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12-11-2020
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के महाप्रबंधक संजय सिंह निलंबित,जगदलपुर में किया गया अटैच

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन पर्यटन विभाग आदेश पर  बड़ी कार्रवाई की गई है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के महाप्रबंधक को निलंबित किया गया है। इस संबंध में प्रबंध संचालक आईएएस रानू साहू ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक यह कार्रवाई वरिष्ठ पर्यटन अधिकारी महाप्रबंधक पद पर रहते हुए संजय सिंह पर लगे गंभीर आर्थिक अनियमितताओं और कार्य के प्रति लापरवाही के आरोप के कारण की गई है। मामले में विभागीय जांच आयुक्त छत्तीसगढ़ रायपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।  छत्तीसगढ़ लोक आयोग में भी जांच प्रकरण दर्ज है, जो प्रक्रियाधीन है। संजय सिंह इस प्रकरण में प्रथम दृष्टि में दोषी पाए जाने के कारण निलंबित किए गए हैं। निलंबन अवधि में महाप्रबंधक का मुख्यालय पर्यटन सूचना केंद्र जगदलपुर निर्धारित किया गया है।

14-10-2020
आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी,राजभवन से बोरा की छुट्टी,खलखो व कुंजाम को किया गया अटैच

रायपुर। भूपेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया है। तीन आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी देने के साथ ही अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक सोनवानी बोरा भारतीय प्रशासनिक सेवा (1999) सचिव संसदीय कार्य विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार सचिव राज्यपाल को केवल सचिव राज्यपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। शेष प्रभार यथावत रहेगा। अमृत कुमार खलखो भारतीय प्रशासनिक सेवा (2002) आयुक्त बस्तर संभाग जगदलपुर को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक सचिव कृषि विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है। सचिव राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसी तरह केडी कुंजाम भारतीय प्रशासनिक सेवा (2009) संयुक्त सचिव सामान्य प्रशासन विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार संयुक्त सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संयुक्त सचिव राजभवन सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

 

 

 

10-10-2020
Breaking:  मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर ने लिया एक्शन, थाना प्रभारी लाइन अटैच,एसआईटी का गठन

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस महानिरीक्षक बस्तर ने थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही एसआईटी का गठन किया गया है। बता दें कि शनिवार शाम ही कांकेर में पत्रकारों के साथ हुई घटना की जांच के लिए गठित पत्रकार दल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट पर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर को परीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जांच दल के तथ्यात्मक रिपोर्ट पर निष्पक्ष विवेचना कार्रवाई के लिए पुलिस महानिरीक्षक बस्तर सुंदरराजन पी ने एक एसआईटी गठित की है। कांकेर के वर्तमान निरीक्षक मोरध्वज देशमुख को लाइन अटैच कर उप निरीक्षक राजेश राठौर को थाना प्रभारी कोतवाली कांकेर पदस्थ किया गया है। एसआईटी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगदलपुर ओपी शर्मा,उप पुलिस अधीक्षक कांकेर आकाश मरकाम और उप निरीक्षक कांकेर राजेश राठौर को सदस्य बनाया गया है ।

13-05-2020
ईडी ने अटैच की कारोबारी सुभाष शर्मा की अचल संपत्ति, पढ़े पूरी खबर...

रायपुर। कारोबारी सुभाष शर्मा स​मेत कई लोगों के खिलाफ ईडी ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। साथ ही उनकी 7 करोड़ 85 लाख रुपए की अचल संपत्ति जब्त कर ली गई है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त की गई अचल संपत्ति में रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर सुभाष शर्मा की बहू सौम्या शर्मा के नाम पर जमीन और भवन, रायपुर के शैलेंद्र नगर स्थित सौम्या शर्मा के नाम पर आवंटित एचआईजी प्लाट, रायपुर पुराने धमतरी रोड स्थित जमीन और दुर्ग में उरला स्थित संपत्ति है। सब मिलाकर जब्त का मूल्य 7 करोड़ 85 लाख 85 हजार 893 रुपए के लगभग है। प्रवर्तन निदेशालय ने मेसर्स विदित फ्राइट मूवर्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन और पूर्व डायरेक्टर सुभाष शर्मा और विदित शर्मा के खिलाफ सीबीआई द्वारा 2018 में अपराध दर्ज किए होने के बाद जांच जारी थी।

अधिकारियों को जांच के दौरान मिले विदित फ्राइट मूवर्स ने हैदराबाद निवासी दिपेश व्यास के माध्यम से 1 मार्च 2014 को सिविल लाइन स्थित बैंक में क्रेडिट सुविधा के लिए संपर्क किया। जिस पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और एक्सिस बैंक के कंसोर्टिंयम ने 29 मार्च 2014 को 25 करोड़ का क्रेडिट स्वीकृत किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ​अधिकारियों ने पाया कि सुभाष शर्मा और विदित शर्मा ही कर्ज लेने वाली कंपनियां संचालित कर रहे थे। जालसाजी करते हुए तत्कालीन डायरेक्टर और गारंटर के साथ मिलीभगत कर लोन लेने के बाद सहयोगी कंपनियों को बांट दिया। जिनका कोई लेना-देना ही नहीं था। प्रवर्तन निदेशालय 'ईडी' ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत उनकी अचल संपत्ति जब्त कर ली है।

