GLIBS
18-11-2020
सर्दियों में शरीर की देखभाल बेहद जरूरी और चाहिए अंदर से गर्मी तो फिर ये ट्राई कीजिए और रहिए हेल्दी

रायपुर। सर्दियों में सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। शरीर को अंदर से गर्मी न मिलने का कारण अनेक बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। तो ऐसे चीज़ों का सेवन करे जो शरीर को अंदर से गर्मी दे। 

इनके सेवन और इस्तेमाल से सर्दियों में भी हेल्दी बने रहेंगे।
बाजरा-
सर्दियों में कुछ अनाज ऐसे होते हैं जो शरीर को गर्म रखते है। बाजरा उनमें से एक है। बाजरे की रोटी खाने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं। 
अदरक-
सर्दियों में अदरक का सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है। अदरक का सेवन किसी भी तरह से कर सकते हैं। 
अलसी-
अलसी के बीज गुणकारी होते हैं। सर्दियों में इनका सेवन शरीर को अंदर से गर्म रखता है। 
तिल-
तिल का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

30-10-2020
जायका तो जरूर बढ़ा देती है जीभ के लिए तो अच्छी है मगर पेट के लिए बहुत खराब साबित होती है मिर्च

रायपुर। व्यंजनों का जायका बढ़ाने और इनमें इच्छानुसार तीखापन लाने के लिए लाल मिर्च की अहम भूमिका होती है। पर लोगों का यह भी मानना होता है कि ज्यादा तीखा भोजन करना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। 

- मिर्च में फेप्सिसिन होता है जो पेट में जाकर गर्मी बढ़ता है, जिससे स्वास्थ समस्याएं बढ़ती है।
- बवासीर के रोग में लाल मिर्च का सेवन मना होता है।
- किडनी के रोगियों को मिर्च का सेवन न के बराबर करने की सलहा दी जाती है।
- मिर्च ह्रदय घात और पेट जलन के रोग में भी मना होती है।
- गर्भवती स्त्रियों को भी मिर्च का सेवन कम करने को कहा जाता है।

26-05-2020
देश के कई राज्‍य गर्मी की चपेट में,विदर्भ में 3 दिनों के लिए रेड अलर्ट,नागपुर में पारा पहुंचा 47 डिग्री पर

नई दिल्‍ली। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के बीच अब गर्मी का कहर बढ़ रहा है। मंगलवार को कई राज्‍यों में गर्म लू चल रही है। कई जगहों पर पारा 45 के पार पहुंच गया है। देश के उत्‍तर, पश्चिमी, मध्‍य और पेनिनसुला के अधिकतर भागों में भीषण गर्मी लोग प्रभावित हैं।आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि अगले 2 दिन हरियाणा, पश्चिम, विदर्भ और राजस्थान को रेड अलर्ट दिया गया है। आगामी 2 दिनों के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में हल्की गिरावट होगी।

 वि‍दर्भ में पारा 47 के पार

महाराष्‍ट्र के प्रादेशिक मौसम केंद्र नागपुर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल एमएल साहू ने बताया कि मध्य भारत में अभी भयंकर ग्रीष्म लहर चल रही है। बहुत सी जगहों पर तापमान 45 डिग्री से ऊपर चल रहा है। मध्‍य भारत में खासकर विदर्भ में 47, अकोला में 47.4 और नागपुर में तापमान 47 डिग्री है। विदर्भ में 3 दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है।

मध्यप्रदेश में भी भयंकर गर्मी

मध्‍य प्रदेश में भी भयंकर गर्मी पड़ रही है। भोपाल में लू का कहर जारी है। भोपाल का तापमान 45 डिग्री सेल्यिस पहुंचा। मध्यप्रदेश में भारत के मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार आज भोपाल में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को छू सकता है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान को 43 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच कम या ज्‍यादा रहने की भविष्यवाणी की है।

बुंदेलखंड और ग्‍वालियर चंबल अंचल में भयंकर गर्मी

मध्‍यप्रदेश के बुंदेलखंड और ग्‍वालियर चंबल अंचल में गर्म हवाएं चल रही है। राजस्‍थान तापमान को उछाल पर है। राजधानी जयपुर भी इसकी चपेट में हैंं। जोधपुर में ग्रीष्म लहर जारी है और गर्मी का प्रकोप और बढ़ गया है। जोधपुर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री पहुंच गया है।बता दें कि सोमवार को उत्तर भारत में सोमवार को गर्मी तथा लू का प्रकोप और बढ़ गया था, राजस्थान के चुरु में पारा 47.5 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया था। राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच चल रहा है। पंजाब और हरियाणा में भी लोगों को गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ रहा है।

