GLIBS
25-06-2021
संकरी गली में नर्सिंग होम खुलने का विवाद नहीं थम रहा, सीएमएचओ ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

राजिम। संकरी गली में नर्सिंग होम खुलने का विवाद थम नहीं रहा है। यहां के निवासियों का कहना है कि संकरी गली में क्लीनिक संचालित न हो, जबकि गरियाबंद जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। बता दें कि क्लीनिक स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित 20 अगस्त 2013 के पृष्ठ क्रमांक 738 (11) के 1.1 में स्थल और आसपास के क्षेत्र के अंतर्गत 1.11 में स्पष्ट निर्देशित है कि क्लीनिक किसी खुली जगह जिसके आसपास स्वच्छता और पर्याप्त पार्किंग स्थान को स्थापित किया जाएगा। क्लीनिक के उपयुक्त भवन के लिए संबंधित नगर पालिका उपविधियों जो समय-समय पर प्रवृत्त हो उसका अनुपालन करना होगा। इस अधिनियम से यह स्पष्ट हो जाता है कि अस्पताल संकरी गली में संचालित नहीं हो सकता। राजिम के वार्ड क्रमांक 1 के निवासियों की भी यही मांग है। क्लीनिक संकरी गली में संचालित न हो जबकि सीएमएचओ ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। इधर अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी और नगर पंचायत अध्यक्ष के मध्य विवाद की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ पालिका अधिकारी का कहना है कि अनापत्ति प्रमाण पत्र देना हमारे अधिकार क्षेत्र में है। दूसरी ओर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं पार्षदों का कहना है कि पंचायती अधिनियम के तहत परिषद की अनुमति के बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता, जिसका उल्लेख पालिका अधिनियम के तहत धारा 50 में स्पष्ट उल्लेख है। हाईकोर्ट के वकील हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि पालिका अधिनियम के तहत कोई भी अनापत्ति प्रमाण पत्र परिषद को विश्वास में लिए बिना पालिका अधिकारी नहीं दे सकते। नगर पंचायत अध्यक्ष, वार्ड पार्षद एवं वार्ड वासियों ने जिलाधीश से मांग करते हुए कहा है कि तत्काल महानदी अस्पताल को अन्यत्र स्थापित करने का आदेश दिया जाए। वार्डवासी अस्पताल की विरोधी नहीं है, लेकिन संकरी गली में अस्पताल खुलने के कारण निवासियों को संक्रमण बीमारियों के डर के साथ-साथ आवागमन एवं स्वच्छता की समस्या हमेशा बनी रहेगी। इससे विवाद की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्पताल को अन्यत्र स्थापित करना आवश्यक है। इधर अधिनियम के संबंध में डॉ चंद्रविकास राठौर ने कहा है कि खुली जगह से तात्पर्य होता है कि बेसमेंट या अपार्टमेंट में न चले। कृपया सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्देशों को पढ़ें। सफाई स्थानीय प्रशासन का काम है न कि अस्पताल प्रबंधन का। पार्किंग हमारे बेड के हिसाब से पर्याप्त है। किसी भी अस्पताल या झोलाछाप अस्पताल से कई गुना अच्छी सफाई है।

11-06-2021
दुर्घटनाग्रस्त श्रमिकों देखने पहुंचीं रंजना साहू, अस्पताल प्रबंधन को दिए समुचित उपचार के निर्देश

धमतरी। शासकीय अस्पताल में दुर्घटनाग्रस्त मनरेगा मजदूरों के हालचाल जानने तथा उपचारार्थ सहयोग के लिए विधायक रंजना साहू, नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा, भाजयुमो अध्यक्ष विजय मोटवानी सहित पूर्व पार्षद सरिता यादव, अविनाश दुबे, देवेश अग्रवाल, नीतिन प्रजापति पंहुच थे। उन्होंने पेयजल,अल्पाहार,पेय पदार्थ उपलब्ध कराये। विधायक रंजना साहू ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को आवश्यक चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने निर्दशित किया। भाजयुमो अध्यक्ष विजय मोटवानी ने बताया कि वे व उनके सदस्य केंद्र सरकार की श्रमिकों के कल्याणार्थ जनहितकारी योजना के हितकारी लोगों का दुर्घटनाग्रस्त हो जाना दुखदायी है। वे उन्हें हरसंभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