11-05-2020
सीएमओ ने नियम विरुद्ध 61 कर्मियों को अटैच किया  

रायपुर। स्वास्थ्य चेतना विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर द्वारा नियम विरुद्ध 61 कर्मचारियों को जिनमें सहायक ग्रेड दो एवं तीन के तहत लैब टेक्निशियन फार्मासिस्ट स्टाफ नर्स महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुरुष पर्यवेक्षक, कनिष्ठ लेखा परीक्षक जूनियर सेक्रेटियल असिस्टेंट सफाई कर्मचारी, नर्सिंग अर्दली, चपरासी, चौकीदार, वार्ड ब्वाय एवं आयाबाई सहित अन्यत्र अटैचमेंट कर मनमानी की जा रही है।

स्वास्थ्यमंत्री टीएस सिंहदेव को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य चेतना विकास समिति ने सीएमओ द्वारा की जा रही मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। वहीं शहरी स्वास्थ्य केंद्र कालीबाड़ी को पुन: शुरू किये जाने की मांग की है। अटैचमेंट किये गये कर्मचारियों को मात्र पांच माह की कार्यअवधि में अन्यत्र भेजा जाना सीएमओ द्वारा दिये गये आदेश पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। साथ ही संलग्रीकरण नियम विरुद्ध किया गया है। स्वास्थ्य एवं चेतना विकास समिति के पदाधिकारियों ने पीलिया जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम के लिए कालीबाड़ी स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत स्टाफ की संख्या बढ़ाकर बंद केंद्र को जनहित में प्रारंभ करने की मांग की है।

22-04-2020
तुमगांव में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी निलंबित,एसडीएम सरायपाली के दफ्तर में किया गया अटैच

महासमुंद। तुमगांव में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी सरोज मिश्रा को अंततः सस्पेंड कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली निर्धारित किया गया है। एसडीएम महासमुंद की जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद कलेक्टर सुनील जैन ने उक्त कार्रवाई की है।मिली जानकारी के अनुसार तुमगांव में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी सरोज मिश्रा 31 मार्च 2020 को बिना किसी सूचना के मध्यप्रदेश के ग्राम डबोरा प्रवास पर रही। दो अप्रैल को ग्राम डबोरा जिला रीवा से तुमगांव वापस आकर कार्यालय में कार्यालयीन कार्य संपादन किया। इसकी शिकायत के बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने जांच की। इसमें इस बात की पुष्टि हुई। सरोज मिश्रा को फार्मेट ए नोवेल कोरोना 2019 व सेल्फ रिपोर्टिंग फार्म के अनुसार दो अप्रैल 2020 से होम क्वारंटाइन में रखा गया था तथा उनके आवास में क्वारंटाइन किए जाने के संबंध में नोटिस चस्पा किया गया था।

परंतु इनके द्वारा क्वारंटाइन अवधि में ही कार्यालय में उपस्थित होकर तीन अप्रैल, चार अप्रैल, सात अप्रैल, आठ अप्रैल व नौ अप्रैल को उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर अपने पदीय कर्तव्यों का अवहेलना एवं लापरवाही बरती गई। जिस पर कलेक्टर सुनील जैन ने माना कि नेत्र सहायक अधिकारी मिश्रा का कृत्य छग एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन्स 2020 की धारा 14 के अंतर्गत कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम व नियंत्रण के लिए जारी निर्देश का स्पष्ट उल्लंघन है तथा भारतीय दंड संहिता 1860-45- की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। लिहाजा कलेक्टर जैन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 एक दो तीन के विपरीत होने से सरोज मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में सरोज मिश्रा का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली निर्धारित किया गया है।

एफआईआर नहीं होने पर उठाया जा रहा सवाल
इधर इस मामले में आज नेत्र सहायक अधिकारी का निलंबन तो हो गया लेकिन एफआईआर नहीं होने पर सवाल उठाया जा रहा है। उक्त अधिकारी का कृत्य छग एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन्स 2020 की धारा 14 के अंतर्गत कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम व नियंत्रण के लिए जारी निर्देश का स्पष्ट उल्लंघन है तथा भारतीय दंड संहिता 1860-45- की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में एफआईआर क्यों नहीं कराई गई। जबकि कुछ इसी तरह के एक मामले में कटघोरा से आई एक महिला भृत्य के खिलाफ पटेवा पुलिस ने बकायदा मामला दर्ज किया है।

बीएमओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी
तुमगांव में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी सरोज मिश्रा के निलंबन के बाद अब बीएमओ के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सूत्रों ने बताया कि उनके खिलाफ भी उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।

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