हरियाणा के नरनौल में अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं उत्तर प्रदेश में प्रयागराज 46.3 डिग्री तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान रहा था। आईएमडी ने सोमवार को कहा था कि उत्तर भारत के अनेक हिस्सों में 29-30 मई को धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है, जिससे लू के प्रकोप से राहत मिल सकती है।

18-05-2020
लू-नियंत्रण के लिए स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में बनाया गया ओआरएस कार्नर

रायपुर/धमतरी। गर्मी में मौसमी बीमारियों के साथ ही लू से बचाव के लिए उपाय करना जरुरी है। गर्मी बढ़ने पर धूप में या खुले में जाना लू लगने के लिहाज से खतरनाक हो सकता है।धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 4 प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य  केंद्रों व 26 उप स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में बीएमओ डॉ.शारदा ठाकुर के निर्देश पर लू नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर ओआरएस कार्नर बनाए गए हैं। यह सुविधा समुदाय के लिए निशुल्क उपलब्ध है| डॉ.ठाकुर ने बताया सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में ओआरएस कार्नर बनाया गया है। लू के उपचार के लिए मितानिन, एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं चिकित्सक से मिलने की सलाह भी दी जाती है| उन्होंने कहा लू से बचने के लिए पानी के साथ ओआरएस के घोल का सेवन बार-बार करते रहना चाहिए।

ज्यादा जरुरी कार्य होने पर घरों से बाहर निकते वक्त धूप से बचाव के लिए चेहरे को ढकने के लिए गमछे का इस्तेमाल करना चाहिए। लू के लक्षणों में शरीर का तापमान बढने यानी बुखार आने की शिकायत पर चिकित्सक से सलाह लेकर ओआरएस का घोल पीना चाहिए। इन दिनों लॉकडाउन की वजह से प्रवासी मजदूरों का अपने घर वापसी के लिए दोपहर में सड़कों पर पैदल चलने से लू की चपेट में आने की समस्या हो सकती है। डॉ. शारदा ठाकुर ने बताया लू लगने के किडनी, दिमाग और दिल पर बुरा प्रभाव पड़ता है,जिससे इन अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। लू लगने के बाद नाड़ी और सांस की गति तेज हो जाती है। कई बार देखा गया है कि त्वचा पर लाल दाने भी हो जाते हैं। कई लोगों को लू लगने पर बार-बार पेशाब की भी शिकायत हो जाती है और शरीर में जकड़न हो जाती है। अगर अचानक शरीर का तापमान बढ़ जाय या फिर सिर में तेज दर्द होना अचानक से शुरू होना लू लगने के लक्षण हैं।

डॉ.ठाकुर ने बताया, प्रवासी मजदूरों का स्‍वास्‍थ्‍य का परीक्षण में कोरोना वायरस के संदिग्ध् मरीजों की टेम्प्रेचर जांच और स्वाब सेम्पल लिया जा रहा है। इसके अलावा पैदल अन्य राज्यों से आने वाले मरीजों का भी लू के लक्षण पाए जाने पर लू नियंत्रण कक्ष में इलाज सुविधा रखा गया है। उन्होंने बताया कोविड-19 को लेकर सतर्कता बनाए रखते हुए मरीजों से सोशल डिसटेंसिंग का पालन और मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग किया जा रहा है। धूप में निकलते वक्त छाते का इस्तेमाल करना चाहिए। सिर ढक कर धूप में निकलने से भी लू से बचा जा सकता है। घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पीकर बाहर निकलें जैसे आम पना, शिकंजी, खस का शर्बत ज्यादा फायदेमंद है। तेज धूप से आते ही और ज्यादा पसीना आने पर फौरन ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। पानी में नींबू और नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीते रहने से लू लगने का खतरा कम रहता है।