04-05-2021
Video: लापरवाही: कोरोना संक्रमण से हुई पिता मौत, अस्पताल प्रबंधन ने 36 घंटे तक पुत्र को नहीं दी सूचना

अंबिकापुर। जिले का मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन एक बार फिर अपनी लापरवाही के लिए चर्चा में है। कोरोना पॉजिटिव मरीज,जिसका इलाज  अस्पताल में चल रहा था। मरीज की मौत की सूचना परिजनों को 36 घंटे तक नहीं दी गई और शव मरच्यूरी में रखवा दिया गया। इतना ही नहीं अस्पताल में मृत पिता के लिए बेटा तीनों टाइम नाश्ता, खाना पहुँचता रहा। मगर उसे पता नहीं था कि अब इस दुनिया में उसका पिता नहीं रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सतपता निवासी पारस राजवाड़े की तबियत बिगडऩे के बाद परिजन उसे 20 अप्रैल को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर आए थे। जांच में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद उसे कोविड वार्ड में शिफ्ट कराया गया,जहाँ स्थिति खराब होने पर आईसीयू में रखकर इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान मरीज की 2 मई की मौत हो गई, इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी। मरीज के पुत्र ने पिता को अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान अपना मोबाइल नंबर भी दिया था। इधर मरीज के परिजन उसके लिए तीनों टाइम नाश्ता व खाना अस्पताल के आईसीयू में पहुंचाते रहे। इस पर भी किसी ने उन्हें यह बताना जरूरी नहीं समझा कि उनके मरीज की मौत हो गई है। दूसरे दिन जब बेटा पीपीई किट पहनकर पिता से मिलने पहुंचा तब उसे बताया गया कि एक दिन पहले ही उसके पिता की मौत हो चुकी है। यह सुन बेटे के पांव तले से जमीन खिसक गई। लाचार वह रोता हुआ लापरवाह सिस्टम को कोसता रहा। मामले की जानकारी जब अस्पताल अधीक्षक को दी गई तो उन्होंने जांच कर कार्यवाही करने की बात कह रहे हैं।


 

23-04-2021
टेस्टिंग और टीकाकरण न होने से ग्रामीण परेशान, जिला पंचायत सदस्य ने अस्पताल प्रबंधन को लगाई फटकार 

राजनांदगांव। जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम तुमड़ीबोड के ग्रामीण टेस्टिंग और टीकाकरण न होने के कारण परेशान है। जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव जब वहां पहुंचे तो पता चला कि डॉक्टर और स्टाॅफ नर्स की लापरवाही के चलते यह स्थिति निर्मित हुई है। बताया जा रहा है कि तुमड़ीबोड स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मात्रा में किट उपलब्ध होने के बावजूद डॉक्टर और स्टाॅफ नर्स के बीच तालमेल के अभाव के चलते ग्रामीण भटक रहे हैं। महेंद्र यादव ने बताया कि गांव के सरपंच टीकम पटेल व उप सरपंच भूपेंद्र सोनवानी ने उन्हें जैसे ही फोन पर जानकारी दी वे तत्काल पहुंचे तथा अस्पताल प्रबंधन व स्टाॅफ नर्स को फटकार लगाई की टेस्टिंग व टीकाकरण सामान्य रूप से हो। महेंद्र यादव ने पूरी स्थिति की जानकारी दूरभाष पर सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चैधरी को दी तथा उचित कार्यवाही करने को कहा।

22-02-2021
मेकाहारा में डॉक्टर से मारपीट करने वाले पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर, दो आरक्षक हटाए गए

