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02-06-2020
रायपुर में अन्य राज्यों के फंसे श्रमिकों को उनके राज्य भेजने अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

रायपुर। अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों के रायपुर जिले में फंसे होने और संबंधित राज्य जाने के लिए इच्छुक मजदूरों की जानकारी प्रमाणित रूप से जुटाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे श्रमिकों के आवागमन के संबंध में राज्य नोडल अधिकारी और संबधित राज्यों, जिलों के नोडल अधिकारियों से समन्वय करने का कार्य नियुक्त अधिकारी करेंगे। वे प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य भेजने सभी व्यवस्था तय करेंगे। इसके लिए यूके कच्छप, सहायक श्रमायुक्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सियाराम पटेल श्रम निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कार्य के पर्यवेक्षण के लिए संदीप कुमार अग्रवाल  संयुक्त कलेक्टर व अनुविभागीय दंडाधिकारी को नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी जिले में फंसे हुए अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों और संबंधित राज्य जाने के लिए वास्तविक रूप से इच्छुक मजदूरों की जानकारी संकलित और प्रमाणित कर संदीप कुमार अग्रवाल उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी होंगे।

22-04-2020
लॉक डाउन में फंसे श्रमिकों को दी गई 20.56 लाख रुपए की सहायता

रायपुर। नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के वैश्विक संक्रमण के दौरान लागू लॉक डाउन के कारण कई राज्यों में काम के लिए गए श्रमिक वापस अपने घरों को नहीं लौट पाये हैं। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से राज्य से बाहर गए इन श्रमिकों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। राज्य से बाहर गये श्रमिकों को सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से सीधे मजदूरों के खातों में राशि स्थानांतरित की जा रही है। बेमेतरा जिले के छः हजार से ज्यादा श्रमिकों को सीधे उनके खातें में अब तक 20 लाख 56 हजार छह सौ रुपए का स्थानांतरण किया जा चुका है। इस माह की 20 तारीख को जिले के 411 श्रमिकों के खाते में 2 लाख 35 हजार रुपए का अंतरण किया गया। जरूरतमंदों की मदद के लिए विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं जनता ने बढ़-चढ़ कर अपना सहयोग दिया है। श्रमिकों के मदद करने के लिए राज्य हेल्पलाईन के अलावा कलेक्टर शिव अनंत तायल की ओर से जिला हेल्पलाइन स्थापित किया गया है।

प्रशासन की ओर से की जा रही मदद से राज्य के बाहर फंसे श्रमिक लॉक डाउन में भी रोजमर्रा की अवश्यकता जैसे राशन, सब्जी, दवाईयों की की पूर्ति कर रहे हैं। यह मदद केवल मजदूरों के खातें में राशि अंतरण तक सीमित नही है,बल्कि मजदूरों से प्रतिदिन आत्मीय बातचीत कर उनके सुख-दुख के साथ उनके भोजन, राशन, दवाई आदि की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही लॉकडाउन की परिस्थिति में जो जहां है,वहीं रहने की समझाईश भी दे रहे है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में अन्य जिले एवं अन्य राज्यों के श्रमिकों को भी सहायता पहुंचाई जा रही है। बेमेतरा जिले में श्रमिकों को शासकीय अमलों और स्व-सहायता समूहों के संयोजन से दैनिक उपभोग की समाग्री का वितरण भी किया गया है।

 

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