09-05-2020
गर्मी की तपिश के बीच रोजा रख रहे मुस्लिम भाई, झलक रहा आपसी भाईचारा

धमतरी। मुस्लिम भाई रमजान के इस मुबारक मौके पर तेज धूप और गर्मी की शिद्दत के बीच रोजा रखकर खुदा की इबादत कर रहे हैं। लॉक डाउन के चलते इस बार मस्जिदों के बजाए घरों में विशेष नमाज तरावीह भी अदा की जा रही है। घर-घर में कुरान की तिलावत हो रही है। इफ्तार के समय आपसी भाईचारे की झलक दिखाई दे रही है। घरों में विशेष नमाज, तरावीह अदा की जा रही है। लोग अपने घरों में ही इफ्तार कर रहे हैं। रोजेदार हाजी तनवीर उस्मान, नजीर अहमद सिद्दिकी, मो. मुन्नाफ  मो. युसूफ रजा ने बताया कि अल्लाह ताला का लाख-लाख एहसान है कि उसने हम पर अपने करम से रमजाऩ का मुबारक महीना अता फरमाया। गर्मी की तपिश सहते हुए भी वे रोजा रख रहे हैं। खुदा का लाख-लाख शुक्र है। मौलाना तनवीर रजा ने बताया कि रमजान का मुबारक महीना हमारे लिए अल्लाह का बहुत बडा इनाम है। इस की बरकतों से वह हमारे गुनाहो को माफ फरमा कर आखिरत की बेहिसाब नेअमतें अता फरमाता है। रमजान के महीने मे मुसलमानो की जिंदगी के रंग व अन्दाज बिल्कुल बदल जाता है। मौलाना गौस रजा कादरी ने बताया कि भूखे-प्यासे रहने का नाम रोजा नही है बल्कि रोजा़ की बरकत से इन्सान के दिल-नजर में एक अजी़म तब्दीली आने का नाम रोजा है, जिसे तक़वा कहा जाता है। रोजे की बदौलत हमारे अंदर परहेजग़ारी आती है। गुनाहों से बचने की तौफीक मिलती है। यह चीजे इंसान के अंदर कई खूबियां पैदा करती है।

नन्हें-नन्हें रोजेदार ..

इस साल भी नन्हें-नन्हें बच्चे रोजा रख रहे हैं। फिजा बानो (5), साबिया रोकडिय़ा (10), मोहम्मद अफराज मेमन (12), अफराज बानो (12), आफजा (8) ने बताया कि उनके अम्मी-अब्बू रोजा रख रहे हैं। उन्हें देखकर वे भी रोज रख रहे हैं। खुदा का शुक्र है कि रोजा के दरम्यान भूख और प्यास नहीं लगती। इबादत में दिल लगा रहता है। अल्लाह हमें इसका ईनाम जरूर देगा।

08-05-2020
इस गर्मी में लें ठंडी-ठंडी होम मेड कुल्फी का मजा, ऐसे बनाएं...

नई दिल्ली। गर्मी के सीजन में होम मेड कुल्फी से बढ़िया डेजर्ट कुछ हो ही नहीं सकती है। मगर लॉक डाउन की वजह से आप बाजार से तो कुल्फी मंगवा नहीं सकते। ऐसे में आज हम आपको घर पर ही टेस्टी दूध वाली कुल्फी बनाने की रेसिपी बताएंगे।

दूध कुल्फी की रेसिपी
सामग्री:
दूध-4 पैकेट
इलायची पाउडर - 1 चम्मच
चीनी - 2 कप
सूखे मेवे - गार्निश के लिए

कुल्फी बनाने की विधि

—  सबसे पहले पैन में 4 पैकेट दूध को धीमी आंच पर पकाएं। इसे बीच-बीच में चलाते रहे ताकि दूध तलवे से ना लगे।
—  फिर इसमें 1 चम्मच इलायची पाउडर और 2 कप चीनी डालकर अच्छे से मिलाएं।
—  जब तक दूध 1/3 ना रह जाए इसे उबालते रहें।
—  अब दूध को कुल्फी कप या मटले में डालें।
—  इसे 8-9 घंटे तक फ्रिज में सेट होने के लिए रख दें।
—  लीजिए आपकी दूध कुल्फी बनाकर तैयार है।


मावा कुल्फी रेसिपी

सामग्री :
खोया/मावा - 3 टेबलस्पून
फुल क्रीम दूध - 1/3 लीटर
कॉर्नफ्लोर - 1 टीस्पून
चीनी - 2 टीस्पून
इलायची पाउडर - 1/3 टीस्पून
पानी - 1/4 कप
पिस्ता - 1 टेबलस्पून
बादाम - 1 टेबलस्पून
सूखे मेवे - गार्निश के लिए