रायपुर। मेकाहारा में दंतेवाड़ा से कैदी को लेकर आए पुलिस कांस्टेबल के दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना से डॉक्टर्स काफी नाराज थे। रायपुर पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद मामला कुछ शांत हुआ। आरोपी पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। घटना के दौरान पीजी डॉक्टरों को त्वरित सुरक्षा नहीं देने पर अंबेडकर अस्पताल चौकी में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन आरक्षकों की जगह दो नए आरक्षकों की तैनाती अस्पताल में की गई है। 
बता दें कि रेडियोलॉजी विभाग में सोमवार को विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी डॉ. प्रो. एसबीएस नेताम के कक्ष में पुलिस कांस्टेबल शत्रुहन उरांव ने जूनियर डॉ. अमन से दुर्व्यवहार किया। डॉ. मनोज के साथ मारपीट की। पुलिस कांस्टेबल ने रेडियोलॉजी विभाग में ड्यूटी कर रहे डॉ. उज्जवल व डॉ. किशोर के साथ धक्का-मुक्की भी की। घटना को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन  ने पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। 
घटनाक्रम के बाद मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. विष्णु दत्त, अंबेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनित जैन, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी विभाग डॉ. एसबीएस नेताम और एडिशनल एसपी सिटी लखन पटले व कोतवाली सीएसपी अंजनेय वाष्णेय के बीच बैठक हुई। सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल में चौबीस घंटे चार अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इस संबंध में पुलिस और मेकाहारा प्रबंधन ने आपस में चर्चा कर डॉक्टरों को सुरक्षा देने के संबंध में कार्ययोजना बनाई हैै।

अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस से सशस्त्र सुरक्षाकर्मी की मांग, मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर व ओपीडी और वार्डों में समय-समय पर पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था करने के संबंध में रायपुर एसपी को पत्र लिखा है। घटना के बाद डीन डॉ. दत्त ने जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन दिया है कि उनकी ड्यूटी के दौरान सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था के प्रयास मेकाहारा प्रबंधन पुलिस के सहयोग से करेगी। चौबीस घंटे मरीजों के इलाज के दौरान डॉक्टरों के साथ इस प्रकार की अप्रिय घटना न हो इसका ध्यान रखा जाएगा।

11-12-2020
24 घंटे में हुई 9 नवजात बच्चों की मौत, परिजनों ने किया जमकर हंगामा

राजस्थान। राजस्थान के कोटा जिलें में 24 घंटे के भीतर 9 नवजात बच्चों की मौत हो गई। इनमें 5 शिशुओं की मौत बुधवार तथा 4 बच्चों ने गुरुवार को दम तोड़ा। वहीं पड़ित परिवारों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही ने बच्चों की जान ली है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने भी जांच का आदेश दिया है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच कमेटी बनाई है। इधर सूचना पाकर कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा भी मौके पर पहुंचे और अस्पताल अधीक्षक से पूरे मामले की जानकारी जुटाई।

11-11-2020
दो नवजातों ने दी कोरोना को मात, एम्स के डॉक्टरों के प्रयास से हुए स्वस्थ

रायपुर। नवजात शिशुओं ने कोरोने को मात दी है। दोनों शिशु पैदा होने के तुरंत बाद पॉजिटिव पाए गए थे। एम्स के डॉक्टरों के अथक प्रयास से दोनों शिशु संक्रमण से मुक्त हुए। एम्स ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अुनसार ने दोनों कोरोना पॉजिटिव गर्भवतियों को एम्स में भर्ती किया गया था। स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों ने डॉ.सरिता अग्रवाल के निर्देशन में इनका प्रसव कराया। राजधानी निवासी 23 वर्षीय महिला का सामान्य प्रसव हुआ। जन्म के दूसरे दिन शिशु कोरोना पॉजिटिव आया,जिसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया था।डॉ.फाल्गुनी पाढ़ी और बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ.एके गोयल के निर्देशन में शिशु का उपचार किया गया।

शिशु को शुरुआत में बुखार था और सामान्य रूप से दूध नहीं पी पा रहा था। शिशु को आक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता पड़ी। लगातार 10 दिनों तक चिकित्सकों की निगरानी में उपचार पाने के बाद शिशु को कोरोना से मुक्त हुआ। 14 दिन बाद शिशु को डिस्चार्ज कर दिया गया है।एक अन्य केस में गरियाबंद निवासी 29 वर्षीय महिला का प्रसव हुआ। शिशु कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसे भी तीन दिन तक आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। चिकित्सकों की टीम ने  उपचार किया और सात दिन बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।

