्तर के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र को एनएमडीसी या सीएमडीसी जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां संचालित करें। एकतरफा विनिवेश नहीं होने देंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इस स्टील प्लांट को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल से पहले छत्तीसगढ़ में मात्र 151 वेंटीलेटर थे, जिसे बढ़ाकर हमनें 514 किया है। इसी तरह आईसीयू की संख्या 53 से बढ़ाकर 406, आॅक्सीजन बेड की संख्या अब बढ़ाकर 1668 कर दी गई है।

23-02-2021
कोरोना काल में भी नहीं थमी पीडियाट्रिक एकेडमी की गतिविधि, अच्छा कार्य करने वालों का हुआ सम्मान

दुर्ग। दुर्ग भिलाई एकेडमी आफ पीडियाट्रिशियन की बैठक हुई। बैठक में बीते साल कोरोना काल के दौरान शिशुरोग के क्षेत्र में उत्तम कार्य करने वाले चिकित्सकों का सम्मान दुर्ग भिलाई एकेडमी ने किया। कार्यक्रम में इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन द्वारा सम्मानित होने वाले चिकित्सकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पेडीकान छत्तीसगढ़ में भी दुर्ग भिलाई एकेडमी की ओर से भाग लेने वाले और यहाँ बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों का सम्मान किया गया।

एकेडमी की प्रेसीडेंट डाॅ.संबिता पंडा,सचिव डाॅ.सीमा जैन एवं साइंटिफिक कन्वीनर डाॅ.माला चौधरी तथा वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ.अरविंद सावंत एवं डाॅ.रेखा साकेतकर इस दौरान उपस्थित रहीं। कोरोना काल के दौरान न केवल एकेडमी के डाॅक्टर वर्चुअल रूप से सक्रिय रहे अपितु इनके परिवारजनों एवं बच्चों के लिए भी विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन एकेडमी द्वारा किया गया था। इसके विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के दौरान बहुत से रिसर्च पेपर दुर्ग भिलाई एकेडमी के चिकित्सकों द्वारा तैयार किए गए,जिनसे शिशु रोगों के निदान की दिशा में काम करने में बड़ी मदद मिलेगी। पं. जवाहरलाल नेहरू रिसर्च सेंटर एवं हास्पिटल सेक्टर 9 की चिकित्सक डाॅ.माला चौधरी ने नवजात शिशुओं की मृत्यु रोकने की दिशा में सिक्वेंशियल आर्गन फेल्योर एसेसमेंट पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। इसमें उन सूचकांकों पर स्टडी की थी,जिनका आकलन कर भविष्य के कुछ घंटों के खतरों के संबंध में आगाह हुआ जा सकता है और सुरक्षात्मक उपाय किये जा सकते हैं। डाॅ.चौधरी को इस पेपर के लिए इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन की ओर से गोल्ड मेडल दिया गया। जिला अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ.सीमा जैन ने नेफ्रोटिक सिंड्रोम पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। डाॅ. ओमेश खुराना को बेस्ट एकेडमीशियन तथा डाॅ. गणवीर को बेस्ट कम्युनिटी सर्विस के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डाॅ. अरविंद सावंत एवं डाॅ. रेखा साकेतकर ने अपने अनुभव साझा किये और शिशुरोग के संबंध में किये जा रहे नये रिसर्चों के लिए एकेडमी के सदस्यों की प्रशंसा की। कोरोना काल में चिकित्सकों के बच्चों के लिए वर्चुअल माध्यम से भाषण, निबंध, पेंटिंग, पोस्टर, म्यूजिक आदि प्रतियोगिता कराई गईं थीं। इन्हें भी पुरस्कृत किया गया।

22-02-2021
कोरोना काल में 11 महीने तक रूकी लोकल ट्रेनें आज से चलेंगी

नई दिल्ली/रायपुर। कोरोना काल में 11 महीने से बंद लोकल ट्रेने सोमवार से चलेंगी। दिल्ली-गाजियाबाद रूट पर भी पांच ट्रेनों का संचालन होगा। इनमें से दो ट्रेनें दिल्ली और पलवल से गाजियाबाद तक चलेंगी। ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे ने तैयारी पूरी कर ली हैं। यह ट्रेनें स्पेशल पैसेंजर के नाम से चलाई जाएंगी और किराया भी पहले से ज्यादा देना होगा। यात्रियों को इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए टिकट एक्सप्रेस (स्पेशल) लेना होगा। ट्रेन संख्या 04407 पलवल से सुबह छह बजे चलकर सुबह 8:20 बजे गाजियाबाद स्टेशन पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 04409 सुबह नौ बजे गाजियाबाद से रवाना होगी और 10:30 बजे शकूरबस्ती पहुंचेगी।

ट्रेन संख्या- 04303 दिल्ली से बरेली के बीच चलेगी। यह ट्रेन रात 11:50 बजे दिल्ली से चलेगी और 12:30 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी। ट्रेन संख्या-04401 दिल्ली से शाम 7:45 पर चलेगी और गाजियाबाद होते हुए दोपहर एक बजे सहारनपुर पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 04404 सहारनपुर से सुबह 4:25 पर चलेगी और सुबह 7:50 पर गाजियाबाद व 8:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी। रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रविवार रात से अनारक्षित टिकट काउंटर खोल दिए गए हैं और टिकटों की बिक्री शुरू हो जाएगी।

22-02-2021
छग विस बजट सत्र : मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की लौ कोरोना काल में भी जलती रही 

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने सदन में अपने अभिभाषण में कहा कि मेरी सरकार ने 2 अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के रूप में जो अलख जगाई थी, उसकी लौ कोरोना काल में भी जलती रही। इसके लिए 3 लाख 62 हजार से अधिक हितग्राहियों के साथ 51 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों के 24 लाख से अधिक हितग्राहियों को घर-घर जाकर रेडी टू ईट पोषण सामग्री दी गई। मध्यान्ह भोजन योजना के 29 लाख से अधिक हितग्राही स्कूली बच्चों को भी रेडी टू ईट सूखा राशन सुरक्षित रूप से घर पहुंचा कर दिया गया। इतना ही नहीं गर्म भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को कोरोना महामारी के बचाव के उपायों के साथ 7 सितंबर 2020 को पुन: शुरू किया गया।

22-02-2021
Breaking : विधानसभा सत्र : राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा- सरकार ने कोरोना काल में बेहतर काम किया

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र से पहले राज्यपाल अनुसुईया उइके ने अपने अभिभाषण में कहा कि हमारी सरकार ने कोरोना काल में बेहतर काम किया है। प्रवासी श्रमिकों को सकुशल वापस लाया गया है। राज्यपाल ने कहा कि परंपरागत कौशल को निखारने का काम लगातार जारी है। उच्च शिक्षा के लिए 4 हजार सीटों को बढ़ाया गया है। साथ ही पढ़ई तुहर दुआर योजना शुरू की गई है।

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