कुल्फी बनाने की विधि

—  सबसे पहले एक बर्तन में दूध को धीमी आंच पर पकाएं। इसे तब तक पकाएं जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।
—  चम्मच की मदद से बर्तन के चारों ओर लगे दूध को छुड़ाते रहें, ताकि यह बर्तन में न चिपके।
—  पानी में कॉर्नफ्लोर डालकर स्मूद पेस्ट बनाएं और दूध में मिक्स करें।
—  अब मिश्रण में चीनी, बादाम, पिस्ता, खोया और इलायची पाउडर डालकर करीब 5 मिनट तक पकाएं। दूध को बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि वो बर्तन के तलवे से ना लगे।
—  अब गैस बंद करके मिश्रण को ठंडा होने दें।
—  आखिर में कुल्फी के सांचे में डालकर सूखे मेवे डालें और सेट होने के लिए फ्रीजर में रखें।
—  लीजिए आपकी कुल्फी तैयार है।

15-03-2020
डोंगरगढ़ थाने की पहल, गर्मी के पहले किया जा रहा वृहद पौधारोपण

डोंगरगढ़। नगर के थाने में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए वृहद पौधारोपण किया जा रहा है। इसमें बहुतायत में फूलों के पौधों को लगाया गया है। इसमें गुलाब, सेवंती, मोगरा जैसे विभिन्न फूलों के प्रजाति के पौधों को लगाया गया है। थाना प्रभारी द्वारा समय-समय पर किए जा रहे ड्यूटी से हटकर इस तरह के सामाजिक कार्यों को नगरवासियों की ओर से काफी सराहा जा रहा है। निसंदेह ग्रीष्म ऋतु के पहले हुए इस पौधारोपण से ना केवल गर्मी से बल्कि पर्यावरण को भी संतुलित रखने में काफी हद तक कामयाबी मिलेगी।

06-03-2020
मौसम का बदला मिजाज, प्रदेश में हल्की बारिश और ओले के आसार

रायपुर। मौसम के बदले मिजाज के बाद प्रदेशभर में उमसभरी गर्मी महसूस की जा रही है। बता दें कि चक्रवाती घेरा और पश्चिमी विक्षोभ के कारण आज बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग की मानें तो उत्तर छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर हल्की वर्षा और ओले गिरने की संभावनाएं है। इसके अलावा वज्रपात के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। मध्य छत्तीसगढ़ में अनेक स्थानों पर हल्की मध्यम वर्षा होने की संभावना है। साथ ही दक्षिण छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। कहीं-कहीं पर मेघ गर्जन के साथ वज्रपात हो सकता है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के 12 जगहों पर हल्की वर्षा हो सकती है। 
 

03-03-2020
कबाड़ की जुगाड़ से बनाया संपवेल, गर्मी में शहरवासियों को तीन टाइम मिलेगा पानी

महासमुंद। गर्मी में तीन समय पानी सप्लाई करने के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने मौहारीभाठा पानी टंकी में कबाड़ से जुगाड़ करते हुए सालों पुरानी जलपरी के टैंकर को संपवेल बनाया है। वहीं अब 15 मार्च से 70 हजार आबादी वाले शहर को तीन समय जल आपूर्ति की जाएगी। पदभार ग्रहण करते समय नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने शहरवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि शहरवासियों को गर्मी में तीन समय पेयजल आपूर्ति की जाएगी। उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पालिका अध्यक्ष ने जल विभाग की कमान खुद संभाली। वहीं पालिका अध्यक्ष चंद्राकर ने वर्षों से कबाड़ में पड़ी 17 हजार लीटर टैंकर जलपरी को संपवेल बनाया गया है। उक्त पानी टैंकर को मौहारीभाठा पानी टंकी के नीचे स्थापित किया गया है। इस टैंकर को महानदी इंटकवेल से तथा पानी टंकी के बोर से जोड़ा गया है। बिजली चले जाने की स्थिति में जल भराव प्रभावित नहीं होगी। उक्त संपवेल में भरा हुआ पानी को टंकी में चढ़ाने की व्यवस्था की गई है। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि सातों पानी टंकी का कनेक्शन पूरा कर लिया गया है। हो सकता है कि कोई कोई स्थानों पर पानी की पूर्ति में कमी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए उन्होंने खेद जताया है। पालिका अध्यक्ष चंद्राकर ने कहा कि शहर भर के अंड़र पाइपलाइन में भी खराबी हो सकती है। जो सातों टंकी से पानी सप्लाई करने के बाद ही समझा जा सकता है। पालिका अध्यक्ष चंद्राकर ने ऐसी स्थिति में शहरवासियों से सहयोग की अपेक्षा की है।

