GLIBS
10-10-2020
डिजिटल माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करेंगे डॉ. अविनाश शुक्ला

रायपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला चिकित्सालय स्पर्श क्लिनिक ने फेसबुक पेज के माध्यम फेसबुक लाइव की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत आमजन को डिजिटल माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक रोगों के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही इस अवसर पर ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) और स्पर्श क्लिनिक के सहयोग से निर्मित मानसिक स्वास्थ्य पर प्रेरणादायक एक डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण भी किया जाएगा। फेसबुक लाइव शाम 3-4 बजे तक किया जाएगा। स्पर्श क्लीनिक के मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश शुक्ला ने बताया इस बार डिजिटल तकनीक के द्वारा आमजन तक मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक रोगों के बारे में जागरूकता का काम किया जाएगा। इसके अलावा फेसबुक पेज पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधित प्रश्न भी भेजे जा सकते हैं, जिसके उत्तर आने वाली परिचर्चा में दिए जाएंगे।  दिए गए फेसबुकलिंक के माध्यम से लोग इस परिचर्चा में शामिल हो सकते हैं। https://www.facebook.com/dmhpraipur फेसबुक लाइव के माध्यम से आत्महत्या की रोकथाम, मोबाइल नशा मुक्ति सहित नवीन मनोविकारों की रोकथाम बच्चों में बढ़ रहे मोबाइल एडिक्शन, नशा, तनाव, डिप्रेशन, विवाह पूर्व और विवाहोत्तर जिज्ञासाओं और मनोदशा से जुड़ी हुई भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से नियमित रूप से इस की परिचर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। इससे समाज में मनोरोग के प्रति फैली भ्रांतियां दूर की जाएगी। फेसबुक लाइव के माध्यम से चाइल्ड साइकोलॉजी पर भी विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी। विशेष रूप से मानसिक रोगों के बारे में आम जनता को जागरूक किया जाएगा साथ ही सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों की मानें तो दुनियाभर में हर 40 सेकंड में 1 व्यक्ति आत्महत्या करता है। इस हिसाब से आत्महत्या की वजह से हर साल करीब 8 लाख लोगों की मौत हो जाती है। आत्महत्या एक ऐसी स्थिति है जो बेहद गंभीर और दुखद है, लेकिन इसे रोका जा सकता है क्योंकि आत्महत्या अपने आप में कोई मानसिक बीमारी नहीं है बल्कि इसके पीछे कई वजहें जुड़ी होती हैं। मानसिक बीमारी, डिप्रेशन, ऐंग्जाइटी बहुत सारी वजहें होती हैं जो इंसान को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करती हैं। अब तक हो चुकी ढेरों रिसर्च और स्टडीज में यह बात साबित हो चुकी है कि युवाओं के बीच मानसिक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर 35 साल के कम उम्र के युवाओं के बीच। मानसिक बीमारियों को रोका जा सकता है लेकिन सिर्फ तभी जब इस पर ध्यान दिया जाए। ज्यादातर लोग अपने शरीर को लेकर पूरी तरह से सजग रहते हैं शारीरिक स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखते हैं लेकिन दिमाग को नजर अंदाज कर देते हैं।

10-05-2020
नशे और आर्थिक तंगी के कारण बढ़ रही घरेलू हिंसा : डॉ. अविनाश शुक्ला

रायपुर। घरेलू हिंसा बढऩे को लेकर स्पर्श क्लीनिक के मनोरोग चिकित्सक डॉ. अविनाश शुक्ला का कहना है इनमें नशे की पूर्ति नहीं होने से चिड़चिड़ापन और आर्थिक तंगी को प्रमुख माना जा रहा है। साथ ही लॉक डाउन के कारण लोग इन दिनों लोग सामान्य से ज्यादा तनाव में हैं। व्यापारी, श्रमिक या कोई भी हो लॉक डाउन में काम बंद होने से आर्थिक बोझ व कोरोना वायरस को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता के बीच सोशल डिसटेंसिंग में पुरुष वर्ग द्वारा घरों से बाहर नहीं निकलने से तनाव महसूस कर रहे हैं। घरों में 24 घंटे रहने से वक्त तो ज्यादा मिल रहा है परिवार के लिए लेकिन पति-पत्नी के बीच रिलेशनशीप में सौहाद्र नहीं है। छुटियों के बीच दूसरे शहर घूमने जाने का प्लान और बच्चों का स्कू‍ल नहीं होने से दिनभर घर में माहौल उबाऊ होने लगा है।

इस वजह से भी पति-पत्नी के बीच विवाद और झगड़े की स्थिति बन रही है। मनोरोग चिकित्सक डॉ. शुक्ला ने बताया कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉक डाउन की स्थिति ने सभी की दिनचर्चा को बदलकर रख दिया है। ऐसे में घरों में बढ़ते आपसी तनाव यानी घरेलू हिंसा को खत्म करने के लिए पति–पत्नी के बीच बातचीत के तौर तरीकों में कुछ नयापन का एहसास होना चाहिए। एक दूसरे के भावनाओं का आदर करना चाहिए। किसी बात पर ठेस लगने जैसे कठोर भाषा का प्रयोग करने से बचना चाहिए। जो पत्नी को पसंद नहीं ऐसा कार्य बार-बार नहीं करना चाहिए। पत्नी् को बच्चों के सामने नहीं डांटना चाहिए बल्कि उनकी प्रशंसा करना चाहिए। जरुरत पड़े तो आपसी मतभेद को खत्म करने के लिए मैरीज काउंसलर से भी परामर्श लेना चाहिए।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804