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18-09-2020
मोदी सरकार से कोरोना काल में मदद की उम्मीद दूर की बात,बकाया 6 हजार करोड़ भी नहीं मिली : धनंजय ठाकुर

रायपुर। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव और सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि, आपदा काल में मोदी सरकार से मदद की उम्मीद करना दूर की बात है,छत्तीसगढ़ के बकाया 6 हजार करोड़ की राशि भी नहीं मिली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार आपदा काल में छत्तीसगढ़ के किसानों मजदूरों आमजनों के खातों में विभिन्न मदों से 5 हजार करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई है। महामारी को नियंत्रित करने किए जा रहे उपायों में अब तक 554 करोड़ की राशि खर्च कर चुकी है। आगे भी महामारी नियंत्रण के उपायों में पैसों की कमी नहीं होगी। 

धनंजय ने कहा है कि महामारी काल में मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को किसी प्रकार से सहयोग नहीं मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने लॉक डाउन के कारण बंद पड़ी आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए छत्तीसगढ़ के किसान, मजदूर, महिलाएं, व्यापारी, कामकाजी महिलाएं, ठेला चालक, रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूरों को मदद करने के लिए 30 हजार करोड़ की राहत पैकेज की मांग की थी, लेकिन मोदी सरकार ने अब तक मदद नहीं की है। महामारी संकटकाल से निपटने के स्वास्थ व्यवस्थाओं को और विस्तारित करने लिए 821करोड़ की राशि मांगी थी,लेकिन मात्र 85 करोड़  देकर मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के जनता के  स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रधानमंत्री मजदूर गरीब कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ को बाहर किया गया। किसान सम्मान निधि से 25 लाख किसानों के नाम को काट दिया गया। पीएम केयर फंड में छत्तीसगढ़ के सीएसआर फंड की राशि को जबरिया जमा करवा लिया गया और पीएम केयर फंड से नाम मात्र राशि मदद की गई। ये छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता के साथ अन्याय है। भाजपा के सांसद सभी विषयों पर मौन रहकर छत्तीसगढ़ के साथ किए जा रहे भेदभाव का समर्थन कर रहे हैं।

12-08-2020
डीकेएस हादसे ने पूर्व सरकार के गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य की पोल खोली : धनंजय ठाकुर

रायपुर। डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हुए हादसे को लेकर कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि गरीबों के इलाज के लिए बने अस्पताल के न्यूरो विभाग की छत गिरने और दो लोग के घायल होने की घटना के लिए पूर्व की रमन सरकार जिम्मेदार है। कांग्रेस प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाया है कि डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते उनके दामाद पुनीत गुप्ता ने अस्पताल को ही गिरवी रख दिया और करोड़ों रुपयों की हेराफेरी की। मेडिकल इक्विपमेंट एम्बुलेंस खरीदी, बिल्डिंग निर्माण में भारी गड़बड़ियां की। 15 साल के रमन भाजपा सरकार में विकास कार्यों के नाम से मात्र कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार किया गया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मापदंड पर ध्यान नहीं दिया गया।

कई विकास कार्य तो धरातल में उतरे ही नहीं, सिर्फ कागजों तक सिमटे रहे। सरकारी खाजने से भुगतान तक निकाल लिया गया। विदेशों के पुल-पुलिया की फोटों को छत्तीसगढ़ का बताकर और एक जिले की सड़क की फोटों को दूसरे जिले की सड़क बता कर सोशल मीडिया में शेयर कर जनता को दिग्भ्रमित करने का काम किया गया। जनता के विरोध के बावजूद बना आधा अधूरा स्काई वॉक रमन सरकार के भ्रष्टाचार की स्मारक है। एक्सप्रेस-वे, डीकेएस में करोड़ो रुपए की हेराफेरी की गई। राजधानी में बने गुणवत्ताविहीन ओवर ब्रिज, अंडरब्रिज भ्रष्टाचार की गवाही दे रहे हैं। भाजपा के 15 साल के शासन काल में छत्तीसगढ़ का विकास नहीं हुआ बल्कि विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार,कमीशनखोरी कर भाजपा के नेता जरूर अकूत दौलत के मालिक बन गए हैं। कई स्थानों पर भाजपा के शीर्ष नेताओं की बेनामी संपत्तियां हैं।

 

11-08-2020
पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा आदिवासियों के शुभचिंतक नहीं थे : धनंजय ठाकुर

रायपुर। पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिकिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पूर्व रमन सरकार में वन मंत्री रहे महेश गागड़ा आदिवासियों के शुभचिंतक कभी नहीं थे। आरएसएस भाजपा ने महेश गागड़ा का इस्तेमाल भोले भाले आदिवासियों के वोट बटोरने के लिए किया। रमन सरकार ने आदिवासी वर्ग को मिले कानूनी अधिकार का हनन किया। उनके जल, जंगल और जमीन पर कब्जा करने की बदनीयती से आदिवासी वर्ग पर अत्याचार किया। आदिवासी वर्ग की शिक्षा दीक्षा, रोजगार, सुरक्षा, स्वास्थ बेहतर भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उस दौरान विष्णुदेव साय, महेश गागड़ा, केदार कश्यप, रामविचार नेताम ने, रमन सरकार के आदिवासी विरोधी कृत्यों का विरोध नहीं किया।  