 

24-01-2020
गर्मी में धान की बजाय दूसरी फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करने के आ रहेे अच्छे नतीजे

दुर्ग। गर्मी में धान से इतर दूसरी फसल लेने किसानों को प्रोत्साहित करने के नतीजे सामने आ रहे हैं। पिछली बार मक्का का रकबा 6597 हेक्टेयर था, इस बार यह रकबा 8347 हेक्टेयर हो गया। संभागायुक्त दिलीप वासनीकर ने संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक की शुरूआत गर्मी में धान इतर फसल के प्रोत्साहन को लेकर ही की। संयुक्त संचालक कृषि ने बताया कि मोहला-मानपुर में और कवर्धा में मक्का के क्षेत्र के रकबे में काफी विस्तार हुआ है। दलहन और तिलहन के विस्तार के लिए भी मिनीकिट का वितरण किया गया है। पैरादान के मामले में भी संभाग में काफी प्रगति हुई है और अब तक पचास हजार क्विंटल पैरादान हो चुका है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ में 7 प्रतिशत किसानों की बढ़ोत्तरी हुई और 25 प्रतिशत रकबे का विस्तार हुआ। रबी के लिए भी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

संभागायुक्त ने कहा कि इसके साथ ही कंपोस्ट खाद के माध्यम से जैविक खेती की ओर भी अधिकाधिक किसानों को बढ़ाने का लक्ष्य लेकर कार्य करें। सभी आदिवासी छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराएं तथा इस संबंध में अवगत कराएं। संभागायुक्त ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से आंगनबाड़ी केंद्रों में मुनगा रोपण के संबंध में भी जानकारी ली।  उन्होंने धान खरीदी की भी विशेष रूप से समीक्षा की तथा धान की सुरक्षा और इसके समय समय पर प्रभावी उठाव के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। शेर की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा दोनों अहम, इसे देखते हुए रखें नजर- संभागायुक्त ने वन विभाग के अधिकारियों से मनगट्टा क्षेत्र में बीते दिनों घुस आए शेर के संबंध में पूछा। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा बहुत अहम है। साथ ही शेर भी सुरक्षित रहे, इस तरह लगातार मानिटर करें और इस दिशा में लगातार शेर के लोकेशन की मानिटरिंग करें।

22-07-2019
स्वीडन में आया गर्मी का मौसम, लोग ले रहे छुट्टियों का मजा

स्वीडन। स्वीडन में भी गर्मियां धमक चुकी हैं। स्कूल-कॉलेज ही नहीं दफ्तरों में भी समर वैकेशन हो चुका है। आलम यह है कि स्वीडन में हर दूसरा व्यक्ति छुट्टी पर है। अगर दफ्तर से छुट्टी नहीं ली तो घर से ही जरूरी कामकाज निपटाए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा खुशनुमा मौसम का मजा लिया जा सके। यहां ऐसा माहौल कम से कम चार-पांच हफ्ते तक बना रहेगा। इन दिनों में लोग घर के अंदर कम से कम समय बिताना पसंद करते हैं। ज्यादातर लोग सनबाथ यानी घर से बाहर आकर धूप सेंकते दिख रहे हैं। बता दें कि स्वीडन एक ठंडा प्रदेश है। यहां महज दो से ढाई महीने तक ही गुनगुनी धूप और सूरज की गर्मी का आनंद उठाया जा सकता है, बाकी महीनों में ठंड व सर्द मौसम ही झेलना पड़ता है। इसलिए गर्मी की छुट्टी यहां के किसी भी छुट्टी से ज्यादा महत्वपूर्ण है। छुट्टी के मामले में यहां की कंपनियों की नीति अमेरिका से बिल्कुल अलग है। अमेरिका में अनिवार्य पेड हॉलीडे का चलन नहीं है, लेकिन यहां यह माना जाता है कि दफ्तर के कामकाज और कर्मचारी के जीवन के बीच अच्छे तालमेल की जरूरत हमेशा होती है, इसलिए काम से पूरी तरह छुट्टी लेकर कुछ दिन आराम में गुजारने से कर्मचारियों की ऊर्जा, उत्पादकता और स्वास्थ्य तीनों बेहतर होते हैं। वहीं यह खुशहाली भी लाती है, इसलिए सालों पहले स्वीडन में (पेड हॉलीडे) छुट्टी लेने के अधिकार से जुड़े कानून को बनाया गया।  

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