 

15-09-2020
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही जांच रिपोर्ट बदली, परिजनों ने किया जमकर हंगामा

रायपुर/जगदलपुर। महारानी अस्पताल में बीते दिनों एक ही नाम के दो व्यक्तियों ने महारानी अस्पताल में अपना कोरोना जांच कराया। जांच रिपोर्ट में इनमें से एक व्यक्ति का रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो वहीं दूसरे व्यक्ति की रिपोर्ट नेगेटिव आई। रिपोर्ट बदल जाने के कारण परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। आनन-फानन में अस्पताल के कर्मचारियों ने दोनों व्यक्तियों की रिपोर्ट का उनके निवास स्थान से मिलान की। इसमें रिपोर्ट बदली होने की लापरवाही सामने आई। दोनों व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट बदल जाने की लापरवाही का मामला सामने आने से परिजनों की नाराजगी लाजमी है। वहीं कोरोना जैसे वैश्विक महामारी को लेकर कर्मचारियों द्वारा बरती गई इस तरह की लापरवाही से संक्रमण फैलाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अस्पताल के एक अधिकारी ने अपनी दबी जुबान में कर्मचारियों द्वारा बरती गई लापरवाही को स्वीकार किया है।

12-09-2020
कलेक्टर पहुंचे सेक्टर 9 हॉस्पिटल, कोविड से निपटने युद्ध स्तर पर कार्य करने के दिए निर्देश

दुर्ग। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने शनिवार को सेक्टर 9 हॉस्पिटल में कोविड केयर का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से विविध विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जो भी पेशेंट आते हैं उन्हें तत्काल जांचकर स्टेबल करने की प्रक्रिया शुरू कर दें। चिकित्सकों ने यहाँ पर उपलब्ध बेड की स्थिति की जानकारी दी। साथ ही दवाओं की उपलब्धता, ऑक्सीजन सिलिंडर की उपलब्धता आदि पर विस्तार से जानकारी दी। प्रबंधन ने बताया कि मरीजों को सबसे अच्छी सुविधा देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। व्हाट्सअप ग्रुप भी इस उद्देश्य से बनाया गया है। यहां पर भी मरीजों के अपडेट शेयर किए जाते हैं और इसके मुताबिक इलाज की प्लानिंग की जाती है।

कलेक्टर ने यहां स्थित फीवर क्लिनिक का निरीक्षण भी किया। चिकित्सकों ने बताया कि आज यहां 106 सैंपल हुए। प्रबंधन ने बताया कि वे सीएमएचओ के लगातार संपर्क में हैं। मरीजों की स्थिति, उनके स्वास्थ्य के अपडेट सहित सभी विषयों पर समन्वय से कार्य हो रहा है। प्रबंधन ने होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की जानकारी भी कलेक्टर को दी। इन्हें दी जा रही दवाएं एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी भी दी। कलेक्टर ने कहा कि गंभीर मरीजों, अन्य जोखिम वाले मरीजों तथा बुजुर्ग मरीजों का भी विशेष ध्यान रखें। कलेक्टर ने प्रबंधन से कहा कि कोविड से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करना है। उन्होंने क्षमता विस्तार पर भी चर्चा की। 

 

 

12-09-2020
जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर,सही तरीके से सोशल डिस्टेंसिंग नहीं किए जाने पर जताई सख्त नाराजगी

दुर्ग। कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने कोरोना सैंपल लेने के लिए बनाए गए रजिस्ट्रेशन केंद्र का निरीक्षण किया। सैंपल देने पहुंचे नागरिक लाइन में तो थे। लेकिन सही तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का अभाव था, इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि अभी सैंपल के लिए आए लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जो निर्धारित दो गज की दूरी है। उसका पालन कराएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन यह देखें कि जिन लोगों को यहां सोशल डिस्टेंसिंग बनाने की ड्यूटी दी गई है वे इसका गंभीरता से पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही अस्पताल में सुरक्षा के लिए जो एजेंसी लगाई गई हैं उनके कार्यों की भी समीक्षा करें।