धनंजय ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा से पूछा है कि,जब रमन सरकार में निर्दोश आदिवासियों को जेल में बंद किया गया, तब मौन क्यो थे? पांचवी अनुसूची क्षेत्रों को मिले कानूनी अधिकारों को दरकिनार कर ग्रामसभा के अनुमोदन के बिना हजारों आदिवासी से जमीन छीनी गई, तब विरोध क्यों नहीं किया? नक्सली बताकर आदिवासियों के मासूम बच्चों को मुठभेड़ में मार दिया गया, तब महेश गागड़ा ने विरोध क्यों नहीं किया?झलियामारी बालिका गृह में हुई बलात्कार की घटना, मीना खलखो, पेद्दागुलूर, सारकेगुड़ा की घटनाओं पर मौन क्यों थे? बस्तर क्षेत्र के युवाओं को सरकारी नौकरी से वंचित रखा गया, आउटसोर्सिंग से भर्ती कर उनके हक अधिकार को बेचा गया, तब गागड़ा मौन क्यों थे। रमन सरकार के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों की लाभांश में हेराफेरी की गई,चरणपादुका खरीदने में भ्रष्टाचार किया गया, तब मौन क्यो थे? 5 लाख वनाधिकार पट्टा निरस्त किया गया था, तब कहा थे?

 

 

02-08-2020
लोकतंत्र की हत्या पर मौन क्यों हैं तथाकथित लोकतंत्र के सेनानी : धनंजय ठाकुर

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि,मीसा बंदी पेंशन योजना बंद करना, छत्तीसगढ़ के हित और जनहित में लिया गया फैसला है। पूर्व की रमन सरकार ने 2008 में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों को पालने पोषने सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया। बीते 12 साल में सरकारी खजाने पर 100 करोड़ से अधिक की राशि का बंदरबाट किया। 100 करोड़ की राशि छत्तीसगढ़ के किसानों, नौजवानों, मजदूरों, महिलाओं के स्वास्थ, शिक्षा,रोजगार, सुरक्षा पर खर्च की जाती। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को सरकारी खजाने से दूधभात खिलाते रहे। बीते 6 साल से देश में अघोषित आपातकाल लगा है। लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ऐसे समय में स्वयंभू लोकतंत्र के सेनानी बीते 6 साल से कहां गायब है? मोदी भाजपा की सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। काले धन की थैलियों से खरीदफरोख्त कर निर्वाचित राज्य सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है।

देश के नवरत्न महारत्न  मिनिरत्न सरकारी कंपनियों को बेचा जा रहा है। रेलवे स्टेशन,लाल किला, हवाई अड्डे, विमानन सेवा भेल गेल सहित अनेक सरकारी कम्पनियों संपत्तियों को बेचा जा रहा है। अभिव्यक्ति की आजादी का हनन किया जा रहा है। ऐसे में तथाकथित स्वयम्भू लोकतंत्र के सेनानी क्या मात्र पेंशन लेने के लिए प्रगट होते रहेंगें ? मोदी सरकार के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों के खिलाफ आवाज उठाने से ये तथाकथित सेनानी क्यों डर रहे है? मोदी भाजपा के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों को सफल बनाने में तथाकथित सेनानी क्यों जुटे हैं?

11-07-2020
पीएम केयर फंड से छत्तीसगढ़ को मिला 13 करोड़ कोरोना संकट में अपर्याप्त : धनंजय ठाकुर

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने पीएम केयर फंड से छत्तीसगढ़ को मात्र 13 करोड़ देकर छत्तीसगढ़ के साथ अन्याय किया है। पीएम केयर फंड में छत्तीसगढ़ की जनता की हक अधिकार के सीएसआरफंड की हजार करोड़ की राशि़ लगभग जमा करा ली गई। एनएमडीसी, सेल, बीएसपी सहित अनेक उद्योगों ने सीएसआर फंड को पीएम केयर फंड में जमा करा दिया। भाजपा के सांसदों ने भी सांसद निधि से 100 करोड़ की राशि जिस पर क्षेत्र की जनता का अधिकार होता है, उस फंड को मोदी, शाह को खुश करने पीएम केयर फंड में जमा करा दिए। कोरोना महामारी संकट में गरीब, मजदूर, महिलाओं, किसानों और जरूरतमंदो की मदद के लिए देश भर से सभी वर्गों ने मुक्त हस्त से 73,800 करोड़ से अधिक की राशि जमा की,लेकिन दानदाता के उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो पाई। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को 9 सांसद दिए ,लेकिन भाजपा के 9 सांसद कभी भी मोदी सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ के साथ किए जा रहे अन्याय भेदभाव का विरोध नहीं किए। बल्कि मोदी भक्ति में लीन होकर सत्ता परिकर्मा के चलते मौन रहे। भाजपा के सांसद छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से दी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। भाजपा सांसदों में मोदी-शाह के सामने खड़े होकर छत्तीसगढ़ के हक व अधिकारों की बात करने का सामर्थ्य नहीं है।

 

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