करीब के फीवर क्लीनिक के नंबर डिस्प्ले करें

उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग जिला अस्पताल में सीधे आते हैं इस वजह से जिला अस्पताल में दबाव काफी बढ़ जाता है चूंकि नजदीकी फीवर क्लीनिक में भी जांच की सुविधा है अतएव इनकी जानकारी भी यहां पर डिस्प्ले करें। इससे नजदीकी फीवर क्लीनिक के बारे में लोगों को जानकारी भी मिल पाएगी और इस तरह जिला अस्पताल में भीड़ छंटेगी।

रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटर्स की संख्या बढ़ाएं

कलेक्टर ने रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटर्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि इससे कागजी प्रक्रिया में लगने वाला समय कुछ घट जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए वालंटिर्यस की मदद भी ली जा सकती है। एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा ने बताया कि इस कार्य के लिए वालंटियर्स से संपर्क किया जा रहा है।

सुरक्षा का रिव्यू और रोटेशन जरूरी

कलेक्टर ने सीएस से कहा कि सबसे जरूरी यह है कि जल्दी से जल्दी लोगों के सैंपल लिये जाए। यह प्रक्रिया जितनी संक्षिप्त होगी, भीड़ उतनी ही छंटेगी और सोशल डिस्टेंसिग बनाने में उतनी ही मदद मिलेगी। सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए और व्यवस्था के लिए जिन लोगों को लगाया गया है। उनके कार्य की मानिटरिंग स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा निरंतर की जाए। जहां पर कार्य संतोषजनक न हो, वहां बदलाव किये जाएं।

दिक्कत वाले मरीजों के सैंपलिंग के लिए अलग से हो व्यवस्था

कलेक्टर ने कहा कि जिन लोगों को उम्र आधारित अथवा शारीरिक अक्षमता आधारित किसी तरह की समस्या है उनकी जिला अस्पताल में ही पृथक रूप से किसी जगह पर सैंपलिंग की जाए।

 

07-09-2020
कोरोना वारियर्स व आम जनता के उत्तम इलाज की हो व्यवस्था,अस्पताल प्रबंधन मरीजों को भटकने ना दें : वोरा

दुर्ग। जिले में कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए शहर विधायक अरुण वोरा ने सीएमएचओ गंभीर सिंह ठाकुर से विस्तार से चर्चा कर शहर में कोरोना वारियर्स एवं आम जनता के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। सीएमएचओ ने बताया कि वर्तमान में दुर्ग जिले में चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज मचांदुर एवं शंकराचार्य मेडिकल कालेज जुनवानी में शासन द्वारा निःशुल्क इलाज की व्यवस्था कराई गई है व बिना लक्षण के मरीजों को निःशुल्क दवाइयों एवं डॉक्टरी मार्गदर्शन के साथ होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है।

साथ ही जिला अस्पताल दुर्ग, शासकीय अस्पताल सुपेला सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है। विधायक वोरा ने कहा कि कोविड पॉजिटिव मरीजों को लगातार अपनी सेवाएं दे रहे कोरोना वारियर्स एवं आम जनता को इलाज के लिए भटकाव की स्थिति नहीं निर्मित होनी चाहिए। सभी का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से भी एक बार पुनः घरों पर रहने व खुद को सुरक्षित रखने की अपील की। गौरतलब है कि विधायक वोरा पहले लॉक डाउन से ही शहर में आम जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं एवं राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करने जुटे हुए हैं साथ ही विधानसभा में भी नगर निगम द्वारा कोरोना रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों से संबंधित प्रश्न लगाया था जिसमें बताया गया कि निगम द्वारा टेक्नोस एग्रीकल्चर मशीन, सीकर मशीन एवं सोडियम ह्यपोक्लोराइड क्रय कर लगातार सेनेटाइजेशन का कार्य कराया जा रहा है।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804